शादी की बात और अंतर्वसना कहानी

करतिका के प्लान कू मुताबिक हम तीनो काम करने लगे. निधि ने हम दोनो का साथ दिया इसलिए तोड़ा अछा लग रहा था.

करतिका की शादी की बात करने के लिए हम दोनो के पेरेंट्स हमारे घर मिलने वाले थे. वो शादी के लिए अछा लड़का ढूँढ रहे थे और उन्हे कोई आइडिया नही था यहाँ क्या होने वाला था. करतिका पूरी तरह से तैयार थी सब को मानने के लिए. उसे तोड़ा सा दर्र भी था क्यूंकी ये हम दोनो के बीच नही 2 फॅमिलीस के बीच की बात थी.

मेरे और उसके पापा की सालों की दोस्ती टिकी हुई थी. कहीं वो दोनो रूठ गये तो मानना बहुत मुश्किल होने वाला था. अगर ऐसा कुछ होता है तो उन दोनो को संभालने की ज़िम्मेदारी निधि के उपर थी. मुझे पता था वो सब संभाल लेगी और दोनो फॅमिलीस निधि को सबसे ज़्यादा प्यार करते है, तो वो हमारे इस प्लान की बॅकबोन थी.

नेक्स्ट दे करतिका और उसके पेरेंट्स हमारे घर आ गये. कबीर अमेरिका शिफ्ट हो चुका था अपनी आयेज की पढ़ाई और करियर के लिए, इसलिए वो यहाँ नही था. दोनो फॅमिलीस मिली और छाई-नाश्ता होने लगा. सब लोग बहुत खुश थे क्यूंकी करतिका की शादी दोनो घर के लिए बहुत स्पेशल थी.

बहुत सारी बातें होने लगी थी. कुछ लड़कों के रिश्ते आए थे तो हमारे पेरेंट्स ने कुछ लड़कों के घर करतिका का रिश्ता भेजा था, तो उनकी तरफ से क्या जवाब आया वो सब बातें चल रही थी.

मैं चुप-छाप बैठा सब देख रहा था. मैं काफ़ी नर्वस था क्यूंकी पता नही करतिका कैसे ये सब कन्विन्स करेगी. वो काफ़ी बोल्ड है और जो दिल में आए बोल देती है, इसलिए मुझे टेन्षन थी की कहीं कुछ गड़बड़ ना हो जाए.

अंकल: करतिका तुम बताओ इनमे से तुम्हे कौन सा लड़का पसंद है? देखो इतने आचे रिश्ते आए है.

आंटी: हा और कुछ लड़के बिज़्नेसमॅन है तो कुछ डॉक्टर्स भी है. तो तुम्हारे पास दोनो ऑप्षन्स है.

पापा: हा बेटा… चाय्स तुम्हारी है और तुम जिसे पसंद करोगी, वो लड़का हमे पसंद होगा.

पापा की बात सुन के मेरे चेहरे पर मुस्कान आई और मैं हल्के से हेस्ट हुए उनकी तरफ देखने लगा. मेरी रिक्षन देख के निधि और करतिका दोनो हासणे लगी थी. निधि को पता था आज बलि का बकरा मैं ही था, या तो बलि चढ़ेगी या मैं घोड़ी चढ़ुंगा. करतिका मेरे पापा की बात सुन के तोड़ा रिलॅक्स हुई. उसे पता था मेरे पापा उसे बहुत सपोर्ट करते है.

करतिका: अंकल सभी लड़के आचे है और आप सब ने मिल के बहुत आचे लड़के ढूँढे है मेरे लिए.

मम्मी: बेटा तुम लखो में एक हो. तुम्हारे लिए कोई भी तैयार हो जाएगा, बस चाय्स तुम्हे करनी है. और हा सोच समझ के डिसिशन लेना, ये तुम्हारी ज़िंदगी का सवाल है.

