बातरूम सेक्स अपने सिस्टर के साथ

हेलो दोस्तो, मेरा नाम प्रतीक है और मई कोलकाता का रहने वाला हूँ. ये मेरा पहला स्टोरी है देसीकाहानी पर तो अगर कोई ग़लती या भूल हो गयी तो उसके लिए माफी. अगर किसी को स्टोरी पसंद आए या कुछ बात करना चाहे वो मुझे एमाइल कर सकता है. अब मई जाड़ा देर नही करूँगा और सीधा स्टोरी पर आता हूँ.

मेरे घर पे ह्म 4 लोग रहते है. मई, मम्मी, पापा और दीदी. मेरा हाइट जाड़ा नही है 5फ्ट 8इंच है और गोरा और 8इंच का लंड है. और मेरी दी अपूर्वा जो मेरे से थोड़ी लंबी है और पूरी गोरी है. उनके ब्रेस्ट 34 का है और कमर 32 की और काफ़ी सुंदर लगती है. मई उनका जिस्म काफ़ी पहले से दीवाना था.

ये कहानी साची घटना है जिससे हमारी ज़िंदगी बदल कर रख दिया.

एक साल पहले की बात है लॉक्कडोवन् के वजह से मेरा कॉलेज बंद था और मई घर पर ही था. मेरी दी का वर्क फ्रॉम होमे चल रहा था.

मुझे लाते से उठने की आदत है और मई हमेशा 9 भजे के बाद ही उठा करता था. दी सुबा सुबा नहा के पूजा करने लग जाती थी.

एक बार की बात है. हमारे घर मे 2 बातरूम है तो एक बातरूम मे वॉटर लॉग्ड हो गया था. तो दीदी हमारे रूम के बातरूम मे नहा रही थी.

मई जब उठा तो मुझे बहोट ज़ोर की प्रेशर लगी और मई टाय्लेट करने के लिए बातरूम का डोर नॉक करने लगा तो दी अंदर नहा रही थी.

मैने बोला मुझे ज़ोर से लगी है जल्दी खोलो वरना यही पे हो जाएगा. तो दीदी ने गाते खोला और बोला के जल्दी से करो और निकल जाओ. मैने जब दी को देखा तो वो टवल लपेट के खड़ी थी कॉर्नर मे और मई उनको देखते ही रह गया.

काफ़ी खूबसूरत दिख रही थी और टवल के उपर से उनका क्लीवेज दिख रहा था. मैने वाहा टाय्लेट किया और जब हाथ मूह ढोने गया तो दी बगल खड़ी थी. मेरा ध्यान नही था के नॉब शवर की तरफ है मैने जैसे ही ताप ओं किया तो शवर ओं हो गया और मई पूरी तरह से भीग गया. ये देख कर दी को खूब हसी आया और वो ज़ोर ज़ोर से हासणे लगी.

मुझे कुछ समझ नही आया और मैने वही अपनी त शर्ट और शॉर्ट उतार दिया. और मई शवर के नीचे खड़ा हो गया.

दी ने देख कर बोला – पागल ये क्या कर रहा है? अभी मई नहा रही हूँ.. तू ये सब मत कर मम्मी आ जाएँगी तो दिक्कत हो जाएगा.

तो मैने बोला – अब मई भीग गया हूँ अब मई नहा के ही यहा से जौंगा क्यू की मई दोबारा नही नहाने वाला.

इससे दी को काफ़ी अजीब लगा, वो सोचने लगी और बस खड़ी रही. मैने बोला आपका हो गया तो निकल जाओ. तो दी ने कुछ नही बोला और मेरी नज़र वाहा रेज़र पर पड़ी तो मई सब समझ गया.

मैने दी को बोला – कोई बात नही दी तुम कर लो जो कर रही थी मई नही देखूँगा. हम दोनो एक दूसरे के पीठ के पीछे रहेंगे.

पहले वो माना करने लगी फिर जब मैने ही वैसे किया तो वो भी मान गयी.

मई इधर शवर लेने लगा और सोचने लगा के दी यहा टवल मे नंगी है मेरे सामने. मई उनका क्लीवेज से बूब्स इमॅजिन करने लगा.

तभी मेरा लंड जैसे अंदर ही अंदर फान्न मार रहा था. मैने हल्की नज़र से पीछे मूड कर देखा तो दी अपनी एक टाँग उपर कर के थाइस को रेज़र से शेव कर रही थी. और स्लोली स्लोली उनकी गांद भी मुझे दिखने लगी थी. क्या मस्त गोरे गोरे गांद थी.

उसके बाद धीरे से उनका हाथ उनकी छूट के तरफ जाने लगा. मई साँझ गया दी अपने झाँत के बाल सॉफ कर रही है.

दी को ऐसे देखते हुए तो ऐसा लग रहा था पीछे से पकड़ कर झत्ट से टवल खीच कर नंगा कर दूं. पर अपने आप को मैने काबू में किया.

