बाप ने तोड़ी बेटी की सील

हेलो दोस्तों, माफी चाहूँगा की आप सब को मेरा वेट करना पड़ा. आयेज की स्टोरी समझने के लिए आप सभी न्यू रीडर्स से अनुरोध है की पिछले पार्ट्स पढ़ ले. अब आयेज की स्टोरी:-

मैने उसकी छूट चाट-चाट के पानी निकाल दिया, और वो पागल सी हो गयी थी. फिर मैने अपने कपड़े निकाले और मेरा लंड देख के वो बोली-

बेटी: ये क्या है पापा? ये तो बहुत बड़ा लग रहा है आज जब पास से देखा.

मैं: मेरी जान, ये वही लंड है जिससे तेरी मा चुड्ती थी, और तू पैदा इसी से हुई है.

बेटी मेरा लंड पकड़ के सहलाने लगी और बोली-

बेटी: बहुत बड़ा है पापा आपका लंड, मेरी छूट में नही जाएगा.

मैं: साली फिलहाल तू चूस इसको, मूह में ले.

और वो मेरे 8 इंच लंबे और 2.5 इंच मोटे लंड को अपने मूह में लेने की नाकाम कोशिश करने लगी. फिर वो मस्त चूसने लगी. ऐसा लग रहा था की कितनी खेली खाई हो.

मैं: तू तो ऐसे चूस रही है की जैसे रोज़ चूस्टी हो.

बेटी (मूह से लंड निकालते हुए): देखती तो रोज़ थी ना उस कुटिया को इसको चूस्टे हुए.

मैं: साली, तेरी मा है, कुटिया क्यूँ बोल रही है? कुटिया बस मेरी है वो.

बेटी: पापा प्लीज़ मुझे बना लो ना अपनी कुटिया, उसकी जगह.

मैं: साली तुझे तो अपनी रंडी बनौँगा. चल अब मूह में ले.

वो मेरा लंड चूस रही थी. मैं उसके बाल पकड़ के उसके मूह को छोड़ रहा था. जब लंड पूरा अंदर डालता तो उसकी आँखें निकल आती और वो ख़ासने लगती. मुझे ये देख के बड़ा मज़ा आ रहा था, कल तक जो मेरे लिए सपना था, जो मेरे लिए बेटी थी, वो आज नंगी मेरे सामने रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी. फिर मैने उसको अपने उपर लिया और 69 का पोज़ बनाया और उसकी छूट में उगली डालने लगा.

बेटी: ह, पापा लग रही है मेरी छूट में.

मैं: साली अभी तो उंगली डाली है, उसी से चिल्ला रही है. फिर मेरी कुटिया कैसे बनेगी?

बेटी: आज चाहे मेरी जान निकल जाए. पर मैं आपकी कुटिया बन के रहूंगी.

मैं: ये हुई ना मेरी रंडी.

फिर मैने उसको नीचे लिटाया, और उसके उपर आके उसकी छूट पर अपना लंड रगड़ने लगा.

बेटी: अहह और ना तड़पाव पापा.

मैं: तोड़ा और मज़ा ले अभी जब अंदर जाएगा तो साली रोएगी.

बेटी: कुछ भी हो जाए, आप रुकना नही.

मैने उसकी छूट पर लंड सेट किया और उसके दोनो हाथ उसके सिर के पीछे पकड़ लिए. फिर एक झटका मारा.

बेटी: आईईई मॅर गयी, निकालो इसको.

मैं: साली अभी तो कह रही थी कुटिया बनेगी. अभी तो 2 इंच ही गया है.

बेटी: प्लीज़ पापा निकालो, बहुत दर्द हो रहा है. मॅर जौंगी मैं.

मैं: आज चाहे कुछ भी हो जाए साली, तेरी छूट फाड़ के मानूँगा.

और मैं उसके बूब्स चूसने लगा और उसको किस करने लगा. वो रोए जेया रही थी. बेचारी कमसिन थी, और उसके उपर मेरे जैसा सांड़ चढ़ रहा था. उसकी हालत खराब हो रही थी. फिर मैने एक और झटका मारा और लंड 5 इंच लगभग अंदर था.

वो चीखने लगी, मुझे भी ऐसा लग रहा था मेरा लंड टूट जाएगा, एक-दूं टाइट छूट थी उसकी. फिर मैने तोड़ा-तोड़ा आयेज-पीछे करना शुरू किया.

