मैने और बहन ने मों का थ्रीसम देखा

नमस्ते दोस्तों, मेरी आगे 20 है, नामे राहुल है. ई आम फ्रॉम उप. मेरे घर पर मों रूपाल बहुत खूबसूरत है. उनकी उमर 44 है, फिगर साइज़ 40-36-42 है. छ्होटी बेहन दुर्गा आगे 19, अभी बूब्स और गांद नॉर्मल है, ज़्यादा भरे नही हुए. दाद यूके में जॉब करते है, आगे 50 है, 3 या 4 साल बाद आते है घर पर.

ये स्टोरी 2 वीक पहले की है, कैसे एक ही रात में हम तीनो मा, बेहन, और भाई के लाइफस्टाइल चेंज हो गये. मैं अपनी मों को बहुत शरीफ और संस्कारी समझता था. मों के बारे में मैं ऐसी कोई सोच नही रखता था.

मैं अपनी बेहन दुर्गा के साथ बहुत ओपन-माइंडेड हू. हम आपस में बहुत सारी बातें शेर कर लेते है. हम तीनो अलग-अलग रूम में सोते है. एक रात को हम दोनो भाई-बेहन बातें कर रहे थे लेट कर. हम एक-दूसरे को हग किए हुए थे.

मेरी बेहन बोली: भैया एक बात बोलू, गुस्सा तो नही करोगे?

मैने: कैसा गुस्सा बेहन?

दुर्गा: नही पहले प्रॉमिस करो.

मे: ठीक है बाबा, प्रॉमिस.

(हम दोनो में कभी सेक्स नही हुआ था. हम बेस्ट फ्रेंड्स थे. दोनो एक-दूसरे से अपने गफ़ और ब्फ की बातें शेर कर लेते थे. मेरी सिस का ब्फ है, लेकिन सिस ने अभी ब्फ का लंड अपनी छूट में नही लिया था, बस मूह में लेती थी. ये सब बेहन ने मुझे बताया हुआ था)

दुर्गा: कल रात 2 बजे मैने मों के रूम में 2 अंकल्स को देखा.

मे: क्या!

दुर्गा: हा भैया, वो मों को बहुत प्यार कर रहे थे.

मे: नही, ऐसा नही हो सकता. तुम झूठ बोल रही हो.

दुर्गा: ठीक है, आज रात वो फिर आएँगे. मैने मों को फोन पर बात करते हुए सुना है.

मे: ठीक है, मुझे बताना फिर जब वो आए.

फिर दुर्गा अपने रूम में चली गयी. मुझे ये सुन कर नींद नही आ रही थी. मैं मों को बहुत संस्कारी समझता था.

फिर मैं सोने का ड्रामा लग गया. कुछ टाइम बाद मों रूम में आई, और मुझे हिला कर चेक किया. मैने कोई भी रेस्पॉन्स नही दिया. फिर 1 अवर बाद दुर्गा का मेसेज आया-

दुर्गा: जल्दी से मों के रूम के पास आओ. लेकिन आराम-आराम से आना, कोई भी आवाज़ नही करना.

मैने वैसा ही किया. मैं जब मों के रूम के पास गया, तो बेहन विंडो से अंदर देख रही थी. उसने अपनी छूट पर हाथ रखा हुआ था. मुझे देख कर उसने इशारा किया-

दुर्गा: देखो क्या हो रहा अंदर.

मैने जब देखा, मेरा लंड टाइट हो गया. मेरी मों हाफ नंगी थी, मतलब उपर से पूरी नंगी थी. मों के मोटे-मोटे बूब्स आज़ाद थे. वाहा पर 2 अंकल थे जिनको मैं जानता था. एक सलमान अंकल आगे 40+ होगी, और लंड 11 इंच था. दूसरे अफ़ज़ल अंकल थे. वो दोनो की शॉप है मार्केट में. मैं मों के साथ काई बार शॉपिंग करने गया था उनकी शॉप्स पर.

