बड़ी दीदी की कुंवारी चूत फाड़ी भाग – 1

हेलो दोस्तों मेरा नाम गोलू है मैं अपने परिवार का सबसे छोटा सदस्य हूं| मेरे परिवार में कुल मिलाकर 5 सदस्य है जिसमें मेरे मम्मी पापा, दो बड़ी बहने हैं जिन्हें में प्यार से बड़ी दीदी व छोटी दीदी कह कर बुलाता हूं| अब मैं आपको अपने घर के सदस्यों का परिचय कराता हूं|

मेरे मम्मी पापा दोनों सरकारी कर्मचारी हैं| मेरी बड़ी दीदी लगभग 2 वर्ष पूर्व सरकारी जॉब प्राप्त कर चुकी है, छोटी दीदी सरकारी जॉब की तैयारी कर रही है|

बड़ी दीदी का नाम रेनू है व उनकी उम्र लगभग 26 वर्ष की है| छोटी दीदी का नाम स्वीटी है व उनकी उम्र लगभग 24 वर्ष की है|

मेरी दोनों ही बहनों का रंग दूध की तरह सफेद है| दोनों की हाइट लगभग 5 फीट 7 इंच के बराबर होगी| दोनों ही बहने देखने में काफी सेक्सी लगती हैं| कुल मिलाकर दोनों स्वर्ग की परियों की तरह सुंदर है|

मेरी उम्र लगभग 19 वर्ष के करीब है| तथा में ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में हूं| मैं रोजाना जिम जाता हूं| घर में खाने पीने, पैसे की कोई कमी नहीं है| मैं अपना अधिकतर समय घर पर ही व्यतीत करता हूं क्योंकि मेरे बहुत ज्यादा दोस्त नहीं है| अब मैं आपको सीधे अपनी कहानी पर ले चलता हूं| यह कहानी मेरी और मेरी बड़ी दीदी के बीच की है|

हमारा घर गांव के बाहर खेतों की तरफ बना हुआ है| हमारा घर दो मंजिला मकान है गांव के बाहर होने के कारण उसे बंद नुमा आकार में बनाया गया है जिससे कि चोर इत्यादि से सुरक्षा हो सके| घर की नीचे की मंजिल पर तीन बेडरूम, दो बाथरूम, एक किचन और एक टीवी देखने का हाल है| घर के अंदर से ही जीना ऊपर की मंजिल पर जाता है जहां पर 2 बेडरूम, 1 बाथरूम और एक गेस्ट रूम है| मम्मी पापा नीचे की मंजिल पर अपने कमरे में रहते हैं| छोटी दीदी ने नीचे 1 कमरे को लाइब्रेरी रूम की तरह बना रखा है तथा गए अधिकतर उसी में रहती है| मैं और बड़ी दीदी छत पर रहते हैं हम दोनों का एक ही बाथरूम है लेकिन बेडरूम अलग-अलग है|

प्राइवेसी के कारण मैं अपने घर का नाम व पता नहीं बता सकता| लेकिन इतना बता सकता हूं कि यह हरियाणा में गुरुग्राम के पास है|
दोस्तों जब मेरी उम्र 14 वर्ष के करीब थी तब मेरे एक बहुत जिगरी दोस्त से मुझे सेक्स के बारे में ज्ञान प्राप्त हुआ| क्योंकि उसके पापा सेक्सोलॉजिस्ट (सेक्स का डॉक्टर) है जिसके चलते उसे इसके बारे में अच्छा ज्ञान है, कुल मिलाकर मेरा दोस्त बहुत चतुर है लेकिन मेरी बहुत मदद करता है क्योंकि मैं उस पर बहुत पैसे खर्च करता हू, बहुत मौज मस्ती कर आता हूं| धीरे-धीरे उसने मुझे कुछ सेक्सी टिप्स और दवाइयां देनी शुरू कर दी| जिनका मैं स्वयं भी सेवन करता है| एक तो मैं जवान हो रहा था दूसरा दवाइयां, क्रीम की मालिश से मेरे लिंग का आकार धीरे-धीरे बदल रहा था| लगभग 18 वर्ष की उम्र आते-आते मेरे लिंग का आकार 8 से अधिक लंबा और बहुत मोटा हो चुका था लेकिन मैंने अपने लिंग की मसाज और दवाइयां फिर भी चालू रखें| जैसे ही मेरे लिंग ने अपना पूरा आकार ले लिया था तो मुझे सेक्स की बहुत अधिक इच्छा होने लगी थी| लेकिन मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी|

