बेटे ने देखी मम्मी-पापा की चुदाई

ही, ई’म राहुल. मैं मा बाप का एक-लौटा बेटा हू. और मैने अभी कॉलेज कंप्लीट किया है. अभी मेरी छुट्टी चल रही है. मेरे पापा एक प्राइवेट एंप्लायी है और मा हाउसवाइफ.

मा के बारे में बतौ तो वो एक 50 आगे की खूबसूरत औरत है. आयेज से और पीछे से ज़्यादा मोटी लगती है. हमेशा सारी ही पहनती है. अब स्टोरी पर आता हू.

मैं हॉलिडेज़ एंजाय कर रहा था और लाते उठता था. ऐसे ही चल रहा था रुटीन. पापा कंपनी के काम से एक वीक आउट ऑफ स्टेट गये थे. अब घर में हम मा-बेटा दोनो ही थे. मैं सभी तरह की पॉर्न देखता था, नॉवेल्स पढ़ता था, और मूठ भी मार लेता था. लेकिन कभी मेरी मा को गंदी नज़र से नही देखा था.

एक नाइट मैं टाय्लेट जेया रहा था. मेरी मम्मी किसी से बात कर रही थी फोन पर. नेक्स्ट दे मॉर्निंग मैने मम्मी का फोन लेके चेक किया तो पता चला वो कोई नही था मेरे पापा ही थे. तब मुझे मा के उपर और ज़्यादा विश्वास हुआ और ज़्यादा प्यार आया, क्यूंकी मेरी मम्मी एक संस्कारी औरत है.

फाइनली 7 डेज़ के बाद पापा घर आए और रात में खाना खा के सभी सो गये. फिर से मेरी नींद खुली. मैं टाय्लेट जाने लगा तो पापा मम्मी के रूम से आवाज़ आ रही थी. मैने सोचा जो बात कर रहे है सुनता हू. ऐसा सोच कर मैं डोर के पास खड़ा हो गया और अंदर की आवाज़ सुनने लगा.

पापा: क्या हुआ था गिरिजा, डॉक्टर ने क्या बोला?

मा: अभी क्यूँ पूच रहे हो? मैं बीमार हुई थी तब तुम नही थे. आज आके पूच रहे हो.

पापा: अर्रे बोलो ना मेरी जान, क्या हुआ?

मा: कुछ नही. मैं कभी अकेली नही गयी थी डॉक्टर के पास, पता है ना आपको?

पापा: तो क्या हुआ? राहुल था ना घर में, उसको ले जाना था साथ में.

मा: वो नही था घर में. कहीं बाहर गया था घूमने. मैं हॉस्पिटल से घर आई, फिर भी वो नही आया थे घर.

पापा: श, छ्चोढो वो सब. अब बता तुझे क्या हुआ था? डॉक्टर ने क्या बोला?

मा: कुछ नही, कमर दर्द कर रहा था बहुत. इसीलिए आपको बताई मैं. तुमने कहा खुद जाके दिखा दो डॉक्टर को.

पापा: अछा डॉक्टर ने क्या कहा? दवाई दिए है ना?

मा: हा दवाई दी है और सुई भी लगाई डॉक्टर ने (मम्मी पापा के ना होने की वजह से गुस्से में बोलती है).

अचानक मेरा बॅलेन्स बिगड़ जाता है और मम्मी पापा के रूम का डोर तोड़ा ओपन हो जाता है. अंदर पापा मम्मी दोनो बेड पर लेते थे चिपक के. पापा मम्मी की गांद को मसल रहे थे. मम्मी का एक हाथ पॅपा के पीठ को मसल रहा था.

पापा: क्या? सुई कहाँ लगाया?

मा: आप जहाँ मसल रहे है ना, वहाँ पर.

पापा: यहाँ? यहाँ?

ऐसे कहते हुए वो मम्मी की गांद को दबा रहे थे.

मा: एयेए ससस्स छ्चोढो ना प्लीज़. दर्द है अभी तक दोनो तरफ.

पापा: दोनो तरफ?

मा: ह्म.

पापा: डॉक्टर सुई लगाया तुझे, बाप रे!

मा: ह्म बहुत दर्द हो रहा है अभी तक.

पापा: अछा मेरी जान, तो डॉक्टर ने खूब देखा होगा तेरी गांद को?

मा: ह्म.

पापा: तुझे कैसा लगा मेरी जान डॉक्टर का इंजेक्षन. वैसे तो वो यंग डॉक्टर है और तेरी गांद भी मस्त है. डॉक्टर भी एंजाय किया होगा तेरी गांद देख के.

मा: ची, शरम करो. क्या बात करते हो. डॉक्टर भगवान की समान होते है.

पापा: सच बोलो गिरिजा, डॉक्टर के तेरी गांद को इंजेक्षन लगते वक़्त तुझे अछा नही लगा, सच बताना?

मा: नही.

ऐसे ही बात करते-करते पापा ने मम्मी की सारी में हाथ डाल के उनकी छूट पे रखा था. फिर स्लोली एक फिंगर भी अंदर डाले थे. मम्मी भी गरम हो रही थी.

पापा: डॉक्टर ने दोनो चूतड़ पे सुई लगाई, कुछ कॉमेंट किया क्या तेरी गांद के बारे में?

मम्मी भी गरम हो रही थी और बोली: ह्म, कुछ नही बोला. लेकिन मेरी सारी ज़्यादा ही नीचे की थी डॉक्टर ने और देर तक देखता रहा. बाद में सुई लगाया.

पापा मम्मी की सारी और पेटिकोट को उपर कर चुके थे और स्लोली लंड को मम्मी की छूट पर रख दिया. फिर इनसर्ट भी कर दिया.

