बहन की सहेली को बहन की मदद से चोदा

हैल्लो दोस्तों, में सूरज एक बार फिर से आप सभी के सामने अपना एक और सच्चा सेक्स अनुभव लेकर आया हूँ। दोस्तों मेरी बड़ी बहन सोनिया की गोरी गोरी गांड और एकदम गुलाबी चूत है, जिसको देखकर में उसका नौकर बन गया और चुदाई के मज़े लेने लगा और हम उस दिन से आज तक रोज़ सेक्स करते है और हमे जब भी मौका मिलता तो हम अपने जिस्म की आग को बुझाने लगते है। मैंने उसकी चूत के बहुत मज़े लिए और बहुत जमकर हर तरह से सेक्स किया और आज में आप सभी को अपनी एक और नई सेक्स घटना सुनाने जा रहा हूँ जिसमें मैंने अपनी बहन की एक सहेली को अपनी बहन की मदद से चोदा।

दोस्तों यह बात आज से दो महीने पहले की है जब में उस दिन अपने कॉलेज से घर आया तो मैंने देखा कि माँ खाना बना रही थी और मेरी दीदी सोनिया टी.वी. देख रही थी और पापा अपने टूर पर चले गये थे। अब मैंने सोचा कि मौका अच्छा है और में अपनी बहन के पीछे जाकर उसको गाल पर किस करने लगा और फिर वो भी तुरंत पीछे मुड़ी और मेरा सर पकड़कर मेरे होंठ चूसने लगी और अब हम एक दूसरे में इतने खो गये कि हमे पता भी नहीं चला कि कब माँ पीछे आ गई। अब माँ ने बहुत गुस्से से पूछा कि तुम दोनों यह क्या कर रहे हो? और फिर हम दोनों जल्दी से अलग हो गये।

सोनिया : वो माँ में में ( वो ठीक तरह से बोल भी नहीं पा रही थी। )
में : वो माँ मेरे होंठ के नीचे चोट लगी थी और खून भी निकल रहा था तो दीदी वो देख रही थी।
माँ : ओह अच्छा दिखाना मुझे भी, ज़्यादा तो नहीं लगा ना। मैंने तुझे कितनी बार बोला है कि तू ज्यादा शरारत मत किया कर।
अब माँ इतना कहकर बड़बड़ाते हुए वहां से चली गई, दीदी और में ज़ोर ज़ोर से हंसने लगे।
सोनिया : ओह आज तो हम बाल बाल बच गए।
में : हाँ एकदम सही कहा मेरी प्यारी बहन।
और वो फिर शरमा गई। फिर कुछ देर बाद वो अपने कामों में लग गई और दूसरे दिन जब में सोकर उठा तो उस दिन रविवार का दिन था और मैंने देखा कि दीदी अभी भी सो रही थी तो में उठा और अब मुझे एक शरारत सूझी तो में अब दीदी के बड़े बड़े बूब्स को उनकी मेक्सी के ऊपर से ही चूसने लगा और काटने लगा और दीदी मुस्कुराने लगी और फिर वो उठकर मुझसे बोली..
सोनिया : शैतान में तो सोने का नाटक कर रही थी, क्योंकि मुझे पता था तू ज़रूर कुछ ना कुछ ऐसा मेरे साथ करेगा।
फिर वो हंसने लगी। मैंने भी हंसते हुए दीदी की गांड को दबा दिया और वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी आईईई।
माँ : क्या हुआ?
में : कुछ नहीं माँ दीदी को हल्की सी बेड से चोट लगी है।

फिर माँ ने कहा कि उसको नीचे भेज दे मुझे उससे कुछ जरूरी काम है और फिर दीदी मुझे ठेंगा दिखाकर नीचे भाग गई। दोपहर के दो बज रहे थे और उस समय तक हम सब खाना खा चुके थे और तभी माँ ने कहा कि चलो बेटा अब में चलती हूँ, मुझे एक किटी पार्टी में जाना है और वहाँ पर गली की सभी औरतें आ रही है और में शाम को 7 बजे तक आ जाउंगी और फिर माँ कुछ देर में तैयार होकर मुझसे दरवाजा बंद करने के लिए कहकर चली गई। अब मैंने दीदी की तरफ देखा और उन्हें इशारे से समझाया तो उन्होंने कहा।
सोनिया : हाँ हाँ आज पक्का करेंगे और उन्होंने मेरी तरह आँख मार दी।

