बेटी ने देखी मा-बाप की चुदाई

नमस्कार दोस्तों, मैं विक्रम अपने जीवन की एक सत्या और ना भूलने वाली घटना लेके आया हुई. उम्मेड करता हू की आप सभी लोगों को पसंद आएगी, और आप सभी लोग मुझे आचे से समझेंगे की ये सब कैसे और क्यूँ हुआ.

तो दोस्तों कहानी शुरू करते है. ये बात 2019-20 की है. पहले मैं अपनी फॅमिली के बारे में बता डू. मेरा नामे विक्रम है और अभी मेरी आगे 48 एअर है. मेरी वाइफ नेहा, उसकी आगे 46 है, और मेरी बेटी कविता, उसकी आगे 25 एअर है. जैसा की मैने बताया की ये स्टोरी 2019-20 की है, तो आप उसी से हम सब की आगे का अंदाज़ा लगा सकते है.

बात ये लगभग नोव 2019 की है. जब मैं अपनी वाइफ नेहा की चुदाई करता था. तो मुझे एक दिन ऐसा लगा की कोई हमको बाल्कनी की विंडो से देख रहा था. जैसा की मेरा फ्लॅट 9त फ्लोर पर है, और मेरे और बेटी के बेडरूम की बाल्कनी कामन है. तो मुझे समझने मैं देर नही लगी की उसके सिवाय कों होगा.

मुझे बहुत अजीब लगा और गुस्सा भी बहुत आया. बुत मेरे मॅन में बेचेनी सी होने लगी. मैने ये बात किसी को नही बोली.

ऐसा तकरीबन 1 मंत चला. जब भी मैं अपनी वाइफ के साथ चुदाई करता, मुझे विंडो पर लगता की वो थी. तो मैं और खुल के चुदाई करता और मुझे पता नही क्यूँ ये सब अछा लगता.

मैं ये सोच के की वो देख रही थी, और ज़बरदस्त चुदाई करता. बीवी मेरे को कहती हमेशा क्या खा के आते हो. बुत मुझे अब ये कन्फर्म करना था की मेरी बेटी होती थी, या मेरा वहाँ था.

फिर एक दिन घर पर कोई नही था. तो मैने विंडो के उपर बाल्कनी में एक हिडन सीक्ट्व कॅमरा लगवा दिया, और उसका कनेक्षन मेरे लॅपटॉप और मोबाइल में करा लिया. फिर एक दिन मैने चुदाई के बाद रेकॉर्डिंग चेक की तो मेरा शक यकीन में बदल गया. मेरी बेटी होती थी वहाँ.

मेरा दिमाग़ हिल गया. मेरी समझ में नही आ रहा था की क्या करू? कभी तो एक बाप का गुस्सा आता की देखो मेरी बेटी क्या कर रही थी. और कभी एक मर्द की हवस, की मुझे चुदाई करते एक जवान कमसिन लड़की देख रही थी.

मैं चुदाई और खुल के करने लगा. ये सब चलता रहा. इस बीच मेरे अंदर के बाप पर हवस भरा मर्द हावी होता जेया रहा था. जब घर पर कोई ना होता तो मैं उसके रूम में जाके उसके क्लॉत चेक करता. उसकी ब्रा और पैंटी को सूंघटा, अपने लंड पर रगड़ता.

अब मुझे उसमे एक बेटी नही जवान लड़की दिखने लगी, जिसे मैं अपने बिस्तर मैं रगड़ना चाहता था. मेरे दिल और दिमाग़ के साथ-साथ मेरे लंड पर भी वो हावी हो चुकी थी. कैसे भी करके मैं उसको पाना चाहता था. उसकी रेकॉर्डिंग्स में वो हमारी चुदाई देख के अपनी छूट और बूब्स रगड़ती.

अब मैं एक ऐसे मौके की तलाश में था की उससे बात कर साकु. मुझे दर्र भी बहुत लग रहा था, बुत मेरे दर्र के उपर उसकी जवानी भारी पद रही थी. 15 मार्च 2020 को मेरी वाइफ अपने ऑफीस काम से मुंबई जाने को निकली. वो 8 दिन बाद आने वाली थी. क्यूंकी ऑफीस के काम के बाद वो अपनी मा से मिल के आने वाली थी, जो की मुंबई में ही रहती है.