तब मम्मी बोली: अया अयाया अयाया, क्या हुआ आज तुम्हे? रोज़ नही करता थे, आज कर रहे हो?

पापा धक्के दे रहे थे.

मा: मुझे इंजेक्षन का दर्द हो गया है, इसलिए आप खुश होके मुझे छोड़ रहे हो? या कोई दूसरा मर्द मेरे चूतड़ टच किया, इसलिए कर रहे हो आप?

पापा: ह्म, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है जान आज. तुझे डॉक्टर ने कैसे लगाया होगा इंजेक्षन. और तेरी गांद के बारे में क्या सोचा होगा. ये सोच के मुझे मज़ा आ रहा है.

मा: तो डॉक्टर ने मुझे कुछ किया तो आपको मज़ा आएगा क्या?

पापा ज़ोर से मम्मी को छोड़ते हुए: ह्म मेरी जान. सच में डॉक्टर ने तुझे मेरे सामने छोड़ा तो बहुत मज़ा आएगा. एक बार कर लो जान प्लीज़.

मा: ये क्या बक रहे हो तुम? पागल हो गये क्या!

पापा: नही मेरी जान, प्लीज़ एक बार करो प्लीज़.

मा कुछ नही बोली और पापा ज़ोर से छोड़ रहे थे. फाइनली पापा के लंड से पानी निकल गया, और पापा मम्मी दोनो बातरूम आने लगे. मैं चुपके से मेरे रूम में आके सो गया.

नेक्स्ट दे सुबह पापा जॉब के लिए गये थे. मेरे माइंड में वही रात की पापा मम्मी की बातें घूम रही थी. सोच के लंड भी खड़ा हो रहा था और पापा ने खुद बोला था मम्मी को दूसरे मर्द से छुड़वाने को. ये सोच के मुझे लग रहा था पापा ऐसे क्यूँ बोल रहे थे. और कल रात पापा ने मम्मी को खुद छोड़ा था, और उनका लंड भी खड़ा था.

सब सही था पापा के बदन में, फिर भी वो ऐसे क्यूँ बोले मम्मी को. यही सोचते-सोचते मैं बाहर आ गया रूम से. मम्मी अंदर किचन में काम कर रही थी. मैं नहा लिया और तिफ्फ़िं करके घर से बाहर निकल गया.

फिर मैने दोपहर को घर आके खाना खाया. टीवी देखते बैठा था, तभी मम्मी भी आके बैठ गयी टीवी देखते. ऐसे ही रात हो गयी. हम सब खाना खा के अपने-अपने रूम में सोने चले. मेरे दिमाग़ में कल के सीन याद आ रहा थे, इसलिए मैं फिर से मम्मी पापा के रूम की तरफ गया.

फिर से तोड़ा डोर ओपन करके अंदर का सीन देखने लगा. अंदर पापा मम्मी दोनो चिपक के सोए हुए थे और बात हो रही थी.

पापा: क्या गिरिजा, अब तेरा कमर दर्द कम हो गया है? दवाई खाई है ना ठीक से?

मा: ह्म.

पापा: आज कल तू बहुत बढ़िया दिख रही है गिरिजा (ऐसे बोलते पापा मम्मी को स्मूच करने लगे).

मा: तुम हफ्ते भर बाहर रहते है ना, इसलिए आपको मैं ऐसी दिख रही हू.

पापा: इसलिए तुझे प्यार कर रहा हू ना जान.

पापा ने मम्मी की सारी के पल्लू हटा दिया और ब्लाउस के हुक्स खोलने लगे. ब्लाउस खोल के ब्रा भी खोल दिए और मम्मी के बड़े बूब्स के साथ खेलना स्टार्ट कर दिया. कभी-कभी दबा देते थे और कभी-कभी मूह में लेके चूस्टे थे. मम्मी भी पापा का साथ दे रही थी. पापा अपनी लूँगी खोल के सिर्फ़ अंडरवेर में मम्मी के साथ एंजाय कर रहे थे.

अब पापा मम्मी की सारी उतार दिए. मम्मी अब सिर्फ़ येल्लो पेटिकोट में थी. पापा मम्मी के बूब्स दबाते-दबाते मम्मी की गांद भी दबानी शुरू कर दिए.

मा: हाअ ससस्स जी छ्चोढो, दब्ाओ मत, पता है वहाँ…

पापा (गांद सहलाते हुए): आअहह सॉरी जान, मैं भूल गया था, सॉरी.

मा: मेरे बारे में कब चिंता की है आपने. दिमाग़ में कोई और ही रहती है.

पापा: नही गिरिजा, मुझे याद नही था. इसलिए मैने तेरी बड़ी गांद को दबाया.

अब पापा मम्मी के पेटिकोट को उपर किए और मम्मी की पनटी उतार दी. फिर पापा अपना अंडरवेर भी उतार दिए थे और मम्मी की छूट में लंड डाल दिया. मम्मी एयेए एयेए आराम से डालो ना ऐसे बोल रही थी.

पापा: अर्रे मेरी जान डॉक्टर ने सुई घुसाया ना तेरे दोनो चूतादो में, तब भी तुम ऐसे ही चिल्लाई थी क्या (हेस्ट हुए)?

मम्मी: तुम बहुत गंदे हो. कोई अपनी पत्नी को डॉक्टर के साथ सोने को बोलते है? क्यूँ आपको अपनी पत्नी को संतुष्ट करना नही होता क्या (गुस्से में).

पापा: सॉरी गिरिजा, फिर से ऐसे नही बोलूँगा, ओके?

ऐसे बोल कर पापा ने मम्मी को बहुत छोड़ा. बाद में पानी निकाल के दोनो बातरूम जाके सो गये. मैं भी सो गया.

तो बे कंटिन्यूड…

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