दोस्तों ने लगभग 1 वर्ष पहले अचानक से मेरे साथ एक घटना घटी| 1 दिन में और बड़ी दीदी स्कूटी पर बाजार से घर की तरफ आ रहे थे कि तभी अचानक जोरदार बारिश शुरू हो गई| मेरी रेनू दीदी स्कूटी चला रही थी, मैं पीछे बैठा था| जोरदार बारिश के कारण हम दोनों पूरी तरह से देख चुके थे| अब मैंने बड़ी दीदी से एक पेड़ के नीचे स्कूटी रोकने के लिए कहा, बड़ी दीदी ने तुरंत सड़क के किनारे पेड़ के नीचे स्कूटी रोक दी| जैसे ही मैं स्कूटी से उतर, मेरा ध्यान सीधा दीदी के कपड़ों पर चला गया| दीदी ने सफेद कलर का सलवार सूट पहन रखा था जो बारिश मैं भीगने के कारण की तरह से पारदर्शी हो चुका है| आज पहली बार मैंने किसी लड़की को पारदर्शी कपड़ों में देखा था और वो मेरी सगी बहन थी|

बड़ी दीदी का फिगर मुझे साफ-साफ दिख रहा था उनकी मोटी मोटी नंगी चूचियां साफ साफ दिख रही थी, दीदी की ब्रा मुझे साफ-साफ दिखाई दे रही थी| पेड़ से नीचे का भाग डबल कपड़ा होने की वजह से कम दिखाई दे रहा था लेकिन उसका आकार भी पूरी तरह से नजर आ रहा था| यह सब देखकर मेरे लिंग में तनाव आना शुरू हो चुका था| कुछ ही समय में मेरी पैंट मेरे लिंग में तनाव की वजह से टेंट बन गई थी क्योंकि मेरी नजर मेरी खूबसूरत दीदी से हट ही नहीं रही थी| आखिरकार मेरी चोरी पकड़ी गई क्योंकि दीदी ने मुझे यह सब करते देख लिया| बड़ी दीदी गुस्से से मुझे घूर घूर कर देख रही थी| इसी बीच कुछ और लोग पेड़ के नीचे आकर खड़े हो गए और दीदी को देखने लगे| अब हम दोनों ने वहां से चलना ही उचित समझा|

रास्ते में बड़ी दीदी ने मुझे थोड़ा सा डाटा और समझाया भी कि छोटू तू बहुत बिगड़ रहा है तुझे ही नहीं पता कि क्या कर रहा है किसको देख रहा है कहां देख रहा है| इस पर मैंने जवाब देते हुए कहा कि आप हो ही सुंदर, मैंने जानबूझकर नहीं किया, अपने आप ही हो गया| मेरा जवाब सुनकर बड़ी दीदी थोड़ी सी हंसी और कहा कि तू बहुत बिगड़ रहा है तू पहले अपने करियर पर ध्यान दें और एक अच्छी सी सरकारी जॉब प्राप्त कर ले उसके बाद देरी एक सुंदर सी परी से शादी करा दूंगी ठीक है| मैंने भी जवाब देते हुए कहा कि परी को ढूंढने की क्या जरूरत है मेरे साथ स्कूटी पर बैठी है| मेरा जवाब सुनकर बड़ी दीदी थोड़ी सी हंसी और बोली कि तू खुराक मांग रहा है| तेरी हड्डी पसली तोड़ दूंगी कुत्ते| यह दीदी के साथ मेरी पहली घटना थी|

