किराए पर रहने वाली लड़की के साथ लेज़्बीयन सेक्स की कहानी

मेरा नाम लीशा है. मैं ३४ साल की हो. मेरी ज़िन्दगी बाहर से बिलकुल परफेक्ट थी. मुंबई के सबसे पॉश एरिया में सेए-फेसिंग लक्ज़री अपार्टमेंट है. जहाँ से समुन्दर दीखता है. पति एक टॉप बिजनेसमैन, हर चीज़ में पैसा ही पैसा. घर में माइड, कुक, ड्राइवर सब कुछ था.

मेरा बेटा ५ साल का, स्कूल जाता था. सीजेरियन डिलीवरी की वजह से मेरी बॉडी वापस से कॉलेज टाइम जैसी हो गयी थी – चुत अब भी टाइट, बिलकुल नैरो फील होती थी. फिगर ३६-३४-३६, परफेक्ट कर्व्स. गोरी चमड़ी, सिल्की लम्बे बाल, चेहरा इतना खूबसूरत कि पार्टी में लोग मुझे ही देखते रह जाते. लेकिन मेरे बूब्स ही सबसे बड़ी अट्रैक्शन थे – बड़े, हैवी, राउंड और ब्रेस्टफीडिंग के बाद अब भी दूध आता था. कभी प्रेशर बढ़ता तो मिल्क लीक हो जाता. ब्लाउज पे गीला स्पॉट बन जाता, निप्पल्स हार्ड हो कर आउटलाइन दिखने लगते.

पर अंदर से मैं खाली थी. पति रात को लेट आते, थक कर सो जाते. सेक्स भी महीने में एक बार, वो भी जल्दी खत्म. फोरेप्ले नाम की चीज़ नहीं. मैं मिरर के सामने खड़ी होती और सोचती – इतनी सुन्दर बॉडी, इतने बड़े दूध वाले बूब्स, और कोई प्रॉपरलय एन्जॉय नहीं कर रहा.

हमारे घर के ग्राउंड फ्लोर पे एक अलग पोरशन रेंट पे दिया था. वहां मामुनि रहती थी. २४-२५ साल की लड़की, प्राइवेट फर्म में जॉब, सुबह ९ बजे जाती, शाम ६-७ बजे आती. थोड़ी ब्रोनिश रंगत, शार्प नोज, बड़ी आँखें, फिगर स्लिम-फिट ३२-२८-३०. छोटे पॉइंटेड बूब्स, पतली कमर, थोड़ी राउंडेड हिप्स.

वो सिंपल कपड़े पहनती थी – सलवार-कमीज या जीन्स-टॉप – लेकिन बॉडी टाइट थी. मुझसे बात करती तो शरमा कर, लेकिन मैंने नोटिस किया की उसकी नज़र बार-बार मेरे बूब्स पे अटक जाती थी. हॉल में टीवी देखते वक़्त, किचन में चाय बनाते हुए, स्टेर्कसे पे मिलते वक़्त – आँखें वहीँ रूकती थी.

पहले मैं समझी नहीं, फिर क्यूरोसिटी हुई. एक दोपहर बेटा स्कूल गया, पति ऑफिस, घर खाली. मैं कुछ पूछने मामुनि के रूम के पास गयी. दरवाज़ा थोड़ा खुला था. मैंने अंदर झाँका और दिल की धड़कन तेज़ हो गयी.

बेड पे एक बड़ा ब्लैक स्ट्राप-ों पड़ा था – बेल्ट वाला, १० इंच लम्बा, मोटा, वेइन्स वाला डिज़ाइन. लैपटॉप ऑन था, वीडियो चल रहा था – दो लड़कियां वाइल्ड सेक्स कर रही थी. एक दूसरी के बूब्स ज़ोर से चूस रही थी, दूध निकल रहा था, दूसरी स्ट्राप-ों से तेज़-तेज़ छोड़ रही थी.