करतिका: हा आंटी… ये सारे लड़के आचे तो है. लेकिन ऐसे किसी अंजान के साथ शादी करना तोड़ा अजीब नही है?

उसकी बात सुन कर सब लोग हासणे लगे.

आंटी: बेटा हमने भी ऐसे ही शादी की है.

करतिका: हा लेकिन मैं जिससे शादी करना चाहती हू, उस लड़के को आचे से जानना चाहती हू, ताकि बाद में मुझे कोई दिक्कत ना आए.

अंकल: अर्रे लेकिन ऐसा कैसे चलेगा बेटा?

पापा: नही-नही करतिका, तुम ठीक कह रही हो… अर्रे तुम्हारी ज़िंदगी का सवाल है. चलो मैं खुद पूच लेता हू. क्या तुम्हे कोई पसंद है, जिससे तुम शादी करना चाहती हो?

पापा की बात सुन के करतिका ने मुझे एक नॉटी स्माइल दी, जिसे देख के मुझे पसीना आने लगा.

निधि (आग में गीयी डालते हुए): हा-हा करतिका, बता दो अगर ऐसा कुछ है… अंकल आंटी कुछ नही कहेंगे

करतिका: वो आक्च्युयली मुझे एक लड़का पसंद है, जिसे मैं सालों से जानती हू. वो बहुत अछा लड़का है, जिसे आप सब आचे से जानते हो. गुड लुकिंग है, वेल सेटल्ड है, फॅमिली भी बहुत अची है.

अंकल: अछा? तो बेटा पहले बता देती, हम सब से इतनी मेहनत क्यूँ करवाई?

पापा: हा… अछा चलो ये बताओ ऐसा कौन सा लड़का है जिसे हम सब आचे से जानते है और हमे ही नही पता?

सब लोग एग्ज़ाइटेड थे उस लड़के का नाम जानने के लिए और यहाँ मेरी जान जेया रही थी. समझ नही आ रहा था जब करतिका मेरा नाम लेगी, तो मैं इन सब को फेस कैसे करूँगा? और क्या जवाब दूँगा?

निधि अपनी जगह से उठ के, मैं जहाँ बैठा था उस सोफे के आर्मरेस्ट पर बैठ गयी. वो जानती थी मैं इस वक़्त स्ट्रेस में रहूँगा और अगर मुझसे कोई ग़लती हो गयी तो बात बिगड़ सकती थी. इसलिए वो मुझे संभालने के लिए मेरे पास आई थी.

निधि (मेरे कान में): शांत रहो, और ओवर रिक्ट मत करना. ऐसा बिहेव करना जैसे तुम्हे पता ही नही है और अभी-अभी पता चला है. बाकी मैं संभाल लूँगी.

मैने हा में सिर हिलाया.

करतिका: अंकल वो आपका बेटा है जिसे मैं बहुत पसंद करती हू.

पहले सब को लगा वो मज़ाक कर रही थी. लेकिन जब उन्हे लगा ये सीरियस्ली बता रही थी, तो सब लोग ब्लॅंक हो गये और उन्हे कुछ समझ नही आ रहा था क्या कहे.

अंकल: तुम होश में तो हो? क्या कह रही हो ये सब?

मम्मी: हा बेटा नील तुम्हारा छ्होटा भाई है.

करतिका: नही आंटी… मैं उससे बड़ी हू, इसलिए वो मुझे अपनी बेहन कहता है. लेकिन ऐसा कुछ नही है. देखो बात ये है की मैं उसे बचपन से जानती हू, और आपकी फॅमिली और हमारी फॅमिली तो सालों से आचे रिश्ते में है.

पापा (मेरी तरफ गुस्से में देख के): वो सब तो ठीक है, लेकिन अचानक ये सब कैसे हुआ? और कब से?

करतिका: अंकल प्लीज़, नील को इसके बारे में कुछ पता नही है. मेरी चाय्स है की मैं उससे शादी करना चाहती हू.