इस घटना के पश्चात में ज्यादातर समय बड़ी दीदी के साथ व्यतीत करता हूं| वह जैसा कहती है वैसा ही करता उनकी हर बात मानता और दीदी पर जमकर लाइन मारता मौका मिलते ही उन्हें जी भर कर छेड़ता| मेरे इन हरकतों पर बड़ी दीदी मुझ पर बहुत गुस्सा करती लेकिन कुछ ही समय में मान जाती| क्योंकि मैं उनका इकलौता भाई था और घर में सबसे छोटा भी धीरे धीरे मेरी हरकतें और भी ज्यादा बढ़ने लगी| और मैंने कई बार दीदी को खुलेआम प्रपोज भी किया| मेरी हरकतों पर बड़ी दीदी मुझे पागल और मंदबुद्धि कहती| मुझे बार-बार समझाती कि यह सब भाई बहन के बीच नहीं होता| लेकिन मैंने तो बड़ी दीदी के सेक्सी फिगर को देख लिया था और मैं उसे भुला नहीं पा रहा था और मैं अपनी बड़ी दीदी को पाने के लिए पूरी तरह से पागल था| मैं बड़ी दीदी को बार बार आई लव यू कह कर प्रपोज करता लेकिन वह मेरी इस बात को बड़ी चतुराई से टाल देती| इसी तरह से तीन चार महीने व्यतीत हो गए| लेकिन ना ही में मान रहा था और ना ही बड़ी दीदी हां कह रही थी| मैं भी पीछे नहीं हट रहा था और बड़ी दीदी भी झुकने के लिए तैयार नहीं थी| मेरी सेक्सी हरकतों से परेशान होकर बड़ी दीदी ने एक दिन मेरी सारी बातें छोटी दीदी को बता दी| बड़ी दीदी ने स्वीटी दीदी को सारी बात बता दी की कैसे मैं उनकी पीछे पड़ा हूं और उन्हें अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता हूं|
अब मेरी पोल खुल चुकी थी मैं शर्म से पानी पानी हो गया| मैं कई दिनों तक चुपचाप और गुमसुम रहा और ज्यादातर समय अपने कमरे में ही व्यतीत किया क्योंकि दोनों बहनों ने मुझे जमकर खरी-खोटी सुनाई, मुझे कुत्ता हरामि और न जाने क्या-क्या कहा| मुझे इस तरह से परेशान देकर आखिरकार दोनों बहनों का हृदय पसीज गया और उन्होंने मुझे माफ कर दीया और अपने पास बैठाकर समझाया भी, यह सब भाई बहन के बीच नहीं होता अभी तेरी उम्र बहुत छोटी है, इतनी कम उम्र में यह सब करना सही नहीं है इसका तेरी सेहत पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा, तेरा शरीर अभी इस के लिए विकसित नहीं हो पाया है| इतनी कम उम्र में यह सब करने से तेरे शरीर का विकास रुक जाएगा और भविष्य में अपनी पत्नी के सामने सर झुकाना पड़ेग, तू उसकी इच्छाओं को पूरी नहीं कर पाएगा|
लगभग 1 हफ्ते के पश्चात हम भाई बहनों के बीच सब कुछ पहले की तरह नॉर्मल हो गए| लेकिन मैं अभी भी अपनी बड़ी दीदी को घूर घूर कर देखता किंतु मेरी हरकतें पहले से बहुत कम हो गई| अब मेरी इन हरकतों का बड़ी दीदी भी बुरा नहीं मानती और मुझसे कहती कि कभी-कभी अपना दिल भी बहला लिया कर बस तेरी हरकतें लिमिट में हो और तू अपनी लिमिट पार ना करें|
लेकिन मेरी दोनों बहने नहीं जानती थी कि वह जिस अंग के विकास की बात कर रही थी वह अब लगभग 9 इंच लंबा, बहुत मोटा हो चुका था और किसी की भी बैंड बजा सकता था|
इस घटना के कुछ दिनों के पश्चात 1 दिन रविवार का दिन था उस दिन सभी की छुट्टी थी| इसीलिए सभी उस दिन सुबह में देरी से उठते हैं| सुबह सुबह लगभग 7:00 बजे के करीब जब घर के सभी सदस्य सो रहे थे तो मैं बाथरूम में स्नान कर रहा था| क्योंकि घर के सभी सदस्य सोए हुए थे और मैं और दीदी ही केवल ऊपर का बाथरूम रोज यूज़ करते हैं| इसलिए मैं निश्चिंत था और नंगा होकर स्नान कर रहा था| शायद मैं बाथरूम का गेट लगाना भूल गया था| आधा स्नान लेने के पश्चात मैंने अपने शरीर पर साबुन लगाई| इसी बीच में मेरा हाथ मेरे लिंग पर पहुंच गया और मेरे लिंग में तनाव आना शुरू हो गया और कुछ ही समय में वह पूरे आकार में आ गया| मैं भी उसे हल्का हल्का सहला रहा था| साबुन लगाने के कारण मेरी आंखें बंद थी| अब मैंने दोबारा अपने शरीर पर पानी डालना शुरू किया| मेरा लिंग अभी भी पूरी तरह से खड़ा था| जैसे ही मैंने अपनी आंखों की साबुन धोली और मैंने अपनी आंखें खोली| मैंने देखा कि बड़ी दीदी बाथरूम में मेरे सामने खड़ी है| रेनू दीदी का मुंह खुला हुआ था और वह मेरे लिंग को घूर घूर कर देख रही थी मान लो कि उन्होंने पहले कभी जवान लिंग को देखा ही नहीं हो| यह सब देख कर मैं हक्का-बक्का रह गया| दीदी ने धीरे से मुझसे कहा कि इसी के कारण तू इतना बिगड़ रहा है यही तेरे बिगड़ने की असली वजह है अब मैं तेरे दिल की हालत समझ चुकी हूं| यह कहने के पश्चात दीदी थोड़ी सी मुस्कुरा दी और चुपचाप बाथरूम से चली गई| कहते हैं कि लड़कियों के पेट में कोई भी बात पचती नहीं है वह उसे दूसरे के साथ शेयर कर देती हैं| बड़ी दीदी ने सब कुछ छोटी दीदी को बता दिया| बाथरूम में मैं क्या कर रहा था और मेरे लिंग का साइज क्या है वह कितना बड़ा और मोटा है| अब दोनों बहने मेरे साथ हंसी मजाक करती| मुझे अकेले में बहुत चिढ़ात, और कहां करती कि तेरी शादी तो जल्द से जल्द करनी पड़ेगी|

