बहन ने चूसा भाई का लंड

दोस्तों अब इस सेक्स कहानी को आयेज बढ़ते है-

प्रिया’स पॉइंट ऑफ व्यू-

6 दिन पहले:

मंडे सुबह मैं उठी, देखा पापा सुबह ही काम से बाहर जेया चुके थे. फिर मैं नहा धो के रेडी हुई. पर मैं अपनी डर्टी अंडरवेर बातरूम में भूल गयी थी. मैं वो लेने के लिए बातरूम में गयी. मुझे लगा भाई सोया होगा. पर मैने देखा की बातरूम में मेरा भाई रोहन नहाने के लिए रेडी था. लेकिन उसके हाथ में मेरी डर्टी अंडरवेर थी.

दूसरे हाथ से वो अपना लंड हिला रहा था. ये मेरा फर्स्ट टाइम था की मैने किसी का लंड देखा था. एक-दूं पॉर्न में देखा था वैसा लंड था. मॅन में एग्ज़ाइट्मेंट के साथ साथ गिल्ट था, की मैं ये क्या कर रही थी? पर फिर याद आया मेरा भाई मेरी डर्टी पनटी के साथ क्या कर रहा था?

मैं वहाँ से किचन में आ गयी और ब्रेकफास्ट रेडी किया. ब्रेकफास्ट करने के बाद रोहन ने बोला की वो मुझे कॉलेज ड्रॉप कर देगा. रास्ते में ट्रॅफिक ज़्यादा होने की वजह से वो ब्रेक मारता तो मेरे बूब्स उसकी पीठ में टच होते.

मैं ये सब सोच के एग्ज़ाइटेड होती. मैं बचपन से ऑल-गर्ल्स स्कूल में पड़ी थी, और कॉलेज में बस पढ़ाई में ध्यान देती थी. तो मेरा अभी तक कोई बाय्फ्रेंड नही था. ऑल-गर्ल्स स्कूल में पढ़ी होने की वजह से मुझे कभी-कभी कुछ गर्ल्स से भी अट्रॅक्षन महसूस होता है.

मुझे कॉलेज ड्रॉप करके रोहन अपने कॉलेज चला गया. कॉलेज जाके पता चला की आज के सारे लेक्चर्स तो कॅन्सल हो चुके थे. तो मैं रिक्शा करके घर वापस आ गयी. घर आके देखा तो घर पहले से खुला था. मुझे लगा पापा कुछ काम से घर आए होंगे.

मैं फिर अपने रूम में गयी, कपड़े चेंज किए, और स्नॅक्स लेने के लिए किचन जाने लगी. तभी मैने देखा की लिविंग रूम में पापा और म्र्स. मिश्रा नंगे थे, वो कपड़े पहन रहे थे. फिर मेरी नज़र पापा के लंड पे गयी, वो मुरझाया हुआ था.

मैं सोचने लगी की आज हो क्या रहा था? पहले रोहन, फिर अब पापा. मैं रूम में चली गयी और उनके जाने का वेट करने लगी. जब मुझे कन्फर्म हुआ की वो लोग चले गये थे. फिर मैं किचन में गयी और स्नॅक्स लेने के लिए फ्रिड्ज ओपन किया. तभी ज़ोर से चिल्लाने की आवाज़ आई, एक बार के लिए तो मैं दर्र गयी थी. फिर नोटीस किया ये आवाज़ तो रोहन के रूम से आ रही थी.

रोहन के रूम का डोर बंद था पर कुण्डी नही लगी हुई थी. मैने अंदर देखा तो रोहन और सोनिया सेक्स कर रहे थे. मेरे अंदर पता नही क्या हुआ. मैं बिना सोचे समझे अपने कपड़े उतारने लगी और उस लिव सेक्स को एंजाय करने लगी.

अंदर रोहन और सोनिया पुर नंगे होके सेक्स कर रहे थे, और बाहर मैं नंगी होके उसका मज़ा ले रही थी. मेरा एक बूब मेरे मूह में और एक हाथ से मैं अपनी छूट में मज़े ले रही थी. मेरा भाई सोनिया को जाम के छोड़ रहा था.

उसकी मोनिंग की आवाज़ पुर रूम मैं गूँज रही थी. मुझे ये सब ग़लत लग रहा था, पर मज़े के आयेज रीज़निंग कहाँ काम आती है. फिंगरिंग करते करते मैं एक बार झाड़ चुकी थी. लेकिन वो दोनो अभी भी अंदर लगे हुए थे.

