ही, मेरा नाम दीपा है और मैं ५१ साल की हो. मेरे पति बहुत ही प्यार करते है और हम दोनों की सेक्स लाइफ बहुत ही अच्छी चल रही है. मेरे पति को सेक्सी लके वाली ब्रा पंतय में मुझे छोड़ना बहुत अच्छा लगता है. इसलिए मैं ज्यादा लके वाली ब्रा पंतय ही पहनती हूं.
मेरे मामा की लड़की जिसने भाग कर शादी की उसका हस्बैंड हमेशा से मुझे अलग नज़र से देखता था और कोशिश करता था की मुझे छु सके. वो हलके मगर गंदे मजाक भी करता रहता था, ये कह कर की मैं उसकी साली हु और ये उसका हक़ है.
वो लोग मेरे घर से ज़्यादा दूर नहीं थे. इसलिए मेरे जिजु का मेरे घर आना-जाना रहता था. १ दिन मैं घर पर अकेली थी तो वो आ गए. मैंने उस वक़्त स्कर्ट टॉप पहना हुआ था और मुझे देख कर वो पागल हो गए. उस वक़्त घर पर कोई न था, मैं अकेली थी.
वो अन्दर आये मैंने दूर बंद किया, और उनसे आने का कारण पुछा. उन्होंने बोला कि मेरे हस्बैंड से कुछ काम था. मैंने बोला की वो शाम को आएंगे, तो बोले की जाता हु. फिर मैंने उन्हें टी पीने को बोलै और टिया बनाने चली गयी.
उसके बाद मैं और वो एक साथ बैठ कर टी पीने लगे. उन्होंने बोला कि मैं आज बहुत ही सेक्सी लग रही थी, और बहुत ही सुन्दर दिख रही थी. फिर उन्होंने मेरी गाल पर किस कर दी. मैंने हंस कर उन्हें बोलै की मज़ाक न करो.
खैर कुछ दिन के बाद मेरी नानी की डेथ हो गयी और मुझे उनके अंतिम संस्कार पर जाना था. मेरे हस्बैंड ऑफिस थे और वो लेट आने वाले थे. तो उन्होंने बोला कि मैं मेट्रो से चली जाऊ. मैं मेट्रो से चली गयी और अंतिम संस्कार के बाद मेट्रो से ही आने का प्रोग्राम बनाने लगी.
वहाँ पर मेरे जीजू जिनका नाम अमित है, वो भी अपनी कार से आये हुए थे.
उन्होंने बोला: अँधेरा और कोहरा है. तुम मेरे साथ चलो, मैं छोड़ दूंगा.
मैंने बोला: ठीक है.
और मैं उनके साथ कार में बैठ गयी. वो धीरे-धीरे कार चला रहे थे, क्यूंकि कोहरा बहुत था, और गियर मारते हुए मेरी टांगों पर हाथ मार रहे थे. कभी वो मेरे गालों को दबाते हुए बोलते कि मैं बहुत ही सेक्सी और हॉट हो.
मैं थोड़ा सा षर्मा कर हंस रही थी. थोड़ी देर के बाद वो बोले की ठण्ड बहुत है क्या मैं टिया पियूँगी. तो मैंने हां बोल दिया. उन्होंने टिया की टपरी पर गाड़ी रोकी और २ कप टिया लाने के लिए चले गए. मैं कार में ही बैठी रही. आते हुए मेरी टिया में उन्होंने थोड़ी सी सेक्स की दवाई डाल दी. मुझे पता नहीं था और हम दोनों कार में बैठ कर टी पीने लगे.
उन्होंने मुझे बोला: थोड़ा आराम से चले तो कोई प्रॉब्लम तो नहीं है?
मैंने बोला: हस्बैंड भी लेट आएंगे, और किड्स भी अब बड़े है. तो कुछ नहीं होगा.
थोड़ी आगे जाने पर उन्होंने सुनसान जंगल की तरफ गाड़ी रोक दी. आस-पास जंगल था और कोई भी आता-जाता नहीं था. फिर उन्होंने बोलै की पीछे आराम से बैठ कर टी पीते है, और मैं और वो कार के पीछे चले गए.
उन्होंने सीट गिरा दी जिससे ाचा सा बेड बन गया. फिर गाडी अंदर से लॉक कर दी, और मेरे सूट के ऊपर से टांगों पर हाथ फेरने लगे.
मैंने बोला: यहाँ कोई आ कर देख लेगा.
तो वो बोले: इतना कोहरा है, और यहाँ कोई न आता.
