बाप ने बुरी तरह से चोदा अपनी बेटी को

तो यूयेसेस रात मई अपने रूम मे आ कर गुस्से मे दरवाज़ा लॉक कर दिए. थोरी देर बात पापा मेरे दरवाज़े पे आ कर नॉक किए मगर मैने दरवाज़ा नही खोला.

थोरी देर बाद वो चले गये. मेरे मॅन मई एक अजब सी जलन हो रही थी. हलकी मम्मी पापा का सेक्स करना नॉर्मल है मगर मैने कभी उन्हे ऐसे इमॅजिन ही नही किया था. उपेर से पापा का बिहेवियर बिल्कुल ही अलग था मम्मी के साथ सेक्स करते हुए.

उस रात मई अपने और पापा के रिश्ते के बारे मई सोचती रही. मैने डिसाइड काइया की मई पापा के साथ अब कभी दुबारा सेक्स नही करूँगी. मगर मुझे पता था की मेरा इरादा मजबूत नही है.

दूसरे दिन सुबा पापा भी मेरा बिहेवियर देख कर सोच मे थे. अक्सर या तो मई पापा से डरा करती थी जैसा वो बोलते थे वैसा करती थी मगर इस बार मई पापा को इग्नोर कर रही थी. मई जिसस रूम मे जाती पापा यूयेसेस रूम मे आ जाते, मई दुबारा किसी और रूम मे चली जाती. ऐसा लगभग एक हफ्ते तक चलता रहा. पापा भी अब फ्रस्टरेट हो चुके थे.

फिर एक दिन नानी की तबीयत अचानक से खराब होने के कारण मम्मी नानी के घर चालू गयी. मई और पापा घर मई अकेले थे. मई जानती थी की अब मई पापा को रोक नही पौँगी.

शाम का वक़्त था और मैने सफेद कुरती और जीन्स पहें रखी थी. मई किचन मे हम दोनो के लिए कुछ खाने को बना रही थी. तभी पीछे से पापा आ कर मेरी कमर कस के पाकर लिए और अपनी तरफ खिछा. मई पापा का लंड अपने गांद पर फील कर पा रही थी.

पापा: किस बात का आटिट्यूड दिखा रही है तू? तेरे मॅन से दर्र ख़तम हो गया है क्या?

मई चुल रही कुछ नही बोली. मई खाना बनाने मई लगी रही. पापा मई मुझे कस के झटका और कहा.

पापा: मई कुछ पूछ रहा हू जवाब दे? आज तुझे बचाने वाला कोई नही है.

मई: मैने देखा आपको मम्मी के साथ सेक्स करते. आपका उनके साथ बिहेवियर कितना अक्चा है. आप मुझे बिल्कुल अकचे से ट्रीट नही करते. मुझे अक्चा नही लगता जब आप मम्मी के साथ होते हो.

पापा (मुस्कुराते हुए): आछा ऐसी बात है. अपनी मा को मुझसे चूड़ते हुए देख कर तुझे जलन हो रही है.

मई: न… मई कहती हू आप मुझे भी टाइम दे. आप मेरे पास सिर्फ़ चुदाई करने आते है वो भी जनवरो की तरह. मई भी प्यार की हकदार हू.

पापा (मेरे गर्दन पे किस करते हुए) : तू यूयेसेस प्यार के लिए बनी ही नही है. तू एक रंडी है अगर मई तेरी प्यास ना बूझोउ तो तू कही किसी और से छुड़वाने लगेगी.

ऐसा कहते हुए पापा मई मेरे जीन्स के अंदर हाथ डाल कर मेरी छूट सहलाने लगे. इतने दीनो मई पापा को मेरी कंजूरी पता चल चुकी थी. मुझे कैसे काबू करने है उन्हे पता था. एक हाथ से मेरी छूट सहला रहे थे दूसरे हाथ से मेरी निपल दबा रहे थे. दोनो ही मेरी कंजूरी थी.

मई: आप जो माँगॉगे मई आपको दूँगी मगर आप मेरेको भी वक़्त दीजिए. मेरी जैसे चाहे वैसे चुदाई कीजिए. मई सिर्फ़ आपके साथ रहना कहती हू.

ये सुनकर पापा फुल जोश मई आ गये. उन्होने मेरा गर्दन घुमाया और मुझे किस करने लगे. हम दोनो की ज़ुबान तक एक दूसरे के अंदर थी. एक वक़्त पे पापा का एक हाथ मेरी छूट सहला रहा था, दूसरा हाथ मेरी निपल मसल रहा था, लिप्स से हम दोनो किस कर रहे थे और लंड को वो मेरी गांद पे रागार रहे थे.

मई जैसे ही सोच रही थी पापा मुझे भी मम्मी जैसा प्यार करेंगे. तभी पापा से झोर से मुझे किचन के टेबल पर झुका दिया. मेरे आँखो के पास थोरी चोट भी लग गयी थी. पापा ने मेरी कुरती उतरने की कोशिश की मगर कुरती टाइट थी आराम से निकलना परता.

मगर पापा मई सबर कहा था पापा ने मेरी कूट फार दी. मानो पापा के अंदर कोई जानवर घुस गया हो. फिर पापा कही मेरी जीन्स भी ना फार दे ये सोच के मैने जीन्स भी उतार दी. अब मई ब्रा और पनटी मई थी.

पापा मेरी गंद पे ज़ोर से तपद मरने लगे. मुझे बहुत दर्द हो रहा था मगर पापा को अपना बनाने का यही मौका था तो मैने माना नही काइया. पापा के तपद की ताक़त धीरे धीरे भड़ती चली गयी. मेरा सफेद गांद लाल हो गया था पूरा. मेरे आंको से आँसू निकल आए थे.