मैंने हिस्ट्री चेक की – ऑलमोस्ट सारे वीडियोस लैटटिंग लेस्बियन्स के थे, मिल्क ड्रिंकिंग, रफ़ बूब सकिंग, हार्ड स्ट्राप-ों फूकिंग.
दिल में एक बिजली सी दौड़ गयी. समझ गयी – मामुनि लेस्बियन थी और उससे दूध वाली औरतों के बूब्स पे बहुत क्रेज था. रात को बेड पे लेटी सोचती रही. कभी लेस्बियन एक्सपीरियंस नहीं किया था, लेकिन एक्ससिटेमेंट होने लगा. सोचा मेरा दूध तो वैसे भी वस्ते हो रहा था, क्यों न मामुनि को ऑफर करू?

सेडक्टिव धीरे-धीरे शुरू किया. पहले नार्मल बातें बधाई. सुबह किचन में चाय बनाते वक़्त, “मामुनि, तुम्हारी स्किन कितनी स्मूथ है, क्या लगाती हो?” वो शरमा कर बोली, “कुछ नहीं भाभी.” मैं उसके पास खड़ी हुई, लौ नैक ब्लाउज, पल्लू थोड़ा साइड. क्लीवेज दिखा. उसने नज़र नीचे की, लेकिन सांस तेज़ थी.

एक शाम हॉल में बैठी थी. मामुनि ायी टीवी देखने. मैं उसके बगल में बैठ गयी, थोड़ा पास. टाइट ब्लाउज पहना था, बूब्स उभर रहे थे. जान-बूझ कर पल्लू गिरने दिया, फिर धीरे से उठाया. वो घूर रही थी. मैंने पुछा, “क्या हुआ मामुनि, इतना क्यों देखती हो मुझे?” वो लाल हो गयी, “कुछ नहीं भाभी.” मैं हसि, “बॉयफ्रेंड नहीं है?” वो बोली, “नहीं भाभी, मैं ऐसी नहीं हूं.” मैं समझ गयी, स्माइल करके कहा, “तो फिर कैसी हो?” वो चुप रही.

अगले दिन दोपहर. घर खाली. मैं उसके रूम के पास से गुजरी, दरवाज़ा खुला. वो चेंज कर रही थी, टॉपलेस. छोटे टाइट बूब्स, पिंक निप्पल्स हार्ड. मुझे देख कर शरमा गयी, टॉवल से कवर किया लेकिन धीरे. मैं स्माइल करके चली गयी.

अब थोड़ा डायरेक्ट. एक शाम ब्रा नहीं पहनी, थिन वाइट कॉटन ब्लाउज, दो बटन खुले. मिल्क का प्रेशर था, निप्पल्स गीले, आउटलाइन क्लियर, ब्लाउज पे हल्के वेट स्पॉट. मामुनि हॉल में आयी, मुझे देखा तो आँखें बड़ी हो गयी. मैं उसके बिलकुल पास बैठ गयी, चाय दी. जान-बूझ कर झुकी, बूब्स ऑलमोस्ट बाहर लटक गए. उसके हाथ कांप रहे थे कप लेते वक़्त.

मैंने उसका हाथ पकड़ा, “मामुनि, तुम मुझे हमेशा बोओब्स ही क्यों देखती हो?” वो डर गयी, “नहीं भाभी…” मैं कान में व्हिस्पर किया, “मुझे सब पता है. तुम लेस्बियन हो न? तुम्हे दूध पसंद है?” वो शॉक हुई, लेकिन आँखों में लस्ट जग गया. मैंने उसके हाथ को अपने लेफ्ट बूब पे रख दिया. “छू कर देखो, कितना भरा हुआ है.”

वो पहले हाथ हटाने लगी, लेकिन फिर उँगलियाँ धीरे से दबने लगी. मिल्क निकल आया, ब्लाउज और गीला. उसकी सांस तेज़. मैं बोली, “मेरा दूध टास्ते करना चाहती हो न?” वो अब कंट्रोल नहीं कर पाई.

