बहन ने किया अपना एक रात का सौदा

हेलो दोस्तो जैसा आप सभी को पता है की मेी और मेरी बेहन कोमल हम दोनो देल्ही पेपर देने गये थे. और बस मेी कोमल दीदी के दो लड़के मज़े ले रहे थे. फिर मई भी उनके पास चला गया और उनसे बात करने लगा.

ही मेरा नाम रजत है और तुनहरा? ही मेरा नाम राकेश है और ये मेरा फ्रेंड सलीम है हम भी पेपर देने देल्ही ही जा रहे है.

राकेश : रजत तुम्हारा भी है क्या पेपर?

मेी : नही मेरा नही मेरी बेहन का है, मई तो इसके साथ आया हू.

राकेश : कोमल तुम्हारी कैसी है तैयारी पेपर तो अछा कर डोगी ना?

कोमल : नही मेरी इस बार कोई ख़ास तैयारी नही है.

राकेश : अछा चलो कोई नि हम है हम कुछ करते है आपका भी कुछ भला हो जाए और हमारा भी. क्यू सलीम भाई?

सलीम : हन भाई ठीक है.

तो वो मुझे कहने लगे की तुम कहा रुके हो? मैने बोला की हुमारे रिलेटिव है उनके यहा रुके है.

तो राकेश बोला : की सुनो हम तुम्हारी हेल्प कर सकते है.

फिर हम सब बस स्टॉप पे उतार गये. जब हम उतार रहे थे तो सलीम ने कोमल दीदी की मोटी गांद पे अपना खड़ा लवदा डाल रखा था. कोमल की गांद मेी लवदा तोड़ा अंदर घुसा हुआ था पलज़ू से.

हम उतार गये और राकेश ने कहा की हम सब मिलकर एक रूम बुक कर लेते है और रेंट भी हम ही दे देंगे. और तुम्हारी बेहन का पेपर सॉल्व करवाने की ज़िम्मेदारी भी हमारी ही है.

मैने कोमल दीदी से पूछा की ये ऐसे बोल रहे है. तो कोमल दीदी ने कहा की फिर पापा को फोन कर के बोल दो की कोमल दीदी की फ्रेंड है वो मिल गयी. और हम ज़्ब इकते ही एक रूम लेके रुके है.

मैने पापा को फोन किया और कह दिया की हम बहोट सारे हो गये है और एक ही रूम लेके रुक गये है. तो पापा ने कहा की चलो ठीक है अपना ख़याल रखना.

उसके बाद हम सब थोड़ी दूर पैदल चले. जब हम पैदल चल रहे थे तो कोमल दीदी की गांद क्या मटक रही थी. क्या बतौ बहोट मस्त लग रही थी. मेरा भी लवदा देख कर खड़ा हो रहा था.

मई ये भी सोच रहा था की आज रात कोमल दीदी की चुदाई ना हो जाए. क्यू की कोमल दीदी भी बहोट गरम हो गयी थी बस मेी. और कुछ गर्मी मेी उनको पूरा पसीना आ रहा था और फेस भी पूरा रेड हो गया था.

फिर हम एक हॉतले के पास आके रुक गये और हुँने 1 नही 2 रूम बुक किए. फिर मई और कोमल दीदी एक रूम मेी और सलीम और राकेश एक रूम मेी चले गये. कोमल दीदी फ्रेश होकर और अपने कपड़े चेंज कर के लोवर और टशहिर्त मेी आई जिसमे वो एक नंबर माल लग रही थी.

थोड़ी देर मेी सलीम और राकेश भी हमारे रूम मेी आ गये और खाने ल्गे की रजत आओ बैठो और सुनो-

राकेश : कोमल देखो हम तुम्हे पूरा सॉल्व्ड पेपर दे देंगे उसके बदले ह्यूम भी कुछ चाहिए.

कोमल दीदी : हन बोलो क्या चाहिए?

