बदनाम रिश्ता बहन भाई का – 2

पहला ग्रुप सेक्स मेरी सील टूटने के अगले ही दिन बदनाम रिश्ता बहन भाई का
दोस्तों मुझे तो आप जान ही गए होंगे मैं हूँ टीना एक निम्फो मेनियाक (सेक्स के लिए पागल) लड़की
आप ने मेरी पिछली कहानी ( बदनाम रिश्ता बहन भाई का–2 ) पढ़ी होगी वह सील टूटने के बाद मैंने कुछ लिखा नहीं था पर कहानी वहाँ ख़त्म नहीं हुयी थी क्यूंकि माँ और पापा तो दो दिन के लिए गए थे और अभी तो एक ही दिन हुआ था और पहले भाई ने मुझे ब्लेकमेल क्या था और मेरी सील तोड़ दी थी फिर उस के दोस्त बंटी ने भाई को धमकी दी तो चुदाई मेरी ही हुयी बर्बाद मैं ही हुयी

पिछले दिन की चुदाई ( भाई और बंटी के द्वारा करी गई ) के बाद मैं रात भर दर्द से तडपती रही थी क्यूंकि पहले तो मेरी कुवारी चूत को भाई और बंटी ने चोदा फिर रात में भाई ने मुझे तीन बार फिर चोदा अगले दिन सुबह ही समीर ( भाई ) मार्केट से इमरजेंसी contraceptive pills ले आया था और उस ने मुझे खिला दी थी यहाँ तक की समीर ने महीने भर खाने वाली contraceptive पिल्स ला दी थी की अब तुझे रोज़ खाना है ताकि तू पेट से ना हो जाये मुझे तो समझ में नहीं आ रहा था की क्या करूँ समीर तो हद से ज्यादा पागल हुआ जा रहा था और तो और वो सुबह जब वापस आया तो फिर कहने लगा की कपडे उतार मुझे चुदाई करनी है मैंने मना किया तो उस ने मुझे पीटना शुरू कर दिया मेरी सलवार कमीज फाड़ दी थी तो मैंने हार के उस के साथ फिर सेक्स किया उसके साथ किये सेक्स को मैं यहाँ नहीं लिख रही हूँ क्योंकि कहानी लम्बी हो जाएगी समीर मुझे चोद के सोफे पर ही लेट गया मैंने अपने फटे कपडे उठाये और अपने कमरे में चेंज करने चली गई वापस आ के मैं खाना बनाने लग गई किचन में जब मैं किचन में थी तो घंटी बजने की आवाज आई ( यहाँ शुरू हुयी मेरी बर्बादी की कहानी या यूं कह ले की मेरी चुदैल बनने की कहानी )