अचानक वो वाइल्ड हो गयी. मुझे सोफे पे धक्का दिया, ऊपर चढ़ गयी, नीज से मेरी लेग्स दबा दी. “साली रंडी भाभी, इतने दिन सडके कर रही थी, अब तेरा सारा दूध पी जाऊँगी और तुझे छोडूँगी भी!” गली देते हुए ब्लाउज के बच्चे बटन फाड़ दिए. ब्लाउज पूरा खुल गया, मेरे गोर बड़े बूब्स बाहर आ गए – हैवी, राउंड, निप्पल्स हार्ड और दूध से गीले.

वो लेफ्ट बूब पे मुँह लगा कर ज़ोर से चूसने लगी. “ममम… कितना टेस्टी गरम दूध है तेरा!” पूरा अरेओला मुंह में घुसेड़, टीथ से निप्पल खिंचा. मिल्क स्क्वरटिंग होने लगा उसके मुँह में, गाला पे बहने लगा. मैं दर्द से चिल्ला उठी, “आआह्ह्ह… मामुनि… धीरे कर न… ओह गॉड… बहुत तेज़ चूस रही है… मममम… आआह्ह्ह्ह… दर्द हो रहा है!”

लेकिन वो और एग्रेसिव. राइट बूब को हाथ से मैला, मिल्क निचोड़ा जैसे काऊ को. “चिल्लाती क्यूँ है साली? तूने खुद बुलाया था न?” टीथ से निप्पल काटी, ज़ोर से खींच कर छोड़ा. बूब्स लाल होने लगे, काटने के निशान पड़ गए. वो अल्टेरनाते करती रही – लेफ्ट को चूसती, राइट को नेल्स से खरोंचती, पिंच करती. मिल्क उसके चेहरे पे, कपड़ों पे, मेरे पेट पे गिर रहा था.

मैं रियल तरीके से मोअन कर रही थी, “ओह्ह्ह… आआह्ह्ह्ह… मामुनि… बहुत दर्द है… लेकिन मज़ा भी आ रहा… मममम… और ज़ोर से चूसो… हां… ओह फ़क… आआह्ह्ह्ह… प्लीज धीरे… नहीं और तेज़!” बॉडी हिल रही थी, हाथ उसके बालों में, कभी खीँचती कभी सहलाती.

वो गलियां देती जा रही, “अमीर की दूध वाली रैंड भाभी, इतने बड़े बूब्स, अब मेरा है सब! चूस-चूस कर खाली कर दूँगी!” निप्पल्स वललें हो गए, रेड मार्क्स हर जगह. मिल्क अब कम होने लगा, लेकिन वो ड्राई सकिंग करने लगी – ज़ोर-ज़ोर से खींचती, जैसे पुनीश कर रही हो.

मेरा नीचे पूरा गीला हो चुका था. चुत से पानी बह रहा था, मैं तड़प रही थी और कुछ के लिए.

फिर वो उठी, “अब तेरी टाइट छूट फाड़ती हूँ.” अपने रूम से स्ट्राप-ों ले आयी – १० इंच का ब्लैक मॉन्स्टर. बेल्ट पहन ली, खड़ा हो गया सीधा. मेरी साड़ी ऊपर की, पेटीकोट खोला, ब्लू पंतय फाड़ कर फेंक दी. मेरी चूत पिंक, टाइट, गीली बह रही थी.

पहले उसने एक ऊँगली डाली, फिर दो, फिर तीन – सकिसोरिंग की अंदर. “कितनी टाइट है तेरी चूत भाभी, जैसे वर्जिन.” मैं मोअन, “ममम… आआह… हां मामुनि… और अंदर…”

फिर स्ट्राप-ों का टॉप मेरी क्लीट पे रगड़ने लगी, ऊपर-नीचे, गोल गोल. मैं बेग कर रही थी, “दाल न प्लीज… आआह्ह्ह… तडपा मत…”

एक ज़ोर का धक्का – आधा अंदर. “आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह!” मेरी चीख निकल गयी, दर्द से आँखों में आँसू. बहुत मोटा था, चुत स्ट्रेच हो रही थी जैसे फट जाएगी. वो रुकी नहीं, दूसरा तेज़ धक्का – पूरा १० इंच अंदर तक.

