बेटे ने बचाया मा को उसके यार से

एक दिन अंकित और मम्मी के बीच कॉल से बात हो रही थी, जो मैं आप लोगों से शेर कर रहा हू.

अंकित: यार आज तो मज़ा आने वाला है. फाइनली वो औरत को छोड़ने वाला हू, जिसके साथ वनिता ने मेरी सेट्टिंग की है.

मम्मी: श, क्या बात है.

अंकित: तुम जानती हो उसको?

मम्मी: नही यार, कौन है वो? मुझे तो आज तक वनिता ने उसके बारे में बताया नही है. और मैने कभी उसको पूछा नही है.

अंकित: हा मुझे भी बस उसके न्यूड्स भेजती है. मैं उसको पूछता हू तो बोलती है की तुम उसकी चुदाई से मतलब रखो, बाकी सब जानने की ज़रूरत नही है.

मम्मी: हा सही तो कही. आम खाओ, गुटलियान क्यूँ गिन रहे हो?

अंकित: वनिता ने आज तक उसका चेहरा नही दिखाया है. सिर्फ़ उसका नंगा सेक्सी जिस्म दिखाया है. जब से उसको देखा है उसको छोड़ने के सपने देख रहा हू. आज वनिता उसको छोड़ने के लिए एक जगह पर बुलाने वाली है. मेरा तो उसका चेहरा देखने का मॅन कर रहा है.

मम्मी: आज तुम उसको मिलोगे, तब तुम्हारी सारी इक्चा पूरी हो जाएँगी.

अंकित: आज भी उसका चेहरा नही देखने को मिलेगा. वो कौन है वो मेरे लिए हमेशा मिस्टरी रह जाएँगी.

मम्मी: अर्रे आज तुम उससे मिलने वाले हो. और तुम उसकी चुदाई करोगे तो उसका चेहरा देख लेना. उसमे मिस्टरी कहाँ से आई?

अंकित: वनिता ने जो प्लॅनिंग किया है, वो बहुत ही एग्ज़ाइटिंग है, और मुझे बेचैन कर रहा है. मैं उसकी चुदाई करूँगा, लेकिन उसको नही देख पौँगा.

मम्मी: ये तुम कैसी पागलों जैसी बातें कर रहे हो? तुम उसकी चुदाई करो और उसको देख ना सको, ऐसा हो सकता है क्या?

अंकित: अब वनिता ने मुझे ऐसा कहा है. पता नही कहाँ बुला रही है. तुम उससे पूच कर मुझे बताओ ना.

मम्मी: यार अब तुम मुझे बीच में क्यूँ घसीट रहे हो?

अंकित: अर्रे वो रंडी मुझे सीधा जवाब देती, तो मैं तुमसे क्यूँ पूछने को कहता?

मम्मी: ऐसा है तो छ्चोढ़ ना उसको. मेरी तो जब मॅन करे चुदाई कर रहा है.

अंकित: तू मेरे से इस लिए चुड रही है क्यूंकी तेरे न्यूड्स मेरे पास है. नही तो तुम मुझे छ्छूने भी नही डोगी. तुम्हे तो तरुण पसंद है.

मम्मी: फिर भी तुझे छोड़ने को तो मिल रहा है ना. फिर क्यूँ उसके पीछे पागल हो रहा है?

अंकित: यार उस साली का फिगर देखा है, तब से पागल हो रहा हू. जब तक उसको दबा कर नही छोड़ूँगा, तब तक मुझे चैन नही आने वाला. सुन, मुझे और पैसों की ज़रूरत है. तुम उसका इंतेज़ां करके रखना.

मम्मी: अंकित प्लीज़ समझो यार, मैं और पैसों का जुगाड़ नही कर सकती. तुझे बिल्कुल भी रीयलाइज़ नही हो रहा, लेकिन मैं जानती हू मैने तेरे लिए कैसे कैसे पैसे मॅनेज किए है.

अंकित: वो सब तुझे पहले सोचना चाहिए था. अब रंडी रोना करके कोई फ़ायदा नही होने वाला. मुझे बस पैसे चाहिए मतलब चाहिए. चल फोन रखता हू. वनिता का कॉल आ रहा है.

उसके बाद अंकित ने कॉल रख दिया. शाम को मैं घर आया तब मम्मी बहुत परेशन लग रही थी. उसकी परेशानी का कारण मुझे पता था. मम्मी अंकित की पैसों की डिमॅंड पूरी करते-करते तक गयी थी. मैने मम्मी की तरफ देखा और मुस्कुराया.

