मा को पत्ता कर बेटे ने चोदा

पिछला भाग पढ़े:- फेसबुक के द्वारा माँ के साथ सेक्स-३

माँ-बेटा सेक्स स्टोरी अब आगे-

माँ सोफे पर बैठी थी, उठ के जाते वक़्त उसकी हाथ से कुछ गिर गया. उसको उठाने के लिए वो झुकी. उन्होंने निघ्त्य पहनी हुई थी. वो मेरी तरफ गाँड करके झुक गयी. बिलकुल करीब से इतनी बड़ी गाँड देख के मैं और ज़्यादा गरम होगया. हिम्मत भी बढ़ गयी थी माँ से ऐसे बात करके इसलिये मैं भी माँ पीछे चला गया बात करने. लेकिन माँ मुझसे नज़रें नहीं मिला पा रही थी. फिर भी मैं बोला-

मैं: तो तुमने उस दिन मुझे ऐसे देख लिया.

माँ: अरे चुप कर. अब ये सब मुझे अच्छा नहीं लग रहा, माँ हूँ तेरी.

मैं: अरे माँ क्यों इतना शर्मा रही हो, बताओ न खुल के. उस दिन ही देखा है न.

माँ: कुत्ते, तू जान-बुझ के कर रहा है न ये सब? मैं सब जानती हु, वो तेरे मां के शादी में गए थे क्या किया था. सब पता है मुझे.

मैं अनजान बनते हुए: क्या किया था?

माँ: नाटक मत कर ज़्यादा. और एक बात सच बता. कुछ दिन पहले व्हात्सप्प में वो सारी गाण्डी वीडियोस तूने ही भेजी थी न?

मैं: कोण सी वीडियो, मुझे नहीं पता?

माँ: ज़्यादा चालाक मत बन. मेरा नंबर ऐसे किसी के पास नहीं है, जो ये सब भेजेगा. फिर वो वीडियोस भी की-की क्या बताऊँ, ऐसे भी सब होता है दुइया में.

मैं चुप रह गया कुछ सेकण्ड्स और अब हिमात भी पूरी बढ़ गयी, क्यूंकि माँ बिलकुल नार्मल ही मेरे से ये सब बोल रही थी.

माँ कुछ काम कर रही थी. मैं पीछे हुग कर दिया डायरेक्ट. वो मुझे अलग करि और बोली-

माँ: क्या कर रहा, माँ हूँ तेरी.

मुझे अलग कर दी तो मुझे लगा रेडी नहीं थी, इसलिए कुछ नहीं किया. वो भी उसके रूम पे जाके डोर लॉक कर दी. मैं मेरे रूम में आके सोचने लगा इतनी जल्दी क्या-क्या हो गया पता नहीं चला. माँ मेरे से इतनी खुलके कैसे बात करी? और माँ रात के ८ बजे तक मुझसे नज़रें मिला नही पा रही थी, और बात भी नहीं करी.

फिर मेरे लिए खाना लगा के वो उसकी रूम में चली गयी. मैं रात को ये सब सोचते-सोचते १० बजे मेरे खुद के व्हात्सप्प, जो माँ के फ़ोन में भी सेव है, उसी में से ही कुछ पोर्न वीडियोस सेंड कर दिया. माँ को पता ही है जो पहले भेजा था, इसलिए बिना दर्रे सेंड कर दिया और माँ भी सीन करि. लेकिन कुछ भी रियेक्ट नहीं करि.

तो कुछ टाइम बाद फिर कुछ वीडियोस सेंड की. ऐसे एक घंटे तक बहुत सारी वीडियोस सेंड कर दी. माँ साड़ी वीडियोस सीन करती थी, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं. तभी मैं वीडियो कॉल किया. २ बार कॉल किया रिसीव नहीं की. फिर एक कॉल रिसीव करि तो मैं चुप रहा. माँ भी बैक कैमरा करके चुप थी.

मैं कुछ सेकण्ड्स बाद मेरा लंड दिखाया कॉल पे तभी माँ ने कॉल कट कर दी. फिर वो ऑफलाइन हो गयी. मैं भी मुठ मार के सो गया.

अगले दिन सुबह मैं जल्दी जाग गया और माँ मुझसे नज़रें नहीं मिला पा रही थी. जब मैं बात करने गया हिमायत करके तब वो बोली-

माँ: क्या लगा रखा है? रात में वो सब क्या है?

मैं: रियल है वो सब.

माँ: तो मुझे क्यों भेजा है?

मैं: बस तुम भी देखो ऐसे भी होता है माँ बेटे के बीच आज-कल. तुम्हे ये सब नहीं पता इसलिए.

माँ: तो तू मुझे ये दिखा कर क्या सोच रहा, मैं भी ऐसे…

मैं: हां, तुम्हे भी अगर चाहिए तो किसी को पता नहीं चलेगा. बहुत मजा आएगा.

माँ: की, तू सोच भी कैसे सकता है? तेरा ज़्यादा हो रहा है.

मैं डायरेक्ट हुग करने गया तो मुझे दूर करके मन करने लगी.

माँ: नहीं, ये सही नहीं है.

