मा ने दिया बेटे को पहला सेक्स एक्सपीरियेन्स

हेलो दोस्तों, मैं मनीषा याद तो हू ना? इस बार मेरे एक रीडर की स्टोरी लेके आई हू. तो स्टोरी अब उसी की ज़ुबानी.

ही मैं श्याम. ये स्टोरी मेरे पहले सेक्स की है, जो मेरी मा के साथ हुआ. मेरा इंट्रोडक्षन दे देता हू. मेरे घर में हम 3 लोग है – मैं श्याम 19 एअर, लंड का साइज़ करीबन 7 इंच, मेरे पापा ऋषि आगे 45 एअर, लंड ऑलमोस्ट सेम 7 इंच, मेरी मों मनीषा आगे 42 यियर्ज़, फिगर 36-32-38. हमारी फॅमिली ओपन माइंडेड है. मैने बहुत बार मों-दाद की चुदाई देखी है, इसलिए मुझे उनके साइज़ पता है.

एक दिन मॉर्निंग में मेरी आँख खुली. लंड फुल टाइट था, मॉर्निंग बोनेर होता ही ना यार. मेरा मूड भी हो रहा था तो लंड बाहर निकाला और हिलने लगा. 2 मिनिट ही हुए होंगे की अचानक मों ने दरवाज़ा खोला और सीधे अंदर आ गयी. हमारे घर में कोई डोर लॉक करके नही सोता.

जैसे ही मों आई उनकी नज़र मेरे लंड पे पड़ी. मेरी नज़र उनपे पड़ी तो मैने शर्मा के चादर लंड पे डाल दी. मों हासणे लगी और बोली-

मों: इट’स ओक बेटा, कोई बात नही. इट्स नॉर्मल. अब टाइम आ गया है तुम्हे सब कुछ आचे से सीखने का.

मैने पूछा: क्या सीखने का मों?

तो वो बोली: आज रात डिन्नर के बाद रेडी रहना, सब पता चल जाएगा.

अब मैं बेसब्री से रात का वेट करने लगा. हम सब डिन्नर करने साथ ही बैठे. मों मुझे देख के नॉटी स्माइल कर रही थी. डिन्नर ख़तम होते ही पापा ने ग्लास में विस्की पोर करते हुए कहा, “श्याम… आज तेरी मा बहुत ख़ास लग रही है, हैईना?”

मैने देखा. सच में, मा आज ब्लॅक सिल्क का एक रॅप ड्रेस पहने थी, जो उसके कुवर्व्स को बिल्कुल टाइट रॅप किए हुए था. नेकलिन इतनी डीप थी की उसके दूध का अप्पर हाफ सॉफ दिख रहा था… उनका शेप, उनकी फुल्लनेस.

ड्रेस का बेल्ट बिल्कुल कमर के पास बँधा था, जिससे उसकी नॅरो वेस्ट और वाइड हिप्स का कॉंट्रास्ट और भी ज़्यादा हाइलाइट हो रहा था. वो सोफा पर बैठी थी, एक पैर उपर करके… ड्रेस थोड़ी सी उपर खिच गयी थी, और मैं उसकी स्मूद, गोलडेन थाइस देखता रह गया.

मा ने मेरी तरफ देखा, एक धीमी सी स्माइल के साथ. उसकी आँखें कुछ कह रही थी. “क्या देख रहा है इतनी गौर से, बेटा?” उसने पूछा, अपना ग्लास उठाते हुए. उसकी उंगलियों का तरीका… लिप्स का हाथ से टच… सब कुछ इतना सेनुयल था.

पापा ने मेरी साइड आ कर मेरे कंधे पर हाथ रखा. “श्याम, तुम दोनो बात करो. मैं थोड़ी देर के लिए स्टडी रूम में हू.” वो मुस्कुरा कर चले गये, जैसे कोई सीक्रेट प्लान हो.

अब रूम में सिर्फ़ हम दोनो थे. मा ने अपना ड्रिंक फिनिश किया और मेरे पास आ कर बैठ गयी. उसकी बॉडी का वॉर्म्त, उसकी खुश्बू… वो पर्फ्यूम मेरे दिमाग़ को चक्कर दे रहा था.