वो मुझे जिस तरह देख रही थी, उनकी आँखों में मेरे लिए उम्मीद दिख रही थी. मुझे उस दिन ऐसा फील हो रहा था की मम्मी मुझे बहुत कुछ बताना चाह रही थी. पर वो मुझे किस मूह से मेरे से अपनी परेशानी बताती? ऐसे ही कुछ दिन निकल गये, लेकिन अंकित का पैसों का डिमॅंड ख़तम नही हो रहा था. धीरे-धीरे मम्मी ने वो पुर एक लाख रुपय अंकित को दे दिए, जो उन्होने रंजीत अंकल से झूठ बोल कर लिए थे.

कुछ दिन बाद अंकित ने मम्मी से फिर से पैसों की डिमॅंड की, पर अब मम्मी के पास उसको देने के लिए कुछ नही था. मम्मी ने उसको पैसा देने से माना किया, तो वो उसको गंदी गालियाँ देने लगा. मम्मी ने उसको इतना पैसा दे दिया था की अब उसकी हिम्मत बढ़ गयी थी. उसको ये लग रहा था की ये बहुत अछा तरीका था औरतों से पैसा निकलवाने का.

एक दिन मैं दोपहर को घर पर लंच करने गया. उस दिन मैं तोड़ा लाते हो गया था. भाभी तब तक अपने बेडरूम में बच्चे को लेकर सोने चली गयी थी. मैं मम्मी से बात नही कर रहा था, तो मैं खुद से खाना निकाल कर मेरी प्लेट में सर्व कर रहा था. इतने में मम्मी आई और उन्होने मेरी हेल्प की.

मैने उनकी तरफ देखा तो उनका चेहरा मायूस हो रखा था. वो बहुत ज़्यादा परेशन लग रही थी. मैने उनकी आँखों में देखा तो ऐसा लगा जैसे वो मुझे अपनी प्राब्लम बताना चाह रही हो. एक टाइम पर मुझे ये ख़याल आया की मम्मी को दूसरे लड़कों की रंडी बनने में बहुत मज़ा आ रहा था. उनको अपने हाल पर छ्चोढ़ देने की सोची.

लेकिन मुझे पापा और घर की इज़्ज़त का ख़याल आने लगा. मैने सोचा अगर मम्मी अंकित को पैसा नही दे पाई, तो वो कहीं सच में उनकी पिक्स को विराल ना कर दे. मैने सिचुयेशन की गंभीरता को समझ कर उनसे बात करने का फैंसला लिया.

मैं: मम्मी यहाँ बैठो मेरे पास. आपसे कुछ ज़रूरी बात करनी है (मम्मी मेरे पास चेर लेकर बैठ गयी).

मैं: मम्मी बहुत दीनो से देख रहा हू. आप बहुत परेशन लग रहे हो. क्या बात है?

मम्मी (उनकी आँखों से आँसू निकल रहे थे): अब तुम्हे कैसे मेरी परेशानी बतौ? मैं बहुत बड़ी मुश्किल में फ़ासस गयी हू.

मैं: पहले ये बताओ आपने खाना खाया?

उन्होने मेरी तरफ देखा, और मैं समझ गया की उन्होने खाना नही खाया. मैने अपने हाथो से उनको एक नीवाला खिलाया. वो ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी. मैने उनसे कहा-

मैं: पहले खाना खा लो, हम दोनो मेरे कमरे में चल कर बात करते है.

उसके बाद मैने उनको मेरे हाथो से खाना खिलाया. ये ऐसा समय था की मुझे मम्मी से बदला लेने से पहले मुझे घर की इज़्ज़त और दौलत दोनो को बचना था. मैं मम्मी के कंधे पर हाथ रख कर उनको मेरे बेडरूम में लेकर गया, और उनको बेड पर बिताया. उसके बाद मैं उनके पैरों में बैठ गया.

मैं: अब बताओ मम्मी क्या बात है?

मम्मी ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी. उनके नाक से भी पानी निकल रहा था. मैं उनको शांत करने के लिए उनके पास बैठ गया. मैने उनके कंधे पर हाथ रखा, और उनकी पीठ को सहला रहा था. मम्मी ने मुझे टाइट हग कर लिया, और रोते हुए बोली-

मम्मी: मुझे माफ़ कर देना बेटा. मैने तुम्हारे साथ बहुत ग़लत व्यवहार किया है. तुमने मुझे हर बात पर सपोर्ट दिया, फिर भी मैं तुझे इग्नोर करके ग़लत रास्ते पर चलने लगी. आज मेरी यहीं हरकतें मुझे इतनी बुरी पद रही है.

मैं: मम्मी जो हुआ है मुझे खुल कर बताओ.

