बाप ने की बेटी को गरम करने की कोशिश

गोपाल के रूम का गाते खुला हुआ ही था, और गोपाल की चीखें अनामिका तक भी गयी. अनामिका ये चीख सुन्न कर दर्र ही गयी. वो भागते-भागते बाहर आई, और उसने अपने पापा को सीडी के नीचे गिरा हुआ पाया.

गोपाल दर्द से चीख रहा था. उसके सर में चोट आई थी, और तोड़ा खून भी निकल रहा था. अनामिका ने जल्दी से अपने पापा को उठाया, और परेशन हो गयी. वो अपने पापा को रूम तक ले गयी. उसने होटेल के स्टाफ से फर्स्ट-ाईड कीट माँगी. ये सब इतनी जल्दी हुआ की दोनो बाप बेटी सब भूल गये थे, थोड़ी देर पहले रूम में क्या हुआ था.

अनामिका अपने पापा के ज़ख़्म सॉफ कर रही थी. फिर उसके बाप की नज़र अनामिका के बड़े बूब्स पे गयी. अनामिका ने अपने पापा को फिर उसके बूब्स को देखते पकड़ लिया.

अनामिका: अभी भी आप मुझे ही देख रहे हो. शरम नही आती आपको?

गोपाल: अनामिका मैं अपने आप को कंट्रोल नही कर पा रहा हू. मैं तुमसे प्यार करता हू. और जब-जब मैं तुम्हे देखता हू, तब-तब मेरी नज़रें उधर ही जाती है. तुम बिल्कुल अपनी मम्मी पे गयी हो. तुम्हारी आगे में तुम्हारी मम्मी भी इतनी खूबसूरत थी.

अनामिका को समझ नही आ रहा था वो क्या बोले. उसने अपने बाप को अभी दांता था. पर फिरसे वो वही कर रहा था.

गोपाल: मैं जानता हू तुम्हे ये सब अजीब लग रहा है. पर मैं तुम्हे अपनी जवान बीवी समझ कर प्यार करना चाहता हू. क्यूंकी सुनीता भी तुम्हारी तरह दिखती थी इस आगे में.

अनामिका: पापा ये पासिबल नही है. मैं आपकी बेटी हू. और मैं अपनी मम्मी को धोखा नही दे सकती.

अनामिका रोते-रोते अपने बेड पे जाके सो गयी.

नेक्स्ट मॉर्निंग…..

गोपाल जल्दी से रेडी होके ऑफीस के काम से चला गया, ताकि उसे अपनी बेटी का सामना ना करना पड़े.

अनामिका पूरा दिन डिप्रेशन में थी. वो सारी बातें उसके कानो में गूँज रही थी, की उसके पापा उसको प्यार करना चाहते थे. धीरे-धीरे वो भी गरम हो रही थी. पर उसने हार नही मानी थी.

दरअसल उसका शरीर पापा की तरफ आकर्षित हो गया था. पर दिमाग़ अभी भी बोल रहा था की ये सब ग़लत है. गोपाल जब शाम को होटेल पहुँचा तब उसने अपनी बेटी को उदास देखा. अनामिका ने भी कोई रिक्षन नही दिया अपने पापा के आने से.

तब गोपाल ने सोचा ऐसे तो गर्बाद हो जाएगी, और अगर ऐसा ही चलता रहा तो घर में सब को पता चल जाएगा. तो गोपाल ने मूड लाइट करने के लिए उसे बाहर चलने को बोला डिन्नर के लिए.

अनामिका: मुझे नही जाना कही.

गोपाल: सॉरी अनामिका मैं फिरसे एक बार माफी माँगता हू. अब से ऐसा नही होगा. मैं सब कुछ पहले जैसा करना चाहता हू. प्लीज़ चलो डिन्नर के लिए तभी तुम्हारा मूड तोड़ा ठीक होगा.

अनामिका मॅन में सोचती रही की क्या करू. तभी गोपाल ने अपने कान पकड़ कर फिरसे माफी माँगी, और एक चॉक्लेट अपनी बेटी को दी, जो वो बचपन में उसे दिया करता था. चॉक्लेट देख के अनामिका खुश हो गयी, और बाहर जाने को रेडी हो गयी.