घंटी बजी तो समीर ने दरवाजा खोला तो बंटी और उस के साथ समीर के तीन और दोस्त खड़े थे समीर ने उन से कहा की आओ दोस्तों अन्दर आओ आज अचानक सब एक साथ कैसे मेरे यहाँ आ गए ? ( किचन ड्रएंग रूम एकदम लगे हुए हैं हमारे घर में तो मुझे सब बाते सुनने में आ रही थी.)
बंटी – यार समीर कल तेरे यहाँ से निकला तो बस हवा में उड़ रहा था बड़ा हल्का हल्का लग रहा था यह तीनो (आशु , जावेद , दीपक ) बाहर ही मिल गए मुझे मस्ती में देख के पूछने लगे की भाई बंटी क्या बात है हवा में उड़े कहा चले जा रहे हो ?
समीर – तो तुने क्या कह दिया समीर ने गुस्से में बंटी की तरफ देखा तो बंटी कमीनेपन से मुस्कुरा उठा
बंटी – भाई वही निकल गया जो अपना कल का राज़ था क्या करू यार इतना मज़ा जिंदगी में कभी नहीं आया तो मजा अपने दोस्तो से कैसे नहीं शेयर करता
समीर – साले मादर चो***** अब कह ही दिया तो यहाँ क्यूं आया है अब ?
बंटी – भाई मैंने तो इन भोस**वालो को मन किया था की मैं नहीं जाऊंगा समीर भाई के पास लेकिन साले ये मुझे कहने लगे की अगर नहीं चले तो पूरी कालोनी में हल्ला मचा देंगे की कैसे समीर ने अपनी बहन की सील तोड़ी और दोस्त से भी चुदवाया
समीर – आशु क्या बकवास है यह क्यूं आये हो यहाँ बोलो ?
आशु – यार समीर देख भाई ऐसा है तुम दोनों ने तो कल बोतल की सील तोड़ ही ली है तो एक एक घूँट हम भी पी ले तो क्या चला जायेगा चूत तो चूत है कितना भी डालो उस का क्या बिगड़ जायेगा और फिर हम दोस्तों ने भी आज तक एक बार भी नहीं चुदाई की है किसी की — यह सुन के मेरे हाँथ पाँव फूल गए मेरी चूत में अभी तक दर्द हो रहा था और अब यह 4 और चले आये हैं मैं रो पड़ी की एक आकाश से अपनी प्यास बुझ वाना चाहती थी अब तो सारी कालोनी मेरे से अपनी प्यास बुझाना चाहता है अगर मैंने आकाश को बुलवाया नहीं होता सिर्फ अपनी उंगली से ही अपनी आग बुझा ली होती तो यह दिन नहीं देखना पड़ता.
समीर – आआआशूऊउ क्या बकवास कर रहा है गुस्से में समीर ने बोला साले मादरचोद मेरी बहन है कोई रंडी नहीं है की आये और पैसे दे के चोद के चले गए
आशु – हम कहा पैसे दे रहे हैं समीर भाई हम तो फ्री में चोद के जायेंगे और रंडी नहीं है तो कल अपने भाई से चुदवाने से पहले मर क्यूं नहीं गई ? और आराम से बात ख़त्म कर लो तो ठीक है नहीं तो ऐसी बदनामी कर देंगे की घर से निकल नहीं पाओगे और यह भी वादा है की हम फिर नहीं आयेंगे बस यार एक बार हमें भी चुदाई का मज़ा लेने दे ना कल बंटी ने जो सुनाया है कल का किस्सा की हम तो कल से 4 बार मुट्ठ मार चुके हैं की टीना के नाम पर एक और सही एक और सही करते हुए चार बार सरका लगा दिया है अब तो तभी मजा आयेगा जब टीना की चूत में पेल लेंगे एक बार
सच्चा वादा है दोस्त की फिर से फ्री की चूत समझ के नहीं आयेगे तेरे पास पक्का सब राजी हो दोस्तों की नहीं आशु ने सब की तरफ देख के बोला तो सब कह उठे की हाँ समीर भाई पक्का वादा है हमारा
बंटी – समीर मान जा यार अपने ही तो दोस्त हैं सब मिल बाँट के कर लेंगे एक बार तो क्या जायेगा और कभी हमें मौका मिला तो हम भी तुझे कोई लौंडिया चुदवा देंगे समीर अब लालच में आने लगा था
समीर – यार समझा करो यार वो कोई चुदैल नहीं है यार तुम सब एक साथ चुदाई करने लग जाओगे तो ऐसा ना हो की कुछ परेशानी हो जाये ?
जावेद – यार समीर कुछ नहीं होता है यार रस तो गन्ने का निकलता है मशीन का क्या जाता है ? और हम कोई जानवर थोड़ी है की उस के साथ जबरदस्ती थोड़ी करेंगे
सब प्यार से हो जायेगा यार उसे भी मजा आएगा ऐसा थोड़ी होता है की सिर्फ लौंडे ही मज़ा लेते हैं लडकियां भी तो चुतड उचका उचका के चुद वाती हैं .
दीपक – भाई सुन ले तू ध्यान से मैं तो चोदे बिना नहीं जाऊंगा यहाँ से दीपक ने धमकाते हुए समीर से कहा राजी राजी चुदवा दे टीना को नहीं तो तू जनता है की मैं क्या कर सकता हूँ .
समीर कुछ कहने की स्थिति में नहीं था उसे भी समझ में नहीं आ रहा था क्या करे अब उस ने भी हालात से समझौता कर लिया था तो उसे ने कहा