“तुझे पता है, श्याम,” मों ने कहा, अपना हाथ मेरे थाइ पर रखते हुए, “आज कल मैं जिम जेया रही हू. तुमने नोटीस किया?” उसका हाथ हल्का सा उपर स्लाइड हुआ. मैं सिर्फ़ हन में सर हिला सका.

फिर उसने अपना रॅप ड्रेस खोलना शुरू किया. पहले बेल्ट, फिर स्लोली… स्लोली… ड्रेस के दोनो साइड्स. वो कुछ नही कह रही थी, बस मुझे देखती रही. जब ड्रेस पूरा खुल गया, तो वो एक ब्लॅक लेस ब्रा और मॅचिंग पॅंटीस में थी. उसका बदन… यार… वो 40 की उमर में भी किसी 25 साल की लड़की जैसा था. उसके दूध ब्रा में बिल्कुल भर के थे, टाइट और रौंद. ब्रा के लेस के थ्रू, उसके निपल्स दिख रहे थे… हार्ड हो गये थे.

“कैसी लग रही हू?” उसने पूछा, अपने आप को डिसप्ले करते हुए.
“मा… तुम… बहुत खूबसूरत हो,” मैं फंबल करता हुआ बोला.

उसने हस्स कर कहा, “सिर्फ़ खूबसूरत? बेटा, आज तुम बड़े हो गये हो. तुम समझ सकते हो एक औरत को.” उसने अपना हाथ उठाया और मेरे चीक पर फेर दिया. फिर उसने मेरे लिप्स को अपने उंगली से टच किया. “तुझे पता है, तेरे पापा को भी पसंद है की तुम मुझे अप्रीशियेट करो.”

ये सुन कर मेरा लंड पंत में ही टाइट हो गया. मा ने मेरी सिचुयेशन देखी और उसकी आँखें चमक उठी. उसने अपने हाथ से मेरे जीन्स के बल्ज को टच किया. “ह्म… लगता है तुम्हे भी पसंद आ रही हू.”

उसने मेरे सामने नील डाउन कर दिया. स्लोली, उसने मेरे जीन्स का बटन खोला, ज़िप नीचे की. उसकी उंगलियाँ जैसे हर मूव में मज़ा ले रही थी. जब उसने मेरी अंडरवेर नीचे खीची, मेरा लंड बाहर आया… बिल्कुल स्टिफ. मा ने उसको अपने दोनो हाथो में पकड़ लिया. “वाह, बेटा… काफ़ी बड़ा है तुम्हारा.” उसने अपना फेस क्लोज़ किया और अपने होंठो से मेरे लंड के टिप को च्छुआ. एक लाइट सी किस दी. उसकी साँस गरम थी और मेरे उपर आ रही थी.

फिर उसने अपना मौत खोला और स्लोली मेरे लंड को अंदर ले लिया. ह… वो कितना गहरा स्वॉलो कर रही थी! उसकी टंग मेरे लंड के नीचे वेल हिस्से को चाट रही थी, जबकि वो उपर नीचे हो रही थी. मैं मोन कर उठा. उसकी आँखें उपर उठी, मुझे देखती हुई… जैसे वो ये सब देखना चाहती थी की मैं कैसा फील कर रहा था.

थोड़ी देर ब्लोवजोब के बाद, वो उठी. “अब बेड पर चलो,” उसने कहा. वो मेरे बेडरूम की तरफ चल दी, उसकी हिप्स स्विंग हो रही थी. उसने अपनी पॅंटीस उतार दी, बेड पर लेट गयी, अपने पैर फैला दिए. मैं उसके सामने खड़ा था, उसे देख रहा था. उसकी छूट बिल्कुल क्लीन थी, थोड़ी सी हेर थी, और वो ऑलरेडी वेट थी… पिंक और ओपन हो रही थी.

“क्या इंतेज़ार कर रहा है, श्याम?” उसने पूछा. “आजा… मा के अंदर आजा.”

