थ्रीसम सेक्स और बातरूम सेक्स की कहानी


थिस स्टोरी इस पार्ट ऑफ़ थे मस्ति से मज़बूरी तक सीरीज


हेलो फ्रेंड्स, वेलकम बैक तो माय सेक्स स्टोरी. सॉरी फॉर थे देले. मैं कुछ काम में बिजी हो गया था, तो कहानी लिखने का टाइम नहीं मिल पाया. अब से बराबर टाइम पे कहानी पोस्ट करने की कोशिश करूँगा.

तो जैसे की पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की क्रिया, अर्पिता, अजय और मैं नीचे लेटे-लेते रानी और टीए को देख रहे थे. रानी टीए के ऊपर चढ़ कर अपने निप्पल्स टीए के निप्पल्स से रगड़ रही थी. हलाकि दोनों के बूब्स इतने बड़े भी नहीं थे, बूत बहुत सेंसिटिव थे.

कुछ देर ऐसे ही रगड़ने के बाद रानी को टीए ने अपने ऊपर से बाजु में पेट के बल लेटने को कहा. फिर खुद उसके पैर के पास आके बैठ ायी. टीए अब अपने घुटने पे बैठ कर, रानी की गांड को अपने हाथों से फैला कर, उसकी चूत में थूक डालने लगी.

टीए जिस पोजीशन में बैठी थी, उसमे उसकी गांड के छेद और चुत बिलकुल हम चारों को साफ़ दिखाई दे रहे थे. उसकी चूत और गांड देख के अर्पिता अजय से बोली, “अब देर किस बात की, जा अपना प्रसाद ग्रहण कर ले.”

फिर टीए भी पीछे मुड़ के देख के बोली, “भाई अब कितना तड़पाओगे, अब आ भी जाओ न.” तो अजय भी उठ के टीए की और जाने लगा. टीए बिलकुल बीएड के एज में अपनी गाँड फैला कर अजय को इन्विते कर रही थी. रिया मुझसे बोली, “देख अपनी छिनाल बीवी को, कैसे मेरे पति से छोड़ने के लिए मर्री जा रही है.”

टीए: तो कुछ देर पहले मेरे पति से कौन चुड़ रहा था?

में: बेब वो मज़ाक में बोल रही है.

टीए: ी क्नोव जान, मैं भी उसे चिढ़ाने के लिए बोल रही हू.

रिया: अजय तूने देखा न कैसे इस दरिंदे ने मेरी चूत मारी है? उस साली की भी वही हालत कर.

अर्पिता: हां छोड साली को, आज सारा पानी निकाल दे.

टीए: भैया आज जाम के चुदाई कर दो मेरी. मेरे गांडु पति के लंड से काफी बड़ा है आपका. मेरे चुत को फाड़ दो आज.

मैंने पहली बार टीए के मुँह से किसी और के लुंड की तारीफ सुनी, तो मुझे थोड़ा अजीब लगा. मुझे बुरा इस बात का नहीं लगा कि अजय का मेरे से बड़ा है. पर टीए का इस तरह सब के सामने उसकी तारीफ करना मुझे थोड़ा अजीब लगा. आप जेएलओसी भी कह सकते हो एक तरह की.

रानी अपने पेट के बल लेटे-लेते बोली: ये रन्डी तो मर्री जा रही है मेरे जीजा के लुंड के लिए.

रिया: मेरे पति का लंड है ही ऐसा. किसी को भी गुलाम बना दे (मेरे कान के पास आके बोली). बस थोड़ा जल्दी निकल जाता है लेकिन.

अजय फिर उठ के, बेड के नीचे अपने घुटनों पे बैठ के, टीए की गाँड़ को पकड़ के, उसकी चूत चाटने लगा. टीए भी अब रानी की गांड को फैला के उसकी चूत को चाटने लगी. अजय अब टीए की छूट से लेकर गांड के छेद तक अचे से चाटने लगा.

कुछ देर ऐसे ही चाटने के बाद, वो फिर अपने दोनों हाथों से टीए की चूत को फैला कर अपनी जीभ उसकी चूत में डालने लगा. अपनी बीवी को किसी और के साथ एन्जॉय करते हुए देख के मेरे अंदर एक अजीब सी फीलिंग जागने लगी.

मैं जेएलओसी फील कर रहा था. साथ में मुझे ये सब देख कर सेक्सी भी फील हो रहा था. पर मेरे में अभी दम नहीं था. इसलिए मेरा लंड चाह के भी खड़ा नहीं हो पा रहा था. अजय अब अपनी एक ऊँगली टीए की चूत में डाल के अपनी जीभ से टीए की चूत के दाने को चाट रहा था. टीए भी अपनी गांड हिलै-हिला कर उसका साथ दे रही थी.

कुछ टाइम बाद मुझे मेरे बदन से जलने की सेंसेशन आने लगी. और मुझे पािण होना शुरू हो गया. तब जाके पता चला जो नाख़ून रिया ने और रानी ने मेरी पीठ और जाँघों पे गाड़े थे, वो अर्पिता की पेशाब में लग के जलने लगे थे.