मैने फिर हिम्मत कर के बोला दी वो रेज़र अछा है क्या मई भी देखु.

तो दी ने बोला इससे तेरे बियर्ड नही सॉफ होगी.

मैने फिर भी उनसे वो ले लिया और हम दोनो ऑपोसिट डाइरेक्षन मे खड़े हो गये. अब मेरे हाथ मे वो रेज़र था जिससे थोड़ी देर पहले दी की छूट सॉफ हो रही थी.

वो अभी भी गरम था तो मैने हल्की सी अंडरवेर नीचे की तरफ किया और मैने अपने झाँत के बाल सॉफ करने का ट्राइ करने लगा. जैसे मैने पहले रेज़र चलाया एक कुट्त के साथ मेरे मूह से आहह..!! निकल गयी.

तभी दी ने मूड के देखा और पूछा ये क्या कर रहा है तू, ऐसे थोड़ी उसे करते है, और किधर कुट्त कर लिया तूने??

दी को लगा शायद मेरी गाल मे कुट्त हुई होगी. पर जब दी ने देखा के गाल पे कही कुट्त के निशान नही है और नीचे मैने अंडरवेर लो कर रखा है तो दी साँझ गयी.

वो बोली – अछा बेटा अब तू इतना बड़ा भी हो गया है की तुझे ये सब की ज़रूरत है. कों है तेरी गर्लफ्रेंड जिसके लिए तू इतना रिस्क उठा रहा?

मैने बोला मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है. दी मुझे बस क्लीन करने का मॅन हो रहा था क्यू की इसके वजह से इचिंग होती है.

तो दी को भी मेरे पे तोड़ा भरोसा हुआ. उन्होने कहा के दिखाओ कहा कुट्त किया. तो मैने वाहा से हाथ हटाया और उन्हे दिखाया.

तो वो बोली – अरे इतना सा कुट्त मे तू इतना ज़ोर का चिल्लाया??

मैने कहा दी मुझसे नही हो रहा आप ही कर दो ना हेल्प.

दी ने बोला – हॅट पागल, मई तेरी बहें हूँ ये सब अची बात नही है… तू बाहर जेया अब काफ़ी नहा लिया तूने.

मुझे अब रहा नही जा रहा था दर्द भी हो रहा था और लंड भी सिकुड गया था. मैने प्लीज़ प्लीज़ कर के ज़िद्द करने लगा और बोला जो बोलॉगी वो करने को रेडी हू, तेरी हर बात मानूँगा बस ये चीज़ कर दे दर्द हो रहा काफ़ी.

तो दी ने लास्ट मे दया दिखा कर हन कर दी. मेरी खुशी तो जैसे सातवे आसमान पर थी.

फिर दी ने क्रीम लाया और मुझे अंडरवेर हल्की सी नीचे करने को बोला. जहा से मेरा लंड बस तोड़ा सा ही जगह मे था. वाहा पे दी ने झुका और उपर से क्रीम लगा कर रेज़र से शेव करना शुरू किया.

मई तो जैसे स्वर्ग मे था, मुझे ऐसा व्यू आ रहा था के अभी लंड दी के मूह पे डाल दूं. फिर मैने सोचा अब अंडरवेर कैसे उतरा जाए.

मैने जान मूच कर ऊउउच..!!! की आवाज़ निकली.

दी रुक्क गयी और पूछी क्या हुआ?

मैने बोला दी शायद अंडरवेर के वजह से चुभ रहा है. आप बोलो तो मई इसे उतार देता हूँ फिर आप आराम से करना.

दी ने बोला हॅट पागला, दी के सामने नंगा होगा?? शरम नही आती तुझे क्या??

मैने बोला दी आपके सामने कैसा शरमाना..

तो दी ने बोला ठीक है और मैने देर ना करते हुए अपनी अंडरवेर उतार दी. अब मई दी के सामने पूरा नंगा हो गया, और मेरा लंड उछाल कर बाहर निकला.

मैने नोटीस किया के जैसे मेरा लंड दी ने देखा तो वो कुछ सेकेंड्स तक देखते ही रह गयी. तो फिर मैने बोला दी अब करो मई इसे (अपने लंड को हाथ मे लेते हुए) देखता हूँ.

फिर दी शुरू हो गयी और मेरे थाइस तक उन्होने से सॉफ कर दिया. बस तोड़ा सा मेरे लंड के उपर और मेरे बॉल्स के एरिया मे बचा था. तो उन्होने आचे से एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया और दूसरे से रेज़र से शेव करने लगी.

मेरा गरम लंड दी के कोमल हाथो मे था जिससे मेरा लंड और भी ज़्यादा जोश मे आ गया था. और दी का बूब्स उपर से ऐसे दिख रहे थे के मेरे मूह मे पानी आ गया था.

बस बाकी की स्टोरी अगले एपिसोड मे बतौँगा. तब तक के लिए कीप लविंग आंड कीप सेक्षटिंग, कीप मास्टर्बेटिंग.

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