अपने घर की नौकरानी को पैसे देकर मैंने चोदा

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम शशिकांत मिश्रा है और मै दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र लगभग 27 साल है और कद 5.9 फीट है। आज मै आप सभी को अपनी कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मैंने अपनी जिन्दगी में केवल अपनि बीवी और जब मै कॉलेज में था तब अपनी गर्लफ्रेंड को चोदा था। मैंने केवल दो ही लोगो को चोदा था। लेकिन मेरी दोनों चुदाई काफी मस्त थी। जब मैंने पहली बार चुदाई की थी तो मुझे कुछ ज्यादा नही पता था, लेकिन मैंने बहुत सी सेक्सी वीडियो में चुदाई देख देख कर कुछ सीख गया था। जब मैंने पहली बार अपनी गर्लफ्रेंड को चोदा था तो मुझे बहुत मज़ा आया था। लेकिन मै बहुत जल्दी ही आउट ही गया था। लेकिन जब मैंने दूसरी बार उसको चोदा तो काफी देर तक मै बिना आउट हुए ही उसको बहुत देर तक चोदता रहा। मेरी चुदाई से उसको बहुत मज़ा आया। मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को बहुत बार चोदा, धीरे धीरे मै चुदाई करने में एक्सपर्ट हो गया था।
जब मेरी शादी हुई तो मैंने अपनी बीवी को पहली बार जब चोदा तो बहुत मज़ा आया क्योकि उसकी सील भी नही टूटी थी। मैंने उसकी सील तोड़ कर बहुत आराम से उसकी चुदाई की। फिर धीरे धीरे जब मै उसकी खूब चुदाई करने लगा तो वो भी बड़े मस्ती से मुझसे चुद्वाती थी और बिना कुछ कहे ही वो रात में बिना कपड़ो के केवल ब्रा और पैंटी में लेट जाती थी। और जब मै आता तो वो मुझसे चिपक कर मुझे चूमने लगती थी जिससे मुझे पता चल जाता था कि आज उसका चोदवाने का मन है। और मै देर रात तक उसकी चुदाई करता था। कुछ दिनों तक मैंने उसको खूब चोदा फिर उसने मुझसे एक दिन कहा मुझे बच्चा चाहिए तो मैंने उसको चोदकर प्रेग्नेंट कर दिया। उस चुदाई के बाद जब तक मेरी बीवी को बच्चा नही हुआ मुझे चुदाई करने को नहीं मिला। धीरे धीरे समय बिता मेरे दो बच्चे हो गये और दोनों 5 साल और 3 साल के हो गए थे। धीरे धीरे मेरी बीवी को मुझसे चुदवाने में ज्यादा मजा नही आने लगा। मैंने भी उसको चोदना बंद कर दिया था।
कुछ महीने पहले की बात है मेरी बीवी बहुत दिनों से अपने मायके नही गई थी। उसने मुझसे एक दिन कहा मुझे मम्मी की बहुत याद आ रही है मै कुछ दिनों के लिए उनके पास चली जाऊ?? तो मैंने कहा ठीक है चली जाओ लेकिन जल्दी आ जाना। मेरी बीवी अपने मायके चली गई और साथ में बच्चे भी चले गए। अब मै घर में अकेला बचा था। उसके जाने के बाद मुझे चूत की तलब लगने लगी मै चोदने के लिए परेशान था। मै रोज मुठ मार मार कम चला रहा था। कामवाली रोज आती और घर साफ करके और खाना बना कर चली जाती थी। वो देखने में बहुत ज्यादा अच्छी नही थी लेकिन उसकी चूचियां और उसकी गांड तो काफी बड़ी बड़ी थी जिनको देखने के बाद कभी कभी तो मेरा मन उसको चोदने को करने लगता था। लेकिन मै मुठ मार ही काम चला लेता था।