मैं बेड पर गया, उसके उपर पोज़िशन लिया. मा ने अपने दोनो हाथों से मेरे मूह को पकड़ कर एक पॅशनेट किस दी. उसकी टंग मेरे मूह में घुस गयी. फिर उसने अपना हाथ नीचे किया और मेरे लंड को पकड़ कर, अपनी छूट के ओपनिंग पर रखा. “स्लोली, बेटा… पहली बार है,” उसने कहा, लेकिन उसकी आँखें एग्ज़ाइटेड थी.

मैं अंदर डाला. आह! वो कितनी टाइट और गरम थी! मा ने एक शार्प साँस ली और अपनी आँखें बंद कर ली. मैं स्लोली अंदर गया, उसने अपनी टाँगें मेरे कमर के अराउंड रॅप कर ली. “आह, श्याम… बेटा… एस,” वो कर रही थी.

मैं थ्रस्ट करना शुरू किया. हर थ्रस्ट के साथ, उसकी छूट का साउंड आता था. वो मोन कर रही थी, मेरे कान में बोल रही थी, “और हार्ड, बेटा… मा को छोड़… तेरी मा है वो.”

मैं ज़ोर से थ्रस्ट करने लगा. मेरा लंड उसकी टाइटनेस में जेया रहा था. मैं उसके दूध को दबोच कर किस करने लगा, उसके निपल्स को अपने दाँतों से हल्का सा काट कर. वो चिल्लती हुई, “हा! वहाँ भी!”

तभी दरवाज़ा खुला. पापा अंदर आए. वो कुछ नही बोले, बस एक चेर पर बैठ गये और हमे देखते रहे. उनकी आँखें प्राउड थी. मा ने उनकी तरफ देखा और एक और ज़ोर का मोन किया, जैसे उनके लिए पर्फॉर्मेन्स दे रही हो.

“ऋषि… देखो… हमारा बेटा… कैसे छोड़ रहा है मुझे!” मा चिल्लाई.

पापा ने मुस्कुरकर कहा, “बहुत अछा, बेटा. तेरी मा को अछा फील करा.”

ये सुन कर मेरा कॉन्फिडेन्स और बढ़ गया. मैं मा को डॉगी स्टाइल में तुर्न करवा कर, पीछे से लेना शुरू किया. अब मैं उसकी गांद भी देख सकता था, जो हर थ्रस्ट के साथ हिलती थी. मैं अपना एक हाथ आयेज लेकर उसकी छूट को रब करने लगा, जब की दूसरे हाथ से उसके बाल पकड़ कर उसकी गंद की तरफ ज़ोर से थ्रस्ट कर रहा था. रूम की हवा मोन्स और स्लॅपिंग साउंड्स से भर गयी थी.

मा बिल्कुल वाइल्ड हो गयी थी. “श्याम! मैं आ रही हू! अहह!” उसने चिल्ला कर अपना ऑर्गॅज़म किया, उसकी छूट टाइट हो कर मेरे लंड को स्क्वीज़ करने लगी.

थोड़ी देर बाद, मैं भी अपना लिमिट फील करने लगा. “मा… मैं निकालने वाला हू,” मैं करहा.

“अनादर निकल, बेटा,” पापा ने कहा फ्रॉम थे कॉर्नर. “अपनी मा के अंदर ही निकाल.”

मा ने भी हा कहा, “हा, बेटा… मा के अंदर ही निकाल. सारा माल अंदर डाल दे.”

ये सुन कर मैं एक लास्ट ज़ोर का थ्रस्ट किया और अपना गरम कम मा की छूट के अंदर रिलीस कर दिया. मैं उसके उपर गिर गया, दोनो साँस ले रहे थे. पापा उठ कर आए, उन्होने हम दोनो पर हाथ फेर दिया. “बहुत अछा, दोनो ने एंजाय किया. अब सो जाओ.” वो चले गये.

मा ने मुझे एक प्यार भरा किस दिया. “गुडनाइट, बेटा. तुम बहुत आचे हो.”

मैं उसे लेकर सो गया, जैसे कोई सपना हो.

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