करतिका ने एक झटके में मुझे इनोसेंट साबित कर दिया. अगर सब को पता चलता की मैं भी इसमे इन्वॉल्व था, तो इसका उनके उपर ग़लत इंपॅक्ट पड़ता, जिसे बाद में संभालना बहुत मुश्किल हो जाता. करतिका ऐसे प्रेज़ेंट कर रही थी, जैसे वो मुझे पसंद करती हो और मुझसे शादी करना चाहती हो.

आंटी: लेकिन नील ही क्यूँ? और भी तो बहुत सारे लड़के है. तुम्हारे इतने फ्रेंड्स है उनमे से कोई भी नही क्या?

करतिका: मम्मी हम सब नील और उसकी फॅमिली को सालों से जानते है, और हम सब एक फॅमिली है. नील और मेरी बॉनडिंग बहुत अची है. मुझे कभी भी कोई प्राब्लम आती है, तो वो सॉल्व कर देता है.

मम्मी (परेशन होके): हा बेटा लेकिन इसका मतलब ये तो नही के तुम उससे शादी कर लो.

करतिका: ई नो अभी आपको ग़लत लग रहा है. लेकिन एक बात सोचो, मेरी शादी होगी तो मैं अंकल आंटी के घर शिफ्ट हो जौंगी. लेकिन आप सब से डोर तो नही जौंगी.

निधि (बात को संभालते हुए): इन शॉर्ट, करतिका कहना चाहती है की पापा और अंकल आप दोनो ऐसा समझो की आप अपनी सालों की दोस्ती और बिज़्नेस पार्ट्नरशिप के बाद एक नये रिश्ते में कदम रख रहे हो.

पापा: निधि तुम्हे इसके बारे में पता था?

निधि: नही पापा, लेकिन जब मैने इसके बारे में सोचा तो मुझे लगा इसमे ग़लत क्या है. शायद आप सब को ये अभी ग़लत लग रहा है. लेकिन एक बार ध्यान से सोचेंगे तो आप सब भी मान जाएँगे.

निधि ने इतनी बड़ी बात आसानी से बोल दी, जिसकी वजह से सब उसके बारे में सोचने लगे.

आंटी: लेकिन नील और करतिका एक-दूसरे को भाई बहें मानते है उसका क्या? करतिका को नील पसंद है, लेकिन किसी ने नील के बारे में सोचा है वो क्या कहना चाहता है?

आंटी की बात सुन के सब लोग मेरी तरफ देखने लगे. निधि ने मेरा हाथ पकड़ लिया, और पॅनिक ना करने के लिए इशारा किया.

नील (मासूम बनते हुए): देखो ये सब मेरे लिए भी नया है और करतिका की बात सही तो है. जिसके साथ वो कंफर्टबल है, अपना अछा दोस्त समझती है उसके साथ वो शादी करना चाहती है.

ये बोलने के बाद मैने देखा सब लोग मेरे जवाब से तोड़ा ना खुश थे, तो मैने इसमे तोड़ा और बदलाव किया.

नील: जैसे मेरे लिए ये सुनना बहुत बड़ा शॉक था. करतिका मेरी बहुत अची फ्रेंड है और मैने उसके बारे में ऐसा कभी सोचा नही था.

करतिका गुस्से में मुझे देखते हुए आँखों से इशारा कर रही थी की मैं क्या बोल रहा था. लेकिन सिर्फ़ मुझे ही पता था के ये सब कह के मैं हमारे पेरेंट्स को माना रहा था.

नील: मेरा ये कहना है के अगर आप सब अपना जवाब दे तो फिर शायद मैं कुछ सोच साकु. फिलहाल मैं खुद ब्लॅंक हू.

ये बात सुन के सब को लगा की मुझे इसके बारे में कुछ पता नही था. इसलिए मैं उनके सामने इनोसेंट प्रूव हो गया था. लेकिन करतिका मुझसे गुस्सा थी, और वो मुझे खा जाने वाली नज़रों से देख रही थी.

