आंटी और लड़के के शवर सेक्स की कहानी

तो कैसे हो मेरी कमसिन छूट वाली रसीली भाभी जी और औंतीयों. मैं योगु हाज़िर हू आपकी छूट का पानी निकालने. आप तो जानते हो की मैं एक इंजिनियर हू, और अभी मुंबई में जॉब कर रहा हू.

मेरी आगे 27 यियर्ज़ है, और मैं दिखने में हॅंडसम हू. और मेरे लंड का साइज़ 6.7+ इंच है. मेरे लंड का सूपड़ा एक-दूं मस्त चोकॉलती है. अगर किसी को देखना होगा तो ज़रूर बताना.

अब स्टोरी पे आता हू. आपको पता है की मुझे मेच्यूर लॅडीस बहुत पसंद है. और उनसे बातें करना मुझे अछा लगता है. आपने पढ़ा होगा पिछले पार्ट में. अब आयेज सुनता हू.

जो नये रीडर्स है उनको बताना चाहूँगा. आंटी का फिगर 38-34-36 का है. रेशमी मुलायम बाल उनकी गड्राई गांद तक लटकते थे. उनके बड़े-बड़े गोरे-गोरे बूब्स तो देखते ही हर एक का लंड खड़ा हो जाएगा.

तो हमारी पहली मुलाक़ात के बाद वो आंटी मेरे साथ काफ़ी खुल गयी थी. और वो हमेशा उनकी नयी-नयी फॅंटेसी मेरे साथ शेर करती. ऐसे ही उसने बताया की उनको मेरे साथ शवर सेक्स का मज़ा लेना था.

मैने भी बताया मुझे भी नयी-नयी फॅंटेसी करना पसंद है. फिर उसने बोला मिलने को. सो आपको तो पता है मुझे सॅटर्डे सनडे ऑफ रहता है. सो उसने मुझे फ्राइडे नाइट मिलने को बोला.

जैसे हमने टाई किया उसने मुझे कार से पिकप किया, और हम उनकी फ्रेंड के फ्लॅट पर आ गये. उन्होने मस्त सेक्सी सारी पहनी थी, और एक-दूं डीप नेक वाला ब्लाउस. मैं उनकी बूब्स को घूरते हुए बातें करने लगा.

आपको बतौ मुझे मेच्यूर लॅडीस से नों-वेग बातें करना चिट-छत करना काफ़ी पसंद है.

सो मैने बोला: आज तो दिल कर रहा है की कार में ही छोड़ डू, इतनी सेक्सी लग रही हो आप.

वो हेस्ट हुए मेरे पास आई, और मेरे गाल पर किस करते हुए मेरे गाल पर हल्के से थप्पड़ मारा. मैने भी उनकी गड्राई हुई गांद को ज़ोर से ठप-ठप करके थपथपाते उनके बूब्स को हल्के से दबाया. वो कसमसाते हुए बोली-

आंटी: योगु बेबी, आज मेरे शवर सेक्स वाली फॅंटेसी पूरी हो जाएगी.

और फिर हमने खाना वग़ैरा ऑर्डर किया और मस्त बातें करते एक-दूसरे को छेड़ते हुए खूब मस्ती की. अब हम एक-दूसरे को भूखी नज़रो से देख रहे थे.

अब उन्होने हल्के से मुझे बाहों में भर कर किस करना शुरू किया. मैने भी मेरी जीभ से उनके नाज़ुक लिप्स को चाट-ते हुए चूसना शुरू किया.

हम अब एक-एक करके एक-दूसरे को प्यार करते हुए नंगे करने लगे. वो भी मज़े लेकर सब एंजाय करती, और सिसकियाँ निकालने लगी. अब वो गांद मतकते हुए बातरूम में जाने लगी. मैं भी गांद को हिचकोले लेते देखते हुए उनके पीछे चला गया.

अब मैने उनको पकड़ कर किस करने शुरू किए. उनके भरे हुए बदन को सहलाने लगा. हमारी स्मूच बहुत मस्त चल रही थी. कभी वो मेरे मूह में जीभ डाल कर चूस्टी, तो कभी मैं उनकी जीभ चूस्टे गांद सहलाता.

हमारी साँसे बहुत गरम हो कर एक-दूसरे की सांसो में घुल मिल गयी थी. अब मैने उनके मस्ती भरे पेट पर घुटनो पे बैठ कर किस करना चालू किया. उनकी गहरी नाभि में जीभ डालते हुए मैं चूसने लगा.