समीर – ठीक है दोस्तों आज चूत पार्टी मेरी तरफ से लेकिन रात को दारू तुम लोग पिलवाओगे और मुर्गा भी बोलो जल्दी से मंजूर है की नहीं वरना जाओ जो करना है कर लो मैं नहीं करने दूंगा कुछ तुम लोगो को
आशु – हुर्रे यह हुयी ना यारो वाली बात समीर भाई रात की पार्टी हम लोगो की तरफ से पक्की क्यूं दोस्तों ?
दीपक – जावेद – याहूऊऊ समीर भाई पक्का रात को पार्टी हमारी तरफ से दोनों एक साथ बोल पड़े की तो बुला ना यार अब टीना को लौड़े को कब तक मसलते रहे हम ?
समीर – टीना ओ टीना यहाँ आना जरा
मैंने सब सुन लिया था अब मैं भी समझ गई थी की यह चार आज मुझे चोदे बिना नहीं जायेंगे और फिर समीर तो है ही बहनचोद साला वो क्यूं छोड़ेगा मुझे चोदे बिना मैं समझ गई की आज हॉस्पिटल जाने की नौबत आ सकती है प्यार से करवा ले तो शायद दर्द कम हो और तुने अगर प्यार से बात ना मानी तो यह साले तेरा रेप करने से भी नहीं चुकेंगे तो मैंने भी मन बना लिया की अब जो होगा देखा जायेगा. मैंने वही से आवाज लगे आ रही हूँ भाई . मैं बाहर निकल के आई तो सब मुझे घूरने लगे मैंने कहा की क्या बात है ?
समीर – टीना यह चारो तेरी चूत चोदना चाहते हैं बोल रहे हैं की अगर इन्हे मन किया तुने तो यह कल की बात सब से कह देंगे अब तू जो कहे तेरी मर्ज़ी बोल इन्हें भगा दूं यहाँ से क्या ? समीर भी अब खुली खुली भाषा में मुझ से बात कर रहा था भाई बहन वाली कोई बात थी ही नहीं उस के शब्दों में मैंने सर झुका लिया और वही खड़ी रही कुछ कहे बिना तो सब समझ गए की मेरी हाँ है वरना तो मैं अब तक चिल्लाने लगती की निकल जाओ यहाँ से या ऐसा ही कुछ
आशु – दोस्तों टीना क्यूं मना करेगी क्यूं टीना हम कोई दुश्मन थोड़े हैं उसके पूरा मज़ा देंगे टीना को भी कहते हुए वो मेरे करीब आ गया और मेरा हाँथ पकड़ के मुझे सोफे पर ले आया मैं सर झुका के उस के साथ चलती हुयी सोफे पर बैठ गई तो फिर क्या था सब पिल पड़े मुझे पर
जावेद – यारो मैं तो एक ब्लू फिल्म भी लाया हूँ ग्रुप सेक्स वाली चला दूं क्या DVD पर ?
बंटी – यार मुझे तो टीना के मम्मे बड़े पसंद आये हैं कहते हुए वोह मेरे पीछे खड़ा होके सोफे के पीछे से थोड़ा झुक के मेरे बूब्स दबाने लगा
आशु – साले हरामी लगा ना देर क्या कर रहा है ? जैसे जैसे उस में चुदाई होगी हम भी वैसा ही करेंगे कभी ग्रुप में चुदाई की नहीं है तो उस से सीख के ही कर लेंगे
दीपक – जानेमन आ जा अब मेरी बाहों में कहते हुए उस ने मेरे होंठ चूम लिए और मेरे बूब्स मसलने लगा उतनी देर में आशु ने अपनी पेंट उतार दे और पूरा नंगा हो गया उस का लंड पहले से ही खडा था आशु को देख के समीर ने भी अपनी पेंट उतार दी तो जावेद वही से चिल्लाया की अबे मुझे भी आने दो तब तक बंटी भी पीछे खड़े हुए अपने कपडे उतार चुका था जावेद ने भी अपने कपडे उतार के वही जमीन पर डाल दिए और सोफे के पास आ गया उन सब को नंगा देख के दीपक भी नंगा हो गया और सब मुझे देखने लगे की मैं अपने कपडे उतारू आशु ने कहा की यार सोफे पर नहीं हो पायेगा चलो बेद पर चलते हैं तो आशु सब से आगे आया और बोला की मुझे मौका दो ( आशु ६ फुट का लम्बा तगड़ा लड़का था) कहते हुए उस ने मुझे अपनी बाहों में उठा लिया बोला की बोलो कहा ले के चालू तो समीर ने कहा की पापा के कमरे में ही चलते हैं डबल बेड डाला हुआ है तो वोह सब मुझे कमरे में ले आये और आशु ने मुझे बेड पर पटक दिया जैसे ही मैं बेड पर गिरी सब मुझ पर पिल गए आशु ने आगे बढ़ के मेरी सलवार का नाडा खोल दिया और मेरी सलवार खीच के उतार दी समीर ने कहा की अब जल्दी से कुर्ता भी उतार दे वरना एक और फट जाएगा पहले ही एक फट गया है तो मैं उठ के कुर्ता उतारने लगी तो जावेद ने मेरी पेंटी नीचे खीच दी और मेरी चूत पर हाँथ फेर के बोला वाह क्या चिकनी चूत है साली ऐसी तो फिल्मो में भी नहीं देखी है
समीर तब तक DVD निकाल के ले आया था और उस ने पापा की टीवी पर लगा दी थी ब्लू फिल्म उस में सीन चालू हुआ तो उस में चार लड़के एक लड़की को चूम रहे थे कोई उसकी चूत चाट रहा था तो कोई उसके बूब्स .