मैं सब कुछ जानता था, पर मैं अंजान बना रहा, क्यूंकी मुझे ये पता करना था की मम्मी मुझे क्या कहानी सुना कर अपनी परेशानी बता रही थी. और मैने वनिता आंटी से प्रॉमिस लिया था, की वो कभी मम्मी से ये बात को शेर ना करे की मैं पहले से मम्मी के सारे कांड जानता था.

मम्मी उस दिन एक भी बात झूठ नही बोली. यहाँ मेरा उनके लिए बदला पूरा हो गया था. क्यूंकी वो अब मान चुकी थी की मैं ही एक इंसान हू जो उनको मुसीबत में काम आ सकता था. मेरा गुस्सा शांत हो गया था, पर मुझे मम्मी को जताने के लिए ऐसा रिक्ट करना पड़ा की मैं उनसे बहुत नाराज़ था.

मैं: मम्मी मेरी क्या ग़लती थी की आपको मेरी पीठ के पीछे ये सब करना पड़ा? मैने आपको किस चीज़ के लिए रोका था? आपको कभी क्या करने से टोका था? मैने आपकी खुशी के लिए दूसरे मर्दों से सेक्स करने में सपोर्ट किया. आपको ये सब करना था, तो मुझे बोला होता.

मम्मी: मुझे माफ़ कर देना बेटा. मैं तेरे साथ तोड़ा इनसेक्यूवर फील कर रही थी. मुझे ये लग रहा था की मेरी आज़ादी चली गयी है. मैं तुझसे खुल कर मेरी फॅंटेसी बता नही सकती थी.

मैं: मैं समझ रहा हू आप ने जो किया वो अंजाने में हुई ग़लती थी. लेकिन आपके साथ इतना सब कुछ हो गया, आपने मुझे बताया भी नही.

मम्मी: बेटा मैं तुझे किस मूह से बताती? ये सब मेरी ग़लती का नतीजा है. (मुझे कस्स कर गले लगा कर) बेटा प्लीज़ मुझे इस मुसीबत से बचा ले, ई लोवे योउ.

मम्मी ने मेरे लिप्स पर लिप्स रख दिए. मैने उनको धक्का मारा और बोला: मम्मी प्लीज़, ये सब ड्रामा रहने दो. मेरे और आपके दूसरे यारों में बहुत अंतर है. आप ये ना समझो की आप मेरे साथ ये सब करके मुझे अपनी बातों में फ़ससा लोगे (मम्मी ने अपनी नज़रें झुका ली. उनको मैने रीयलाइज़ करवा दिया की अब मुझे उनमे सेक्षुयल कोई इंटेरेस्ट नही था).

मैं: लेकिन मैं आपकी हेल्प करूँगा. इसलिए नही की मुझे आपके साथ फिर से सेक्स करना है. पर इसलिए की आप हमारे घर की इज़्ज़त हो, और मुझे पापा की रेप्युटेशन का ख़याल रखना है. पापा ये बात से नही पाएँगे. ये सब मैं उनके लिए करूँगा.

मम्मी: ई आम सॉरी. आयेज से ऐसी ग़लती नही होगी. मुझे बहुत चिंता हो रही है. बेटा मैं क्या करू अब?

मैं: मम्मी अब आप बेफिकर हो जाओ. मैं 24 घंटे में अंकित को उसकी औकात दिखा दूँगा.

उसके बाद मैं ऑफीस के लिए निकल गया. दूसरे दिन अंकित का मम्मी को कॉल आया. और उन दोनो में क्या बात हुई मैं आपको बताता हू.

मम्मी: हेलो, बोलो अंकित.

अंकित (रोते हुए): आंटी मेरे से बहुत बड़ी ग़लती हो गयी है. आज के बाद कभी आपको ब्लॅकमेल नही करूँगा (मम्मी शॉक हो गयी की अचानक क्या हो गया!)

अंकित: आंटी प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो. मुझे नही पता था की आपके साथ ऐसा करना मेरे लिए इतना भारी पड़ेगा. आंटी मैने आपसे आज तक जीतने पैसे लिए है सब तोड़ा-तोड़ा करके वापस कर दूँगा. प्लीज़ मुझे बचा लो.

मम्मी: अर्रे पहले बताओ तो सही हुआ क्या है?

अंकित: मुझे नही पता था आप इतना ख़तरनाक बॅकग्राउंड रखते हो. सॉरी मैने आज तक आपसे जो भी मिस बिहेव किया उसके लिए सॉरी बोलता हू. प्लीज़ आप मुझे बचा लो. नही तो मेरी लाइफ बर्बाद हो जाएगी.

मम्मी (शॉक्ड): लेकिन हुआ क्या है ये तो बताओ? मैने क्या किया?