एक दिन मेरे सर में थोडा दर्द था, इसलिए मै देर तक सो रहा था। और कामवाली मेरे कमरे में झाड़ू लगाने आई। जब वो झाड़ू लगा रही थी तो मेरी अचानक से आंख खुल गई। मैने देखा कि वो झुक कर झाड़ू लगा रही थी, और उसकी चूचियां उसके ब्लाउस से थोडा सा बहर की तरफ लटक रहा था और जल्दी जल्दी झाड़ू लगा रही थी। उसकी चूचियो को देख कर मेरा लंड तो खड़ा ही गया और काफी टाइट भी। मेरा मन तो कर रहा था की उसको यही पटक कर चोद दूँ लेकिन मैंने सोचा कहीं कुछ लफड़ा हो गया तो दिक्कत हो जायेगी। मै चुपचाप उसकी चूचियो को देता रहा और अपने लंड को अपने हाथो से मसल रहा था। जब वो वहां से चली गई, तब मै उठा और सुबह सुबह ही मैंने मुठ मार कर अपने लंड को शांत किया। उस दिन तो मैंने उससे कुछ नही कहा। लेकिन जब वो दुसरे दिन आई तो मैंने उससे कहा – तुम महीने में कितना कमा लेती हो। तो उसने कहा – “साहब मै हर मैंने में 10000 कम लेती हूँ कई घरो में काम करके”। तो मैंने उससे कहा – “अगर तुम चाहो तो मै तुमको सिर्फ कुछ ही दिनों का ही 10000 दे दूंगा बस तुमको मेरी बीवी की जगह लेनी होगी”।
तो उसने मुझसे कहा – “साहब कहना चाहते है की मै आप के साथ में लेटूँ”। मैंने कहा – “हाँ अगर तुम चाहो जब तक मेरी बीवी नही है तुम मेरे मन की आग को बुझा दो। मै तुम्हे पैसे दे दूंगा”, पहले तो उसने मुझे मना कर दिया और अपना काम करने लगी। लेकिन जब काम ख़त्म हुआ तो वो मेरे पास आई। और मुझसे कहा – “साहब मै गरीब घर की हूँ इसलिए ये बात आप किसी को मत बताना मै तैयार हूँ।  बस आप मुझको मेरे पैसे दे देना मै कुछ दिनों के आप की बीवी बनने के लिए तैयार हूँ”। मैंने मैंने उससे कहा – “आज तो देर हो गई है तुम जाओ लेकिन जब कल आना तब हम दोनों मिलकर मज़े करेंगे। वो चली गई”
दुसरे दिन दिन जब वो आई मै पहले से ही तैयार हो गया था। जैसे ही वो आई मै उसको लेकर अपने बेडरूम में चला गया। पहले तो मैंने बहुत देर तक उसके जन्घो को सहलाते हुए उससे बात करता रहा। फिर जब कुछ देर में हम दोनों जोश में आने लगे तो मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा। और मै उसके हाथो को चुमते हुए उसके होठो की तरफ बढने लगा। और मै उसके गले को चुमते हुए मै उसके गाल को अपने दांतों से काटते हुए चूमने लगा। और फिर मैंने उसके होठो को चुमते हुए उसके होठो को अपने मुह में भर लिया और पीने लगा। जब मैंने उसके होठो को अपने मुह में भर लिया, तो वो भी मुझसे लिपट गई और मेरे होठो को मेरे साथ में पीने लगी। मैंने उसकी चूचियो को अपने हाथो में पकड लिया और दबाने लगा और वो मेरे पीठ को सहलाते हुए मुझे किस करने लगी।
बहुत देर तक उसके होठो को चूसने के बाद, मैंने उसके कपडे को निकल दिया और उसके ब्लाउस की एक एक बटन को मैंने खोल दिया और फिर उसके ब्रा के अंदर हाथ डाल कर उसकी मुलायम और काफी चिकनी चूचियो को दबाने लगा। कुछ देर बाद मैंने उसके काले रंग के ब्रा को भी निकाल दिया और उसकी बड़ी बड़ी और बहुत ही मुलायम चूचियो को दबाते हुए अपने जीभ से उसकी चूची की निप्पल को चाटने लगा। और धीरे से मैंने उसके मम्मो को अपने मुह में लेकर पीने लगा। मै उसकी चूचियो को एक हाथ से दबाते हुए पी रहा था।  