बाप ने की हरकत अपनी बेटी की पनटी के साथ

अब आयेज की कहानी…

सोने के कुछ देर बाद मुझे मेरी गंद के पीछे कुछ चुभाने लगा. जिससे मेरी अचानक से नींद खुल गयी. ज्ब मेरी आँख खुली मैने देखा की मैं छोटे भाई की तरफ कमर कर के सो रही हू और भाई का एक हाथ पीछे से मेरे बूब्स के उपर है. उसने मुझे पीछे से हग किया हुआ है. और अपनी एक लेग मेरे उपर कर के सो रहा है. और भाई का लंड खड़ा मेरी गंद पर टच हो रहा है.

मैं एक दूं से भाई की तरह पलटी. और अपना मूह भाई के तरफ कर के लेती तो देखा भाई अभी तक सोया ही नही है.

फिर मैने अपने मोबाइल में टाइम देखा तो सुबा के 5 बाजी थी.

मैं – (हल्की नींद में) तू पागल है क्या. अभी तक जाग रहा है. तेरा नुणु फिर से खड़ा क्यू है.?

छोटा भाई – नीलू दीदी मुझे नींद नही आ रही.?

मैं – नींद कहाँ से आएगी तू अभी तक शांत नही हुआ क्या कामिनी. चल आजा मैं सुलौऊ तुझे.

मैने भाई को हग किया. जिससे भाई का मूह मेरे बूब्स में टच होने लगा.

फिर मैने उसके खड़े लंड पर हल्की सी तपद मारी और बोली….

मैं – इसको बेता ले और सोजा अब चल.. नही तो तोड़ दूँगी मैं इसको अब.

छोटा भाई – नीलू दीदी.. बहुत महीने बाद अपने मुझे प्यार किया. और अभी तो पूरा भी नही हुआ. नुणु तो आपने अपने अंदर डाला नही. मेरा म्न कर रहा दीदी अंदर डालने का.

मैं – तू अभी जब मैं सो रही थी तो तू पीछे से अंदर डालने की ट्राइ कर रहा था क्या???

छोटा भाई – नही नही नीलू दीदी….

मैं – (दांते हुए) कमीन्नईए… बहुत बदमाश होता जा रहा है तू अभी से. इतना छोटा सा तो है तू. ये सब बोलने लगा है मेरे आयेज अभी से.

छोटा भाई – सॉरी नीलू दीदी… वो मैं…..

मैं – (दांते हुए) कुत्ते…. सो जा आराम से. तेरी इतनी छोटी उमर में ही इतने मज़े दे रही हू तुझे. अभी तुझे दुनिया का सब्से बेस्ट ब्लोवजोब दिया. मज़ा नही आया क्या तुझे. जो अभी भी तुझे चैन नही है.

छोटा भाई – नीलू दीदी.. मज़ा तो बहुत जयदा आया.

मैं – (दांते हुए) तो फिर.. इतनी छोटी सी उमर में जो मिल रहा उशी में खुश रह. और मेरे हिसाब से होगा जो होगा तेरे हिसाब से नही. मैं तेरी बड़ी बेहन हू. और आज के बाद मुझे कभी ये सब बोला ना की नुणु अंदर डालना है ऐसा कुछ तो 2 तपद लगा दूँगी. छोटा है छोटा बन के रह. सोजा अब नही तो पीट जाएगा.

छोटा भाई – ओके दीदी….

मेरी दाँत खा के थोड़ी देर में ही छोटा भाई और उसका नुणु हहहे दोनो ही सो गये. और मेरी भी नींद पूरी नही हुई थी. तो मुझे बहुत गंदी नींद आ रही थी.

लेकिन सुबा के 5.30 बाज चुके थे तो मैने देखा की दोनो नंगे सो रहे हैं और सुबा हो गयी है.

मैने अपने कपड़े पहने और छोटे भाई को कपड़े पहने के लिए उतने लगी.

मैं – ओईए कपड़े पहन ले सुबा हो गयी है. कपड़े पहन के सो जा.

छोटा भाई – (नींद में) – दीदी… सोने दो ना.

लेकिन भाई काफ़ी गहरी नींद में बेहोश सो रहा था. तो मैने सोचा अभी थोड़ी देर पहले दाँत खा के सोया है मेरे से. सोने देती हू. फिर मैने ही भाई को उशके कपड़े नींद में पहना दिए. और फिर मैं भी आराम से सो गयी.