फिर पापा ने मेरी पनटी उतरी और मेरी छूट को चाटने लगे. पापा के टप्पड़ से दर्द हुआ था मगर मई गीली भी हो गयी थी. पापा मेरी छूट और गंद का छेड़ दोनो चाट कराह थे. चाट क्या मानो खा रहे हो एक बार तो उन्होने मेरी छूट मई दाँत भी काट लिया.

मई दर्द से चिल्ला उठी. अब मई साँझ चुकी थी की ये मम्मी वाला प्यार नही है बल्कि ये पनिशमेंट है. मई रोने लगी थी मगर पापा कहा ध्यान देने वेल थे.

फिर पापा ने मेरी ब्रा भी उतार दी और मेरे दोनो निपल पकड़ के झोर से दबा दिए मई दर्द से तिलमिला उठी. फिर पापा ने मुझे घोरी बनाया और बाल पकड़ के अपने रूम तक ले गये.

रूम मई ले जा कर पापा ने कपबोर्ड से गॅग बॉल निकाला. मई हैरान थी की ये पापा के पास कैसे. तब पापा ने बताया की ये सब मेरी मम्मी को मेरे पेड़ा होने के पहले बहुत पसंद था. मगर मेरे पेड़ा होने के बाद मम्मी मुझमैई बिज़ी हो गयी और ये सब बंद हो गया. पापा ने वो बॉल मेरे मूह पे पहना कर कस के टाइट कर दिया जिससे मई चिल्ला नही सकती थी. इन हालत को मेरी अंदर की रांड़ बहुत एंजाय कर रही थी.

फिर पापा एक स्टिक निकले जिसके मूह पे चामरा लगा हुआ था. पापा यूयेसेस स्टिक से मेरे सरीर के अलग अलग हिस्से पे मरने लगे. जैसे बूब्स, छूट यूयेसेस स्टिक से दर्द तो हो रहा था मगर मज़ा भी बहुत आ रहा था. मेरे शरीर पे जगह जगह स्टिक के दाग बैठ गये.

फिर पापा ने मुझे घोरी बनने को कहा. मई तुरंत घोरी बन गयी. पापा ने अपने 8 इंच का मोटा लंड निकाला और सीधा मेरी गंद मई डालने लगे. अक्सर मई पापा के लंड को चूस कर गीला कर दिया करती थी जिससे लंड मेरे अंदर तोरा आराम से घुसता था. मगर इश्स बार बिना गीला किए जब पापा ने फोर्स लगाना चालू काइया मानो ऐसा लगा हो की मेरा गंद फट जाएगा.

मैने चीखने की बहुत कोशिश की मगर गॅग बॉल के कारण नही चिल्ला पाई. पापा ने पूरा सूखा लंड मेरी गंद मई डाल कर अंदर बाहर करने लगे. शुरुवत मई तो बहुत दर्द हुआ मगर जैसे जैसे लंड गीला होता गया मज़ा आना सुरू हो गया.

पापा ने फिर मेरे बाल पीछे खीछे और छोड़ते रहे. मई छीलना चाहती थी मगर नही चिल्ला पा रही थी. दर्द से बचने का एक ही तारएका था आयेज बादने का जिससे पापा हट जाए. मगर जैसा मई आयेज बादने की कोशिश करती या घोरी की पोज़िशन से हटने की कॉसिश करती पापा 2-3 चारी बरसा देते.

गॅग बॉल के अंडे से चिल्ला रही थी तो आस्सा लग रहा था की मोन कर रही हू. पापा ने मेरी दोनो जंघे पकड़ के गोद मई ले लिया. अब पापा का दोनो हाथ मेरी दोनो जंगो से होता हुआ मेरी गर्दन के पीछे लॉक हुआ था. ऐसे पोज़िशन मई दुबारा पापा ने मेरी गांद छोड़ना चालू काइया. मई बिल्कुल ही बेबस थी. इतना रफ पापा कभी नही रहते थे. ऐसे लगभग पापा ने 20 मीं तक छोड़ा.

फिर पापा ने मुझे खरा काइया और मेरी छूट मई 2 उंगली डाल दी और हिलने लगे. मेरे अंदर से पानी कैसे निकलना है वो भी पापा को पता था. उन्होने 2 मिनिट के अंडर ही पानी निकल दिया. फिर पापा ने मुझे उल्टा लेटया और मेरी गंद को उपेर करने को कहा. फिर उन्होने एक पेर मेरे सिर पर रख कर दबाया और मेरी छूट मई लंड डाल कर छोड़ना चालू काइया.

ऐसे ही लगभग 10 मिनिट छोड़ने के बाद पापा ने अपना माल मेरे मूह पर गिरा दिया. मई इतना तक चुकी थी की सीधा होने तक की ताक़त नही बची थी. फिर पापा मेरे करीब आए और बोले.

पापा: तेरी मा मेरी बीवी है और तू मेरी रखैल ये बात कभी मत भूलना. मज़े लेती रह मगर कभी किसी रिश्ते की उमीद मत रखना.

मई भी अब ये मान चुकी थी की मई एक रांड़ हू और सही मे मई रफ सेक्स एंजाय करती थी. मगर पापा को मम्मी के साथ देख बुरा तो लगता ही था. इतने दिन की चुदाई के बाद मेरे मॅन मई पापा के लिए जगह बन गयी थी. मगर मैने हालत से समझौता कर लिया था.

तो दोस्तो कैसी लगी मेरी रफ चुदाई की कहानी मुझे कॉमेंट्स मे ज़रूर बताईएएगा.

यह कहानी भी पड़े  मा और बेटे की प्यार भारी चुदाई

error: Content is protected !!