जब मैंने अपनी नौकरानी की चूचियो को जोर जोर से पीने लगा तो उसकी चूची से मेरे मुह में दूध आने लगा। उसकी चूची का दूध काफी मीठा था। मैंने उससे पूछा – “तुम्हारी चूचियो से दूध आ रहा है तुम्हारे अभी जल्दी में बच्चा हुआ है क्या?? तो उसने कहा – “हाँ साहब 7 महीने हुए है वो अभी मेरा दूध पीता है इसीलिए दूध आ रहा है”। जब मै जान गया की उसकी चूची से दूध निकल रहा है तो मै और भी जोर जोर से उसकी चूचियो को पीने लगा। जब उसकी चूचियो से दूध मेरे मुह में आता तो वो सिसकने लगाती। मै बहुत ही बेकाबू हो रहा था। मैंने दोनों हाथो से उसकी चूचियो को पकड लिया और दोनों हाथो से दबाने लगा जिससे उसकी चूची से दूध मेरी मुह में जा रहा था और कुछ मेरे गाल और चेहरे में लगा रहा था। बी मै बहुत देर तक उसकी चूचियो से दूध पीता रहा। और कभी कभी मै इतनी जल्दी जल्दी उसकी चूचियो को पीने लगता था कि बच्चो की तरह मेरे दांत उसके मम्मो में लगा जाता था। और वो केवल सिसक के रह जाती थी।
उसकी चूचियो को पीने के बाद मैंने अपने हाथो को उसकी पेटीकोट के अंदर डाल कर उसकी चूत को सहलाने लगा। जिससे वो भी बेकाबू होंने लगी। मै एकक हाथ से उसकी चूची को दबा रहा था और दुसरे हाथ से उसकी चूत को सहला रहा था। फिर मैंने उसकी कमर को सहलाते हुए उसके पेटीकोट के नारे को खोल दिया। और धीरे से उसके पेटीकोट को नीचे खीच लिया। जिससे उसकी काली पैंटी दिखने लगी, जब मैंने पैंटी देखि तो मैंने अपने हाथो को उसकी पैंटी के ऊपर ही सहलाते हुए , बगल से अपने हाथ की उंगलियो को उसकी चूत के अंदर कर दिया जिससे वो तडप उठी। कुछ देर बाद मैंने उसकी पैंटी भी निकाल दिया और उसकी चूत को निहारते हुए मैंने अपने उंगलियो से उसकी चूत के दाने में लगाने लगा और कुछ ही देर में मै अपने हाथ की उंगलियो को उसकी चूत के अंदर डालने लगा। मै बहुत ही बेकाबू हो गया था जिससे मै जल्दी जल्दी उसकी चूत में उंगली करने लगा था।और जैसे जैसे मै तेजी से उंगली कर रहा था वो अपने शरीर को ऐंठते हुए अहह अहह अहह उह्ह उह ऊ उ उ उ .. उनहू उफ़ उफ़ अह अह करके चीखने लगी थी। मै लगातार उसकी चूत में उंगली कर रहा था और अपने उंगलियो से उसके बुर को बार बार फैलाते हुए अंदर डाल रहा था। कुछ ही देर में उसका मुह लाल हो गया और वो तडपते हुए आंहे भर रही थी।  कुछ ही देर बाद उसकी चूत से पानी निकलने लगा। जब पानी निकलना शुरु हुआ तो मै और भी तेजी से उसकी चूत में उंगली करने लगा। जैसे जैसे उसकी चूत से पानी निकल रहा था वो जोर जोर अहह अहह हा उफ़ उफ़ उनहू उन उनहू .. करके सिसक सिसक थी। और मै लगातार उसकी चूत में उंगली किये जा रहा था।
फिर मैंने अपने लंड को निकला और उसकी चूत को चोदने के लिये मैंने पहले तो उसकी चूत को अपने हाथो से फैलाते हुए कुछ देर तक उसकी फुद्दी के दाने को चाटा और फिर अपने बड़े से लंड को उसकी चूत के दाने में रगड़ने लगा जिससे नौकरानी तदपने लगी थी। कुछ ही देर बाद मैंने अपने लंड को जोर लगा कर उसकी चूत में डाल दिया। उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट नही था लेकिन मेरे मोटे लंड से वो चीख पड़ी। मैंने फिर से अपने लंड को जोर लगा कर उसकी चूत में डाल दिया वो चीखते हुए बेड के चादर को कसकर पकड लिया और चीखते हुए मेरे मोटे और बड़े लंड से चुदाई की दर्द को सहने लगी। मैंने कुछ ही देर में उसकी चुदाई बहुत तेजी से करने लगा। इतने दिनों से जो लंड चूत का प्यासा था उसको चूत मिल गया था तो बिना रुके उसकी चुदाई करने में लगा था। मेरा मशीन की तरह बार बार उसकी चूत के अंदर जाता और अभ्र आता जिससे उसकी चूत बार बार खुलती और फिर बंद हो जाती। मेरा मोटा सा लंड उकी चूत को और भी फैला रहा थ जिससे वो जोर जोर से चीखने लगी। जैसे जैसे समय बिट रह था मै तेजी चुदाई करता जा रहा था। कुछ ही देर में वो मेरी चुदाई से तडप कर .