सुबा 9 बजे मम्मी ने मुझे उठाया. मम्मी ऑफीस जाने के लिए त्यआर थी.

मम्मी – नीलम बेटा.. उठ जा बेटा जल्दी से. मैं और तेरे पापा ऑफीस जा रहे हैं. सफाई कर ले घर की. मैने बर्कफ़ास्ट ब्ना दिया है. और तेरे पापा भी त्यआर हो रहे हैं ऑफीस के लिए. कार्तिक को भी उठा जल्दी और तू भी खाना खा लियो इसको भी खिला डियो.

मैं – (हल्की नींद में) ओके मम्मी. उठ रही हू बस

मैं काफ़ी ताकि हुई थी. रात को लाते सोने पर नींद भी पूरी नही हो पाई. मैं थोड़ी देर ऐसे ही बेड पर लेती रही. भाई साथ में ही बेशहॉष सो रहा था आराम से. थोड़ी देर में ही मों दाद ऑफीस चले गये.

मैं भी फिर भाई को उठाने लगी. सुबा के 9.30 बाज गये थे.

मैं – (भाई के सर पर हाथ फेरते हुए) उठा जा भाई. 9.30 बाज गये.

छोटा भाई – (नींद में) – अभी नही दीदी. अभी सोने दो मुझे थोड़ी देर.

मैं – उठ जा ना जल्दी से. मम्मी बर्कफ़ास्ट बना गये हैं. ठंडा हो जाएगा. नहा ले जल्दी से मैं भी सफाई कर लेती हू इतने फ्टा फ्ट.

छोटा भाई नखरे करने लग गया की….

छोटा भाई – नही दीदी अभी मैं नही उठ रहा. प्लीज़ सोने दो अभी.

मैं – अछा तू लगता है ऐसे नही मानेगा.

और मैं एक दूं से उसके उपर लेट गयी. भाई उल्टा लेता हुआ था मैं उसकी कमर पर चाड के लेट गयी. जिससे मेरे बूब्स उसकी कमर पर डब गये.

छोटा भाई – (थोड़े गुस्से में) ओह दीदी… उठाओ उपर से… मैं अभी नही उठ रहा बस. सोने दो प्लीज़

और उसने मुझे हल्का सा धका दे कर अपने उपर से हटा दिया.

मैं – ( भाई के बाल सहलालटे हुए) – उठ जा ना यार. अछा कल रात की दाँत से नाराज़ है क्या?

छोटा भाई कुछ नही बोला मेरे से मूह दूसरी तरफ कर के लेता था.

मैं – अछा चल सॉरी.. कल जयदा दाँत दिया तुझे. सॉरी ना भाई… अब तो उठ जा.

फिर मैं एक दूं से उसको गुदगुदी करने लगी की उठ जा अब सॉरी. माफ़ कर दे अपनी नीलू दीदी को.. प्लीज़ ना. और उससे पंगे लेने लगी.

भाई भी फिर हल्का हासणे लगा. उसके फेस पर स्माइल देख कर काफ़ी अछा लगा.

मैं – (प्यार से समझते हुए) देख मेरे प्यारे से छोटे भाई. शुरू शुरू में हमारे बीच बहुत जयदा ये सब होने लग गया था. और तू अभी बहुत छोटा है. इषली मैने काफ़ी मंत्स तुझे प्यार नही किया. अभी तू छोटा है तेरे लिए ये सब जयदा क्रना ठीक नही है. इषली मैं तुझे दाँत देती हू. वैसे तो मैं बहुत प्यार क्रती हू तुझसे कामीने. और मम्मी पापा को ग़लती से भी शक हुआ तुझे तो कुछ नही कहेंगे लेकिन मुझे ज़रूर जान से मार देंगे.

छोटा भाई – सॉरी दीदी… मैं आपको अब कभी ऐसा कुछ नही बोलूँगा. आप जब जैसा चाहोगे वैसा होगा. मैं कभी नही बोलूँगा आपको ना कभी ज़िद्द करूँगा… लोवे उ नीलू दीदी.