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वहां पर तो चार थे यहाँ पांच सब मेरे बगल में खड़े थे की क्या करे और कौन कहा शुरू हो जाये ? तब तक मैंने अपनी कुर्ती निकाल दी थी और ब्रा भी अब मेरे बूब्स लटक रहे थे उन सभी को लग रहा था की कहा से शुरू करे तो समीर ने ही शुरुवार कर दी की भाई लोग जिस को जहा जगह मिले शुरू हो जाओ मैं तो सबसे पहले अपना लौड़ा चुस्वाऊंगा तभी जावेद ने कहा की भाई लोग फिल्म में देखो वहा पर भी चारो खड़े हो के अपना लौड़ा चुसवा रहे हैं बारी बारी तो आशु ने कहा की चलो हम भी वैसा ही करते हैं पांचो मेरे सामने बेड पर खड़े हो गए अपना लौड़ा हाँथ से हिलाते हुए दीपक ने कहा की अब चल साली हमारे लौड़े चूस जैसे फिल्म में चूस रही है वोह छिनाल मैं बिना कुछ बोले अपने सामने खड़े समीर के लौड़े को पकड़ के अपने मुह में लेने लगी और उसे चूसने लगी तो समीर आहें भरने लगा आह्ह्ह आह्ह्ह म्मम्मम समीर बोला तू तो जल्दी सीख गई है टीना की लौड़ा कैसे चूसा जाता है पक्की छिनाल निकली तू तो मैंने अभी समीर के लौड़े को मुह में थोड़ी देर चूसा ही था की बंटी ने समीर के लौड़े के साथ साथ मुझे अपना लौड़ा भी पकड़ा दिया तो मैं जल्दी जल्दी दोनों के लंड मुह में लेने लगी कभी बंटी का कभी समीर का थोड़ी देर बाद आशु ने कहा की अब मेरी बारी तो मैं उस के तरफ मुड गई और उस के लौड़े को पकड़ के हिलाने लगी तो उस ने मेरे बाल पकड़ लिए बोला छिनाल मुह में ले हिलाना नहीं है तो मैंने उस के लौड़े को भी मुह में ले के चूस लिया और उस के लौड़े को मुह से अन्दर बाहर करने लगी थोड़ी देर बाद जावेद अपना लौड़ा लेके मेरे सामने चला आया तो मैंने उस के लौड़े को चूसना शुरू कर दिया उस का लौड़ा बड़ा छोटा था एक बार को तो मुझे हंसी आ गई की इतना छोटा है और चला है चोदने खैर समीर को बड़ी देर हो गई थी खड़े हुए उस का सबसे पहले चूसा था मैंने तो उस को सहन नहीं हुआ और वोह बेड पर लेट गया और मेरे नीचे अपना सर ले के आ गया और मेरी चूत चाटने लगा अब चार अपना लौड़ा चुसवा रहे थे समीर बेड पर लेट के मेरी चूत को चाट रहा था अब मुझे भी मज़ा आने लगा था तो मैं भी फिल्म की तरफ देखती हुयी मस्ती से सब के लौड़े बारी बारी चूसने लगी थी कभी बंटी तो कभी दीपक का तो कभी आशु का तो कभी जावेद का लौड़ा मेरे मुह में आ रहा था सब के स्वाद ले ले के मैं चूस रही थी १० मिनट बाद मेरा मुह दुखने लगा और ऐसा लगने लगा की लौड़े चूस चूस के मेरे होंठ फट जायेंगे तो मैंने कहा की अब बस कर मुझे दर्द हो रहा है मुह में
क्रमशः……………….