कुछ देर बाद अंदर का प्रोग्राम फिनिश हुआ और वो दोनो सो गये. फिर मेरे मॅन में ख़याल आया की क्यूँ ना इनको पास से देखा जाए. पकड़े जाने का दर्र था पर एग्ज़ाइट्मेंट उससे कही ज़्यादा थी.

मैं अंदर गयी, तो भाई का लंड नॉर्मल साइज़ में आ गया था, और उसका माल सोनिया की गांद में लगा था. क्यूरीयासिटी थी की एक मर्द का माल कैसा टेस्ट करता है. मैने वो माल सोनिया की गांद से तोड़ा छाता. उसका टेस्ट तोड़ा नमकीन टाइप का था.

फिर मैने रोहन का लंड छ्छू के देखा की माले पार्ट छ्छूने में कैसा होता है. मुझे लगा की ये उठ ना जाए, मैने लिविंग रूम से अपने कपड़े पकड़े, और अपने रूम मैं चली गयी.

ईव्निंग मैं उठी तो सोनिया जेया चुकी थी, और मेरा भाई अभी तक सो रहा था. फिर मैं अपना काम करने लगी, तभी भाई उठा. उसको पता नही था की मैं कॉलेज से पहले ही घर आ चुकी थी. मेरी हिम्मत नही हो रही थी उससे मैं अपनी नज़र मिलौ. मैने सोचा पापा म्र्स. मिश्रा के साथ और भाई सोनिया के साथ लगा था.

मंडे से थर्स्डे तक कुछ ख़ास हुआ नही. बातरूम का सिस्टम ऐसा था, रोहन मेरे नहाने के बाद बातरूम जाता था, और मेरी अंडरवेर की हेल्प से अपना लंड हिलता था, और मैं उसको देखती. मुझे एक टाइप की अडिक्षन सी हो गयी थी. मैं सुबह इस चीज़ का वेट करती.

फिर थर्स्डे को पापा ने रोहन को बोला की फ्राइडे के दिन नानी के घर जाए और सनडे तक मम्मी को ले आए. मैने सोचा की अब मैं घर में अकेले हो जौंगी, और बोर होगा.

तभी रिया दी, बंटी अंकल की बेटी, उनका मेसेज आया की वो आ रहे थे. तो मुझे बोला की फ्राइडे को शॉपिंग पर जाएँगे. थर्स्डे रात में मैं अपने रूम में सोई थी. रात में मौसम खराब था और बिजली कड़क रही थी. तभी अचानक 11 बजे के आस-पास लाइट चली गयी.

मुझे अंधेरे से दर्र लगता है, और मम्मी भी यहाँ नही थी. वो 15 मिनिट्स सोचने के बाद मैं रोहन के रूम में चली गयी. मैने एक निघट्य पहनी थी. वहाँ जाने मैं रोहन के बगल मैं सो गयी. फिर करीब 2 बजे के आस-पास एक ज़ोर की बिजली गिरने की आवाज़ आई, जिससे मेरी नींद टूट गयी.

मैने देखा मेरे बूब्स निघट्य से बाहर आ गये थे. मैं रोहन के उपर सोई थी. रोहन नींद में था और उसका लंड खड़ा था. मुझसे रहा नही गया, तो मैने उसके शॉर्ट्स नीचे किए, और उसका लंड हिलना शुरू किया. मुझे अछा लगने लगा तो मैने उसको मूह में लिया और चूसने लगी.

मैने पहली बार लंड मूह में लिया था, और मज़े आ रहे थे. फिर वो कुछ समय में वो झाड़ गया. मैने उसका माल स्वॉलो कर लिया.

मैने उसकी देखा तो वो सो रहा था. मुझे गिल्टी फील हुआ की मैने ये क्या किया करके, तो मैं अपने रूम में आ गयी. सुबह उठी तो रोहन नानी के घर जेया चुका था. मैने सोचा अछा हुआ, वरना मैं उसको फेस नही कर पाती. मैं फिर नहाने गयी. पापा ब्रेकफास्ट बना रहे थे. नहा के वापस आई तो पापा लिविंग रूम मैं थे, टीवी देख रहे थे. मैं एक टवल लपेटे थी.

पापा: बेटा नहा ली ना, अब साथ में ब्रेकफास्ट करते है.

मैं: ठीक है, मैं कपड़े पहन के आती हू.

तभी मेरा टवल निकल गया. मैं पापा के सामने नंगी थी. पापा मुझे देख रहे थे. फिर मैं नीचे हुई और टवल उठाया. पापा ने भी अपनी नज़र दूसरी साइड की.

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