बेटी: पापा बहुत दर्द हो रहा है.

मैं: मेरी जान, तोड़ा सहन कर ले. तभी तो बनेगी पापा की कुटिया.

बेटी: पापा तोड़ा रूको.

मैं रुक के उसको सहलाने लगा. फिर कुछ उसको पाईं कम हुआ तो मैं हल्के-हल्के झटका मारने लगा. उसका पाईं कम हुआ.

बेटी: पापा कितना बाहर है?

मैं: अपने आप देख ले.

उसने नीचे हाथ लगा के देखा और बोली-

बेटी: अभी तो बहुत बाहर है. जान लोगे क्या अपनी बेटी की आज?

मैं: जान नही, बस तुझे छोड़ूँगा. अपनी रंडी बनौँगा.

बेटी: पापा मैं तो अब बन गयी तेरी कुटिया. पूरा डाल के रंडी बना ले.

मैं: तुझे गालियाँ देनी आती है?

बेटी: आपको बुरा लगेगा पापा.

मैं: साली मज़ा आएगा, कुटिया.

बेटी: भोसड़ी के बात ना छोड़, मेरी छूट छोड़.

मैं: अर्रे तू तो साली रंडी निकली.

और मैं उसकी छूट धीरे-धीरे छोड़ रहा था.

बेटी: पापा अब दर्द कम है, आप छोड़ो.

मैं उसको छोड़ने लगा दबा के. उसकी टाँगें पूरी खोल के लंड पेलने लगा. मैने नीचे देखा लंड पूरा ब्लड में था. तकरीबन 15 मिनिट उसकी छूट को छोड़ता रहा, और वो आहें भारती रही. उसकी आँखों से आँसू रुक नही रहे थे. वो 3 बार झाड़ चुकी थी, मेरा होने वाला था.

मैं: मेरा होने वाला है, कहाँ निकालु?

बेटी: मैं फर्स्ट टाइम अंदर लूँगी.

मैं झटके तेज़ करता रहा और अपना सारा पानी उसकी छूट में निकाल दिया. फिर मैं उसके उपर से हॅट गया. वो दर्द से कराह रही थी. उसने नीचे देखा.

बेटी: ये क्या किया आपने, मेरी छूट फाड़ दी? इतना ब्लड.

मैं: पहली बार ऐसा ही होता है.

बेटी: शरम ना आई अपनी बेटी की छूट फाड़ के?

मैं: साली तुझे ना आई बाप के नीचे नंगी लेट के?

बेटी: थोड़ी सी आई, पर लंड के आयेज सब चली गयी.

और मैं उसको अपनी बाहों में लेके प्यार करने लगा. उसकी मासूमियत को देखने लगा. वो भी मुझे किस करने लगी और बोली-

बेटी: पापा टाय्लेट जाना है, मैं कपड़े पहन लू?

मैं: नही ऐसे ही नंगी रहेगी तू.

बेटी: पापा देखो, बेडशीट लाल हो गयी है. और मेरे पाईं भी हो रहा है.

मैं: ये तो तेरी छूट के उधघाटन की निशानी है.

मैने उसको एक पाईं की डॉवा दी, और वो चल भी नही पा रही थी. तो उसको लेके बातरूम गया, और उसको वहीं पर मूट कराया उसकी छूट एक-दूं सूज गयी थी. उसको लेके बेड पर लिटाया और मैं बोला-

मैं: कैसा लग रहा है जान?

बेटी: पापा आपने बहुत बेदर्दी से छोड़ा है. तोड़ा तो रहम करते, बेटी हू आपकी.

मैं: रहम छूट पर करता तो कैसे छोड़ता, और अब तू मेरी रखैल है.

बेटी: पापा मैं रखैल ही सही, बुत एक बात बोलू?

मैं: हा बोल.

बेटी: मुझे शादी करनी है आपसे.

इससे आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में. तो दोस्तों ऐसे मैने बनाया उसको काली से फूल. उसकी छूट को अपने लंड की रानी बनाया. आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में, मुझे फीडबॅक दे ओं विकारँसेक्शी@गमाल.कॉम, और बताए अब तक कैसी लगी स्टोरी आंड सजेशन दे जिससे मैं इसको और अची तरह लिख साकु. मुझे अभी उतने मेल्स नही आए जिससे मुझे लगे आप लोग स्टोरी पसंद कर रहे है.

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