भानजे के मामी को हवस दिखाने की कहानी

हेलो दोस्तों, हाज़िर हू एक और सॅकी कहानी के साथ, जो की मेरे और मेरी सग़ी बड़ी मामी के बीच हुए है. मेरा नाम सोनू शर्मा है, और मैं अभी देल्ही में रहता हू. वैसे मैं महाराष्ट्रा (बुल्डनना) का रहने वाला हू. मैं 23 साल का हू, और मेरा लंड 7 इंच का है.

जैसे की मैने आपको बताया है की मैं महाराष्ट्रा से हू, तो मेरी मदर टंग मराठी है. मैं आपको हिंगलिश में ट्रॅनस्लेट करके कहानी बतौँगा. तो चलिए स्टोरी पे आते है.

मामी का नाम पुष्पा है, और उनकी उमर 35 है. उनका फिगर 32-24-34 होगा, और उनका रंग सावला है. मेरी मामी चालाक टाइप की औरत है. उनकी आँखों में हवस अलग ही नज़र आती है चुदाई की.

और ये सब मैं भाँप भी चुका था काफ़ी पहले ही. जब मैं 18 साल का था, तब से मामी को छोड़ने का मॅन होता था. लेकिन कभी हिम्मत नही हुई कुछ करने की क्यूंकी गांद फाटती थी. फालतू में काफ़ी बड़ा मॅटर हो जाएगा करके.

बात 2019 की है. तब मैं 20 साल का था, और अपनी मम्मी के साथ नाना-नानी के घर गया हुआ था, जो की है महाराष्ट्रा के बुल्डनना डिस्ट्रिक्ट में.

घर में टोटल 11 लोग है, नाना, नानी, बड़े मामा, बड़ी मामी, छ्होटे मामा, छ्होटी मामी, और उनके बच्चे वग़ैरा.

तो एक दिन की बात है. जब मैं शुभा बातरूम में नहा रहा था, जो की घर के बाहर बना हुआ है, और बातरूम के गाते में थोड़े से छ्होटे-छ्होटे छेड़ भी है. तो नहाते-नहाते अचानक से मेरी नज़र एक छेड़ की तरफ गयी. वाहा से कोई मुझे नहाते हुए देखा रहा था.

( मैं हमेशा नंगा हो कर नहाता हू).

लेकिन मैने ऐसे जताया की मुझे कुछ पता ही नही था. मुझे समझ नही आ रहा था, की कों देख रहा था छेड़ से. कुछ मिनिट्स बाद पायल की आवाज़ आई वाहा से जाने की. उसके बाद मैं नहा कर बाहर आया.

सोच ही रहा था मैं की कों देख रहा था, उतने में बड़ी मामी सामने से चल कर आ रही थी, और उनकी पायल की सेम ही आवाज़ थी, जो मैने बातरूम में सुनी थी. उतने में मामी बोली.

मामी: सोनू आप तो बहुत ही टाइम लगते हो बातरूम से निकालने में.

मे: हा मामी, वो कभी-कभी हो जाता है.

मामी: अछा, कोई बात नही. अब मैं जाती हू नहाने के लिए.

मैं टवल में ही था. मामी ने मेरे लंड की तरफ देखा, और मुझे एक नॉटी सी स्माइल देकर वाहा से चली गयी. फिर मुझे पूरा यकीन हो गया था, की पक्का मामी ही वो छेड़ से देख रही थी. लेकिन मैने इतना ध्यान नही दिया.

करीब 10 बजे मुझे छ्होटे मामा की कॉल आती है.

छ्होटे मामा: सोनू तू बिके पे दोनो मामी को खेत में लेकर जेया सकता है क्या? मैं तोड़ा सा बिज़ी हू, और खेत में काफ़ी सारा काम करना है.

मे: ठीक है मामा, चला जौंगा.

छ्होटे मामा: ठीक है, बिके ध्यान से चलना, और आराम से जाना.

मे: ओक.

ये सुन कर मेरा तो दिमाग़ ही घूम गया था. क्यूंकी एक तो खेत इतनी डोर था, वाहा से आते-आते शाम हो जाएगी, और पूरा दिन ऐसे ही वेस्ट हो जाएगा. लेकिन कुछ नही कर सकते थे.

दोनो मामी तैयार हो गयी, और साथ में खाना भी पॅक कर लिया. उसके बाद मैं भी तैयार हुआ खेत में जाने के लिए. थोड़ी देर बाद मैने बिके स्टार्ट की. बड़ी मामी पहले बैठी, और लास्ट में छ्होटी मामी बैठी. जैसे नॉर्मली औरते बैठती है ना साइड में हो कर, सेम वैसे ही दोनो मामी बिके पे बैठी हुई थी.

बिके चलते हुए मेरी पीठ पे मामी के बूब्स टच हो रहे थे. पूरा चिपक कर बैठी हुई थी वो. मुझे काफ़ी मज़ा आ रहा था, और मेरा लंड भी खड़ा होना स्टार्ट हो गया था.