अंकित: मुझे नही पता था आंटी मैने जो आपके साथ किया, इससे भी बुरा मेरे साथ होगा. आंटी प्लीस आपके आयेज हाथ जोड़ रहा हू. प्लीज़ उनको रोक दीजिए, मैं आप जो बोलॉगे सब करने को रेडी हू (वो और ज़ोर-ज़ोर से रोने लगा).

मम्मी: किसको रोकना है? और तुम पहले रोना बंद करो, और मुझे शांति से बताओ क्या हुआ है?

अंकित: मैने जो किया है वो किसी को बताने लायक नही है. और वो बात बाहर किसी को पता चली तो मेरा और मेरे घर वालो का जीना मुश्किल हो जाएगा. आंटी मैं आपसे माफी माँग रहा हू.

मम्मी आयेज कुछ बोलती उससे पहले अंकित ने फोन कट कर दिया. उसके बाद मम्मी ने मुझे कॉल किया.

मम्मी: अभी मुझे अंकित का कॉल आया था. वो रोते हुए बात कर रहा था. क्या किया तुमने उसके साथ?

मैं: तो आपको अंकित का कॉल आ गया. अछा है, छूतिए ने आपसे माफी माँगी होगी?

मम्मी: ये सब तुम इतना कॉन्फिडेन्स से कैसे बता रहे हो? ऐसा क्या किया तुमने उसके साथ?

मैं: आज उसकी सारी हेकड़ी निकल गयी है. बहुत हवा में उडद रहा था ना, आज उसके सारे पंख काट दिए. अब वो आपको कभी परेशन नही करेगा.

मम्मी: अभी मुझे बहुत दर्र लग रहा है.

मैं: अब किस बात का दर्र?

मम्मी: कहीं तुमने उसके साथ कुछ उल्टा-सुलटा तो नही किया ना?

मैं: आपको क्या लग रहा है? वो सीधी तरह मेरी बात मानता?

मम्मी: बहुत हरामी है कमीना. मेरी तो नाक में दूं करके रखा था. लेकिन तुमने ऐसा क्या किया, की उसकी इतनी खराब हालत हो गयी?

मैं: आप बस आपका काम होने से मतलब रखो. ये सब आपको जानने की ज़रूरत नही है. और कुछ बोला वो?

मम्मी: मैं उसको कुछ कहती उससे पहले उसने कॉल काट दिया.

मैं: सेयेल की गंद फटत गयी है. तो वो कैसे बात करेगा.

मम्मी: मुझे दर्र है की कहीं वो दर के मारे मेरे न्यूड्स को विराल ना कर दे.

मैं: वो ग़लती से भी ये करने की सोचेगा नही. क्यूंकी अब मेरे पास उसका ऐसा चीज़ है की वो अब हमारे नीचे आ गया है.

मम्मी: मुझे तुम प्लीज़ बताओ की हुआ क्या है? ना तुम बता रहे हो, ना ही मुझे अंकित बता रहा है.

मैं: अब आप भूल जाओ उस छूतिए को. और आज के बाद कभी ऐसा काम नही करना.

मम्मी: बेटा आज के बाद मैं ग़लती से भी ऐसी ग़लती नही करूँगी. मुझे माफ़ कर देना बेटा. और थॅंक योउ बेटा. ई लोवे योउ.

मैने उनके ई लोवे योउ का जवाब नही दिया, और कॉल काट दिया. उसके बाद मैने मम्मी को 1.4 लाख दिए, जो मैने अंकित से वसूल किए थे. मैने उनसे कहा की आप गोल्ड का चैन और रंजीत अंकल का पैसा वापस कर दो. मम्मी ने तुरंत ही गोल्ड का चैन च्छुदा लिया, और मैने रंजीत अंकल के बॅंक अकाउंट में पैसा ट्रान्स्फर कर दिया.

मम्मी ने अंकित को वैसे तो और भी बहुत पैसा दिया था, पर वो धीरे वापस करने वाला था. मैने उसको कहा था की तू सही तरीके से पैसा लेकर आना, अगर ग़लत रास्ते पर चल कर या किसी को झूठ बोल कर, ब्लॅकमेल करके पैसा लाया, तो तेरी मा बेहन एक कर दूँगा.

आप सब भी सोच रहे होंगे की ऐसा तो मैने क्या कर दिया की अंकित एक ही दिन में लाइन पर आ गया. दोस्तों ये एक दिन में नही हुआ था. मैने बहुत दिन से उसकी हालत खराब करके रखी थी, पर मुझे मम्मी का वेट था. मैने सोचा था जब तक मम्मी मुझसे माफी नही मांगती, तब तक उनकी हेल्प नही करूँगा. अब मैने ऐसा क्या किया, वो जानने के लिए नेक्स्ट पार्ट का इंतेज़ार करे.

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