मों नीचे बैठी थी, और वो दोनो खड़े थे. एक लंड मों ने हाथ में पकड़ा हुआ था, और एक लंड किसी चुड़क्कड़ रंडी की तरह मूह में ले कर चूस रही थी. फिर दूसरा लंड मूह में लेकर चूस रही थी. मैं वही पर अपने लंड पर हाथ मारने लग गया. मुझे अपनी मा का ये रूप बहुत ज़्यादा पसंद आ रहा था.

फिर मैने अपने साथ खड़ी बेहन की गांद पर हाथ रख दिया, और उसकी गांद पर हाथ फेरने लग गया. मैने कुछ टाइम बाद अपनी बेहन को पीछे से हग कर लिया, और उसकी गांद पर अपना लंड रगड़ने लगा. मेरी बेहन भी कुछ नही बोल रही थी. वो भी पूरी गरम हो गयी थी.

उधर मों भी पूरी नंगी हो गयी थी, और मुझे मों की वाइट छूट पर काला मोटा लंड देख कर बहुत मज़ा आ रहा था. इधर मेरा पानी निकल गया. सलमान अंकल ने मों की टांगे उठाई, और मों की छूट में लंड डाल दिया. और अफ़ज़ल अंकल ने मों के मूह में लंड डाल दिया.

मों: आह आ आह फक मे उफ़फ्फ़. बहुत मज़ा आ रहा है. फाड़ दो आज मेरी छूट को. भोंसड़ा बना दो आज इसका. बहुत तंग करती है ये.

अंकल: रंडी कुटिया, आज इस छूट की गुफा बना दूँगा छोड़-छोड़ के. तुझे अपने लंड के रंडी बना कर रखूँगा मदारचोड़, बहनचोड़, हरंखोर, हरमज़ड़ी.

मों: उफ़फ्फ़ आ आ, हा ज़ोर से करो. ऐसे ही करो आ. जब तुम लोग गालियाँ दे कर छोड़ते हो, तब मैं और गरम हो जाती हू मेरी राजा.

अंकल ज़ोर-ज़ोर से झटके मार रहे थे.

वो बोले: क्यूंकी तू है ही रंडी.

फिर अफ़ज़ल अंकल ने लंड डाल दिया मों की छूट में. उसके बाद उसने 29 मिनिट तक मों को छोड़ा. अब मेरा फिर खड़ा हो गया. मैने बेहन को नीचे बिता कर अपना लंड बेहन के मूह में डाल दिया. मेरी बेहन मेरा लंड बहुत आचे से चूस रही थी. मैं अपनी बेहन के मूह में ही फारिघ् हो गया.

अब मों ने एक लंड छूट में लिया, और एक गांद में. वो दोनो बहुत स्पीड से मा की मोटी गांद छोड़ रहे थे. मा को भी बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था. वो बार-बार यही बोल रही थी-

मा: उफफफफ्फ़, बहुत मज़ा देते हो तुम दोनो मुझे आ. मुझे और भी लंड चाहिए. मेरा गंगबांग कारवओ. मैं सारी उमर तुम दोनो की गुलाम बन कर रहूंगी. तुम जो बोलॉगे वही करूँगी.

मेरी मा चुदाई के पुर नशे में थी. जो खुशी पापा नही दे रहे थे, वही खुशी मा दूसरे मर्दों के लंड से ले रही थी. फिर दोनो ने 30 मिनिट तक मा को छोड़ा, और फिर मा के मूह पर पानी निकाला. मेरी मा सारा लंड का पानी पी गयी, और इधर मेरी बेहन ने भी मेरे लंड का पानी पी लिया था. मों बहुत ज़्यादा तक गयी थी.

नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा कैसे मैने बेहन की सील ओपन की, और फिर मा को भी छोड़ा.

दोस्तों अगर आपको मेरी कहानी पसंद आई हो, तो रूपलत्द95@गमाल.कॉम पर फीडबॅक लाज़मी देना. इस कहानी को आप अपने फ्रेंड्स के साथ भी शेर ज़रूर करना, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसका मज़ा ले पाए. कहानी पढ़ने के लिए आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद. थॅंक योउ.

यह कहानी भी पड़े  टापू सेना इन लॉकडाउन


error: Content is protected !!