आशु – तो जानेमन हम क्या करे तेरे पास चूत तो एक ही है और हम पांच जब तक एक चोदेगा बाकि के चार तो कुछ ना कुछ करेंगे ही ना
जावेद – समीर भाई मुझे पहले चोदने दो ना प्लीज
समीर – तो आ जा ना किस ने रोका है ?
जावेद – अबे तो मैं चोदु कैसे तुम लोग उसे छोडो तो
आशु – अबे तो हम क्या करेंगे तब तक ?

तभी दीपक का ध्यान फिल्म की तरफ गया तो उस ने कहा की सालो जैसे वोह चोद रहे हैं वैसे ही करो न तो सब ने देखा की उस में लड़की को एक लड़का मिशनरी पोज में चोद रहा था बाकि उस के शरीर से खेल रहे थे और बारी बारी अपना लौड़ा चुसवा रहे थे तो जावेद ने मुझे बेड पर धक्का दे दिया और अपना लंड मेरी चूत के दरवाजे पर रख दिया और कहा की भाई लोग मैं चोद रहा हूँ अब तुम लोग अपनी अपनी जगह पसंद कर लो कहते हुए उस ने अपना छोटा सा लंड मेरी चूत में पेल दिया मुझे ज्यादा लगी नहीं क्यूंकि उस का बड़ा नहीं था उसे ने अपने घुटने मोड़ रखे थे और मेरी चूत में अपना लंड पेल रखा था बाकि चारो सोच रहे थे की कौन कहा जाये तो आशु मेरे ऊपर आ गया और उस ने मेरे बूब्स चूसने शुरू कर दिए मुझे भी थोडा मज़ा आने लगा था और दर्द भी कम था तो मैं भी मस्ती में उन का साथ देने लगी थी
मैंने समीर का लौड़ा अपने हाँथ में पकड़ा और उस से कहा की आओ मैं तुम्हारा लौड़ा चूस लूं तो समीर खुश हो गया वाह रानी अब तो मस्ती में आ गई हो समीर ने मेरे सर के नीचे तकिया लगाया और घुटने मोड़ के बैठ गया मेरे मुह के पास तो मैंने थोड़ा सा सर ऊपर किया और समीर के लौड़े को मुह में भर लिया और गप्पा गप मुह में लेने लगी समीर की हाय हाय निकल गा जब मैंने मुह को टाईट कर के उस के लौड़े को कस के चूसना शुरू कर दिया तो

बंटी – समीर यार अकेले अकेले मज़े ले रहा है हमें भी तो लेने दे कहते हुए वोह मेरे सर की दूसरी तरफ आ गया अपना लौड़ा ले के तो समीर ने कहा की जरा बंटी को भी अपने मुह का मज़ा दे दे टीना

आशु मजे से मेरे बूब्स पर मुह मार रहा था कभी निप्पल तो कभी पुरे बूब को मसल मसल के दबा रहा था खली खड़ा था
दीपक तो मैंने दीपक की तरफ देखा और फिर अपने दूसरे बूब्स की तरफ देखा तो वो मेरा इशारा समझ गया की मैं उस अपने दूसरे बूब को चूसने के लिए कह रही हूँ
वोह भी झट से मेरे दूसरे बूब पर पिल गया और मेरे दोनों बूब्स को अब आशु और दीपक कुत्ते की तरह भम्भोड़ रहे थे जैसे किसी कुत्ते को पहली बार बोटी मिली हो
समीर और बंटी अपने मोटे मोटे लौड़े मेरे मुह में पेल रहे थे और जावेद मजे से मेरी चूत में लगा था पांच मिनट बाद आशु दीपक बाटी समीर ने अपनी अपनी जगह बदल ली अब मैं आशु का और दीपक का लौड़ा चूस रही थी ( सब में दीपक का लौड़ा सबसे बड़ा था और भयानक मोटा था ) समीर और बंटी मेरे बूब्स पर थे और जावेद के धक्के मेरी चूत में तेज़ हो गए थे और तभी

