बहन की चूत की प्यास बुझाई

चुदाई की कहानी अब आयेज-

मैं रोहिणी की देख-भाल, अपने ऑफीस और सिद्धि को पाने की प्लॅनिंग में इतना बिज़ी हो गया, की शिखा के पास जेया नही पा रहा था ऑलमोस्ट 2 मंत्स से.

एक रोज़ रोहिणी के फ्लॅट पर था. सुबह-सुबह उसका कॉल आ गया. रोहिणी ने कॉल पिक किया, लाउड स्पीकर ओं किया, और फिर मुझे दिया.

शिखा: हेलो भैया कैसे हो?

विवेक: मैं बढ़िया हू, तू बता इतनी सुबह-सुबह, सब ठीक?

शिखा: कहाँ सब ठीक भैया. ये बहनचोड़ छूट सोने नही दे रही है मुझे.

मैं और रोहिणी दोनो धीरे-धीरे हासणे लगे उसकी बात सुन कर.

विवेक: क्यूँ भाई, क्यूँ नही सोने दे रही छूट?

शिखा: बार-बार आपका लंड माँग रही है भैया. आप इतने टाइम से आ क्यूँ नही रहे भैया? कोई और छूट मिल गयी ना आपको वहाँ?

विवेक: अर्रे नही, ऐसा कुछ नही है. बस ऑफीस से वर्क लोड तोड़ा ज़्यादा है, तो उसी में उलझा हू यार.

शिखा: झूठ मत बोल बहनचोड़. कितना भी वर्कलोड होता है, तू अपने लंड लोड को खाली करने ज़रूर आता मेरे पास.

हम दोनो उसकी बात सुन कर पागलों की तरह हस्स रहे थे.

शिखा: हस्सो मत बहनचोड़. चुप-छाप टिकेट काराव, और आ जाओ आज रात भैया प्लीज़. वरना कल के कल नया लंड ढूँढ लूँगी. मुझसे नही बर्दाश्त हो रही अब छूट की खुजली भैया.

विवेक: ओक-ओक, आता हू बहना मेरी.

रोहिणी (हेस्ट हुए): जाओ भाई जाओ, बुझाओ उसकी छूट की आग, मिटाओ उसकी खुजली. उसे हमारे बारे में भी बता देना यार इस बार.

विवेक: हा, सोच तो रहा हू, पर पता नही कैसे रिक्ट करेगी साली? मैं उसको खोना नही चाहता. बहुत मस्त माल है साली. छोड़ने में बड़ा मज़ा देती है.

फिर रोहिणी ने ही मेरी शाम की टिकेट निकलवाई, और शाम को मैं निकला. फिर आस यूषुयल सुबह 4 बजे एंपी, फिर 30 मिन्स में उसके फ्लॅट पर.

शिखा: मुझे पता था बहनचोड़ आज आओगे आप. वरना किसी और को दे देती आज छूट अपनी.

विवेक: ऐसे कैसे किसी और को लेने देता मैं तेरी छूट. इस पर सिर्फ़ मेरा हक़ है. मैं ही मारूँगा इसे, या फिर किसी और से भी मैं ही मार्व्ौनगा अपने सामने.

शिखा: नही-नही भैया, मुझे किसी और को नही देनी. सिर्फ़ आप ही छोड़ोगे मुझे हमेशा, और कोई नही.

शिखा इतना बोली, और मुझे गले से लगा कर लिपट गयी बुरी तरह, जैसे कोई बहुत शिद्दत वाला प्रेमी अपने प्यार से मिला हो.

फिर हमने पहले तो एक रौंद चुदाई की 30-40 मिनिट की धमाकेदार. क्यूंकी दो महीने से शिखा चूड़ी नही थी, तो वो फुल जोश से भारी हुई थी, और ग़ज़ब सपोर्ट दिया उसने. जीतने ज़ोर के धक्के मारे, या जितना स्पीड में छोड़ा, सब में बस आहें भारी, रोक-टोक नही की.

फिर हमने नाहया और बाहर गये नाश्ता करने. वहीं से उसने वरुण को कॉल कर दिया.

शिखा: हेलो छक्के, आजा आज भैया आए है. क्या पता तेरी भी गांद खोल दे. नही कॉनडम्स है मेरे पास, तू सब छ्चोढ़ और जल्दी आजा.

हम रूम पर पहुँचे और दरवाज़ा ऐसे ही बंद कर दिया. लॉक नही किया, क्यूंकी वरुण आने वाला था. फिर हमने वहीं से किस्सिंग स्टार्ट कर दी, और एक-दूसरे को नंगा करना स्टार्ट कर दिया.

जोश से इतने भरे थे, की कपड़ों की बटन्स नही खुल रहे थे. तो हम फाड़ने लगे थे. ऐसा लग रहा था की बस हमे जल्दी नंगा हो कर एक-दूसरे में समा जाना था.

बेडरूम तक पहुँचे तो हम दोनो ने सारे कपड़े उतार फेंके थे. फिर शिखा को गोद में उठा कर बेड पर फेंका, और उछाल कर बेड पर गया, और शिखा के पैर पकड़ कर उसे अपने पास खींच कर उसकी छूट पर लंड टीकाया, और दे मारा ज़ोरदार धक्का.

शिखा: उ मा, फू फू फू सूखी है सूखी है भैया एम्म.

उसने हाथ बढ़ा कर ड्रॉयर से आयिल की बॉटल दी, और मैने लंड अंदर-बाहर करते-करते आयिल डाला. ऐसा लग रहा था जैसे बिके की पिस्टन पर आयिल डाल रहा था. फिर जब रास्ता बढ़िया चिकना हो गया, तो चुदाई ने रफ़्तार पकड़ ही लेनी थी. पूरा रूम फॅक-फॅक पाट-पाट से भर गया.

