बहन-भाई ने एक-दूसरे का पानी निकाला

दोस्तों उमीद है आपने मेरी सेक्स कहानी का पिछला पार्ट पढ़ लिया होगा. अब आयेज बढ़ते है-

मैं लिविंग रूम में गया तो वहाँ देखा की आयुषी के रूम की लाइट ओं थी, और एक विंडो थोड़ी खुली थी. मैने उसको आराम से तोड़ा खोला, और उसको ऐसे अटका दिया जिससे वो बंद ना हो जाए. फिर मैने जो अंदर देखा मेरे पैरों तले से ज़मीन ही खिसक गयी.

मैने देखा की आयुषी पूरी नंगी अपने बिस्तर में लेती थी. 30-30-32 का वो फिगर, और एक हाथ से अपनी छूट को मसलना. मेरा हाथ मेरी पंत के अंदर कब चला गया मुझे खुद अंदाज़ा नही आया. मॅन तो किया अभी ही छोड़ डू, पर मुझे स्लोली-स्लोली सब चीज़ें आयेज ले जानी थी. फिर उसने एक हाथ अपने बूब्स में रखा और एक उंगली अपनी छूट में डाल दी. अब वो हल्के-हल्के मोन करने लगी.

आयुषी: आहह उम्म एयेए.

उसको दर्र था की कोई उसकी आवाज़ सुन ना ले. अभी मामा-मामी जॉब से तक-हार के आए थे, तो अपने रूम में गहरी नींद सोए थे, और मैं उनकी बेटी का ये प्रोग्राम एंजाय कर रहा था.

फिर मैने अपनी पंत खोली, और अपना लंड ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगा. मैने अपनी पंत इतनी ही खोली थी जिससे अगर मुझे कोई हलचल सुनाई दे, तो मैं भाग के अपने रूम में जेया सकता था.

मैं अंदर देखे था. उसने अब अपने बूब को अपने मूह में ले लिया था. कभी उसको चाट-ती तो कभी ज़ोर-ज़ोर से चूस्टी. वो अंदर एक पॉर्न वीडियो देख रही थी. एअर बड्स लगाए हुए थे. फिर कुछ देर बाद उसकी साँसे तेज़ हुई और उसने अपनी फिंगरिंग वाली रफ़्तार भी तेज़ कर दी.

मैने भी अपनी हाथ की गति बढ़ा दी. फिर कुछ समय बाद हम साथ में झाड़ गये. मेरे लंड की तेज़ पिचकारी ने फर्श सफेद कर दिया था. आयुषी वैसे ही नंगी सो गयी.

मैने फर्श सॉफ किया. फिर अंदर देखा तो वो मेरी तरफ पीठ करके सोई थी. है उसकी वो कमर, लेग्स और गोल-मटोल गांद, मेरा लंड फिर से खड़ा हो चुका था. मैने उसके आज के प्रोग्राम की छ्होटी सी वीडियो भी बना ली थी, की कभी उसको छोड़ने से पहले लंड शांत करने के काम आए.

फिर मैने उसको जी भर के देखा और फिर सोने चला गया. सुबह जब उठा तो मामा-मामी काम पे जेया चुके थे. मेरा सुबह का प्लान था की जब वो नहाने जाए उसके पहले मैं जाके नहा लू, और बातरूम का डोर ओपन छ्चोढ़ डू. ताकि जब वो आए तो मेरा लंड उसको दिखाई दे.

मैं उसको अपना लंड दिखाने के न्यू न्यू तरीके ढूंढता रहता. कभी नहाते हुए, कभी नहाने के बाद जब उससे मिलता, तो जान-बूझ कर टवल गिरा देता और च्छूपी आँखों से उसके रिक्षन देखता रहता. वो भी अपनी आँखों को ढकने का नाटक करती और च्छूप च्छूप के मेरे लंड को देखती.

अब हम एक-दूसरे से सब बात शेर करते रहते. फिर हुमको पता चला की आज रात को मामा-मामी लाते होने वाले थे क्यूंकी ऑफीस में वर्कलोड ज़्यादा था, और उनको परसो शाम को काम के सिलसिले में सिंगपुर जाना था.