जावेद – भाई लोग मैं तो झड़ने वाला हूँ आह्ह्ह म्मम्म कहते हुए उस ने चुदाई तेज़ कर दी मेरी चूत की और चार पांच धक्को के बाद ही उस ने अपनी सारी गंदगी मेरे अन्दर डाल दी मेरी चूत एक गरम से अहसास से भर गई
जावेद ने अपना लौड़ा मेरी चूत से निकाल और हट गया और बोला अब जिस को आना हो आ जाओ मैं तो निपट गया
आशु – यार समीर अब मेरी बारी तुम दोनों तो कल भी निपट चुके हो आज पहले हम लोगो को कर लेने दो
समीर – जा बेटा ऐश कर तू भी क्या याद रखेगा

आशु फटाफट उठा और अपना लौड़ा ले के मेरी चूत के पास बैठ गया और चूत में लौड़ा डालने की कोशिश करने लगा पर उस का गया नहीं क्यूंकि ????
ऊओह्ह्ह्ह आह आह क्या कर रहे हो आशु मैंने कहा चूत में डाल वोह नीचे है थोड़ी पहले किसी की चूत देखि नहीं है क्या ?
तो आशु ने शरमाते हुए कहा की हाँ पहली बार ही है हम सब का तो मैंने कहा की तू तो सब में अनाड़ी लग रहा है कहते हुए मैंने दीपक का मोटा सा लौड़ा वापस अपने मुह में भर लिया और समीर और बंटी हँसते हुए मेरे बूब्स चूसने लगे आशु ने फिर निशाना लेते हुए डाला तो अन्दर चला गया चूत में मेरी मुझे अब थोडा सा दर्द हुया लेकिन जावेद के वीर्य से चूत भरी थी तो उस के वीर्य ने क्रीम का काम किया और उस का लंड आराम से अन्दर चला गया आशु ने मेरी चुदाई शुरू कर दी धीरे धीरे जावेद तब तक जा के अपने कपड़ो में से सिगरेट निकाल लाया था और वही पीने लगा था आशु ने अभी थोड़े धक्के ही मारे होने की उस के लंड ने मेरी चूत में पिचकारी चला दी