शिखा: ह्म आ मम्मी, एम्म छोड़-छोड़, एस भैया ज़ोर से हाए. और ताक़त लगाओ, फाड़ दो भैया आज पूरी उम्म मा रे.

मैं शिखा के बाल पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींच कर उसकी छूट की तरफ उसका सिर झुकता हू, और ज़ोर-ज़ोर से लंड पेल कर छूट फाड़ ठुकाई शुरू करता हू.

विवेक: देख बेहन की लोदी देख कैसे तेरी छूट अपने भैया का लंड खा रही है मदारचोड़. च्चिनाल रंडी, आहह आहह फक बहनचोड़, क्या मस्त माल है तू शिखा.

शिखा: हा माल तो मैं हू मस्त भैया. वरना इतने टाइम से छोड़ रहा है तू. अब तक तो बोर हो जाता, अगर तुझे मेरी छूट मारने में मज़ा ना आता तो.

विवेक: ये तो बात सही है मेरी रंडी. तेरी छूट जैसा मज़ा दूसरी किसी छूट में नही है.

शिखा: अब किसकी छूट और मिल गयी भाई?

विवेक: तेरी रोहिणी आंटी की.

शिखा: क्या बात कर रहा है बहनचोड़, नही सच्ची? तूने रोहिणी आंटी को पता लिया?

विवेक: मैने नही पटाया, तेरी मा ने रोहिणी की छूट परोस कर दी है मुझे.

और फिर मैने उसकी टाँगें अपने कंधो पर रखी, और झुक कर उसे पेल-पेल कर छोड़ने लगा. उसके बूब्स उपर-नीचे हिलने लगे, और वो भी मस्त चुदाई में खो गयी. बेड को पकड़ कर धक्को को बर्दाश्त करने लगी, और वो झड़ने के करीब थी तो बस वो एंजाय करने लगी हर धक्के को.

शिखा: आ आहह फुक्कक यॅ बहनचोड़ छोड़-छोड़ एम्म मैं झड़ी भैया मैं झड़ी मम्मी.

उसकी छूट से पानी निकल रहा था, और मैं धक्के पेलता रहा रुका नही. तो उसने मुझे पकड़ कर बेड पर गिराया, और खुद उपर आ गयी. फिर मेरे लंड पर सारा मूट गिरने लगी. झड़ने की वजह से उसकी छूट और टाँगें काँप रही थी.

शिखा: बहनचोड़ जानवर, आराम से झड़ने भी नही देते हो भैया.

5 मिनिट शांति से पड़े रहने के बाद उसने मुझसे सारा किस्सा सुना, कैसे मैने रोहिणी की छूट बजानी शुरू की, और जब उसे रोहिणी की प्रेग्नेन्सी की बात बताई तो वो शॉक्ड ही हो गयी.

शिखा: भैया बहुत हरामी हो यार. इतने सीक्रेट रख रखे है मुझसे भी. आपके सीक्रेट्स सुन कर बेहोश जौंगी मैं तो. मतलब रोहिणी आंटी का दूध पीने के लिए उन्हे प्रेग्नेंट ही कर डाला.

विवेक: अब तू रोहिणी आंटी मत बोल. अब तो तेरी सौतन है वो शिखा (और हम . . .).

. . . . . . . .. . . . . . . . . . . . . ..

.: . ., . . . . . दिया . . .. . ..

पता . . चला . . . . . और बेडरूम में घुस गया.

.: . मेरे बाग से . टॅब्लेट्स ले कर आ जल्दी.

शिखा: नही-नही, मत लाना वरुण. वरना ये दो-ढाई घंटो तक मेरे उपर चढ़ा रहेगा कुत्ता, और मेरी जान ले लेगा. भैया प्लीज़ ऐसे ही छोड़ो आप.

विवेक: पर तू तो कह रही थी की बहुत खुजली है तेरी छूट में.

शिखा: हा, तो आते ही छोड़ डाला. फिर अभी ये, और आयेज भी 3 रौंद तो मारोगे ही आप. इतना तो जानती हू आपको.

तो बस इतना बहुत है, और वैसे भी कल सनडे है तो आप रुक कर ही जाना. फिर बाकी कल छोड़ लेना, ओक ना भैया?

विवेक: वो तो सब करना ही है, पर आज कुछ अलग ट्राइ करने का सोचा है. वरुण तू जेया ना टॅब्लेट्स और पानी ला, फिर छोड़ते है इसको.

शिखा: छोड़ते है? और कों छोड़ेगा?

विवेक: इस कमरे में किस-किस के पास लंड है शिखा?

शिखा: आप के पास और्र्रर…

विवेक: हा, सही पकड़े है आप.

शिखा: मतलब अब ये गे मेरी चूत मारेगा? क्या बात कर रहे हो भैया आप! यार मुझे नही चूड़ना किसी और से आपके साइवा. मुझे शरम आती है किसी दूसरे को चूत देने में भैया.

विवेक: अर्रे यार, अब वरुण से क्या शरमाना? उसने तो सब देख लिया है, और उसे तेरे और तुझे उसका सब पता है.

शिखा: फिर भी भैया, नही मुझे नही लेना उसका लंड यार प्लीज़.

विवेक: मान जेया ना शिखा, प्लीज़ ना बच्चा. बहुत मॅन है मेरा तुझे सॅंडविच बनौ दो लंड के बीच.

शिखा: पर भैया.

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