बेटे ने मा पर हाथ डालना शुरू किया

परिवार में हुए सेक्स की एक-दूं सॅकी घटना है ये. तो चलिए स्टार्ट करते है. तो सबसे पहले बता डू, की ये स्टोरी लंबी होने वाली है. चलिए अब फॅमिली के बारे में बता देता हू.

मेरी फॅमिली में मेरे पापा, चाचा, और सबसे छ्होटे चाचा है. सभी की शादी हो चुकी है, जिसमे मेरी मा है, चाची है, सबसे छ्होटी चाची है, दादी है, मैं हू, और बाबा है. और 2 भाई एक बेहन है.

मेरे पापा की गूव्ट जॉब में है. चाचा की भी जॉब है, और सबसे छ्होटे चाचा की भी जॉब है. मेरी मा की आगे 46 साल है अभी, और चाची की 32 है, और सबसे छ्होटी चाची 30 की है.

पापा की आगे 50 है, चाचा की 46, और सबसे छ्होटे चाचा 42 के है. मेरी आगे 25 साल है, बेहन 23 की, और भाई 21 की. सबसे छ्होटा भाई 12 का है. तो स्टार्ट करते है.

जब मैं 19 का था, तब की बात है. गर्मी के दिन हुआ करते थे. उस टाइम हम सब साथ सोते थे. गर्मी ज़्यादा होने की वजह से टेरेस पर कुछ लोग सोने चले गये, और मम्मी-पापा रूम में थे.

रात के टाइम मेरी नींद खुली, और मैं पानी पीने नीचे आया. रूम के गाते लगे हुए थे, और लाइट ओं थी पूरी. आहह आहह की आवाज़ आ रही थी, तो मैं रुक गया.

ये सब मेरे लिए नया था. मुझे कुछ भी आइडिया नही था, तो मैं गाते पर गया, और अंदर गाते के होल से देखा. अंदर पापा मम्मी के उपर लेते हुए थे, और सेक्स कर रहे थे.

मेरे मॅन में मम्मी के लिए कोई ग़लत फीलिंग नही थी उस टाइम तक. बुत वो नज़ारा देख कर मेरी बॉडी में करेंट दौड़ने लगा एक-दूं से. मैं सब कुछ ध्यान से देखने लगा.

मम्मी दोनो लेग्स को उपर किए लेती थी, और पापा धक्के मार रहे थे. 5 मिनिट हुए होंगे, और वो एक-दूं से डोर हॅट गये, और खड़े हो गये.

मैं दर्र गया, और उपर भाग गया. फिर गाते ओपन हुए, पापा टाय्लेट गये और वापस जाके लेट गये. उसके बाद मम्मी भी टाय्लेट गयी, और जाके सो गयी.

सुबा सब उठे, और मैं मम्मी की रात को हुई चुदाई देख कर सोच में था की पापा अभी भी सेक्स कर रहे थे. मेरी मम्मी एक-दूं गोरी है, तो उनकी गांद और पैर मेरे दिमाग़ में घूम रहे थे. क्यूंकी मैने किसी औरत को पहली बार नंगी देखा था.

फिर मैं कॉलेज के लिए तैयार हुआ, और चला गया. पर कॉलेज में बैठे-बैठे भी मुझे वही दिख रहा था. मेरा पढ़ाई में बिल्कुल मॅन नही लग रहा था.

फिर छुट्टी हुई, और मैं घर आया. मम्मी रोज़ की तरह घर के काम कर रही थी. मैने कपड़े चेंज किए, और लोवर त-शर्ट पहन लिया. मेरा लंड मों को देख कर ऑटोमॅटिकली खड़ा हो गया. फिर मैं बातरूम में चला गया, और लंड को हिलने लगा मम्मी को सोच कर.

ये सब पहली बार मम्मी को सोच के कर रहा था. अचानक से मेरे लंड ने पिचकारी मारी और बहुत सारा क्रीम निकल गया. उस दिन से मेरा मम्मी को देखने का नज़रिया बदल गया, और मॅन करने लगा उनके साथ कुछ करने का.

क्यूंकी मैं सोच-सोच कर पागल सा हो रहा था. फिर एक दिन क्या हुआ, की आँधी आई तेज़, और बारिश होने लगी. हम लोग टेरेस पर सोए हुए थे, तो सब नीचे आ गये, और रूम में सोने चले गये.