मैं: किसी को पता नहीं चलेगा माँ, ओके एक बार ही.

माँ: नहीं-नहीं.

फिर माँ वहां से चली गयी. मेरा मूड थोड़ा ऑफ हो गया, लेकिन मुझे लग रहा था माँ को भी इच्छा थी. इसलिए मैं सोफे पर ही बैठा रहा बहुत टाइम तक. जब माँ झाड़ू लगाने लगी, तब मैं पीछे से जाके पकड़ लिया. तो माँ फटाक से सीढ़ी हो गयी.

मैं उसको पीछे से हुग करके उसकी गर्दन पे किश किया. वो मुझे दूर करने की कोशिश की, लेकिन मैं मेरे दोनों हाथों को आगे लेके उसके बूब्स दबाने लगा. माँ धीरे-धीरे नहीं ‘नहीं’ बोल रही थी, लेकिन ज़्यादा विरोध नहीं कर रही थी.

मैं कुछ सेकण्ड्स ऐसे ही खड़े-खड़े माँ के गाल और नैक पे किश किया. फिर उसके पीछे से लुंड को उसकी गांड पे टच करके धीरे से दीवार पे लेके लगा दिया. पीछे उसकी पीठ पे किस करते हुए बूब्स दबा रहा था. फिर उसकी कमर को पकड़ कर थोड़ा पीछे किया, तो वो आसानी से गांड को पीछे की तरफ कर दी.

इसे क्लियर हो गया था अब लाइन क्लियर थी. इसलिए मैं डायरेक्ट मेरा शार्ट नीचे किया और लुंड को माँ के दो चुट्टड़ां के बीच निघ्त्य के ऊपर से ही घिसने लगा. कुछ मिनट्स बाद माँ खुद गांड हिलने लगी और मैं माँ का हाथ लेके मेरे लंड पे रखा.

वो मेरा लंड पकड़ के धीरे-धीरे सहलाने लगी और बोली: ये सब कभी किसी को पता नहीं चलना चाहिए. हम दोनों के बीच राज़ रहना चाहिए.

ये बोलते ही मैं हमारा मैं गेट और सारे डोर्स लॉक किया. माँ को मेरे रूम में लेते ही डोगग्य स्टाइल में किया, क्यूंकि इस पोज़ में माँ को देखने का सबसे ज़्यादा इमेजिन किया था. माँ पहले थोड़ा शर्माए निघ्त्य उतारने में. फिर बाद में जैसे बोलै वैसे डोगग्य स्टाइल में मुझे गाँड दिखाई.

क्या ही लग रही थी उस टाइम. मोती गोरी गाँड देख के मुझे लगा तभी मेरा पानी निकल जायेगा. फिर मैं थोड़ा कण्ट्रोल किया, और माँ को उल्टा करके लिप किस किया, ५ मिनट्स तक उसकी चूत पे हाथ चलाते हुए. वो भी मेरे लंड को सहला रही थी. लेकिन आँखें बंद करके. वो मुझसे नज़रें मिला नही पा रही थी.

मैं माँ के बूब्स को दबा दबा के निप्पल्स चूसने लगा और ना चाहते हुए भी माँ को अचे से मज़े देने के लिए माँ की चूत की पास गया. छूट एक-दम फूली हुई थी. जब चुत के पास फेस लिया, तो माँ मुझे अलग करने लगी. लेकिन मैं फेस चुत पे लगा दिया और दो ऊँगली चूत के अंदर-बाहर करके माँ की चूत के दाने के साथजीभ से खेलने लगा.

पहले तो माँ मुझे अलग कर रही थी. कुछ सेकण्ड्स में ही वो पागल सी होने लगी सिसकारियां निकाल के. मैं ५ मिनट्स तक ऐसे ही माँ की चूत लीक किया. तभी माँ ने मेरे बाल पकड़ कर अलग किया, और मुझे साइड में लिटा दी. फिर मेरे ऊपर आ गयी और डायरेक्ट मेरे लंड को पकड़ के लुंड के ऊपर बैठने लगी.

मुझे थोड़ा पािण हुआ, लेकिन मैं कुछ रियेक्ट नहीं किया. माँ लंड को चूत की होल के पास सेट करके बैठने लगी और पहात से पूरा लंड अंदर चला गया. तब भी माँ की आँखें बंद थी. लेकिन उसकी हरकतें देख कर मुझे विश्वास नहीं हो रहा था वो मेरी माँ थी.

जिसे मैं संस्कारी और सेक्स में ज्यादा कुछ पता नहीं होगा सोच रहा था, वो एक-दम एक्सपेरिएंस्ड लग रही थी. और इतनी जल्दी मेरे लंड पे बैठ गयी, मुझे पता ही नहीं चला. फिर इतनी स्पीड से ऊपर-नीचे उछलने लगी कि मेरा एक मिनट में ही पानी निकलने को हुआ.

मुझे लगा अंदर छोड़ने से प्रॉब्लम होगा, इसलिए मैं माँ की गांड को पकड़ लिया, और दो-तीन धक्के मार के लंड को बाहर निकाल दिया और मेरा निकाल गया. तभी माँ फाटक से मेरे ऊपर से उठी और साइड में लेट गयी. मेरे कान के पास आके धीरे बोली-

माँ: कोई बात नहीं पहली बार है न तेरा इसलिए.