इसी हसी मजाक के बीच में भी बड़ी दीदी से साफ-साफ कह देता कि अभी शादी करने की क्या जरूरत है मेरे पास तो परी पहले से ही है| आप कौन सा परी कम हो| मुझे तो सिर्फ आप को पटाना है इंतजार करने की क्या जरूरत| अब कभी कभी छोटा-मोटा मजाक छोटी दीदी के साथ भी हो जाता| लेकिन दोनों के साथ एक साथ कभी मजाक नहीं किया| असलियत में मैं बड़ी दीदी को पाना चाहता था और वह भी इस बात से पूरी तरह से परिचित थी … छोटा भाई उनके साथ खेलना चाहता है सब कुछ करना चाहता है उनके साथ सोना चाहता है| लेकिन बड़ी दीदी जानबूझकर अनजान बनने का नाटक करती| मैं और भी बुरी तरह से अपनी बड़ी दीदी के पीछे पड़ गया|

दोस्तों कहते हैं भगवान के घर देर होती है अंधेर नहीं और सब्र का फल बहुत मीठा होता है| मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ मेरे सब्र का फल बहुत मीठा निकला| वास्तव में एक की जगह 2-2 फल मिले और बहुत मीठे, मजा ही आ गया| इसी साल लगभग 4 महीने पहले जनवरी के महीने में हमारे चाचा जी की लड़की की शादी थी| जिनका घर हमारे घर के पास ही है और उनका घर भी गांव के बाहर की तरफ बना हुआ है| लेकिन उनके घर के आगे इतना बड़ा पार्क और आंगन नहीं है जितना कि हमारे घर के आगे बड़ा है| हां घर के पीछे की तरफ जमीन दोनों पर बराबर है लगभग 25-25 बीघा और दोनों ही खेतों के बीच में एक एक ट्यूबवेल भी लगी हुई है जिसके लिए कच्चा रास्ता जाता है| दोनों घर सड़क के दोनों तरफ एक दूसरे के आमने-सामने है एक तरफ और दूसरी तरफ चाचा जी रहते हैं| शादी के दिन यह तय किया गया कि हमारे घर के पार्क में शादी का टेंट लगाया जाएगा और गाड़ी खड़ी करने की व्यवस्था चाचा जी के घर के पास की जाएगी| शादी की कुछ रीति-रिवाज हमारे घर पर किए जाएंगे और कुछ चाचा जी के घर पर| तथा मेहमान भी दोनों घरों में रुके हुए थे कुछ हमारे घर पर और कुछ चाचा जी के घर पर| क्योंकि शादी रात की थी और सर्दी का मौसम था अतः रिश्तेदारों के लिए गद्दा और रजाई का प्रबंध किया गया था| शादी के दिन हमने अपने सभी रिश्तेदारों को बुलाया मैंने अपने सभी दोस्तों को भी बुलाया| परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अपने दोस्तों को बुलाया| शादी का प्रोग्राम और खाना पीना शाम को लगभग 5:00 बजे शुरू हो गया| और लगभग 7:00 बजे तक बारात भी समय से ही आ गई क्योंकि हल्का-हल्का कोहरा छाना शुरू हो गया था| इसीलिए बहुत से लोग समय से ही खाना खाकर विदा हो गए| लगभग 8:00 तक कोहरा पूरी तरह से छा गया था| उस दिन बहुत घना कोहरा था और चांदनी रात थी| चांदनी रात में हल्का-हल्का दिखाई दे रहा था किंतु घना कोहरा होने की वजह से दूर का दिखाई नहीं दे रहा था| लगभग 9:00 तक मेरे सभी दोस्त जा चुके थे उस समय टेंट में तो कुछ भीड़ थी लेकिन घर खाली खाली लग रहा था| क्योंकि बहुत से लोग ठंड की वजह से रजाई में लेट चुके थे| लेकिन हम तो शादी वाले थे लड़की वाले थे इसलिए हम सभी रिश्तेदारों की मेहमान नवाजी में व्यस्त थे| उस दिन शाम के समय से ही मैं ही कुछ नोटिस कर रहा था कि एक दुबला पतला लड़का मेरी बड़ी दीदी कि आगे पीछे घूम रहा था जब मैंने अपनी छोटी दीदी को उसके बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वह दीदी के साथ ऑफिस में काम करता था| शायद मैं उनको बहुत घनिष्ठ मित्र था| किंतु अब उसका ट्रांसफर दूसरी जगह हो गया है लेकिन मैं फिर भी शादी में आया है|