मैं मों के पास जाके लेट गया, और हम सब सोने लगे. कुछ 1 घंटे बाद मेरी नींद खुल गयी. मैने अचानक देखा, तो मों का एक पैर मेरे उपर था. इससे मेरी धड़कन बढ़ गयी, और फिर मैं उनकी सारी को उपर करने लगा.

मैं दर्र भी रहा था, क्यूंकी सब साथ थे. फिर धीरे-धीरे मैने सारी घुटनो तक कर दी, और मैं पैर फिरने लगा. वो स्पर्श अलग ही था, और मेरी बॉडी में करेंट दौड़ रहा था.

फिर मम्मी ने अचानक मेरी तरफ करवट ले ली, और मेरे करीब आ गयी. इससे उनकी साँस मेरे मूह पर पद रही थी, जो एक-दूं मुझे मदहोश कर रही थी. फिर मेरा पैर उनके पैर के नीचे आ गया, तो मैं अपने पैर से उनको फील करने लगा, और लंड पर हाथ ले गया.

मैं अपने लंड को हिलने लगा, और मेरा पानी हिलाते-हिलाते निकल गया. फिर मैं सो गया. सुबा वही सब कॉलेज जाना, वापस आना 2 बजे के लगभग. मैं रूम में लेता था, और मों कपड़े धो रही थी बाहर बरामदे में.

मैं पानी पीने उठा, तो मेरी नज़र मम्मी पर गयी. उनको देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया, क्यूंकी मम्मी पानी से गीली हो गयी थी, जिससे उनके बूब्स की क्लीवेज का शेप दिखने लगा था.

मम्मी ब्लाउस पहने हुए थी ओन्ली, और ब्रा नही पहनी थी. उनके बूब्स उपर से देख कर लंड दर्द करने लगा, और मैं भाग कर बातरूम में गया और पानी निकाल आया.

फिर मैने पानी पिया, और रूम में चला गया, और मैं मम्मी को छोड़ने का सोचने लगा, की कैसे क्या करू जिससे मम्मी को छोड़ पौ. वही सब सोच-सोच के मेरा दिमाग़ काम करना बंद कर दिया.

कुछ दिन मैं बस लंड ही हिलता रहा, पर एक दिन पापा को ऑफीस के काम से बाहर जाना था किसी मीटिंग के लिए, और वाहा का सर्वे करना था. तो वो 4 दिन के लिए चले गये.

उसके बाद अगले दिन मैं बस रात होने का इंतेज़ार करने लगा, की कब रात हो, और मैं मों के साथ रूम में सो जौ. ताकि मैं कुछ कर साकु रात में. फिर रात का टाइम हो गया, और सब टेरेस पर चले गये.

मैं बोला: मुझे सर्दी सी लग रही है, और फीवर सा भी है.

मैं रूम में जेया रहा था सोने, जहा मों सोई हुई थी. वाहा मैं उनके पास जेया कर लेट गया, और मैं सोने का नाटक करने लगा. फिर मों आई, और आ कर लेट गयी मेरे पास ही. वो मेरे सर पर हाथ रख के देखने लगी, की फीवर तेज़ तो नही है.

पर मम्मी को लगा की फीवर उतार गया, तो वो भी लेट गयी. फिर वो गहरी नींद में सो गयी, और मैं जाग रहा था. उसके बाद मों एक-दूं सीधी हो कर लेट गयी, तो फिर मैं कुछ करने की सोचने लगा.

मैं फिर धीरे-धीरे से अपनी बॉडी उनके पास ले-जाने लगा, और चिपक सा गया. तब मैने सारी उठानी चालू करी. मेरे तो हाथ काँप रहे थे. मैने धीरे-धीरे सारी घुटनो तक कर दी, और अपना लंड दूसरे हाथ से मसालने लगा.

तभी वो एक-दूं हिली, तो मैं दर्र गया, और आँखें बंद कर ली. उन्होने अपनी सारी नीचे की, और फिर सो गयी. उसके बाद मैं लेता रहा कुछ देर. बाद में फिरसे मैं ट्राइ करने लगा. इस बार मैने हिम्मत करके अपना हाथ उनकी जाँघ पर रख दिया.

उसके बाद जो हुआ, वो मैं बतौँगा आपको नेक्स्ट पार्ट में, की आयेज क्या हुआ. आप सब मुझे मैल कर सकते है. मेरी मैल ईद पर अपना फीडबॅक देने के लिए लोवेडएसिरे9165@गमाल.कॉम पर मेसेज करे. और हम बात भी कर सकते है. थॅंक्स, मिलते है अगले पार्ट में.

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