निधि (मेरे कान में धीरे से): बिल्कुल सही किया… पहले इन लोगो को डिसाइड करने दे, फिर तू अपना डिसिशन ले.

थोड़ी देर तक सब लोग चुप थे और सोचते हुए छाई-नाश्ता करने लगे. फिर कुछ सोचने के बाद मम्मी, पापा और अंकल आंटी ने कहा-

सब लोग एक साथ: देखो अगर नील करतिका से शादी के लिए तैयार है, तो हमे कोई दिक्कत नही है. इसलिए सब कुछ नील के उपर है.

उनका डिसिशन सुन के हम तीनो ने चैन की साँस ली. अब मैने तोड़ा नाटक करना ठीक समझा. अगर इतनी जल्दी हा बोल देता तो सब को मुझपे शक होने लगता की कोई अचानक कैसे अपनी मूह बोली बेहन से शादी के लिए मान सकता है.

नील: आप सब मान गये हो तो अब मुझे ही सब तय करना है.

सब की नज़रें मेरे उपर ही थी. करतिका मुझे नॉटी स्माइल दे रही थी. उससे और वेट नही हो रहा था अपनी खुशी को कंट्रोल करने में.

नील (मासूम बनते हुए): देखो ये सब डाइजेस्ट करने में मुझे तोड़ा टाइम लगेगा. करतिका के साथ शादी करनी है, तो मुझे उसे वैसे आक्सेप्ट करना पड़ेगा.

अंकल: सही कहा बेटा… इतनी कम उमर में तुम्हे ऐसा डिसिशन लेना पद रहा है, ई’म सॉरी बेटा. लेकिन करतिका की बात बिल्कुल सही लग रही है.

नील: इट’स ओके अंकल… करतिका मुझे बहुत पसंद है और बहुत अची लगती है. इस शादी के लिए मेरी हा है, लेकिन मुझे तोड़ा टाइम चाहिए ये सब डाइजेस्ट करने के लिए. मूह बोली बेहन को अपनी वाइफ के रूप में देखना है तो मेरी फीलिंग्स भी चेंज करनी पड़ेंगी. जिसके लिए तोड़ा टाइम लगेगा.

मेरी बात सुन के सब लोग खुश हो गये और करतिका भी फाइनली अपना गुस्सा शांत करते हुए स्माइल करने लगी.

निधि (मेरे कान में): कितना हरामी है ना तू… सब के सामने इनोसेंट बन के बैठा और करतिका पे सारा ब्लेम डाल दिया.

नील: हा तो शादी उसकी है, कन्फेस भी उसे ही करना पड़ेगा… वो सबसे ज़्यादा एग्ज़ाइटेड है मुझसे शादी करने के लिए, तो तोड़ा बर्दाश्त करना पड़ेगा ना उसे.

निधि: वाह बेटे… सेंचुरी मारी तुमने आज.

सब लोग खुश थे और एक-दूसरे के गले मिलने लगे थे. अंकल और पापा इसलिए खुश थे क्यूंकी उनकी दोस्ती अब रिश्तेदारी में बदल रही थी. मम्मी और आंटी इसलिए खुश थी क्यूंकी करतिका शादी करके भी उनसे डोर नही जाने वाली थी.

निधि इसलिए खुश थी क्यूंकी उसकी बेस्ट फ्रेंड अब उसके ही घर में रहने आने वाली थी. करतिका खुश थी क्यूंकी अब वो मेरे साथ कभी भी चुदाई कर सकती थी, और उसके पास अब मेरा पर्मनेंट लाइसेन्स था, तो उसकी सारी टेन्षन चली गयी.