अब लगभग 9:30 के करीब समय होगा और कोहरा बहुत खड़ा हो चुका था अब लगभग 10 से 15 कदम दूर तक ही देखा जा सकता था| उस समय में टेंट के पीछे खड़ा हुआ था और वहां अन्य कोई नहीं था तभी मैंने देखा कि मेरी बड़ी दीदी जिसका नाम रेनू है चुपके से घर के पीछे खेतों की तरफ जा रही थी मैंने सोचा हो सकता है ऐसे ही खेतों की तरफ देखने जा रही होगी और मैं अन्य कामों में व्यस्त हो गया लगभग 10 से 15 मिनट के पश्चात पापा के बहुत करीबी दोस्त विदा हो रही थी और पापा ने मुझे उन्हें एक मिठाई का डिब्बा देने के लिए बोला अब मैं मिठाई के डिब्बे के लिए पर अपनी बड़ी दीदी को ढूंढ रहा था लेकिन वह कहीं नहीं थी अब मैंने दोनों घरों में अपनी बड़ी दीदी को अच्छी तरह से ढूंढ लिया था लेकिन वह कहीं नहीं थी| अब मुझे कुछ शक हुआ मैंने गौर से देखा और ढूंढा … उनका वह दोस्त जो उनके साथ साथ था वह भी दिखाई नहीं दे रहा था| मैंने जल्दी से मिठाई का डब्बा लिया और पापा के दोस्त को दिया| इश्क तुरंत ही पश्चात में चुपके से अपने घर के पीछे खेतों की तरफ निकल पड़ा| घर से लगभग 50 मीटर पीछे अपने खेतों में पहुंचने के पश्चात भी मुझे कोई सुराग हाथ नहीं लगा| मैं इधर उधर ढूंढ रहा था लेकिन कहीं कुछ नहीं मिल रहा था| और यह इतना आसान भी नहीं था क्योंकि हमारे खेतों में गन्ने की फसल खड़ी हुई थी| ऊपर से घना कोहरा इसे बहुत मुश्किल बना रहा था| लगभग 10:10 हो चुके थे लेकिन मैं हार मानने को तैयार नहीं था लगभग 10 मिनट और ढूंढने के पश्चात में निराश हो गया| सिचुएशन इस तरह की थी कि मैंने तो आवाज कर सकता था और ना ही अपने आने की आहट किसी को दे सकता था तभी अचानक किस्मत ने मेरा साथ दिया| मुझे एक टेलीफोन की घंटी की आवाज सुनाई दी| और लगभग 5 सेकंड में ही वह बंद हो गई| लेकिन मोबाइल की घंटी की आवाज से मुझे उस जैसा का अंदाजा हो गया था| जो शायद मुझसे कुछ ही दूरी पर हमारे गन्ने के खेत से आ रही थी| मैंने बहुत धीरे-धीरे पर सावधानी से उस दिशा में चलना शुरू किया| मुझे किसी के फुसफुसाना की धीमी धीमी आवाज आनी शुरू हो गई| उसमें से एक आवाज मेरी दीदी की लग रही थी और दूसरी उस लड़के की शायद जो उनका मित्र था| मैंने और भी ज्यादा सावधानी से और बहुत धीमी धीमी में छुपकर आगे बढ़ना शुरू किया| मुझे अपने से आगे लगभग 15 कदम दूरी पर एक लड़का और लड़की लेटे हुए नजर आने लगे लेकिन वे बहुत धुंधले धुंधले दिख रहे थे| मैंने 5 कदम और आगे की तरफ पढ़ाई और बड़ी सावधानी से छुपा रहा| अब चांदनी रात थी आगे का नजारा साफ-साफ दिख रहा था| नजारा देखकर मेरे होश उड़ गए|

