हेलो गाइस, तीस इस युवर फ्रेंड रोके वन्स अगेन, वित आ न्यू सेक्स स्टोरी. प्लीज़ दो नोट फर्गेट तो शेर युवर रिव्यू आंड कीप इन टच वित में ओं रोकेपटेल69@याहू.कॉम.
फर्स्ट ऑफ ऑल अगर आपने पहला पार्ट नही पढ़ा, तो पढ़ लीजिए. पिछले पार्ट में आपने पढ़ा दिव्या भाभी मुझे देख के शॉक हो गयी, और गुस्सा भी हो रही थी. मैं झट से उठा और अपने कपड़े लेके रूम के बाहर निकल गया. बाहर भाई सब सुन रहा था, और उसके मूह पे हल्की सी रौनक मैं देख रहा था.
उसने बोला: अभी मैं संभाल लूँगा, तू सो जेया.
फिर मैं अपने कमरे में जेया के सो गया. नेक्स्ट दिन जब मैं उठा तो मैने देखा दिव्या भाभी मेरे सामने एक ब्लॅक कलर की ट्रॅन्स्परेंट निघट्य में हाथ में छाई लेके खड़ी थी. वो मुझे जगा रही थी, और मेरे खड़े लंड को पंत के उपर से ही देख के हल्की सी मुस्कुरा रही थी.
अब मुझे कल रात का इन्सिडेंट याद करके शरम आ रही थी, और मैं नज़रें झुका के खड़ा हुआ था. पर वो ट्रॅन्स्परेंट निघट्य में भाभी एक-दूं बॉम्ब लग रही थी. उन्होने मुझे छाई दी, और बोली-
भाभी: आप फ्रेश हो जाओ, तब तक तुम्हारे भैया जॉगिंग करके वापस आ जाएँगे. उसके बाद साथ में ब्रेकफास्ट करते है.
छाई देते वक़्त भाभी मेरे हाथ को हल्के से टच करके हल्की स्माइल देके चली गयी. मैं समझ गया की भाभी पट्ट गयी थी. या उसको भैया ने समझा दिया था.
फिर मैने जब छाई ख़तम की, तब मेरे दिमाग़ में ख़तरनाक आइडिया आया की भैया घर पे नही थे, और ये सही मौका था. फिर मैने भैया को कॉल लगाया, की आप थोड़ी देर बाद घर आना. वो समझ गये और ठीक है बोल के फोन काट दिया.
फिर मैं अपने कपड़े निकाल के नहाने चला गया, और चुदाई के विचार से मेरा लंड खड़ा होके सलामी दे रहा था. मैने पानी स्टार्ट किया और थोड़ी देर के बाद भाभी को टवल देने के बहाने आवाज़ लगाई.
फिर जैसे ही वो नज़दीक आई, मैने ज़ोर से अंदर खींच लिया, और दीवार पे टीका दिया. वो शॉक हो गयी और बोलने लगी-
भाभी: तेरे भैया आ जाएँगे, हट्तो.
और वो जाने लगी. पर मेरी पकड़ से हिल भी नही पा रही थी.
फिर मैने कहा: आप टेन्षन मत लो. वो नही आएँगे.
और मेरा लंड उपर से ही उसकी निघट्य में धक्का दे रहा था. फिर मैने पानी चालू कर दिया, और हम दोनो पुर भीगने लगे. भीगे बदन में वो क्या लग रही थी. मुझसे रहा नही गया, और मैं उसके होंठो को चूसने लगा.
वो भी अब शांत होके मेरा साथ देने लगी, और उसके हाथ मेरी पीठ को सहला रहे थे. फिर एक डीप किस के बाद मैने उसकी निघट्य उतार फेंकी, और वो मेरे सामने एक-दूं नंगी अपने सेक्सी बदन से मेरी हालत खराब कर रही थी.
मैं एक बार फिर उसके होंठो को निचोढ़ने लगा, और छूट को हाथ से रगड़ने लगा. जैसे ही मेरा हाथ उसकी छूट पे पड़ा, वो उछालने लगी मानो उसके शरीर में करेंट दौड़ने लगा हो. फिर वो और ज़ोर से किस करने लगी.