जैसा की मैने बताया अनामिका ओपन माइंडेड है. वो अपना मूड तुरंत सिचुयेशन के हिसाब से अड्जस्ट कर लेती है. अनामिका ने एक स्लीव्ले टॉप और प्लाज़ो पहना. बाहर डिन्नर करते समय दोनो आमने-सामने बैठे. खाना खाते-खाते दोनो के पैर ग़लती से टकरा गये.

अनामिका को पता था ये ग़लती से हुआ था, और उसने शरम से अपनी आँखें नीचे कर ली. क्यूंकी उसके मॅन में अभी भी वो सब चल रहा था.

एक कॉर्नर की सीट में एक कपल बैठा था. वो काफ़ी चिपक कर एक-दूसरे को टच कर रहे थे. ये देख कर अनामिका और हॉर्नी फील कर रही थी. तभी गोपाल की नज़रें अनामिका से मिली, और आँखों ही आँखों में उन दोनो ने सब कुछ बोल दिया, जो उसके पापा उसके साथ करना चाहते थे.

डिन्नर कंप्लीट करने के बाद दोनो होटेल की और चल दिए. अनामिका काफ़ी हॉर्नी हो चुकी थी और गोपाल आयेज बढ़ने से दर्र रहा था, की कही उसकी बेटी फिरसे गुस्सा ना हो जाए. दोनो होटेल के कॉरिडर में आए. अचानक अनामिका के पैर फिसल गये, क्यूंकी नीचे एक बॉटल गिरी थी. उसका उसपे ध्यान नही गया, और वो फिसल गयी. लेकिन गोपाल ने उसे पकड़ लिया.

दोनो एक-दूसरे को देखने लगे. पता नही गोपाल को क्या हुआ, उसने अपनी बेटी के होंठो पे होंठ रख दिए, और उसको चूमने लगा, क्यूंकी उसके होंठ काफ़ी आकर्षित कर रहे थे गोपाल को.

गोपाल ने ऐसा क्यूँ किया उसे भी नही पता था. पर अनामिका ने अपने होंठ नही खोले, और भाग कर अपने रूम चली गयी. गोपाल को लगा अब काम बन गया, और यही सही मौका था उसको छोड़ने का.

फिर वो भी भाग के उसके पीछे गया, और रूम में जाते ही उसने दरवाज़ा बंद किया, और अपनी बेटी को पीछे से अपनी बाहों में पकड़ लिया. अनामिका भी पूरी गरम हो गयी थी. उसने कुछ नही बोला. गोपाल अपनी बेटी की गर्दन चूमने लगा. उसने अपनी बेटी को घुमाया, और अपने होंठ अपनी बेटी की होंठो पे रख दिए. फिर वो उसे ज़ोर से किस करने लगा.

अनामिका ने भी उसका साथ दिया. लेकिन अनामिका एक अलग ही दुनिया में चली गयी थी कामुकता के कारण. इसलिए वो चाह के भी अपने बाप को नही रोक पा रही थी. गोपाल ने फ़ायदा उठाया, और अपनी बेटी के दूध दबाने लगा. जैसे ही वो टॉप उतारने लगा, वैसे ही अनामिका के फोन पे उसकी मम्मी का कॉल आया.

अनामिका अपनी मम्मी का कॉल आते देख होश में आ गयी, और अपने पापा को अपने से डोर करके वॉशरूम की और भाग गयी. करीब आधे घंटे के बाद वो वॉशरूम से आई अपनी मम्मी से बात करके. उसे बहुत शरम आ रही थी, की उसने अपने पापा के साथ ऐसा किया. अब अनामिका को उसका दिमाग़ कंट्रोल कर रहा था.

गोपाल उसका चेहरा देख कर समझ गया की उसकी बेटी गुस्से में थी. और उसने दर्र के कारण कुछ नही किया. दोनो एक-दूसरे के बगल में सोए थे. गोपाल की आँखों में बस अपनी बेटी को पाने की चाहत थी. इसी चाहत में उसने 1 घंटे वेट की, ताकि अनामिका सो जाए.

1 घंटे के बाद उसने हिम्मत करके अपनी बेटी की कमर पकड़ी. वो दूसरी तरफ फेस करके सो रही थी.

इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा.

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