मैंने देखा कि इतनी कड़ी सर्दी में भी मेरी दीदी जमीन पर नंगी लेटी हुई थी और उनका वह दोस्त भी उनकी जांघों को खोलकर उनके बीच में नंगा बैठा हुआ था| दोनों स्पष्ट लड़का मेरी दीदी की चुचियों को बहुत बुरी तरह से मसल रहा है| और उनकी चूत मारने की तैयारी कर रहा है| हो सकता है एक बार वह मेरी दीदी को पूरी तरह से चोद चुका हो क्योंकि बहुत समय व्यतीत हो चुका था| क्योंकि दोनों लगभग 1 घंटे से गायब थे| इस पर मुझे बहुत गुस्सा आया| और मैं आग बबूला हो गया| जिम जाने के कारण मेरा शरीर हटा कटा था भले ही में उम्र में उन दोनों से छोटा हूं| मैंने सोच लिया था कि इस लड़के को पकड़कर बहुत मारना है| अब मैं उन दोनों को पकड़ने ही जा रहा था कि मुझे मेरी दीदी के फुसफुसाना की आवाज सुनाई दी| रेणु धीमी धीमी आवाज में बोल रही थी कि क्या कर रहा है तेरे से कुछ होगा कि भी नहीं| इतने दिनों से मेरे पीछे पड़ा है| और मुझसे शादी करना चाहता है| जब तुझे आज मिल गई तो| पहले तो तेरा मुझे देखकर ही पानी निकल गया| अब इतनी देर से यह खड़ा ही नहीं हो रहा| कर भी सकता है कि नहीं| इस पर वह लड़का धीमी आवाज में बोला कि जानू मुझे पता नहीं था कि आप मुझे मिलने वाली हो वरना मैं पहले से ही वियाग्रा की दो गोली लेकर आता और तुमको खुश कर देता, इसके बाद दीदी थोड़े गुस्से में बोली चूहे जितना साइज है तेरे लिंग का और बातें देखो बड़ी-बड़ी इससे लंबा तो छोटे बच्चों का होता है|……….


दोस्तों अगले भाग में कहानियां जारी रहेगी ……….





कृपया कहानी पर कमेंट करके मुझे जरूर बताएं कि आपको कहानी कैसी लगी|

इसके अलावा जो भी हमारी प्यारी प्यारी भाभी, जिनकी प्यास उनका हमसफ़र नहीं बुझा सकता और हॉस्टलों इत्यादि में रहने वाली लड़कियां, जिनके पास बॉयफ्रेंड नहीं है और बहुत शर्मीली टाइप की है| मैं उनकी प्यास को बुझा सकता हूं| मैं सभी की प्राइवेसी का ख्याल रखूंगा|

मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं केवल आपके साथ कुछ हसीन पल बताऊंगा, मैं आपसे शादी इत्यादि का कोई वादा नहीं करूंगा| मैं आपकी प्राइवेसी, पहचान गुप्त रखूंगा और आप मेरी रखना|

जो भी लड़कियां और भाभियों इस में इंटरेस्टेड है, मेरी नीचे दी गई मेल आईडी पर संपर्क कर सकती हैं|

केवल लड़कियां और भाभियों ……..

में किसी आंटी के साथ सेक्स नहीं करूंगा|

[email protected]

यह कहानी भी पड़े  बेटे ने मा को बिस्तर पर गरम करके चोदा


error: Content is protected !!