मैं फ़ौरन खड़ा हो गया. मेरे लंड से अभी भी अर्पिता का पेशाब गिर रहा था. रिया ने मुझे पुछा क्या हुआ? मैंने बताया की, “मेरा पूरा बदन तेरी और तेरी बहिन के वजह से जलने लगा है. मैं बाथरूम जाके साफ़ होक आता हु. नहीं तो इन्फेक्शन हो जायेगा.” तो रिया और अर्पिता दोनों भी मेरे साथ बाथरूम में जाने के लिए उठ गए.

रानी: ये गलत है. हम लोगों ने आपको चुड़ै में पूरा साथ दिया. और जब हमारी बारी आई, तो आप सब हमें छोड़ के जाने वाले हो?

अर्पिता: अरे बाबा कहीं जा नहीं रहे है. बस साफ़ करके आ रहे है.

रानी: तो एक-एक कर के जाओ न.

अर्पिता: ठीक है.

रिया: तो पहले अभी और मैं जाके आते है.

अर्पिता: इस छिनाल को तो फुर्सत ही नहीं लुंड से. जा जाके मर्र उसके साथ.

फिर मैं और रिया बाथरूम में जाने लगे. बाथरूम में जाते टाइम रिया मेरे लंड को पकड़ के खींचते हुए बाथरूम की और ले जाने लगी. बाथरूम में जाके हमने दरवाज़ा बंद किया और मैंने शावर ों किया. वो भी मुझे हुग करके मेरे साथ शावर के नीचे खड़ी हो गयी.

पानी गिरते ही मेरी जलन और भी बढ़ गयी. पर मैं उसे वैसे ही हुग करते हुए खड़ा रहा. फिर वो अपना मुंह ऊपर करके मुझे किस करने लगी. मैंने भी उसका साथ दिया. वो काफी लम्बी किश थी, लगभग एक मिनट तक. डीप एंड पैशनेट किस थी. कुछ देर बाद वो अलग हुई.

रिया: प्रॉमिस कर की हमारा ग्रुप ऐसा ही रहेगा हमेशा के लिए.

में: क्या हो गया? तू ठीक तो है?

रिया: तू पहले प्रॉमिस तो कर.

में: हाँ बाबा, हमेशा साथ में रहेंगे हम लोग. पर हुआ क्या?

रिया: जब अजय टीए की चूत चाट रहा था, तो मुझे बड़ा अजीब लगा. मैं बता नहीं सकती, पर वो एक अजब की फीलिंग थी.

में: मुझे पता है. मैंने भी वो ही महसूस किया. पर ये भी तो सोच हम जब कर रहे थे, अजय और टीए ने भी तो वो ही महसूस किया होगा.

रिया: हां, वो भी है. चल अब जल्दी से फ्रेश हो जाते है. तू फ्रेश हो जा, मैं थोड़ा टॉयलेट उसे कर लेती हु.

में: की, कितनी गन्दी है तू. मेरे सामने टट्टी करेगी तू?

रिया: उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. अरे वाह. कुछ देर पहले मेरी तत्ति खाने के लिए मर्र रहा था तू. भूल गया?

में: चल ठीक है कर ले.

फिर मैं शावर के नीचे खड़ा होके सोप लगने लगा. और रिया मेरे सामने कमोड पे बैठ गयी. पहले उसे पेशाब किया, और मुझे एक आँख मार के थोड़ा प्रेशर बनाया. इससे उसकी पाद निकल गयी और छड्ड-छड्ड की आवाज़ आने लगी. करीब ५ या १० सेकंड तक वो आवाज़ कन्टिन्यूसली आ रही थी.

में: क्या जान, निकल गया क्या गाँड़ से?

रिया: तूने जब किया था न, तब से होल्ड करके रखा था.

फिर उसकी तत्ति की स्मेल पूरे बाथरूम में आने लगी. फिर कुछ टाइम बाद वो उठ गयी और मेरे पास आने लगी. तो मैंने उसे बोला पहले फ्लश तो कर ले.

रिया: भोंसड़ी के, तेरे लिए रखा है सजा के. पहले देख तो ले.

मैंने जाके देखा तो गुह का बड़ा सा, कम से कम १२ या १५ इंच का लंड एक साथ निकल गया था.

में: बाप रे, इतना कहाँ से लायी?

रिया: तेरी बीवी से मांग के साले. कहाँ से लायी का क्या मतलब? बूत तूने जब खाया था मेरी तत्ति, वो मुझे काफी सेक्सी लगा था. तो मैं सोच रही थी की….

अब वो क्या सोच रही थी, अगले पार्ट में बताऊंगा. तब तक के लिए हिलाते रहिये, और स्वस्थ रहिये, और फील फ्री तो कमेंट एंड रीच आउट तो में.

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