उन्होने हमे शाम का खाना ऑर्डर कर देने को बोला था. मामा ने ऑनलाइन पैसे ट्रान्स्फर कर दिए थे. तो हमारा मोविए देखने का प्लान बना.

मोविए मैने सेलेक्ट की थी, और मैने एक एरॉटिक मोविए सेलेक्ट की थी जिसमे स्टोरी प्लस भर-भर के न्यूड सीन्स थे. मानो की वो एक पॉर्न मोविए जिसमे एक छ्होटा सा प्लॉट भी हो. और मैने ये मोविए जो आयुषी ने सेलेक्ट की थी उसे रीप्लेस कर दी. मोविए भी 2 आंड हाफ अवर्स की थी.

शाम को ऐसा ही हुआ मामा के पैसे से मैने खाना ऑर्डर किया. थोड़ी देर में खाना आया, और खाना-पीना करके हम रेडी हो गये. फिर मैने मोविए स्टार्ट की. मोविए स्टार्ट होते ही 8 मिनिट्स के अंदर-अंदर एक ब्लोवजोब वाला सीन आ गया. आयुषी का मूह लाल हो गया था. उसने मेरी तरफ देखा. मैने भी जान-बूझ कर उसको नही देखा. मेरी आँखें टीवी में थी.

अब वो एक बार मुझे देखती और एक बार टीवी में देखती. उसकी साँसे भी आब गरम होने लग गयी थी. तो मैने भी एक गॅंबल किया. मैने पंत की ज़िप खोली, और अपना लंड हिलने लगा. आयुषी ने मेरी तरफ देखा और शॉक हो गयी. बुत अब तक हवस उस पर हावी हो चुकी थी. वो भी अपनी पनटी के अंदर हाथ डाल के छूट में उंगली करने लगी थी.

मोविए में घमासान सेक्स चल रहा था, और हम भी अपने में लगे हुए थे. तभी मेरे लंड में हल्का सा कुछ महसूस हुआ. मैने देखा आयुषी ने मेरा लंड पकड़ लिया था. मैने भी कुछ नही बोला और वो मेरा लंड हिलने लगी.

कुछ समय बाद मैने भी उसके पनटी में हाथ डाला, और उसकी छूट में फिंगरिंग स्टार्ट की. जिस स्पीड से वो मेरा लंड हिलती, उसी स्पीड से मैं भी फिंगरिंग करता. अब इतना चल ही रहा था, तो मैने उसको किस करना स्टार्ट कर दिया था.

अब किसी का ध्यान टीवी में नही था. वो मेरा लॉडा हिलती, और मैं उसको फिंगरिंग करता. फिर कुछ समय बाद हम इकट्ठे झाड़ गये. फिर हमने किस ब्रेक करी. वो अपना मूह पोंची. फिर हमने टीवी बंद की, और सीडी रिमूव करी.

जैसे ही वो कुछ बोलती, फ्रंट डोर बेल बाजी. हुमको पता चल गया था की मामा-मामी आ चुके थे. आयुषी कुछ कहे बिना सोने चली गयी, और मैने डोर ओपन किया. मामा ने पूछा की तुम अभी तक सोए नही थे क्या.

मैं: नही-नही मैं वॉशरूम जाने के लिए उठा था, तभी डोरबेल की आवाज़ सुनी. आयुषी सो रही है.

मामा ठीक है बोल के मामी के साथ रूम में चले गये. वो बहुत थके हुए थे. सुबह उठा तो मुझे दर्र था की आयुषी का मूड कैसा था.

फिर मैने रूम लीव किया, और लिविंग रूम में आया तो मामा-मामी ब्रेकफास्ट कर रहे थे. आयुष भी अभी रूम से बाहर आई थी. उसने मुझको देखा पर कुछ रिक्ट नही किया. मामी ने मुझे ब्रेकफास्ट में बुलाया पर मैने बोला की मैं नहाने के बाद ख़ौँगा. जब तक नहा-धोके आया तब तक मामा-मामी जेया चुके थे, और आयुषी किचन में छाई बना रही थी.

तो बे कंटिन्यूड….

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