फिर मैने उसको उल्टा किया दीवार पे ही, और उसकी गोरी पीठ को चूमने लगा. माहौल इतना रोमॅंटिक हो गया था की वो अपनी आँखें बंद करके आहें भरने लगी. मेरा एक हाथ उसके बूब्स की मसाज कर रहा था.
फिर पुर बदन को चूमने के बाद मैने नीचे बैठने को बोला. वो तुरंत समझ गयी और नीचे बैठ के मेरा लंड मूह में लेके चूसने लगी. अब मैं सातवे आसमान में पहुँच गया और बोलने लगा-
मैं: ह दिव्या भाभी, मज़ा आ रहा है. ज़ोर से चूसो.
वो एक-दूं अंदर तक चूस रही थी. फिर 10 मिनिट में मैने अपना सारा माल उसके मूह में ही छ्चोढ़ दिया. अब वो एक सेक्स की देवी जैसी लग रही थी पूरी, मदहोश और सेक्सी. मैने उसको खड़ा किया, और एक पैर को उठा के उसकी छूट में अपनी जीभ डाली. वो इतनी मचलने लगी, और ज़ोर से आहें भरने लगी. मेरा मूह छूट में दबाने लगी.
दिव्या: अहह रोके, ज़ोर से चाट, और डीप प्लीज़.
और मेरे मूह को उपर-नीचे करने लगी, और गांद से धक्के मार्टी रही.
दिव्या: अब रहा नही जेया रहा है. आहह जल्दी अंदर डालो.
अब मेरा पूरा मूह उसके पानी से भरा हुआ था. फिर मैं उठा, और एक टाँग उठा के सीधा लंड उसकी छूट पे रख दिया. छूट इतनी गीली थी, की सीधा लंड अंदर चला गया, और उसके मूह से हल्की सी आह निकली. फिर मैने धीरे-धीरे धक्के देना स्टार्ट किया.
दिव्या: और तेज़ करो जानू, प्लीज़.
मैं: हा मेरी जान, और ले.
और मैने अपनी स्पीड बढ़ा ली, और तेज़ी से उसको छोड़ने लगा. मैं उसके बूब्स को मूह में भर के चूसने लगा, और वो मेरी पीठ पे अपने नाख़ून के निसन छ्चोढ़ रही थी. मैने कभी नही सोचा था भाभी इतनी वाइल्ड हो सकती है.
दिव्या: आह, ऑश, एस, और छोड़ो मुझे. अपनी रॅंड समझ के छोड़ो, और तेज़…
मैं: हा कुटिया, आज तेरी सारी भूख मिटाता हू. कल रात को भूख मिताई थी, साली रंडी.
दिव्या: कल रात की चुदाई के बाद ही तेरे लंड की दीवानी हो गयी हू.
वो आ आ कर रही थी, और उसकी आवाज़ और ठप-ठप की आवाज़ से पूरा बातरूम गूँज रहा था. मैं दबा के भाभी को छोड़ रहा था, और वो भी गांद हिला-हिला के मेरा लंड अपनी छूट में ले रही थी.
फिर मैने उसको इशारा किया, और वो पीछे मूड गयी. उन्होने गांद आयेज कर दी. फिर मैने पीछे से उसकी छूट में लंड डाल दिया, और उसको छोड़ने लगा. अब वो तेज़ी से गांद को पीछे से धक्का देने लगी, और ज़ोर-ज़ोर से छुड़वा रही थी.
10 मिनिट की ज़ोरदार चुदाई के बाद मैने अपनी स्पीड और तेज़ कर दी. फिर एक ज़ोर के झटके के साथ पूरा माल उसकी छूट में डाल दिया. हम थोड़ी देर उसी पोज़िशन में रहे, और मैं उसको पीछे से हग करके उसके गर्दन को चूम रहा था.
उसकी मूह पे इतनी रौनक थी की उसकी संतुष्टि सॉफ झलक रही थी. फिर हम दोनो साथ में नहा के फ्रेश हो गये. तब तक भैया भी आने वाले थे, इसलिए झट से रेडी हो के बाहर हॉल में बैठ गये. मैने देखा की भाभी के चेहरे पे आज एक अलग सी खुशी दिख रही थी.
आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में. आपको स्टोरी अची लगे या बकवास लगे, मैं आप लोगों की फीलिंग की कदर करता हू.