बेहन भाई दोनो चुड़े

हेलो मेरा नाम अरबाब है मेरी आगे 24 यियर्ज़ है और ये ऐक फॅंटेसी स्टोरी है. मे ऐक मोटा सा लरका हूँ मेरी गांद भी बोहट बरी है. मेरे घर मे ऐक छोटा भाई और ऐक छोटी बेहन है. बेहन मुझसे 2 साल छोटी है. उसका फिगर 36-32-38 है. काफ़ी सेक्स जिस्म है

स्टोरी पे आता हूँ ये आज से काफ़ी साल पुरानी बात है. मे तब छोटा था और मुझे सेक्स वगेरा का टा नही था. हमारी फॅमिली जिस इलाक़े मे रहती थी वो बोहट खराब इलाक़ा था और वहाँ काफ़ी गुंडे वगेरा रहते थे.

मेरे जिस्म की वजा से वो अक्सर मुझे चेरते थे कभी गांद दबा दी और कभी बूब्स दबा दिए. वो अक्सर कहते थे ऐक दिन हाथ आ जेया मज़े देंगे लेकिन उस टाइम मुझे समाज नही आती थी उनका मतलब क्या है.

ऐक दिन ऐसा हुआ के मेरी फॅमिली को जाना परा गाओं काम से. सबसे छोटे भाई को ले गये और मे और बेहन घर पे थे. बेहन पूरा दिन हमारी घर पे होती थी. बस रात को सोने के लिए परोस मे मेरी आंटी रहती थी. उनके घर जाती थी मे अकेला घर मे रहता था. वो शाम के टाइम निकल जाती थी खाना वगेरा बना कर और अपनी स्टडी करके.

वहाँ के गुणडो के ग्रूप मे मेरी आंटी का हज़्बेंड शामिल था. उन्होने ने जब ये बात अपने गुंडे दोस्तों को बताई के रात को मे अकेला होता हूँ. तो उन्होने इस चीज़ का फ़ायदा उठाने का सोचा.

ऐक रात को मेरी टीवी पे आँख लग गयी थी तो घंटी बाजी मे दर गया के कों होगा इस वक़्त लेकिन सोचा बेहन होगी शायद कुछ उठाने आई होगी. दरवाज़ा खोला तो 6 गुंडे खरे थे.

वो अंदर घुस आए. टीवी के सामने बेत गये और मुझे भी बोला दरवाज़ा बंद करो आज हम यहीं रहेंगे. मैने माना किया तो बोले अकेले घर मे तुम्हे दर लगेगा.

दोसरे ने अपनी गुण टेबल पे रखड़ी मेरी तो हालत कराब होगआई मे दर गया. गाते लॉक करके मे बहत् गया उनके साथ. उन्होने ने थोरी देर टीवी देखी फिर बोला यार कुछ मज़े का नही आ रहा और फिर ऐक लरके ने यूस्ब निकल के लगाड़ी जिसमे मे पॉर्न मोविए थी.

गे पॉर्न मोविए थी जिसमे 5 लरके ऐक को छोड़ रहे थे. तभी सबने अपने अपने लंड निकल के मसलना शुरू होगआय. मे तो देख के शर्मा रहा था लेकिन कुछ बोल नही सकता था उनको.

मैने सोने का बहाने किया और रूम की तरफ जाने लगा. अचानक ऐक ने मुझे पीछे से पाकर लिया और बोलने लगा कहाँ जा रहे हो. फिर मुझे घूममा कर किस करने लगा मैने उससे ढाका दिया और बोला ये क्या कर रहे हो.

उसने मुझे गुस्से मे बोला देख प्यार से करने देगा तो मज़ा तुझे भी आएगा और हमे भी जो कुछ तुमने टीवी पे देखा आज ये तुम्हारे साथ होगा. मे दर गया और बोलने लगा प्लीज़ ये सब मे नही करना चाहता वगेरा.

फिर उसने मेरा सर बालों से पाकारा और स्क्रीन के पास ले गया और बोला देख और लरके को गांद मे लंड लेके कितना मज़ा आ रहा है तुझे भी आएगा अब बस तू प्यार से करने देगा तो हमारी भी आसानी होगी. मे समाज गया के बचने का कोई चान्स नही.

उसने फिर मुझे किस करना शुरू करदी. मे भी उसका साथ दे रहा था. दोसरे ने मेरे काप्राय उतरना शुरू होगआय. जब हमारी 10 मिन्स किस ख़तम हुई मैने आँखें खोली तो मे भी नंगा था और बाक़ी सब भी.

सबके लंड खरे थे और सबके बारे बारे और मोटे लंड थे. मे दर रहा था लेकिन किस्सिंग मे मुझे मज़ा आया तो मैने सोचा इसमे भी मज़ा होगा.

उस ग्रूप के हेड खालिद ने मुझे इशारा किया के मे उसका लंड चूसूं. मे उसकी तरफ गया और चूसने लगा. पीछे मुझे फील हुआ के कोई मेरी गांद चाट रहा है अफ क्या मज़ा था.

