बाप ने बेटी की चूत गांद का भोंसड़ा बनाया

हेलो दोस्तों, आप सब को मेरे छूट की सलामी. मेरी ये पहली सेक्स कहानी है आंड ई होप की ये आपको अची लगेगी.

ये कहानी है जब मैं 19 साल की थी. उस वक़्त मेरे पापा का हाल ही में डाइवोर्स हुआ था, और मेरी मम्मी अपने यार के साथ चली गयी थी. मेरे घर में अब पापा, मैं और भाई रह गये थे.

मेरे पापा का नाम कबीर और मेरा नाम रिया है. पापा जवान दिखते है और मेरा फिगर 36-34-38 है. कहानी की शुरुवत एक शाम से होती है. मेरे दोस्त ने मेरे को एक सेक्सी सा वीडियो भेजा था, और शाम का वक़्त था. लेकिन आज घर पर कोई नही था, क्यूंकी पापा लाते आने वाले थे, और भाई अपने दोस्त के यहाँ रुकने वाला था.

मैं वीडियो देखने लग गयी और अपने आप मेरा हाथ छूट सहला रहा था. मुझे पता नही चला कब पापा आए और मुझे ऐसे देख रहे थे. वो मेरे को देख कर अपना लंड मसल रहे थे. फिर वो अचानक अंदर आ गये. उनको देख कर मैं घबरा गयी और अपने उपर चादर ले ली.

मैने कहा: पापा आप यहाँ कैसे? आप तो लाते आने वाले थे ना?

तो पापा बोले: लाते आता तो तुझे ऐसे ना देख पाता.

पापा की आँखों में अलग ही चमक थी. ऐसा लग रहा था इतने दिन से पापा को जिस चीज़ की तलाश थी, वो मिल गयी हो. फिर पापा ने कहा-

पापा: अब चादर हटाओ, मैने सब देख लिया है. अब क्यूँ च्छुपाना है?

मैं घबरा गयी और उनको माना कर दिया.

मैने कहा: आप मेरे पापा हो. और ये सब ग़लत है.

उसके बाद उन्होने खुद ही मेरे उपर से चादर को हटा दिया. मैं शॉक्ड हो गयी. अभी मैं ये सब अपने दिमाग़ में प्रोसेस कर ही रही थी की उन्होने मुझे लिप्स पे किस कर दिया. वो साथ में मेरे मामए दबाने लगे. अब मैं अंजाने में उनका साथ देने लगी, और मेरे को भी मज़ा आने लगा.

पापा लीप किस करते-करते नीचे गाल तक किस कर रहे थे और में सातवे आसमान पे थी. फिर उन्होने मेरी त-शर्ट को खोला, और ब्रा के उपर से ही माममे दबाए और किस करने लगे.

ऐसे करते-करते उनका हाथ मेरी छूट पर चला गया. वो मेरी छूट को मसालने लग गये. उसके बाद वो धीरे-धीरे उंगली अंदर-बाहर कर रहे थे. मैं अंदर से गीली हो चुकी थी.

फिर उन्होने मेरी ब्रा खोली और निपल्स को मूह में लेकर चूसने लगे और काटने लगे. मेरे मूह से “आह आह उम्म्म पापा, और ज़ोर से पियो, सारा दूध पी जाओ अपनी बेटी का आअहह” निकालने लगा. पापा ज़ोर-ज़ोर से मेरा कभी रिघ्त कभी लेफ्ट निपल चूस रहे थे.

फिर उन्होने अपनी शर्ट उतरी और पंत उतरी. उनका लंड 7 इंच लंबा 2 इंच मोटा था. लंड देख कर मैं दर्र गयी. फिर उन्होने मुझे लंड मूह में लेने को कहा. मैं उनका लंड मूह में लेकर चूसने लग गयी किसी लॉलिपोप के तरह.

पापा: चूस मेरी रंडी बेटी आह उःम्म. मज़ा आ रहा है. क्या मस्त चूस्टी है, और चूस.

मैने पापा को 5 मिनिट ब्लोवजोब दिया. फिर उन्होने मेरे को मिशनरी पोज़िशन में लिटा दिया और लंड मसालने लगे मेरी छूट में.

मैने कहा: पापा अब मत तड़पाव, छोड़ दो अपनी बेटी को.