मैं इसलिए खुश था क्यूंकी सब आचे से हो गया और कुछ गड़बड़ नही हुई. ये बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी मेरे डिसिशन पर थी की मेरी करतिका के उपर कोई बुरी नज़र नही थी. जब सारे लोग शादी के लिए राज़ी हो गये, तब जेया कर मैने हा कही, इसलिए मैं डिमॅंड में बहुत था. हर कोई मुझे सॅटिस्फाइ करना चाहता था, ताकि मैं करतिका के साथ कंफर्टबल हो साकु ताकि आयेज हमारी शादी जल्दी हो सके.

इस खुशी को सेलेब्रेट करने के लिए मम्मी मिठाई लेके आई और हम सब को खिलाई. एक ही झटके में मैं सबका फॅवुरेट बन गया था. ना करतिका के बारे में किसी ने ग़लत सोचा, और ना मेरी इमेज खराब हुई. इसके साथ दोनो फॅमिलीस आपस में और करीब आ गयी.

सेलेब्रेशन के बाद सब लोग यहाँ-वहाँ की बातें करने लगे और सोचने लगे हमारी शादी तय हो गयी थी तो क्या-क्या बदलाव आएँगे. बातें करते हुए हम सब लंच करने बैठे और सब डिसाइड होने लगा क्या क्या करना है कैसे करना है. मैने उनको बीच में टोकते हुए कहा.

नील (इनोसेंट फेस बनाते हुए): आप सब शादी के बारे में बात कर रहे हो. करो, लेकिन मेरे बारे में भी सोच लेना. मुझे तोड़ा टाइम चाहिए करतिका के साथ कंफर्टबल होने में.

अंकल: अर्रे हा-हा बिल्कुल. जब तुम कहोगे तभी शादी होगी… और करतिका तुमने सुना नही नील ने क्या कहा?

करतिका: क्या?

आंटी: बेटा उसे तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करना पड़ेगा, तब जाके तुम दोनो की शादी जल्दी होगी. इसलिए तुम दोनो साथ में घूमने जाओ, फिल्म्स देखो.

अंकल आंटी ने तो हमे फुल पर्मिशन दे दी थी, जो सुन के मुझे शरम आने लगी की ये हमारे घर में चल क्या रहा था. हमारे पेरेंट्स कब से इतने अड्वान्स हो गये. करतिका ने मुझे डिन्निंग टेबल के नीचे से हल्के से लात मारी और इशारा किया के मैने बेस्ट बात बोल दी.

निधि (खुशी से नाचते हुए): ह्म, इसका मतलब मेरी बेस्ट फ्रेंड मेरी भाभी बनने वाली है?

करतिका (शरमाते हुए): हा-हा चुप-छाप खाना का नौटंकी.

मम्मी: लेकिन एक बात तो रह गयी. इन दोनो बीच आगे गॅप है और करतिका बड़ी है वो रिश्तेदारों को कैसे समझाएँगे?

इस बात को लेकर सब सोचने लग गये.

अंकल: अर्रे तो मैं बोल दूँगा की मुझे नील करतिका के लिए सही लगा और हमारी दोस्ती को रिश्तेदारी में बदलने के लिए मैने सब को मनाया. इससे किसी को कोई शक नही होगा और अगर बेटी का बाप खुद सामने से रिश्ता लेके जेया रहा है, तो क्या दिक्कत होगी?

अंकल ने दिमाग़ बहुत सही चलाया था. उन्होने एक झटके में सारे प्रॉब्लम्स सॉल्व कर दिया थे. उनका जवाब सुन के सब के चेहरे पर स्माइल आने लगी.

शाम तक हमारे घर में सारी प्लॅनिंग होने लगी. शादी कहाँ होगी, कब होगी, कैसे होगी. हमारे घर वाले हमसे भी ज़्यादा एग्ज़ाइटेड लग रहे थे, ये देख के लगा हमने कुछ ग़लत नही किया.

दोस्तों कैसा लगा आपको ये पार्ट मुझे मैल करके ज़रूर बताना.

तो बे कंटिन्यूड…

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