मैं भी खुश होक पुछा: तुम्हारा हुआ की नहीं?

माँ बोली: मेरा कुछ भी नहीं हुआ (और हसने लगी).

मैं ये सुन के मेरा निकलने के बाद भी फिर से माँ की चूत के पास गया और ऊँगली करने लगा. तो माँ मन करि पहले, फिर आँखें बंद करके, गांड उठा-उठा के चूत में ऊँगली करने दी. फिर मैं चुत पे जीभ लगा के चाटने लगा. कुछ १० मिनट तक ये करते-करते मेरा फिर से खड़ा हो गया तो मैं उठ कर माँ के मुँह के पास लुंड किया.

माँ मन करके बोली: की, ये नहीं करुँगी.

फिर मैं भी कोई ज़्यादा फाॅर्स नहीं किया, और माँ की दोनों टांगें फैला के बीच में गया. लुंड चूत पे सेट करते ही अंदर चला गया एक धक्के में ही. तो आगे-पीछे करने लगा. ३-४ मिनट में मुझे लगा फिर से निकल जायेगा, इसलिए स्टॉप किया, लंड बाहर निकाल दिया, और फिर से चुत पे ऊँगली करते हुए खेलने लगा.

५ मिनट तक चूत चाटने के बाद माँ को डोगग्य स्टाइल में किया. माँ मना करने लगी, लेकिन मेरे दो-तीन बार बोलने से डोगग्य पोजीशन में आ गयी. मैं पीछे से छत पे लुंड दाल के माँ को चुट्टड़ां को सहलाते हुए आगे-पीछे करके पलने लगा.

मुझे माँ को इस पोजीशन में देख के ज़्यादा मज़ा आ रहा था. लेकिन माँ ने मुझे रोक दी और मुझे लिटा दी. फिर मेरे ऊपर आ गयी और बोली-

माँ: मुझे ऐसे अच्छा नहीं लगता है.

मैं पुछा: और कैसे?

तो माँ मेरे ऊपर चढ़ गयी और पहली बार आँखें खोल कर मेरी आँखों में देख के हसने लगी. फिर नीचे से लंड को चूत पे सेट करने लगी. मेरा लंड अन्दर चला और वो धीरे-धीरे गांड को हिलाते हुए बोली-

माँ: कब से मेरे बारे ऐसे सोच रहा है?

मैं: ४ साल से.

माँ: सच में? लेकिन याद रख जब भी घर पे तेरे पापा या छोटू रहेंगे, तब बिलकुल भी तरय मत करना.

मैं: हां मुझे पता है, अब तो एन्जॉय करेंगे.

माँ: हां अब तू बस लेता रेह बस.

और माँ फुल स्पीड से उछलने लगी मेरे लंड पे २ मिनट तक. फिर माँ हांफने लगी ज़ोर से सांस लेते हुए. उसके बाद वो मेरे ऊपर लेट गयी और पूरी शांत हो गयी. फिर माँ की गांड को पकड़ कर मैं भी स्पीड से छोड़ने लगा. मेरा भी कुछ ५-६ धके में ही निकल गया.

मेरा २ बार और माँ का एक बार हो गया था. फिर माँ उठ के बाथरूम गयी. मैं ऐसे ही लेटा रहा. फिर दो घंटे के बाद फिर माँ के पास गया तो माँ फिर नाटक की ना-ना बोल कर. तो मैं कुछ पोर्न वीडियोस दिखाया. हम मिल कर दोनों वीडियोस देखे. साड़ी वीडियोस में लंड चूसने का दिखा के माँ को बोला, लेकिन वो मन कर रही थी.

उस टाइम कुछ नहीं किया. रात को फिर से माँ के पास सोने के लिए पुछा. पहले वो मन करि, फिर राज़ी हो गयी. रात को पहले उसकी चूत चाट-शॉट के स्टार्ट किया. फिर उसको लंड चूसने को कहा तो मन करि. उसके बाद ५ मिनट तक चोदने लगा तो मेरा निकल गया. लेकिन उसकी नहीं हुआ. तो फिर मैंने लंड चूसने को कहा.

अब वो धीरे-धीरे खाली ऊपर से मुह में लेके चूस रही थी. मैं पूरा लंड डाल के स्पीड से उसके मुँह को छोड़ने लगा. फिर १० मिनट में मेरा खड़ा हो गया, और फिर मैं छोड़ने लगा. तब पूरे ३० मिनट तक छोड़. उस दिन रात में ४ राउंड किये थे. डेली ३-४ राउंड हो जाते थे.

जब घर पर भाई आता तब बस एक बार रात में होता था. एक बार पापा घर पर रहते हुए भी बाथरूम में सेक्स किये थे हम दोनों.

ये है मेरी कहानी. मैं १स्ट टाइम ये स्टोरी लिखा हु. आशा करता हु पसंद आई होगी.

Leave a Reply

error: Content is protected !!