राकेश ने मेरी तरफ देखा तो दीदी ने बोला रजत की चिंता मत करो तुम बोलो क्या चाहिए…

राकेश : देखो रजत हम तुम्हारी बेहन को पूरा पेपर सॉल्व करवा देंगे. उसके बदले ह्यूम भी कुछ देना होगा तुम्हारी बेहन को.

राकेश : तुम्हे एक रात हमारे साथ सोना होगा.

कोमल दीदी : पागल हो क्या कैसी बात कर रहे हो, ये कभी नही हो सकता है!

मैने भी बोला की ये क्या बकवास कर रहे हो, मेरी बेहन कोई ऐसी वैसी लड़की नही है!

राकेश : हुमको टा है तुम्हारी बेहन ऐसी वैसी नही है. लेकिन ये जो पेपर है उसके बदले हम ने 4लाख₹ दिए है. अगर तुम्हे चाहिए तो बता देना हम अपने रूम मेी पेपर को रेडी कर रहे है. अगर तुम्हे च्चाईए तो आ जाना रूम मेी और कल के लिए फिर रेडी हो जाना.

वो इतना बोल के अपने रूम मेी चले गये, मई बोला-

मई : कोमल दीदी बोल दो ह्यूम नही चाहिए ऐसा पेपर जो होगा देख लेंगे इस बार नही तो अगली बार निकल जाएगा पेपर.

कोमल दीदी : हन वो तो ठीक है लेकिन भाई तू सुन ना, यहा हम दोनो ही है. सोच अगर ये पेपर निकल गया तो मेरी जॉब पक्की और तुझे तो टा है ना लोग पता नही क्या क्या करते है जॉब के लिए. तो क्या तू अपनी बेहन नही छुड़वा सकता मेरी जॉब के लिए..?

मई : दीदी लेकिन…

कोमल : लेकिन लेकिन छ्चोड़ अब मई उनसे बात करने जेया रही हू और मुझे ज़्ब मंजूर है. जो करना है कर लेना लेकिन मुझे पेपर दे दो.

कोमल और मई उनके रूम मेी गये और वो हम दोनो को देख कर बोले… आओ मेरी जान कोमल. कोमल दीदी थोड़ी स्माइल के साथ बोली-

कोमल : राकेश तुम्हे जो चाहिए मई दूँगी लेकिन मुझे ये पेपर दे दो और हन मेरी एक शर्त होगी.

सलीम : क्या शर्त है?

कोमल दीदी : अगर तुम्हारे दिए हुए पेपर से 90% आया तो फिर ही मई सब कुछ करने को रेडी होंगी वरना नही.

सलीम : ठीक है ह्यूम मंजूर है.

राकेश : लो मेरी जान कोमल ये पेपर लो और कल हम तुम्हारा एग्ज़ॅम लेंगे रात मेी.

फिर हम पेपर लेके रूम मेी आ गये. लेकिन उनकी बातो को सुन कर मेरा लवदा खड़ा हो गया था. मैने कोमल दीदी को बोला की दीदी कल तुम्हारी छूट की दज़िीया उड़ने वाली है. तूमे पता है ना मुस्लिम केसे छोड़ते है? और फिर तुम कल 3 लवदो को केसे लॉगी एक साथ..

कोमल दीदी : भाई तुम चिंता मत करो, तुम अपनी बेहन को हल्के मेी ले रहे हो क्या? सलीम का लवदा चाहे जितना भी बड़ा और मोटा हो मई उसे ले लूँगी.

मेी : दीदी मेरा खड़ा हो गया था..

कोमल : भाई तुम्हारा तो हर टाइम खड़ा ही रहता है.

मैने कोमल दीदी का लोवर उसकी गांद से नीचे किया. और उनकी छूट मेी पीछे से एक उंगली डाल कर आयेज पीछे करने लगा. जिससे से कोमल दीदी की छूट से पानी निकालने लगा और मई उसे चाटने लगा.

