पिछला भाग पढ़े:- मेरा प्यारा सा परिवार-१
तो दोस्तों
माँ मेरे पास ही बैठी थी. उसकी सारी बात मैं सुन रहा था. माँ ने मेरे सर पर हाथ फेरा और पानी दिया.
रेखा (माँ): बेटे तेरे पापा को ब्रेन कैंसर है. उनके साथ नहीं कर पाती. ाः
मैं माँ के बूब पर हाथ घुमा रहा था. वो लेटी हुई मज़ा ले रही थी. मैंने माँ को अब कई जगह किश किया. उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा. वो टांगें चौड़ी कर मज़ा ले रही थ
मैं: माँ क्या ये हम सही कर रहे है? आप मेरी माँ हो और ये सब मुझे नहीं करना.
रेखा (माँ): बेटा मैं और तुम्हारे पापा सब पहले ही सोच चुके है. तू मुझे प्यार नहीं करता
माँ का आंसुओं से पूरा चेहरा भीग चुका था. कुछ देर तक वो हिली नहीं.
मैं: नहीं माँ. ऐसी बात नहीं है. मैं बहुत प्यार करता हूँ आपसे.
मैंने दूसरी तरफ के गाल पर किस किया और एक साथ बहुत किस्सेस कर दिए. हम दोनों एक-दुसरे से चिपके थे. तभी गेट पे कोई खड़ा हो कर हमें देख रहा था.
मेरी चाची विमला हम दोनों की बातें सुनते हुए चूत में ऊँगली कर रही थी. इधर माँ मेरी तरफ आ कर लेट गयी. मैंने माँ को सीधा लिटा लिया. माँ मेरी पीठ पर अपने हाथ फ़र्न
रेखा (माँ): ओह्ह्ह्ह मिन्टी
मैंने माँ का पल्लू हटा दिया और ब्लाउज भी खोल दिया. मैंने उसकी ब्रा और पंतय खोल कर एक-दम नंगी कर दिया. माँ मेरे सामने खड़ी एक अप्सरा लग रही थी. मैंने भी अपने कपडे क
मैंने अपना लंड माँ को पकड़ा दिया. वो बैठ कर चूसने लगी. कुछ देर चूसने के बाद उसने लुंड को इतना गीला कर दिया कि एक झटके में लुंड घुस जायेगा.
मैं अब माँ की चूत पर हाथ फेरने लगा. छूट पर हाथ रखते ही माँ गरम होने लगी. फिर मैने उनकी चूत पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा. कुछ देर चूसने के बाद मैंने
रेखा (माँ): छोड़
मेरी जाँघ माँ की गांड से लग कर आवाज़ कर रही थी. मुझे माँ छोड़ते हुए मज़ा आ रहा था. मैं माँ खूब मज़े से छोड़ रहा था. कुछ देर छोड़ने के बाद मैंने स्पीड बढ़ा दी. फ
रेखा (माँ): बीटा वादा करो
मैं: प्रॉमिस माँ
रेखा (माँ): आप मेरी मांग भर कर अपनी बना लो. मैं हमेशा आपके पैरों में रहना चाहती हु. बोल बेटा बनाएगा न मुझे अपनी वाइफ?
मैं: आज से तुम मेरी पत्नी हो. तुम जो चाहोगी सब मिलेगा. पापा का तुम पर से हक़ मेरा हो गया. वो अब न तो तुझे छू सकता है
मैंने वाइफ को अपनी बाहों में अपनी तरफ किया और उसके होंठों पर होंठ रख दिए. उसकी आह निकल गयी. मैं नीचे वाले लिप्स को चूसने लगा. फिर मेरी वाइफ (माँ) ने मेरे पैर च
बहुत ही खुश लग रही थी वो. फेस पे अलग ही ग्लो था उनके. और जो चची गेट से हम दोनों को देख रही थी
तभी मेरी कजिन शिवानी मेरे रूम में किसी काम से आई. शिवानी मेरी शामे ऐज की है
शिवानी: भैया मुझे आपसे पूछना था कल कॉलेज में एक इवेंट है. तो आप मेरे साथ जा सकते हो?
मैं: ठीक है
उसने मुझे एक गुड नाईट किश दी और एक सेक्सी स्माइल के साथ मेरे को एक किश किया. फिर मेरे लंड को ऊपर से दबा कर बोली-
शिवानी: भैया आप नंगे लेटे हो?
मैं: हां
शिवानी: आईटी’स ओके. तेरी कोई गफ है?
मैंने तुरंत कहा: नहीं दीदी.
वो बोली: झूठा.
मैंने कहा: सच दीदी
वो बोली: ओके
मैंने कहा: आपके जैसी.
वो ज़ोर से हस्सी और बोली: मुझमे तुझे क्या अच्छा लगा?
मैं: तू तो मेरी जान है.
दीदी बोली: मैं भी एक बात पूछूं?
मैंने बोला: हां पूछ.
वो बोली: तूने कभी किया सेक्स किया है?
मैंने कहा: नहीं.
वो बोली: तो तेरा अभी से इतना बड़ा कैसे है?
मैंने कहा: ये तो नैचुरली है.
मेरा ९ इंच का लौड़ा उसके हाथों में तानना हुआ था.
फिर शिवानी दीदी बोली: मेरे पीरियड्स चल रहे है
और मुझे एक लिप्स पर किश देके चली गयी. उसके जाते हुए मैं उसकी मोटी गाँड को देखने लगा जो मटक रही थी. वो पीछे मुड़ी और मेरे को उसकी गांड देखते हुए देख लिया.
फिर बोली: थोड़ा और इंतज़ार कर ले मेरे भाई. कल तुझे सब मिलेगा.
और एक सेडक्टिव स्माइल दे कर चली गयी. उसके बाद मैं सो गया. अगले दिन मैं उठ गया और फ्रेश हो कर बाहर आया. माँ किचन में थी. मैंने उनको पीछे से हुग किया
माँ: गुड मॉर्निंग बीटा. क्या बात है
मैं: आप बहुत हॉट हो. मनन करता है दिन रात तुम्हारी चूत में लन्ड डाल के राखु.
माँ: ना बाबा
फिर मैं वहां से निकला और मैंने देखा कि शिवानी दीदी रेडी हो चुकी थी. उन्होंने एक ब्लैक कलर की हाफ टॉप पहनी थी. नीचे उन्होंने एक ब्लू जीन्स दाल रखी थी
शिवानी: भाई तूने लेट करवा दिया. मैं कल तुझे बोल कर गयी थी. रेडी हो जा जल्दी
उसके बाद मैं रेडी हुआ. फिर हमने नाश्ता किया. उसके बाद हम कार से कॉलेज के लिए निकल गए.
मैं: दीदी आज आप बहुत ही खूबसूरत लग रही हो. आज क्या इरादा है?
शिवानी: मैं तो डेली ऐसे ही तैयार होती हूं. तू देख आज रहा है.
ऐसे ही बातें करते-करते हम कॉलेज आ गए. उसकी फ्रेंड भी आई हुई थी. फिर शिवानी दीदी ने मुझे सबसे इंट्रोडस करवाया.
इसके आगे की कहानी अगले पार्ट में.