मामी ने मेरे लंड के पास ही अपना एक हाथ रखा हुआ था, जो की धीरे-धीरे अपना हाथ आयेज बढ़ा रही थी. मैं तो पागल सा ही हो रहा था, क्यूंकी पूरा 7 इंच का लंड अब खड़ा हो चुका था.

फिर तोड़ी देर बाद कक्चा रोड आ गया. उसमे मामी जान-बूझ कर अपना हाथ आयेज बढ़ा रही थी. एक-दूं से मामी ने मेरे लंड के उपर अपना हाथ रख दिया. मुझे काफ़ी अछा लग रहा था. अब उनको भी पता लग गया था, की मेरा लंड खड़ा था.

अब जैसे ही खेत में एंट्री हुई, तो वाहा पे ज़्यादा लोग दिखाई नही दे रहे थे. लेकिन और भी डोर जाना था खेत से हो कर अपने खेत में जाने के लिए. मामी ने इसका फ़ायदा उठाया, और उन्होने अब मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया.

फिर उन्होने लंड को पंत के उपर से मसलना शुरू कर दिया था. अब तो मैने भी सोच लिया था, की जो भी होगा देखा जाएगा. लेकिन अब तो मामी को छोड़ कर ही रहूँगा. अब मैं आउट ऑफ कंट्रोल हो गया था. लेकिन ये सब छ्होटी मामी को बिल्कुल पता नही चला.

हम लोग खेत में पहुँच गये थे. खेत में एक छ्होटा सा घर बना रखा हुआ है. उसके अंदर सब समान वग़ैरा रखा हुआ था. मैने वही पे बिके को पार्क किया, और खटिया पे जाके लेट गया. दोनो मामी ने रूम से समान निकाला, और खेत में काम करने चली गयी.

अब मैं लेते-लेते सोच रहा था, की अब उधर ही मामी को छोड़ूँगा, क्यूंकी अब मेरे से कंट्रोल भी नही हो रहा था. कुछ टाइम बाद काम करने वाली औरते भी आ गयी. दोनो मामी और बाकी औरते सब नीचे वाले खेत में अपना अपना काम कर रही थी. थोड़े टाइम बाद मैं हिम्मत करके बड़ी मामी के पास गया. फिर मैने उनसे बोला-

मे: मामी मैं कोई मदद करू आपकी?

मामी: हा वो कुए से पानी लाना है पीने के लिए, क्या आप ले आओगे?

मे: हा ज़रूर, वैसे कहा पे है कुआ?

मामी ने रास्ता बताया लेकिन मुझे समझ नही आया क्यूंकी तोड़ा सा डोर था कुआ.

मामी: कोई बात नही, मैं साथ चलती हू आपके.

बड़ी मामी ने छ्होटी मामी को बताया की पानी लेकर आती हू पीने का.

मामी: चलो सोनू.

थोड़ी डोर जाते ही हम लोग उपर वाले खेत में आ गये. फिर मामी मुझसे तोड़ा चिपक कर चल रही थी. उसके बूब्स का टच मेरे कंधे पे लग रहा था. मैं इसका फ़ायदा उठाते हुआ पीछे से मामी की गांद पे अपना हाथ टच कर रहा था. और वो कुछ नही बोली.

छ्होटी मामी और बाकी औरते नीचे वाले खेत में काम कर रही थी. वैसे भी उपर वाले खेत में कोई नही था हम दोनो के अलावा.

मामी: सोनू आपकी कोई गफ़ है क्या?

मे: नही मामी, मुझे रिलेशन्षिप में कोई इंटेरेस्ट नही है.

मामी: फिर क्या पसंद है आपको? लड़के तो पसंद नही है आपको?

मे: अर्रे क्या बात कर रही हो मामी आप. ऐसा कुछ नही है. मुझे जो पसंद है आपको नही बता सकता हू. अछा नही लगता बोलने में आपके सामने.

मामी: बताओ ना सोनू, वैसे भी इधर कोई नही है, और मैं किसी को नही बतौँगी..

मे: पक्का ना? बुरा तो नही मानोगी ना आप?

मामी: नही-नही बताओ तो सही.

मे: मुझे बस सेक्स करना ही पसंद है. छूट मारना मुझे बहुत अछा लगता है.

मामी: ऐसा है क्या? अभी तक कितनो के साथ किए हो आप?

मे: बहुत बार छोड़ा है लड़कियों को, और औरतो को भी. लेकिन अब मेरी हालत कराब है.

मामी: अछा, क्यू क्या हुआ?

मे: मामी अपने मेरे समान पे हाथ रखा था, और मेरा लंड भी मसला था, जब मैं बिके चला था तब. इसलिए मुझे अब छूट मारने का बहुत ज़्यादा मॅन हो रहा है.

अब आपको नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा, की कैसे मैने अपनी पुष्पा मामी की छूट मारी. अगर देल्ही में किसी गर्ल, आंटी, भाभी को सॅटिस्फॅक्षन चाहिए, तो मुझे मैल कर सकती है. मैं कोई चार्जस (पैसा) नही लेता हू. मुझे बस मज़े करने और सामने वालो को मज़े डेन्स से ही मतलब होता है. 100% प्राइवसी.

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