उनकी भारी हुई गड्राई गांद को मैं पंजो में ले कर मसालने लगा. कभी-कभी मैं उंगली से उनकी गांद के च्छेद को कुरेदता, और हल्के से उंगली अंदर-बाहर करने लगा.

बीच-बीच में हल्के से उंगलियों के बीच में आंटी के निपल लेकर मसलना शुरू किया. मेरी उंगली जब भी आंटी की गांद में जाती, आंटी की आ निकल जाती. उनके मूह से अब ज़ोर-ज़ोर से सिसकारी निकालने लगी. मैं अब आंटी के बदन को चूमता और हल्के से लोवे बीते करता.

अब बड़े बड़े बूब्स को कस्स कर दबोच के ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था. उनके निपल को मूह में लेकर सुर-सुर करके चूस्टे हुए उनकी गांद और छूट को रग़ाद रहा था. अब मैने शवर शुरू किया.

गरम-गरम पानी और बात टब में आंटी के उपर नंगा सोने के बाद, उनके सेक्सी बदन पर अपना बदन घिसने लगा, और रगड़ने लगा. हमारे बदन सर-सर करते सरकने लगे.

हमारे बदन की रगड़ने की स्पीड बढ़ने लगी. हम एक-दूसरे की आँखों में देखते साथ-साथ. फिर हम ज़ोर-ज़ोर से स्मूच करते.

मैने एक्सट्रा डॉटेड कॉंडम लगा के लंड आंटी की छूट पर घिसना शुरू किया. अब मेरे लंड से रगड़ने पर आंटी कसमसाते हुए मेरे मूह में अपनी जीभ डाल कर चूस्टी रही. फिर आंटी ने मेरा लंड पकड़ के, छूट पे लगा के, ज़ोर से मुझे अपनी तरफ खींचा.

मेरा लंड सरसरते हुए आंटी की छूट में घुस गया. अब मैने भी खचा-खच आंटी की छूट में लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया. हमारे बदन के बीच पानी ठप ठप की आवाज़ करते गूंजने लगा. हमारे बदन एक-दूसरे के बदन से सता-सात घिसते, मसालते, एक-दूसरे को और ज़डा कामोत्तेजित करने लगे.

छूट में लंड मानो सता-सात अंदर-बाहर होने लगा पानी की वजह से. और कॉंडम एक्सट्रा डॉटेड होने की वजह से मानो आंटी की छूट को और लंड घुसने का मज़ा आने लगा था. अब हम स्मूच करते वैसे ही उठ कर शवर शुरू किए.

फिर आंटी ने गांद उठा कर स्टॅंडिंग डॉगी पोज़ ले लिया. मैने आंटी के नंगे भरे हुए बदन पे गरम शवर का पानी बहाया, और एक अलग सा नशा चढ़ा महसूस किया.

अब मैं आंटी की गड्राई भारी हुई उभरी गांद को छानते लगते थपथपाने लगा. मैं आयेज हाथ डाल कर बूब्स पकड़ कर मसालने लगा. आंटी पीछे मेरी आँखों में देखते हुए अपनी गांद मेरे लंड पर घिसते हुए उछालने लगी.

मैने आंटी के मूह में मूह डाल के स्मूच करते हुए अब पीछे से छूट में लंड घुसाया. फिर मैने खचा-खच ज़ोर-ज़ोर से गांद आयेज-पीछे करते हुए चुदाई करना शुरू किया.

मेरे हर एक प्रहार से आंटी के बड़े-बड़े बूब्स ज़ोर-ज़ोर से उछलते हुए हिचकोले खाने लगे. ठप-ठप और शवर का पानी हम दोनो को भिगते हुए उत्तेजना चढ़ा रहा था.

आंटी भी अपनी गांद ज़ोर-ज़ोर से हिला कर मेरे लंड को चुदाई का मज़ा देने लगी. ठप-ठप पच-पच की आवाज़े, और आ आह श एस की आवाज़े गूंजने लगी. लंड सता-सात अंदर-बाहर होने से आंटी के बदन में सुरसुरी दौड़ जाती.

अब कुछ मिनिट्स के बाद आंटी ने मुझे नीचे लिटाया, और मेरे लंड को हिलाते हुए झुक कर पूरा मूह में लेकर चूसने लगी. आहह आ ऑश मूह. वो पुर मज़े से खींच-खींच कर लंड चूस्टी रही.

