बहन से खड़े लंड को शांत करवाने की कहानी

हेलो दोस्तों, आशा करता हू की आप लोग सब आचे होंगे. मेरी पिछली स्टोरी आप सभी को बहुत पसंद आई थी. इसी बात पे मैं और एक स्टोरी लेकर हाज़िर हू.

इस स्टोरी में आप पढ़ेंगे, की कैसे मैने मेरी मौसी की लड़की जो मुझसे 5 साल बड़ी है, उसको छोड़ा, और खूब मज़ा किया. तो ज़्यादा टाइम ना खराब करते हुए स्टोरी पे आता हू.

तो आप लोगों को तो पता ही है, की मैं चंडीगार्ह में रहता हू. मेरी फॅमिली में मेरी मा, पापा, और मैं रहता हू. मेरी कोई सग़ी बेहन नही है. लेकिन कज़िन सिस्टर है वो भी 4. और उन बहनो का कोई सागा भाई नही है. इसलिए सभी मुझे बहुत प्यार करती है. चारों बहने मेरे से बड़ी है.

उनमे से सबसे बड़ी है मोमी. आज की कहानी मोमी दीदी और मेरे बीच की है. मेरे बारे में तो आपको पता ही है. मेरी फिट बॉडी है, और 7 इंच का लंड है. अब मेरी दीदी के बारे में बता डू.

वो दिखने में थोड़ी चब्बी है. लेकिन बहुत सुंदर है. बूब्स बहुत बड़े-बड़े है, गोअंद भी फूली हुई है. एक-दूं विद्या बालन की तरह लगती है. तो या कहानी 5 साल पुरानी है, जब मैने 1स्ट्रीट एअर का एग्ज़ॅम दिया था, और मौसी का घर घूमने गया था नॉइदा में.

उस वक़्त मेरी आगे 18 थी, और मोमी दीदी की आगे 23 साल थी. वो उस वक़्त डिग्री 5त सें में थी.

तो जब मैं मौसी के घर गया, तो मौसी बहुत खुश थी, और दीदी भी. घर में सिर्फ़ मौसी और दीदी रहते थे. मौसा जी देल्ही में पवद डिपार्टमेंट में काम करते है, तो वो हफ्ते में 1 बार आते थे सॅटर्डे को, और मंडे सुबा चले जाते थे.

मुझे पहुँचते हुए शाम हो गयी थी. इसलिए मैं जाके पहले फ्रेश हुआ, और फिर मौसी जी ने डिन्नर लगा दिया, और हम खाना खा के सोने चले गये. मैं मोमी डिड के रूम में सोने गया आंड दीदी और मौसी एक साथ मौसी के रूम में चले गये.

अगला दिन सॅटर्डे था, तो मौसा जी शाम को घर आ गये. उन्होने मेरा हाल-चाल पूछा, और फिर हम खाना खाया. अब मौसा जी आ गये थे, इसलिया मौसी और मौसा जी एक साथ और मुझे मोमी दीदी का साथ सोना पड़ा. उनके घर पे सिर्फ़ 2 ही बेडरूम्स थे.

फिर मैं और मोमी दीदी एक साथ सोने गये. हुमको नींद नही आ रही थी, तो हम ऐसे ही इधर-उधर की बातें करने लगे. दीदी निघट्य पहने हुए थी. मैं भी टाइट बॉक्सर्स में था.

दीदी को देख कर मुझे एरेक्षन आने लगा. मेरी नज़र दीदी के बूब्स पर बार-बार जेया रही थी. दीदी भी समझ रही थी, तो उन्होने अचानक पूछा-

दीदी: शॉमे, तेरी कोई फीमेल दोस्त बनी है क्या?

मे: है, बहुत सारी है.

दीदी: ऐसे नही, मतलब कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या?

मे: नही दीदी, अभी बनी नही है. एक लड़की को पसंद करता हू सुरभि नाम की. लेकिन अभी तक कह नही पाया.

दीदी: दिखने में कैसी है वो?

मे: सुंदर है, और उसका फिगर बहुत हॉट है.

दीदी: ह्म इसलिए तो मुझे घूरा जेया रहा था.

तो मैं दर्र गया, और कुछ नही बोला. मैने उनसे नज़र चुरा ली, तो उन्होने बोला-

दीदी: दर्र मत, मैं समझती हू. इस आगे में ये सब ख़याल आते है. सो इट’स नॉर्मल.