फिर मैने कोमल दीदी को सीधा लिटा दिया और उनके पेर उपर अपने कंधो पर र्ख के अपनी उंगली कोमल दीदी के मूह मेी दे कर उसपे थूक निकलावा दिया. और कुछ थूक अपने लवदे पे लगाया और कुछ कोमल की छूट पे.

फिर अपना लवदा र्ख के एक शॉट मारा और मेरा आड़ा लवदा कोमल दीदी की छूट मेी चला गया. कोमल उपर को जाने लगी. मैने उसे कस के पकड़ा और एक और ज़ोर से शॉट मारा और छोड़ने लगा. साथ ही मे उसके लिप्स चूसने लगा और बोलने लगा… साली कल से तो तेरी छूट मेी 3 लवदे जाएँगे…
ऑश भाई अहः कल तेरी बेहन एक साथ 3 लवदे लगी तेरे सामने ही श भाई.. छोड़ अपनी बेहन को भंकेलोदे… मार ज़ोर से ढके आहः ऑश.. एस कम ओं मेरे भाई मज़ा आ रहा है… हन दीदी ले कुटिया साली छीनाल ले और ले…

मई बहोट पूरा फास्ट छोड़ने लगा और पूरा बेड फॅक फहक कर के आवाज़ करने लगा. और पूरे रूम मेी ताप तप फेच की आवाज़ ही आ रही थी. मई कोमल दीदी को बुरी तरह से चोद रहा था.

हम दोनो पूरा पसीना पसीना हो गये थे. कोमल दीदी का निकालने वाला था तो वो ज़ोर से गलिया देने लगी.. छोड़ सेयेल कुत्ते भंकेलोदे छोड़ मेरे डल्ले… सेयेल कल तेरे सामने ही चुड़ुग्ी और उस मुल्ला सलीम का लवदा अपनी छूट मेी लूँगी.. सेयेल मार मेरी छूट को.. और तुझे भी उसका लवदा चूसौंगी भेंचोड़ अहहा… मेरे भाई छोड़ अपनी बेहन को आहह… मई गयी भाई…

और कोमल दीदी का पानी निकल गया और मैने कहा की मेरा भी निकाला वाला है. मई भी फुल स्पीड से छोड़ने लगा आअहह दीदी.. मेरी रंडी बेहन आहः ले कुटिया रंडी तेरी मा की छूट साली ले अया… आ गया ऑश दीदी आआहहा…. और मैने पूरा माल कोमल दीदी की छूट मेी ही निकल दिया. मेरा गरम गरम पानी कोमल दीदी की छूट से होता हुआ बाहर निकल रहा था और बेड पे भी गिर रहा था.

फिर मैने को पानी जो निकाला था उसे अपनी उंगली से उठाया. फिर कोमल दीदी के मूह मेी दिया चाटने की लिए. और फिर कोमल दीदी की छूट मेी उंगली डाल कर पानी से सन करके निकली और खुद चाटने लगा. फिर कोमल दीदी को किस करने लगा.

अब हम दोनो के मूह एक दूसरे के अपनी और थूक से साने हुए थे और हम किस कर के एक दूसरे से लिपट के सो गये.

तो दोस्तो ये तो थी रात की चुदाई. अब आयेज बतौँगा की पेपर मेी क्या हुआ और पेपर देने के बाद कोमल दीदी ने क्या किया. आप मुझे रिप्लाइ ज़रूर करना और मेरी बेहन जो मेरी स्टोरी पढ़ती है या मेरे से रॉल्प्ले सेक्शी बात करना चाहती है मुझे मेरी मैल ईद – पे म्स्ग कर सकती. और या फिर हणगौत्स पे म्स्ग कर सकती है. आगे भी आप मेरी स्टोरी देसी कहानी पे पढ़ते रहना.

यह कहानी भी पड़े  बेहन के साथ रात भर मस्ती

error: Content is protected !!