उसकी फ्लाइट ईव्निंग की थी. तो मैं और कविता उसको एरपोर्ट ड्रॉप करके घर आ गये थे. फिर खाना खाने के बाद मैं अपने रूम में था, और मैने फिर वो रेकॉर्डिंग्स टीवी पर लगाई, और उसको आवाज़ दी. बेटी मेरे रूम में आई.

बेटी: हा पापा, बुलाया?

मैं: हा, यहाँ आके बैठो (और मैने उसको बेड पर बिताया अपने बराबर में).

फिर मैने देर ना करते हुए टीवी पर वो रेकॉर्डिंग्स प्ले कर दी.

मैं: ये सब क्या है?

कॅमरा की क्लॅरिटी इतनी थी की वो क्लियर दिखाई दे रही थी की अंदर झाँक के अपनी छूट को रग़ाद रही थी. रेकॉर्डिंग देखते ही उसकी गाड़ फाट गयी, और वो रोने लगी और काँपने लगी. बस उसके मूह से एक ही वर्ड निकल रहा था-

बेटी: सॉरी पापा, सॉरी पापा.

मैं: ये सब देखती है तू. कब से देख रही है?

बेटी: सॉरी पापा, प्लीज़ माफ़ कर दो.

मैं: सीधे से बता कब से देख रही है?

बेटी: बस एक बार देखा था.

मैं: चुप कर! झूठ बोलती है. 6 मंत्स से तो मैं देख रहा हुई तुझे देखते हुए.

वो और ज़ोर से रोने लगी और काँपने लगी. मुझे लगा की कहीं इसकी तबीयत खराब ना हो जाए. फालतू में कोई लाफद हो जाएगा. फिर मैने उसको पानी दिया. वो रो रही थी, तो उसका फेस लाल हो गया था, और वो काँप रही थी.

मैं उसके जिस्म को निहार रहा रहा. वो नंगी टाँगें, आहह. उसने शॉर्ट्स पहन रखा था. उसकी चिकनी टाँगें मुझे पागल कर रही थी. उसमे मुझे बेटी नही बस एक कमसिन लड़की दिख रही थी, जिसे मैं रगड़ना चाहता था. छोड़ना चाहता था.

मैं: दररो नही, पानी पियो बेटा.

फिर मैने उसको पानी पिलाया और उसकी पीठ पर हाथ सहला रहा था.

बेटी: पापा सॉरी, मैं ऐसा कभी नही करूँगी.

मैं: अछा सच बता, कब से देख रही थी?

बेटी (डरते हुए): पापा 1 साल से.

मैं: क्या बात करती है! तू इतनी बड़ी हो गयी थी क्या 1 साल पहले, की तुझे समझ आ रहा था की क्या कर रहे है हम?

वो कुछ ना बोली, बस शरमाने और डरने की मिली जुली रिक्षन दे रही थी. मैने बार-बार पूछा तो बोली-

बेटी: ह्म समझ आता था.

मैं: क्या?

बेटी: की आप लोग सेक्स कर रहे है.

मैं: तुझे किसने बताया ये सब?

वो कुछ ना बोली. तो मैने उसको बोला-

मैं: देख, मेरे से खुल के और सच-सच बात कर, समझी? मैने अब तक तेरी मा को नही बोला, तू दर्र मत.

बेटी: पापा वो मेरी फ्रेंड्स बात करती है.

मैं: क्या बात?

बेटी: वही सेक्स की बात.

मैं: तू एक बात सच बताएगी मुझे?

वो अब तक कंफर्टबल हो गयी थी. उसका रोना बंद हो गया था, बुत शर्मा रही थी. मैं इसी बीच अपने हाथ से उसकी बॅक सहला रहा था.

बेटी: हा पापा पूछो.

मैं: तूने किया है क्या किसी से?

बेटी एक-दूं चौंक के: नही, मैने नही किया. आप ऐसे क्यूँ पूच रहे है, मुझे शरम आ रही है पापा.

मैं: देखते हुए नही आई अपनी मा की चुदाई?

वो चुदाई वर्ड सुन कर एक-दूं लाल हो गयी और नीचे ही नज़र करे हुए थी. आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में, मुझे फीडबॅक दे ओं विक्रमसेक्शी@गमाल.कॉम पर, और बताए अब तक कैसी लगी स्टोरी आंड सजेशन दे जिससे मैं इसको और अची तरह लिख साकु.

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