बेटी को चोद कर कली से फूल बनाया

मेरी कम उम्र में शादी हो जाती है और मुझे चोदने की कला नहीं आती थी। मेरे पिताजी की उम्र उस समय पैतीस वर्ष का था वह एक तगड़ा और लंबा जवान थे।
मेरी पत्नी का चुची टमाटर के साईज के और लाल लाल था।पिता जी घर पर रहते थे और मेरी माँ नहीं था तो घर में मेरी पत्नी और पिताजी रहते थे। एक बार तबियत खराब होने के कारण जल्दी घर आ गया।
बाहर का दरवाजा खुला था। मैं अन्दर आ गया तो मेरे कमरे से फच-फचा-फच की आवाज सुनाई देती है।
मैने कमरे में झांक कर देखा तो आश्चर्य में पड़ गया।
मेरी पत्नी सुधा घोडी बनी हुई है और पिताजी अपना मोटा लंबा लंड से चुदाई कर रहे थे। मेरी पत्नी बोल
रही थी और जोर जोर से धक्का लगा चुत फाड़ दो ससुर जी।
पिताजी- अब तो पुरा दस इन्च लंबा लंड एक बार में ही खा जाती है।
सुधा- हाँ बाबु जी!आपका लंड से चुदाई करने में मजा आता है। पहली बार चुदाई के समय चुत छोटी थी इसलिए दर्द कर रहा था। अब तो फैल कर बुर से बोरा हो गया है। धडाधड अन्दर चला जाता है।
पिताजी-तुम्हारी बेटी भी तो मेरा लंड से पैदा हुआ है और बेटा राजू समझता है कि मेरी बेटी है।
सुधा-और जोर जोर से धक्का लगा चुत फाड़ दो,पुरानी बात सुनकर ताव आ गया है।
हमें भी कुँवारी चुत चोदने की मन किया। मेरी बेटी पलंग पर अकेली सोयी थी जिसकी चुची टमाटर के साईज के और लाल लाल है।
मैने अपनी बेटी को चोदने का मन बनाया।
हम अपनी बेटी के चुची को मुँह में लेकर चुसने लगा।
वह भी जाग कर कपड़ा उतार देती है। अब गोल गोल चुची टमाटर के साईज को मुँह में लेकर चुसने लगे।
हमने अपना सात इच का लंबा लंड निकाल कर उसके हाथ में दे दिया जिसे लेकर वह सहलाने लगी और बोली-दादा जी ने भी अपना लंबा लंड मेरे हाथ में देकर चुसने के लिए दिया था।
हमने कहा-सिर्फ मुँह में लेकर चुसी थी कि चुदाई भी करवायी थी।
बेटी रानी बोली- आज रात को दादा जी चोदने के लिए बोले थे।
यह सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा था कि मेरी पत्नी नहीँ,बेटी कुँवारी को चोदने का मौका मिल रहा है। मैंने अपना सात इच का लंबा लंड उसके चुत के छेद में रखकर एक हल्का सा धक्का दिया। मेरा सुपाडा उसके चुत के छेद में चला गया।
रानी-आह! पापा जी दर्द हो रहा है।
हमने कहा-पहली बार दर्द होगा फिर मजा आता है।
थोड़ी देर में वह बोली- हाँ,पापा जी बहुत मजा आ रहा है और चुत के अन्दर से गुदगुदी हो रही है।
हमने एक धक्का लगाया जिससे आधा लंड घुसा फिर आगे पिछे करने लगा।
बेटी रानी बोली-बहुत मजा आ रहा है पापा जी,पुरा लंड घुसा कर धक्का लगा।
हमने एक जोरदार धक्का दिया और पुरा लंड चुत के छेद में घुस गया।
रानी बेटी कसमसायी फिर चतुर हिलाकर बोली-बहुत मजा आ रहा है पापा जी,जोर जोर से धक्का लगा चुत फाड़ दो।
हमने भी तेजी से धक्का लगा लगा कर चुत के छेद को फैला दिया। अब मैं झडने लगा हूँ बेटी लंड का पानी किसमें डालू।
बेटी रानी बोली-मेरी चुत में पानी गिराओ और कहाँ गिराइएगा,अभी आपकी पत्नी को तो दादा जी चोद रहे हैं और अपना लंबा लंड का पानी गिरा रहे हैं।
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