तो मैने पूछा-

मे: आपका कोई बाय्फ्रेंड नही है क्या?

दीदी: तू क्यू जानना चाहता है?

मे: ऐसे ही दीदी, आपने पूछा था, इसलिए पूछा. आप बताना नही चाहती तो ठीक है.

दीदी: ह्म, है एक. लेकिन अभी बात बंद है. एक्षमा के बाद चालू होगी. अभी पढ़ाई में मॅन लगा रही हू.

तो मैने बोला: ठीक है दीदी.

अब हम सोना चाहते थे, तो दीदी मेरी तरफ पीठ करके सो गयी. लेकिन मेरा दीदी की गांद देख कर खड़ा हो गया था. क्या मस्त गांद लग थी दीदी की, मुझसे कंट्रोल नही हो रहा था.

तो मैं बॉक्सर के उपर से मेरे लंड को हिलने लगा दीदी की गांद देखता हुआ. अचानक दीदी मेरी तरफ मूडी, और मैने तुरंत बॉक्सर से हाथ हटा के आँखें बंद कर दी.

लगता है दीदी ने मेरे खड़े लंड को देख लिया था. तो वो मेरी तरफ मूह मोड़ के सो गयी. मेरी तो हालत खराब थी. मैं आखें खोल नही पा रहा था. लेकिन मेरा लंड पूरा खड़ा था.

मैने धीरे-धीरे आखें खोली तो देखा दीदी मेरी तरफ गुस्से से देख रही थी. तो मैं पूरा दर गया. फिर दीदी बोली-

दीदी: मैं जानती हू की तू क्या कर रहा था.

तो मैं फ़ौरन सॉरी बोला.

मे: सॉरी दीदी, आयेज से ऐसे कभी नही होगा. प्लीज़ मुझे माफ़ कर दीजिए, प्लीज़.

तो दीदी मुझे शांत करवा कर बोली-

दीदी: देख ऐसे ख़याल आना ग़लत नही है. लेकिन मैं तेरी बेहन हू.

तो मैने बोला-

मे: सॉरी दी, लेकिन मैं क्या करू? मुझसे कंट्रोल नही हो रहा है.

दीदी: एक काम कर, बातरूम में चला जेया, और मास्टरबेट करके आके सोजा.

मे: सोना तो आपके साथ ही पड़ेगा. तो फिर ये दोबारा खड़ा हो जाएगा.

फिर दीदी कुछ सोच कर बोली-

दीदी: एक काम करती हू. मैं तुझे हॅंजब देती हू. तब तुझे कोई प्राब्लम नही होगी ना?

मैं तोड़ा शॉक्ड हो गया, और बोला-

मे: सच में आप मुझे हॅंजब डोगी?

दीदी: देख मैं तेरी बेहन हू. मुझे या ना चाहते हुए भी करना पद रहा है. लेकिन ये सिर्फ़ एक बार के लिए है.

मे: ठीक है दी.

फिर दीदी बोली-

दीदी: अब निकाल इसको.

फिर मैने बॉक्सर से मेरा लंड बाहर निकाला, तो दीदी बोली: काफ़ी बड़ा है ये.

और फिर दीदी मेरे लंड को पकड़ कर धीरे-धीरे हिलने लगी. मैं दीदी के बूब्स की तरफ देख रहा था. दीदी उधर लंड को हिला रही थी, और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. इस वक़्त मानो मैं जन्नत में था.

ये मेरा पहला एक्सपीरियेन्स था. इससे पहले मैने किसी के साथ ऐसा नही किया था. फिर दीदी ने स्पीड बधाई, और ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगी. दीदी भी अब हॉर्नी फील कर रही थी. उनका फेस देख के ये समझ आ रहा था.

फिर मैने दीदी को बोला: मेरा निकालने वाला है.

तो वो और ज़ोर से हिलने लगी. और फिर मेरी धार निकल गयी, और सारा पानी दीदी के हाथ में गिर गया. फिर दीदी बातरूम में हाथ धो कर आई. मैना बोला-

मे: बहुत मज़ा आया दीदी. थॅंक योउ.

दीदी: ठीक है. अब सो जेया चुप-छाप.

फिर मैं भी बातरूम जाके आया, और सो गया.

बाकी की कहानी अगले पार्ट में. नेक्स्ट कहानी में और मज़ा आएगा.

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