मैं – हॅम लोवे उ टू मेरे भाई… अछा तेरा बर्तडे भी तो आने वाला ह. इश्स बार तेरा बर्तडे आचे से मानेंगे हम सब. तेरे लिए अछा सा सर्प्राइज़ प्लान करूँगी. ठीक है…

मैने भाई की थोड़ी नाराज़गयइ दूर करने और उशे तोड़ा खुश करने के लिए बात तो घुमा दिया और उसका बर्तडे भी जल्दी ही आने वाला था तो उसके बर्तडे पार्टी वगेरा की बाते शुरू कर दी.

थोड़ी देर बात मस्ती हसी मज़ाक करने के बाद.

मैं – अछा चल थोड़ी देर में उठ जा. मैं इतने ब्रश वगेरा कर के आती हू फिर मैं सफाई कृंगी तू इतने जल्दी से नहा ले.

छोटा भाई – ओके दीदी….

फिर मैं वॉशरूम में ब्रश करने और हाथ मूह ढोने के लिए गयी.

मैने वॉशरूम में नोटीस किया की मैने रात को अपनी ब्रा पनटी जहाँ रखी थी वहाँ से हट कर दूसरी साइड में रखी हुई है.

फिर मुझे लगा की रात को शायद मैने यहीं ही रखी होगी. मुझे वहाँ हो रहा है फालतू में.

मैने अपनी ब्रा पनटी वॉशिंग मशीन में डालने के लिए उताई तो मुझे महसूस हुआ की मेरी पनटी काफ़ी गीली हुई पड़ी है.

मैने अपनी पनटी को खोल के देगा तो मैं एक दूं से शोकेड ही हो गयी. मेरी पनटी में वाइट वाइट और इतना सारा गाड़ा माल गिरा हुआ है. मेरी पूरी पनटी ही पूरे माल से भारी हुई थी.

मेरा तो ये देख कर यूयेसेस टाइम दिमाग़ ही खराब हो गया. मेरे माइंड में आया की ये छोटे भाई ने ही किया है.

रात को मैने उसको माना किया था और दाँत भी दिया था तो खुद को शांत करने के लिए सुबा वॉशरूम में आ कर मेरी पनटी के साथ खेल कर मूठ मार के सारा माल मेरी पनटी में गिरा दिया होगा. मुझे बहुत गुस्सा आने लगा.

और मैं उशी टाइम अपने रूम में सीधा भाई के पास गयी और उसके कान खिच कर बोली…

मैं – (भाई के कान खिचते हुए गुस्से में) जब कल रात तुझे माना किया था और इतनी दाँत भी पड़ि तुझे. और अब तू ये सब करने लग गया है कामिनी.

छोटा भाई – (हेरनी में) नीलू दीदी हुआ क्या है. मैने क्या किया है अब??

मैं – तू सुबा वॉशरूम गया था उठ के या फ्रेश वगेरा होने या कुछ भी करने?

छोटा भाई – नही दीदी.. मैं अभी तो उठा ही हू. और अपने ही मुझे अभी उठाया है. मैं तो रात में जब अपने दांता था मुझे उसके बाद ही सो गया था और अब ही उठा हू आपके उठाने पर. आज सुबा तो मैं गया ही नही वॉशरूम कसम से दीदी.

मैं – (कन्फ्यूषन में) अछा चल ठीक है, मैं ब्रश कर के बस आ रही हू तू नहा ले फिर जल्दी से.

छोटा भाई – लेकिन नीलू दीदी हुआ क्या है.?

मैं – कुछ नही.. तू बस जल्दी से उठ जा अब.

और मैं वापिस वॉशरूम में आ गयी. मुझे लगा की भाई जान के झुत बोल रहा है क्यूकी अगर सच बोलेगा तो मुझसे दाँत और मार पड़ेगी.

फिर मैने पनटी को उठाया तो मुझे लगा की भाई शायद सच बोल रहा है क्यूकी उसने कसम भी खाई है और पनटी में बहुत ही जयदा गाड़ा वाइट वाइट माल है. जिससे मेरी पूरी पनटी ही भारी पड़ि थी.

मेरा बहुत जयदा दिमाग़ कराब होने लगा. अगर भाई ने ऐसा नही किया तो किसने किया कैसे किया. शक तो मेरा फिर सीधा पापा पर ही जाना था.

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