“आआह्ह्ह्ह… ओह गॉड… मेरी चूत फट गयी… आआह्ह्ह्ह… बहुत बड़ा है… धीरे!” लेकिन धीरे-धीरे मज़ा शुरू हुआ. वो पम्पिंग स्टार्ट की – स्लो पहले थप-थप-थप आवाज़ पूरे हॉल में गूंजने लगी.

मैं इन्तेंसेलय मॉनिंग करने लगी, “ओह यस… आआह्ह्ह्ह… छोड़ मुझे मामुनि… मममम… हाँ ज़ोर से… ओह फ़क… डीपर जा… आआह्ह्ह्ह… मेरी जान… और तेज़ कर!”

वो झुक कर मेरे बूब्स चूसने लगी धक्के मारते हुए, बचा हुआ मिल्क टास्ते कर रही थी. स्पीड बढाती गयी, पूरा अंदर बाहर. मेरी चूत से छप-चाप गीली आवाज़ आ रही थी.

पहला ओर्गास्म आया – बॉडी अकड़ गयी, “आआह्ह्ह्हह्ह… आ रही हूँ… ओह्ह्ह्ह… ममममम… हाँ!” चुत से पानी निकल आया, स्ट्राप-ों पे बह गया.

लेकिन वो नहीं रुकी. मुझे घुमाया, डोगग्य स्टाइल बनाया. पीछे से पकड़ा हिप्स, और ज़ोर से घुसेड़ा. अब और गहरा जा रहा था. “ले साली भाभी, अब तेरी गांड तक पहुंचा रही हु!” थप-थप-थप तेज़ आवाज़, बूब्स हिल रहे थे, मैं सोफे पे मुंह दबा कर चिल्लाती रही, “आआह्ह्ह… ओह यस… और ज़ोर से छोड… मममम… हां… मेरी चूत जला दो… आआह्ह्ह्ह!”

दूसरा, तीसरा, चौथा ओर्गास्म – मैं थक गयी थी मॉनिंग से, लेकिन वो मशीन जैसे चलने लगी. पोजीशन बदली – मिशनरी, काउगर्ल (मैं ऊपर बैठी, लेकिन वो नीचे से ज़ोर-जोर से धक्के मारती), साइड से स्पूनिंग स्टाइल.
आखिर में वो भी थक गयी. स्ट्राप-ों धीरे से निकला, मेरी चूत लाल, सूजी हुई, गीली. हम दोनों पसीने से तर, सांसें तेज़. वो मेरे बूब्स पे सर रख कर लेट गयी, अब जेंटली बचा हुआ मिल्क चूसने लगी.

मैंने उसके बाल सहलाये, “मामुनि… बहुत मज़ा आया… कभी सोचा नहीं था इतना इंटेंस होगा.” वो स्माइल करके बोली, “अब रोज़ पियूँगी तेरा दूध भाभी, और रोज़ छोडूँगी भी.”

उस दिन के बाद हमारा सीक्रेट इंटेंस लेस्बियन रिलेशन शुरू हो गया. जब भी मौका मिलता – सुबह बेटा स्कूल, पति ऑफिस, दोपहर में या रात को – वो आती. पहले वाइल्ड तरीके से मेरा दूध पीती, काट-टी, चूसती, फिर स्ट्राप-ों से घंटो छोड़ती. मैं भी एडिक्टेड हो गयी थी उस वाइल्ड मज़े को. मेरी ज़िन्दगी में एक नया, सीक्रेट, बहुत ही गरम रंग आ गया था.

आप सब को मेरी ये फर्स्ट लेस्बियन एक्सपीरियंस स्टोरी कैसे लगी अपना फीडबैक दिजियेगा सिंघाणीआयेशा९८१@जीमेल.कॉम पर.

और किस टाइप की स्टोरी चाहिए बताये.

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