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फिर में तुरंत उठकर खड़ा हुआ और दीदी के पास चला गया और अब मैंने दीदी को जल्दी से पूरा नंगा कर दिया और अब हम दोनों हॉल में ही सेक्स कर रहे थे और में उस समय उस चुदाई के चक्कर में दरवाज़ा बंद करना भूल गया था। फिर मैंने दीदी के मुहं में अपना लंड दे दिया था और वो उसे पूरा अंदर बाहर करके लोलीपोप की तरह मज़े ले लेकर प्यार से चूस रही थी, लेकिन तभी अचानक से दीदी की एक दोस्त जिसका नाम सोनिया था वो कमरे में आ गई और हमे पूरा नंगा होकर एक दूसरे से लिपटा हुआ देखकर वापस बाहर चली गई और अब अचानक से उनका मेरे लंड को चूसना रुक गया। फिर मैंने दीदी से कहा कि अब हम क्या करे उसने हमे यह सब करते हुए देख लिया है और वो अब बाहर किसी को बता देगी तो हमारी शामत आ जाएगी?

सोनिया : देख मेरे राजा भाई, तू टेंशन मत ले और में बाहर जाकर उससे बात कर लूँगी।
दोस्तों में उनकी यह बात सुनकर थोड़ा सा शांत हो गया, लेकिन अब भी में वो सब सोच रहा था, थोड़ी देर बाद मेरी बहन उसकी दोस्त सोनिया के घर पर उसे मानने चली गई। दोस्तों वो वहाँ पर गयी और उसने उसकी दोस्त को कैसे समझाया यह में आपको भी बताता हूँ और जो मेरी बहन ने मुझे बाद में बताया था..
सोनिया : आंटी सोनिया घर पर है?
आंटी : हाँ बेटा वो अंदर अपने कमरे में टी.वी. देख रही है और तुम अंदर जाकर उससे मिल लो।
सोनिया : धन्यवाद आंटी।
सोनिया उस समय टी.वी. देख रही थी दीदी अंदर गई और उसे आवाज़ लगाई।
सोनिया : सोनिया।
सोनिया उठी और दीदी का हाथ पकड़कर उसको अंदर ले गयी और उसने कहा।
सोनिया : पागल क्यों तू अपने घर पर क्या कर रही थी उस लड़के के साथ और वो भी पूरी नंगी होकर?
सोनिया : अरे वो कोई और नहीं वो मेरा भाई था, क्या एक भाई बहन एक दूसरे को नंगा नहीं देख सकते? और क्या वो मज़े नहीं कर सकते? हाँ तेरा कोई भाई नहीं है ना, तू वो सब नहीं समझेगी?
सोनिया : अरे पागल वो तेरा भाई है और तू उसका वो (लंड) चूस रही थी, क्या तूने कभी सोचा भी है कि तू उसके साथ वो सब क्या कर रही थी और क्या तुझे बिल्कुल भी शर्म नहीं आती?
सोनिया : हाँ तो इसमें क्या गलत है वो मेरा भाई है कोई और तो नहीं? देख सोनिया हमारी उम्र में सबको अपनी अपनी सेक्स की प्यास बुझानी होती है और इस वजह से बहुत सारी नादान लड़कियाँ बाहर किसी से भी चुदवाकर अपनी इज्जत गँवा देती है, लेकिन अगर घर पर ही चुदाई के मज़े करे तो किसी को भी शक नहीं होगा और अपनी इज्जत भी बची रहेगी।
सोनिया ( अपना मुहं खोलकर अपने मुहं पर हाथ रखते हुए ) : तू यह क्या बोल रही है और यह कैसे गंदे गंदे शब्द काम में ले रही है?
सोनिया : चल उस बात को जाने दे और तू मेरे एक सवाल का सच सच जवाब दे क्या तुझे अपनी चूत में कभी गरमी और खुजली महसूस हुई है?
सोनिया : हाँ लेकिन में कभी कभी उंगली से काम चलाती हूँ वो बिल्कुल शरमाते हुए बोली।