दर्द में जोर से ..अहह हहा .. मम्मी.मम्मी..सी सी सी सी.. हा हा हा …ऊऊऊ ..ऊँ..ऊँ.ऊँ.उनहूँ उनहूँ…ही ही ही ही ही…अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह.. उ उ उ..आऊ… आऊ..हमममम अहह्ह्ह्हह..सी सी सी सी.. हा हा हा..अई.अई..अई..अई..इसस्स्स्स्स्स्स्स्..उहह्ह्ह्ह…ओह्ह्ह्हह्ह…चोदोदोदो…मुझे और कसकर चोदोदो दो दो दो.. लेकिन आराम से मेरी चूत फट रही है और मुझे दर्द भी बहुत हो रहा है। मेरे लंड को वो ठीक से सह नही पा रही थी।
बहुत देर तक चोदने के बाद मैंने चोदना बंद कर दिया और फिर उसको अपने ऊपर बैठा कर और खुद मै नीचे लेट गया। मैंने अपने लंड को उसके भुर के छेद में लगा दिया और उसके कमर को पकड कर ऊपर नीचे करने लगा। जिससे वो अपने चूचियो को दबाते हुए अपने शरीर को ऐंठने लगे। कुछ देर बाद वो खुद ही ऊपर नीचे होने लगी। कभी कभी तो ज्यादा नीचे तक आ जाती जिससे मेरे लंड में भी दर्द होने लगता था।
बहुत देर तक उसकी चुदाई करने के बार मैंने उसकी गांड मरने के लिए उसको कुत्तिया बना दिया और अपने उंगलियो में थूक लगा कर उसकी गांड में डालने लगा। और वो केवल चीख रही थी। फिर मैंने अपने लंड में थोडा सा तेल लगाया और उसकी गांड को फैलाते हुए जोर से अपने लंड को उसकी गांड में डाल दिया और जैसे ही मेरा लंड उसकी गांड में घुसा वो आगे हो गई। मैंने फिर से उसके गांड में अपने लंड को डाल दिया और उसकी कमर को पकड लिया। और जोर जोर से उसकी गांड मारने लगा। मेरे इतने तेजी से गांड मारने से वो तो जोर जोर चीख रही थी। मै बहत देर तक उसकी गांड मारता रहा।
बहुत देर बाद जब मेरे लंड से मेरे शुक्राणु निकलने वाले थे तो मैंने अपने लंड को उसकी गांर से निकाल लिया और अपने नौकरानी के हाथो में अपने लंड को दे दिया और वो जल्दी जल्दी मेरे लौड़े को पकड कर मुठ मरने लगे और मै उसके चूचियो को फिर से पीने लगा। जैसे जैसे वो मेरे लंड को जल्दी जल्दीआगे पीछे कर रही थी वैसे वैसे मै मै मचलने लगा था और कुछ देर बाद मैंने अपने लंड को पकड लिया और और भी तेजी से मुठ मारने लगा। कुछ ही देर में मेरे लंड से मेरे शुक्राणु निकलने लगे। और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
चुदाई के बाद मैंने उसको 10000 रुपये दिए और उससके कहा – “जब तक मेरी बीवी नही है तुम रोज मेरे साथ में ऐसी ही चुदवाना”। तो उसने कहा – ठीक है। उसके बाद मैंने बहुत देर तक उसकी चूचियो से दूध को पीया और उसकी चूत से भी बहुत देर तक खेला। इसतरह से मैंने जब तक मेरी बीवी नही थी मैंने अपने कामवाली को पैसे देकर उसकी खूब चुदाई की। मै उम्मीद करता हूँ आप सभी को मेरी ये कहानी जरुर पसंद आई होगी।

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