मौसेरी बहन सविता की चुदाई

वो मेरे लण्ड को सहलाते हुए बोली- मुझे कभी भूल तो नहीं जाओगे पुनीत।

मैंने कहा- नहीं जान, मैं तो तुम्हारी शादी होने के बाद भी तुम्हें चोदना चहता हूं।

बहुत देर तक ऐसे ही एक दूसरे हो चूमते और सहलाते और बातें करते हुए ही लेटे रहे। फ़िर सविता बोली- चलो, अब ऊपर कमरे में चलते हैं, नहीं तो मम्मी पापा शक करेंगे।

उसे क्या पता था कि उसको चोदने का प्रोग्राम उसकी मम्मी ने ही बनाया है। मैं मन ही मन मौसी को धन्यवाद कर रहा था।

तो दोस्तो, यह थी मेरी दूसरी कहानी। मुझे आपके कई ई-मेल मिले, इसके लिये बहुत बहुत धन्यवाद। अगली कहानी में मैं बताऊंगा कि मैंने कैसे निशा को चोदा।

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