सोनिया : लेकिन जो मज़ा एक बार लंड लेने में है वो उंगली करने में नहीं है और तू सोच कि तुझे भी कोई चोद रहा है तुझे कैसा लगेगा?
सोनिया : अब अपना हाथ अपनी चूत पर ले जाकर शरमाते हुए बोली हाँ बहुत अच्छा लगेगा, लेकिन यह सब कैसे मुमकिन हो सकता है?
दोस्तों दीदी ने अब देख लिया था कि उसका हाथ अब अपनी चूत पर जा चुका है और वो अब धीरे धीरे उनकी बातें सुन सुनकर गरम हो गई है और उसके चेहरे पर एक अजीब सी चमक आ गई थी।
सोनिया : सोच कोई तुझे, कोई क्या मेरा भाई तुझे अपने 6 इंच के लंड से चोद रहा है कैसा लगेगा?
सोनिया : यार प्लीज अब बस कर मेरे नीचे गीला हो रहा है।
सोनिया अपना एक हाथ सोनिया के बूब्स के ऊपर रखकर बोली कि सोच मेरा भाई तुझे ज़ोर ज़ोर से चोदते हुए अपने गरम मुहं से तेरे बूब्स चबा रहा है तो बता यह अनुभव कैसा रहेगा?
अब दीदी ने उसे जोश में लाने के लिए होंठो पर किस करना शुरू कर दिया और वो दोनों अब मस्त होकर चुदाई के बारे में सोच रहे थे और किस भी कर रहे थे और एक दूसरे के बूब्स भी दबा रहे थे। दोस्तों सोनिया बहुत ही बड़े आकार के बूब्स वाली है और उसके बूब्स मुलायम, लेकिन निप्पल एकदम कड़क है और वो बिल्कुल एक फिल्म हिरोइन जैसे है और थोड़ी अमृता राव की तरह दिखती है। अब वो दोनों एक दूसरे की चूत पर कपड़ो के ऊपर से ही हाथ चलाने लगे और करीब 5 मिनट बाद वो दोनों ही झड़ गये और अब सोनिया को अपनी पेंटी में थोड़ा सा गीला महसूस होने लगा। फिर दीदी ने उसे समझाया कि जब हम झड़ते है तो ऐसा ही होता है।
सोनिया : अच्छा तू सच सच यह बता कि तुझे मज़ा आया या नहीं?
सोनिया : हाँ मुझे बहुत मज़ा आया और में अंदर ही अंदर बहुत अच्छा महसूस कर रही हूँ।
सोनिया : अब तू थोड़ा सा सोच अगर मेरे हाथ की जगह तेरी चूत में मेरे भाई का मोटा, लम्बा लंड होता तो जो लगातार अंदर बाहर होकर तेरी चूत की खुजली मिटाता तो तुझे कितना मज़ा आता?
सोनिया : हाँ मुझे बहुत मज़ा आएगा, लेकिन में उससे अपनी चुदाई नहीं करवाउंगी, बस तेरे भाई का लंड चूस लूंगी और वो मेरी चूत चूसेगा क्यों मंज़ूर है?
सोनिया : हाँ ठीक है कल सुबह हमारे घर पर कोई नहीं रहेगा, क्योंकि मेरे मम्मी, पापा मेरे किसी दूर के रिश्तेदार की शादी में पूरे एक सप्ताह के लिए बाहर जा रहे है, में और भाई कल अपने अपने कॉलेज से छुट्टी ले लेंगे और तू भी छुट्टी लेकर कल ठीक 12 बजे मेरे घर पर आ जाना, क्योंकि 11 बजे ट्रेन निकल जाएगी और उसके साथ साथ हमारे मम्मी पापा भी क्यों ठीक है?
सोनिया : हाँ ठीक है।
दोस्तों अगले दिन मम्मी, पापा को छोड़ने में और दीदी स्टेशन चले गये और जल्दी 11:30 बजे तक वापस भी आ गये और जब हम घर पर पहुँचे तो देखा कि सोनिया वहीं पर दीदी का इंतज़ार कर रही थी और में ताला खोलकर सीधे घर में चला गया और दीदी उससे बात करने लगी तो वो दीदी से बोल रही थी यार मुझे बहुत डर लग रहा है अगर किसी को पता लग गया तो?
सोनिया : नहीं पता चलेगा, तू अभी अंदर चल।
सोनिया : हाँ ठीक है चल।

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