फिर दोसरा लरका मेरा छोटा लंड चूस रहा था मे तो 2 मिन्स मे फारिघ् होगआया. ये देख के सब हासणे लगे और बोले के देख तुझे भी मज़ा आ रहा है. मुझे शरम अराही थी.

खालिद उठा तो उसकी जगा दोसरा आया और उसने मेरे मुँह मे लंड देदिया. खालिद ने मेरे होल पे लंड टीकाया और ज़ोर से झटका दिया. मे आँखों के सामने अंधेरा चाह गया.

मुझे इतना दर्द हुआ लेकिन मे चीख नही पाया मेरे मुँह मे लंड था. इतने मे खालिद ने दोसरा झटका मारा और स्पीड से छोड़ना शुरू होगआया. मेरी आँखों से आनसून आने लग गये और इतना भयानक दर्द हुआ के मे 3-4 मिन्स बाद बेहोश होगआया.

मे टा नही कब आँख खुली तो मैने देखा के मेरी गांद कोई मार रहा है बाक़ी 3 साइड पे लेते रेस्ट कर रहे है. ऐक का मेरे मुँह के उपर लंड था और वो मेरे मुँह पे फारिघ् हुआ था जिसकी वजा से मे उठा था. उसका पूरा पानी मेरे मुँह मे था.

मुझे तो पहले कुछ समाज नही आ रहा था. 15 मिन्स बाद सही से होश आया. गांद मे दर्द भी कम हॉगया था और मे सेक्स एंजाय कर रहा था. खालिद उठा और मेरे मुँह के पास वापस आया और बोला देख मेरे लंड को इस्पे जितना खून है सब तेरी गांद से निकला है.

मेरे सर के बाल पाकर के मुझे बोला आज से तुम हमारी रंडी हो जब बुलाओं अजना छुड़वाने. उसके बाद उसने मुझे किस किया और मेरा लंड सहलाने लगा. ऐक लरका अभी भी गांद मार रहा था इतना मज़ा आया के मे फारिघ् हो गया और लरका भी मेरे मुँह के उपर फारिघ् हुआ.

मे वहीं परा रहा और सो गया सुबह मेरी आँख बेल बजने पे खुली तब तक सब जा चुके थे सिर्फ़ मे सोफे पे नंगा परा था. मे जल्दी से उठा और काप्राय पहंके दरवाज़ा खोला तो बेहन थी.

वो पूछने लगी क्या हुआ चल क्यूँ नही पा रहे?

मैने बोला रात को स्लिप हो गया था. जबके मेरी गांद मरवाने की वजह से दर्द कर रही थी. मे फ्रेश वगेरा हुआ और पूरा दिन सोता रहा. शाम को बेहन गयी और उसके जाने के 2 घंटे बाद फिरसे बेल बाजी. गुंडे वापस आए थे.

पहले मुझे रासीओं से बंद कर ऐक डोग्ग्स्त्यले पोज़िशन मे रखा फिर सबने जाम कर छोड़ा मुझे. हर किसी ने 2 2 शॉट मारे मुझे भी मज़ा आ रहा था.

अचानक बेल बाजी मे दर गया. तो खालिद ने बोला उसका दोस्त आया होगा उसको बुलाया था तेरा मज़ा लेने मुझे साँस आई. ऐक लरका जो फारिघ् नंगा बेता था वो गया दरवाज़ा खोलने तो बाहर मेरी बहन खरी थी वो उससे नंगा देख कर छीलाने लगी और भागने लगी. उसने उससे पाकर कर अंदर लेके आया और उसके मुँह पे हाथ रख दिया.

मेरे मुँह मे लंड था और गांद मे लंड था और मेरे हाथ पावं बँधे थे. मुझे शरम अराही थी के मेरी बेहन ने मुझे किस हालत मे देखा है. खालिद उठा और मेरी बेहन के पास गया. और बोला तेरा भाई तो टाइट चीज़ है लेकिन तेरा जिस्म तो उससे भी भरकर है.

उसने मेरी बेहन को बंद कर सोफे पे बथाया और उसके मुँह मे काप्रा घुसा दिया. उसका सर पाकर के मेरी तरफ कार्डिया जहाँ मुझे 2 लरके छोड़ रहे थे.

मे शरम से रो रहा था और बहन शॉक मे थी के ये सब क्या हो रा है. खालिद मेरी बेहन के साथ मे जाके बत गया और बोलने लगा देख तेरा भाई हमारी रंडी है और हम इसको डेली छोड़ते हैं. और उसको गुण से डरने लगा.

फिर उसने मेरी बेहन के हाथ मे अपना लंड दे दिया और मज़े लेने लगा. मेरी बेहन दर गयी थी. फिर उसने मेरी बेहन के ट्राउज़र मे हाथ डाला तो वो गीली थी.

वो समाज गया के उससे मज़ा आ रहा था देख कर अपने भाई को चूड़ते. उसने मुँह से काप्रा निकाला और बोला साली तू तो मज़े ले रही है.

उसने ट्राउज़र फारके फेंका और मेरे सामने मेरी बेहन की छूट थी. खालिद ने उंगली डाली तो वो आराम से चली गयी. वो मेरे तरफ हसके बोलने लगा तेरी बेहन तो पहले से छुड़ाकर है छूट खुली हुई है.

