बहन को सेक्स दिखा के गांड मारी

bahan-ko-sex-dikha-ke-gaand-mariसिखा के कमरे में आने से ठीक पहले मैंने अपने मोबाइल के अन्दर सेक्स क्लिप लगा के उसे पॉज कर दिया. और फिर मैं तोवेल ले के नहाने के बहाने से बाथरूम में घुस गया. मैं जानता था की वो आते ही मेरे मोबाइल में आँखे डालेगी. कितने दिनों से वो तो अपनी तरफ से मुझे पूरी लाइन दे रही थी. पर मैं था की बस वेट में था.

आज सही मौका हाथ में लगा था क्यूंकि आज घर पर मम्मी पापा नहीं थे. सिखा स्कर्ट और टॉप में थी और उसके मम्मे मैंने देखे तो मेरा लंड खड़ा हो गया. बाथरूम के दरवाजे को मैंने लोक नहीं किया था अन्दर से. और चिपके से अपनी बहन की हिलचाल के ऊपर मेरी बाज नजर थी. सिखा ने जैसे मैंने सोचा था वैसे अपने फोन उठाया.

जैसे ही उसने लोक की पेटर्न के ऊपर उंगलिया घुमाई उसके सामने वो देसी लंड और तमिल आंटी की चुदाई की क्सक्सक्स क्लिप आ गई. उसने इधर उधर देखा. और फिर मूवी को प्ले की. वो चुनी हुई ब्ल्यू फिल्म थी मेरी, जिसे देख के किसी के भी बदन की गर्मी उभर जाए. फिर मेरी बहाना क्या चीज थी. उसने जब उस क्लिप को देखा तो वो टॉप पर से ही अपने बूब्स दबाने लगी.

मेरे लंड के अंदर भी एकदम से उबाल आ चूका था. मैंने वही पड़े हुए साबुन को अपने लंड पर लगाया और हिलाने लगा. लेकिन मुझे अपने पानी नहीं निकालना था. मैं तो अपने लंड को बहन के लिए ही रेडी कर रहा था.  फिर मैं एकदम से पूरा नंगा बहार आ गया. सिखा का एक हाथ उसके बूब्स पर था और मेरा लंड उसके सामने शैतान के जैसे खड़ा हुआ था!

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बहन ने मेरे लंड को देखा तो वो अपनी क्सक्सक्स मूवी को भी भूल गई! उसका हाथ मुहं के ऊपर आ गया!

मैंने कहा: क्या कर रही हो?

वो बोली: वही जो तुम अधूरा छोड़ के गए थे.

मैंने हंस पड़ा. और मैंने उसे कहा, ब्ल्यू फिल्म्स नहीं देखते हे ऐसी हालत हो जाती हे.

ये कह के मैंने उसे अपना खड़ा लंड दिखाया. वो भी अपनी टॉप ऊपर कर के अपनी कड़ी हुई निपल्स को दबाते हुए बोली, यहाँ भी आग कम नहीं हे भाई!

उसके सेक्सी बूब्स को देख के मैं उसके पास चला गया. मैंने उसके बूब्स को हाथ में पकड़ के दबाया. उसकी चूची इतनी बड़ी थी की एक हाथ काफी नहीं था उसे पकड़ने के लिए. सिखा ने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ा और उसे थोडा सा हिला दिया उसने. वो बोली: आप का तो कितना बड़ा हे भाई!

मैंने कहा, अब तो तेरा होने जा रहा हे ये.

सिखा ने अपनी स्कर्ट उतारी. मैंने कहा पेंटी मत खोलना वो मैं खोलूँगा.

उसने कहा ठीक हे.

मैं तो फुल न्यूड ही था. फिर वो अपने घुटनों के ऊपर बैठ गई. और उसने धीरे से मेरे लंड के ऊपर एक प्यार भरा चुम्मा दे दिया. मेरी सांस थम सी गई. आज पहली बार रंडी के सिवा कोई और औरत को मैंने अपना लंड जो मुहं में दिया था. जी हां दोस्तों मैं बहुत कम उम्र में ही रंडीबाजी भी करने लगा था.

लेकिन रंडी रंडी होती हे और उसकी चूत में वो गर्मी नहीं होती हे.

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सिखा ने लंड को आधा मुहं में लिया और उसे मस्त सकिंग देने लगी. मैंने उसके माथे को पकड़ के दबा दिया अपने लंड के ऊपर ही और पुरे लंड को उसके मुहं में पेल दिया.

वो आहे भर रही थी और मेरे लंड के साथ साथ अंडे भी चाट रही थी. और रुक रुक के वो अपने हाथ से भी मेरे लंड को हिला देती थी. मैं सातवें आसमान के ऊपर था और वो भी मेरे साथ में ही थी.

कुछ देर लंड चुसाने के बाद मैंने उसे कहा, चलो बिस्तर में मेरी जान.

हम दोनों लेट गए और मैंने अपने होंठो से उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत के ऊपर एक चुम्मा दे दिया. उसकी गहरी और ठंडी सांस ने मुझे और मदहोश कर दिया. मैंने फिर उसकी दरार के ऊपर ऊँगली फेरी. उसकी चूत गीली हो चुकी थी.

मैंने पेंटी को धीरे से अपने होंठो से ही खोला. वाऊ क्या मस्त चूत थी मेरी प्यासी बहन की. एकदम गुलाबी और उसके ऊपर चूत का दाने की साइज़ एकदम बड़ी सी थी. मैं तो सिखा की पुसी को देख के ही कायल हो गया. सिखा की पेंटी को सूंघ के मैंने उसे फेंका. और फिर हम दोनों भाई बहन ने 69 पोजीशन बना ली.

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