फिर वो मेरे पास आये और ये बोलते हुए की मैं बहुत ही सेक्सी हो, मेरे होंठो पर अपने होंठ रख कर चूसने लगे. मुझे भी दवाई का असर होने लगा था, तो मैं भी कुछ बोल न पायी. सिर्फ इतना कि जीजू क्या कर रहे हो, कोई देख लेगा.
पर उन्होंने बोला: कोई नहीं आएगा.
और उन्होंने अपना हाथ मेरी कमीज के अंदर डाल दिया. फिर ब्रा के ऊपर से मेरे मुम्मे दबाने लगे. मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लगी. उन्होंने मेरी जैकेट उतार दी और कमीज ऊपर कर दी. मैंने नीचे रेड कलर की नेट वली ब्रा पहनी हुई थी, जिसे देख कर वो पागल हो गए.
उन्होंने मेरी कमीज उतार दी और ब्रा के ऊपर से मेरे मुम्मे दबाने लगे. मैं भी गरम हो रही थी और मैंने अपना हाथ उनकी पैंट के ऊपर से उनके लुंड पर रख कर दबाना शुरू कर दिया. फिर उन्होंने अपनी पैंट और शर्ट उतार दी और अपना लुंड निकाल कर मुझे बोले कि इसे चूसो पहले.
मैंने मन किया की मुझे अच्छा नहीं लगता, पर उनके बार-बार कहने पर मैं उनका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी. मुझे अच्छा लगने लगा था. फिर उन्होंने मेरी सलवार भी उतार दी. नीचे मैंने ब्लैक कलर की नेट की पंतय पहनी थी. उन्होंने पंतय के ऊपर से ही मेरी चूत पर ऊँगली फेरनी शुरू कर दी.
मेरी पैन्टी पूरी गीली हो गयी थी. फिर उन्होंने मेरी पैंटी उतार दी. मैंने वैक्सिंग की हुई थी, जिससे मेरी चूत एक-दम चिकनी थी. उन्होंने मुझे सीट पर लिटाया और जीभ से मेरी चूत चाटने लग गए. मेरे मुँह से आह्हः आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह की आवाज़ें निकलने लग गयी.
इससे पहले किसी ने भी मेरी चूत नहीं चाती थी. मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं उनके सर को ज़ोर-ज़ोर से अपनी चूत पर रगड़ने लगी. काफी देर चाटने के बाद उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया. उनका लुंड काफी बड़ा था और जैसे ही वो अंदर गया मेरी जान निकल गयी.
फिर उन्होंने मेरे होंठों को चूसने और मेरी निप्पल्स से खेलना शुरू किया. मुझे मज़ा आ रहा था और मैं नीचे से अपनी चूत को ऊपर-नीचे करने लगी थी. फिर उन्होंने मेरी चूत में अपने लंड को अंदर-बाहर करना शुरू किया. पूरी कार में फच फच की आवाज़ आने लगी थी.
उनके बड़े लुंड की वजह से मैं २ बार झाड़ चुकी थी और उनका पानी अभी निकल नहीं रहा था. थोड़ी देर धके लगने के बाद वो मुझसे बोले की, “मैं झड़ने वाला हु. क्या तुम्हारी चूत में अपना पानी गिरा दू.”
मैं भी काफ़ी गरम हुई थी तो मैंने बोलै की गिरा दो अपना सारा पानी मेरी चूत में. इतना बोलते ही उनके लुंड ने अपने पानी की पिचकारी से मेरी चूत को भर दिया. मैं भी ४ बार झाड़ चुकी थी और अंदर मेरे और उनके पानी का मिलान हो गया था.
काफी देर हम ऐसे ही लेटे रहे. फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और मेरे होंठों को चूम कर बोले की मैं बहुत ही सेक्सी हो. मैंने भी उनके हठ चूस कर उन्हें बोला की मुझे उनका लुंड लेकर बहुत ही मज़ा आया.
फिर हम दोनों ने अपने कपड़े पहने. मेरी पंतय मेरी चूत से निकलने वाले रस से भींग गयी थी, और बैठने में परेशानी हो रही थी. फिर उन्होंने कार चला कर मुझे घर छोड़ा. उतरने से पहले फिर से उन्होंने मेरे होंठो को चूसा.
मैंने जल्दी से उन्हें अलग किया कि कोई देख लेगा और अपने घर आ गयी. घर आ कर मैं जल्दी से नहाने घुस गयी. जब मैंने अपनी पंतय उतारी तो देखा की उनके पानी और मेरी चूत के पानी से मेरी पूरी पंतय भीग गयी थी. मैंने वो पल को याद करते हुए जल्दी से अपनी पंतय धोयी और बाहर आ गयी.