और फिर थोड़ी देर बाद आंटी मेरे उपर चढ़ कर विमन ओं टॉप पोज़िशन में मेरे लंड पर ज़ोर-ज़ोर से गांद उठा-उठा कर कूदने लगी. ठप तप छाप छाप आहह ह ऑश याहह बब्बी.

आंटी जैसे-जैसे कूदने लगी, आंटी के बड़े-बड़े बूब्स ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगते. मैं कभी बूब्स दबाता, तो कभी निपल को उंगलियों के बीच में लेकर मसल कर खींचता.

आंटी की गांद उठा-उठा कर छोड़ने का तरीके से मैं भी नीचे से गांद उठा-उठा कर छोड़ने लगा. आ आ श मूह आह ऑश एस बब्बी, हमारी सिसकारियाँ पुर बातरूम में गूँज रही थी.

अब आंटी मेरे उपर लेट कर गांद गोल-गोल घूमते हुए मेरे लंड की मौजूदगी अपनी छूट के हर एक कोने-कोने मैं महसूस करवाने लगी. मैं भी कस्स कर आंटी को जाकड़ के ज़ोर-ज़ोर से गले पर, कानो पर, गालों पर किस करने लगा.

अब मैने आंटी को नीचे लिटा कर कस्स कर पूरा लंड छूट में डाला. अपनी गांद को गोल-गोल, तो कभी रिघ्त-लेफ्ट घूमते हुए मैं हिलने लगा. पूरी छूट में मानो गर्मी से एक अलग सा नशा महसूस होने लगा.

अब मैने आंटी की आँखों में देखते हुए कस्स कर स्मूच करते हुए, ज़ोर-ज़ोर से मिशनरी पोज़िशन में छोड़ना शुरू किया. आ ह श पच पच ठप ठप पच्छ पच. हमारे बदन से बदन टकराने लगे. मेरी गोतिया मानो हर एक प्रहार के साथ छूट का पच पच करके चुंबन ले रही हो ऐसा लगने लगा.

मैं लंड के सूपदे तक बाहर निकालता, और पूरा गोटियों तक अंदर घुसता. और हा, मेरे लंड को देखना चाहते हो तो मैल करके बताना. मेरा एमाइल योमरयओ69@गमाल.कॉम है. मेरे लंड का सूपड़ा बहुत मस्त है. आपके मूह में पानी आ जाएगा देखकर ही.

आ ऑश एस बेबी पच पच ठप ठप आहह. अब हम दोनो अपनी चरम सीमा पर आ चुके थे. मैने कस्स कर पूरा लंड अंदर घुसते हुए स्पीड से छोड़ना शुरू किया. आंटी ने मुझे कस्स कर बाहों में जाकड़ लिया.

छूट के कमसिन काम-रस्स से मेरे लंड को आंटी ने नहलाना शुरू किया. ऐसे ही करने से मेरे बदन में भी गूसेबूमप्स दौड़ने लगे. मेरे बदन में मानो सिरसिराहट दौड़ रही हो. अब मेरे लंड ने भी पानी छ्चोढना शुरू किया. और बदन को झटके लगते हुए मेरा भी पानी निकालने लगा.

हम ऐसे ही कुछ देर तक एक-दूसरे से चिपक के लेते लेते स्मूच करते एक-दूसरे की आँखों में देखते लेते रहे. तो कैसे लगी हमारी शवर सेक्स चुदाई ज़रूर बताना.

अगर कोई आंटी भाभी सीक्रेट फ्रेंड बन कर सेक्स एंजाय करना चाहती हो, तो मुझे मैल करना. मेरी एमाइल ईद है योमरयओ69@गमाल.कॉम. मैं अभी मुंबई में जॉब कर रहा हू. कोई भी आगे की लॅडीस हो बिंदास मेसेज करना. सब हमारे बीच सीक्रेट रहेगा.

मैं अभी मुंबई में जॉब कर रहा हू. कोई भी मुंबई, पुणे सूरत, आमेडबॅड, गुजरात कहा से भी कोई लॅडीस को बात करना चाहती हो, या सीक्रेट चुदाई करवानी हो तो मुझे मैल कीजिए. आपकी मैल का इंतेज़ार करूँगा, आपका योगु.

यह कहानी भी पड़े  मम्मी और मोसी चूड़ी अपने फायदे के लिए


error: Content is protected !!