फिर उन्होने एक ही झटके में पूरा लंड मेरी छूट में घुसा दिया. मैं पहले से ही चुड रखी थी, इसलिए मुझे ज़्यादा दर्द नही हुआ. वो बिना कुछ दया करे लंड को आयेज-पीछे करने लगे. मुझे भी मज़ा आ रहा था.

मैं भी “आहह आह आ उःम्म पापा, और ज़ोर से” कर रही थी. वो धक्का दे रहे थे और मेरे निपल्स को रब कर रहे थे. उन्होने मुझे फिर घोड़ी बनाया और लंड पेल दिया. फिर ज़ोर-ज़ोर से धक्का दे रहे थे और गांद के च्छेद में उंगली डालने लगे. इससे मेरी चीख निकल गयी थी, फिर भी उन्होने उंगली करना चालू रखा.

पापा: क्या टाइट छूट है रंडी तेरी, मज़ा आ गया. तेरी मा की भी इतनी टाइट छूट नही थी.

मुझे ये सब सुन कर मज़ा आ रहा था. पापा ने मेरी गांद पे थप्पड़ मारने स्टार्ट किए और पूरा लाल कर दिया था.

उन्होने कहा: मुझे तो तुझे पहले से ही छोड़ना था, बस सही वक़्त का इंतेज़ार था.

ऐसा बोल कर उन्होने मेरी गांद में 2 उंगलियाँ घुसा दी. पापा ने अपना माल अंदर ही छ्चोढ़ दिया और मेरे साथ लेट कर मेरे निपल्स को चूसने लगे. फिर हम वैसे ही नंगे सो गये.

फिर सुबा 6 बजे मेरे आँख खुली क्यूंकी पापा मेरी छूट में अपना लंड डाल रहे थे. वो फिर से मेरी चुदाई करने लगे. इस बार तो उन्होने लंड निकाला और बिना कुछ हिंट दिए पेल दिया. इतना दर्द हुआ ह उःम्म, लेकिन मज़ा आया.

ऐसे ही उन्होने मुझे 1 अवर छोड़ा और साथ नहाने को कहने लगे. मैने माना किया और कहा की-

मैं: भाई का आने का वक़्त हो रहा है. वो देख लेगा.

वो नही माने और गुस्सा हो गये.

पापा: तू मुझे माना करेगी रंडी? रुक अभी तेरी गांद छोड़ता हू. छूट तो तेरी वर्जिन थी नही. कितने लंड लिया है तूने बेहन के लौदी?

मैं: पापा गांद नही, भौत दर्द होगा. और छूट मैने भाई के दोस्त से चुडवाई थी पार्टी में.

पापा नही माने और मुझे पीछे करके बिना देर किए लंड गांद में डाल दिए. मुझे बहुत दर्द हुआ. गांद से खून निकालने लगा.

मैं चीखी: आहह पापा निकालो.

वो मेरी एक ना सुने, और गांद मारने लगे. बाद में मेरे को भी मज़ा आने लगा. फिर मैं बोली-

मैं: आहह पापा ज़ोर से, और ज़ोर से करो.

पापा: हा तू मेरी रखैल है आज से. ले लंड.

ये कह के वो मुझे छोड़ने लगे. ऐसे ही पापा ने मेरी 2 बार गांद मारी और 3 बार छूट मारी. अब मैं तक गयी थी. मेरी हालत नही थी बेड से उठने की. लेकिन पापा अभी भी नही थके थे. वो फिर से मेरे निपल्स को चूसने लगे, काटने लगे और दबाने लगे.

मेरे को भी मज़ा आ रहा था, तो मैं रोक नही पाई. मुझे एहसास हुआ हमे कोई देख रहा था. जब मैने आँखें दरवाज़े पर की, तो वो और कोई नही मेरा भाई था. वो हमे देख कर मूठ मार रहा था. उसे पता नही चला की मैने उसे देख लिया था.

पापा ने फिर मेरी चुदाई शुरू की और 30 मिनिट मुझे छोड़ा. फिर मेरे अंदर ही माल गिरा दिया. वो अब रोज़ ऐसे ही मेरी चुदाई करते है. अब तो उनको सुबा शाम मेरा दूध पीना होता है.

अब आयेज की कहानी में मैं बतौँगी कैसे भाई ने मेरे को छोड़ा और मेरे निपल से बिना प्रेग्नेंट हुए दूध निकाला. फिर कैसे दोनो ने मिल कर मेरी चुदाई की.

अगर मेरी कहानी पसंद आई हो तो मुझे मैल करे, या कॉमेंट करना ना भूले.

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