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आशु – मर गया रे आःह्ह्ह म्मम्म यह क्या हुआ यार मेरे साथ इतनी जल्दी कैसे चूत में पिचकारी चल गई
समीर – साले हरामी जब चोदा नहीं जाता तो क्यों सब से पहले जाने की जिद्द कर रहा था
दीपक हट साले मैं बताता हूँ कैसे की जाती है चुदाई दीपक ने मेरे हाँथ से अपना लंड खीचा और कहा की देख जानेमन मैं कैसे तेरी चूत का बाजा बजता हूँ तो मैंने भी मस्ती में कहा की फाड़ मत देना बस बाकि जो करना है करो तुम्हारा बड़ा मोटा है थोडा आराम से करना अब मेरी चूत में दो लोगो का वीर्य भर गया था दीपक गया और उस ने मेरी चूत पर अपना लौड़ा रख के जो पेला है मैं उचक गई
टीना – आह आह्ह्ह क्या कर रहे हो ?आःह्ह मार डालोगे क्या फ्री की चूत है तो क्या फाड़ दोगे ?
दीपक – हाँ साली रंडी मैं तेरी फाड़ ही डालूँगा क्योंकि तू दूसरी बार तो देगी नहीं चोदने तो एक बार में ही तेरा बाजा ऐसा बजाऊंगा की याद रखेगी की किस मर्द से पाला पडा था
टीना – देखो दीपक आराम से करो वरना मैं नहीं करने दूँगी कुछ
दीपक – अरे गुस्सा क्यूं होती हो जाने मन मैं आराम से ही करूंगा वोह तो मैं पहली बार में अपने लोडे को पूरा पेल रहा था ताकि एक ही बार दर्द हो फिर बाद में मज़ा आ जाये तुझे भी. मैंने मन ही मन सोचा की अगर चूत में पहले से ही वीर्य नहीं पड़ा होता तो इस ने तो मेरी फाड़ ही देनी थी लेकिन दीपक बाद में सच में आराम से करने लगा उस ने बड़े धीरे धीरे से धक्के लगाना शुरू किया और साथ ही साथ मेरे चूत की फुनगी को भी अपने हाँथ से मसल रहा था तो मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था दर्द तो हो रहा था लेकिन दर्द में भी मज़ा आ रहा था मेरी चुदाई अब रफ़्तार पकड़ती जा रही थी दीपक ने मेरी कमर को कस के पकड़ लिया और जोर से चोटे मरना शुरू कर दिया मैं दर्द से आह आह उई उई करने लगी मज़ा भी था और दर्द भी तो मेरी आवाजे निकल रही थी सिस्कारिया भर रही थी मैं साथ साथ मैं चिल्लाते भी जा रही थी की धीरे धीरे उसे १५ मिनट हो गए मुझे चोदते चोदते तो मैंने कहा की बस करो मैं दो बार झड चुकी हूँ अब तक अब तो मुझे छोड़ दो तो दीपक ने कहा की बस जानेमन मैं भी झड़ने वाला हूँ उस ने मेरी कमर में अपने नाखून गडा दिए और जो चुदाई शुरू की मेरी की क्या कहू उसके हर धक्के पर मैं उचक उचक जा रही थी मेरे बूब्स उछल उछल के यहाँ वहाँ हो रहे थे उस ने मेरी बुरी हालत कर दी अब तो मैं समीर और बंटी के लौड़े चूसना भूल के सिसकारी भर रही थी दर्द हद्द से ज्यादा बड गया था की तभी ऐसा लगा की ढेर सारा गरम पानी मेरे अन्दर भर गया हो दीपक ने भी मेरी चूत में अपना वीर्य निकाल दिया था और वोह पसीने से लथपथ था यहाँ मेरी हालत भी ख़राब हो गई थी चूत में जलन होने लगी थी मैंने चूत पर हाँथ लगा के देखा तो हल्का हल्का खून सा दिखाई दिया मैं समझ गई की दीपक ने मेरी चूत का भुरता बना दिया है साले ने फाड़ के ही रख दी है सच में

तीन लौड़े मेरी चुदाई कर चुके थे अभी तो दो और लौड़े बचे थे और मेरी हालत खराब हो गई थी दीपक ने भी अपना लौड़ा मेरी चूत से निकाल लिया तभी चूत में से देर सारा वीर्य बाहर निकल के बेड पर गिर गया आखिर तीन तीन लौडों का वीर्य था कब तक अपनी छोटी सी चूत में भर के रखती
मैंने समीर से कहा की अब मेरे बस का नहीं है चुदवाना मुझे प्लीज छोड़ दो तो बंटी ने कहा की नहीं नहीं ऐसा कैसे हो सकता है मैं क्या चुतिया हूँ जो ऐसे ही चला जाऊं
कहते हुए वोह जल्दी से मेरी चूत पर आ के बैठ गया और अपने लंड को मेरी चूत पर रखने लगा मैंने कहा की जो करना है जल्दी कर लो मैं एक बार दर्द सह के सब करवा लुंगी अब देर मत करो मुझ से अब ज्यादा दर्द सहन नहीं होगा यह सुन के समीर ने कहा के बस करो बे अब जल्दी निपट लो मेरी भी बारी आनी है अभी
तो बंटी ने जल्दी से अपना लौड़ा मेरी चूत में डाल दिया और मेरी चुदाई का फोर्थ राऊंड चालू हो गया तब तक आशु जो की सब से जल्दी झड गया था उस का खड़ा भी हो गया सब से जल्दी तो उस ने कहा की यार मैं तो मजे ले ही नहीं पाया मैं तो आठ दस चोटों में ही झड गया था था देखो ना कितनी जल्दी फिर खड़ा हो गया है मुझे एक बार और करने दो ना मैं तब तक अपना ध्यान दर्द से हटाने के लिए ब्लू फिल्म देख रही थी ताकि मेरा ध्यान चूत पर ना जा के कही और लगा रहे तो दर्द कम महसूस होगा मैंने ब्लू फिल्म में देखा की लड़की ने एक लड़के का लंड अपने मुह में ही झडवा लिया तो मैंने भी फुल छिनाल बन के कहा की आ जा तेरा मैं अपने मुह से निकाल देती हूँ एक बार और वरना हमेशा रोता रहेगा की मुझे मजा नहीं आया था .