मे हेरान था और गुस्सा भी था मे उसको शरीफ समजता था. खालिद ने बेहन से पूछा कितनो से चुडवाया है आजतक उसने ज्वाब नही दिया फिर जब ज़ोर से थापर मारा खालिद ने तो उसने बोला 5-6 से करवाया है मेरे ब्फ थे पहले.

खालिद और सब हासणे लगे. वो मेरे पास आया मेरी रासीओं से आज़ाद किया और बोला दिल मेरा चाह रहा है तेरी बेहन को छोड़ूं लेकिन तुझे पहले मोक़ा दूँगा तू जाके छोड़.

मेरी बेहन ये सुनके हेरान हो गयी और बोली नही भाई आप नही करना. लेकिन मुझे गुस्सा था के जिसको मे शरीफ स्मजता था वो चुड़ाकड़ निकली. मैने जाके उसकी छूट मे लंड घुसा दिया.

वो बोलने लगी भाई नही करो ये ग़लत है मैने बोला पहले जो चुड़वाया वो सही था. खैर मेरा लंड लेने के बाद वो आराम आराम से सिसकारियाँ लेने लगी उसको भी मज़ा आने लगा. इतने मे पीछे से खालिद ने मेरी गांद मे लंड दल्दिया अफ क्या मज़ा था.

10 मिन्स मे हम तीनो फारिघ् होगआय. मेरी बेहन को मैने किस किया और उसकी रसियान खोलदी. अब बाक़ी सब मेरी बेहन पे छरह गये और उससे छोड़ने लगे. मे और खालिद साइड मे रेस्ट कर रहे थे.

खालिद ने मुझे कान मे बोला अब सिर्फ़ तू नही तेरी बेहन भी हमारी रंडी. बेहन अभी भी साथ नही दे रही थी उनका लेकिन हमे नज़र आ रहा था के उससे भी मज़ा आ रहा है. खालिद उठा और मुझे बोला चूस लंड और खरा कर.

मैने 10 मिन्स चूसा और उसका लंड टाइट हो गया. फिर वो उठा और बेहन की तरफ गया. बेहन के मुँह और छूट मे लंड था. वो छुड़वा रही थी. उसने उसकी गांद के छेड़ पे टेल गया और उंगली डाली फिर छोड़ने लगा फिर 2 उंगलियाँ और फिर 3.

वो उसकी गांद आहिस्ता आहिस्ता खोलना चाह रहा था. उसने मुझे देख कर बोला जब तू दर्द से बेहोश होगआया ये तो मार जाएगी इस लिए इसको प्यार से छोड़ूँगा. और उसने आहिस्ता आहिस्ता लंड डालना शुरू किया.

बहना को दर्द हो रा था लेकिन उसके मुँह मे पहले से लंड था. ये देख के मेरा खरा हुआ और मे जाके बेहन की छूट चाटने लगा. जेसे खालिद का लंड अड्जस्ट हुआ गांद मे उसने छोड़ना शुरू किया मे नीचे से छूट चाट रहा था.

बेहन को इतना मज़ा आने लगा के वो कांपना शुरू हो गयी और सेकेंड मे फारिघ् हो गयी. हम बस करने को बोला लेकिन हम रुके नही. 10 मिन्स के अंदर वो फिरसे फारिघ् हो गयी. उससे इतना मज़ा आ रहा था.

मैने फिर उसकी छूट मे लंड दल दिया और खालिद का लंड पहले से गांद मे था. हमने इतनी स्पीड से दोनो छेड़ को छोड़ा के 10-15 मिन्स मेओ ऐसे फारिघ् हुई के हम दोनो को लात मरके डोर किया. उसकी छूट मे से पानी फाउंटन की तरह निकल रहा था. उससे बोहट मज़ा आया.

उस रात हम दोनो की मिलके चुदाई होती रही सुबह तक. सारी रात हमे सोने नही दिया गुण्डों ने. ऐक टाइम पे मेरी और मेरी बेहन के सारे होल्स मे लंड था. मेरा लंड बहन की छूट मे और बहन के मुँह और गांद मे भी लंड. मेरे मुँह मे लंड और गांद मे खालिद का लंड.

इसके बाद वो जब दिल चाहता हमारे पास आते सेक्स करने. हम दोनो बहन भाई मे से कोई भी मिल जाता या कभी कभी दोनो को साथ छोड़ देते.

जब घर वेल वापस आ गये थे तब भी हमे खालिद के घर बुलाते. कभी मुझे कभी बेहन लेकिन अक्सर मुझे बुलाते. उसके बाद मेरे घर वालों ने फ़ैसला किया शिफ्ट होने का क्यूंके इलाक़ा खराब था. और हम दूसरे शहर शिफ्ट हो गये.

वहाँ पर भी मैने बहना को नही छोरा, मे डेली छोड़ता था उसे. और कभी कभी अपनी मरवाने के लिए ऐक दो दोस्त बुलाता तो उनको भी छोड़ने देता बेहन को.

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