समीर – साली तू तो पूरी रंडियों जैसी बातें करने लगी अब तो
टीना – तुने वही तो बना दिया है मुझे मैंने समीर से कहा और आग बरसाती नज़रो से उसे घूरा तो समीर सकपका के दूसरी तरफ देखने लगा
टीना – आ जा आशु तुझे वोह मजा दूँगी की तू भी क्या याद करेगा ( अब मुझ को भी समझ में नहीं आ रहा था की मुझे क्या हो गया है )
आशु तेज़ी में मेरे मुह के पास अपना लौड़ा ले के आ गया की ऐसा ना हो की मेरा मन बदल जाये मैंने आशु का लौड़ा अपने मुह में चूसना शुरू कर दिया और ऐसे कस कस के की आशु की हालत पतली हो गई की कब मैं उस का लौड़ा अपने मुह से निकालू

तब तक बंटी ने मेरे चूत में अपना लावा निकाल दिया उस को फिर से भर दिया अपने वीर्य से बंटी हटा नहीं की मेरा बहनचोद भाई भी तेज़ी से पिल गया मेरी चूत में
थोड़ी देर में ही मैंने आशु की वोह गत बना दी की उस ने मेरे मुह में ही अपना वीर्य निकाल बैठा तो मैं उसे धक्का दे दिया की हट अब और पूरा वीर्य साइड में थूक दिया
उधर समीर के धक्के शुरू थे उस ने भी दीपक की तरह से मेरी कमर पकड़ के मेरी चूत चोदना चुरू कर दिया था और थोड़ी देर में उस ने भी मेरी चूत में अपना वीर्य निकल दिया और मेरे ऊपर लस्ट पस्त होके लेट गया अब तक मेरे पुरे अंग अंग में दर्द की लहरे उठने लगी थी ऐसा लग रहा था की किसी ने मेरी बहुत पिटाई कर दी हो
मैं अपनी आँख बंद कर के लेट गई थी मैंने आँख बंद करे करे ही कहा की अब सब यहाँ से निकल जाओ तेज़ी में वरना ठीक नहीं होगा ( अब तक मैं समझ गई थी की हर मर्द चूत का गुलाम होता है अगर चूत चाहे तो मर्द से कुछ भी करवा सकती है यह मैं आप को अपनी किसी और कहानी में बताउंगी की चूत के जलवे क्या होते हैं )
सब बिना कुछ बोले बाहर चले गए यहाँ तक की समीर भी उठा और सीधे बाहर निकल गया मैं एक घंटे तक वैसे ही नंगी लेटी रही दर्द और मज़ा क्या था कुछ समझ में नहीं आ रहा था लेकिन अब दिमाग में काफी कुछ साफ़ हो गया था की यहाँ कोई रिश्ता नहीं है बस चूत और लंड का रिश्ता है.
सब चले गए थे दीपक आशु जावेद और बंटी भी समीर टीवी देख रहा था मैं उठी सीधे बाथरूम में घुस गई अब मुझे अपने आप से घिन सी आ रही थी ऐसा लग रहा था की जाने क्या करू मैं अपना मैं कम से कम १ घंटे तक नहाती रही क्यूंकि मुझे लगता रहा की मैं अब भी गन्दी हूँ लेकिन एक ओरत कितनी गन्दी हो सकती है मुझे बाद में मालूम चला आगे क्या हुआ यह अगली बार बताउंगी अभी तो मुझे बहुत कुछ सहना था

समाप्त


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