तो जैसा की आप सभी ने पिछले पार्ट में पढ़ा होगा, की शिखा के एग्ज़ॅम से पहले वो मेरे पास आई थी. फिर उसको आचे से छोड़ा रोहिणी भाभी के सामने, उन्ही के फ्लॅट पर. इससे उसकी सारी टेन्षन, सारे शिकवे गिल्ले, सब गुस्सा डोर हो गया. फिर वो वापस चली गयी अपने हॉस्टिल और एग्ज़ॅम्स में लग गयी.
मैं और रोहिणी वापस अपने काम में बिज़ी हो गये. रोहिणी अपने नये पार्लर सेट उप के लिए और मैं ऑफीस के अप्रेज़ल के लिए ज़्यादा मेहनत करने लगा. पर सिद्धि को हम दोनो ने ही बारी-बारी टारगेट किया हुआ था. लेकिन साली हाथ नही आ रही थी कुटिया.
जब भी कभी मैं निराश हो कर हार मान लेता था, तो रोहिणी मुझे हिम्मत देती थी की कोई बात नही, आज नही तो कल ये ज़रूर तुम्हारे लंड के नीचे आएगी. फिर हम दोनो रॉल्प्ले चुदाई करते. कभी उसे सिद्धि बनता, तो कभी शिखा, और कभी अपने ऑफीस की कोई आइटम या कोई आक्ट्रेस.
पर जब शिखा बना कर छोड़ता हू, तो वो चिढ़ जाती है साली. अब क्यूंकी शिखा भी हम दोनो के बारे में जानती थी और रोहिणी के सामने चुड भी चुकी थी. तो कभी-कभी हम दोनो वीडियो कॉल पर चुदाई करते और शिखा उधर अपनी छूट में मूली गाजर लेकर खुद को शांत करती और तड़पति.
(अछा ये सब होने में बहुत टाइम लगा था. बहुत मिन्नटे करने के बाद शिखा मानी थी रोहिणी के सामने चुदाई करवाने को. और फिर ये वीडियो कॉल्स पर चुदाई और सब के लिए. पर स्टोरी में ये सब नही लिखा जाता है, तो अवाय्ड करता हू. पर कुछ लोग एमाइल करते है के इतना आसानी से कैसे मान गयी वगेरा-वगेरा. तो कोई आसानी से नही मानता है).
जब रोहिणी को शिखा बना कर छोड़ता और उधर वीडियो कॉल पर शिखा देखती, तो रोहिणी और ज़्यादा ज़ोर से चिल्लती भैया-भैया, जिससे शिखा शर्मा जाती.
एक रोज़ ऐसे ही वीडियो कॉल पर मैं रोहिणी की गांद मार रहा था (छूट कम ही छोड़ने देती थी प्रेग्नेन्सी की वजह से. और मुझे तोड़ा दर्र भी लगता है उसकी छूट छोड़ने में अब, क्यूंकी मुझे रफ सेक्स पसंद है. तो कभी ज़ोर से पेल डू, तो कहीं कुछ गड़बड़ ना हो जाए).
शिखा: आंटी आप का बढ़िया है. कोख में भाई का बच्चा और गांद में जब चाहो भाई का लंड.
रोहिणी: अर्रे तो इसमे जलने वाली क्या बात है शिखा. और वैसे भी ये सुख इतनी आसानी से नही मिला मुझे. तुम तो जानती ही हो अपने भैया को, कैसा जानवर हो जाता है चुदाई के दौरान. कितना कुछ सहा है, तब जेया कर ये सुख मिला है.
शिखा: सो तो है आंटी. हरामी बहुत बेरेहमी से छोड़ता है. क्यूँ भैया, क्यूँ हो जाते हो ऐसे जानवर छूट मारते टाइम?
विवेक: ये तो जब तुझे अगली बार छोड़ूँगा, तभी बतौँगा रंडी. साली मदारचोड़, अभी तो तू बस अपनी आंटी की गांद फट-ते देख. अफ क्या गांद है साली रोहिणी तेरी. मज़ा आ रहा है मेरी रंडी को?
रोहिणी: आहह आहह हा विवेक हा बहुत मज़ा आ रहा है मुझे. फक मे अयू उउहह अओउ अओउ सस्सस्स फुक्ककक फुक्कक. बहनचोड़ आ मर्द गयी रे, तोड़ा तो आराम से छोड़ो मेरे पातिदेव. मेरे राजा, मेरे मालिक, तोड़ा तो ख़याल करो. मेरे पेट में आपका बच्चा है राजा, तोड़ा तो धीमे से छोड़ो आई रे कुत्ते.
शिखा ये सब सुन कर जल-भुन गयी. शायद आज पहली बार वीडियो कॉल पर रोहिणी ने मुझे पति बुलाया था. मुझे भी ये तब एहसास हुआ जब बाद में शिखा ने इस बात पर मुझे फटकार लगाई “वो रोहिणी तुम्हे पातिदेव क्यूँ बुला रही थी? पातिदेव सिर्फ़ मैं बोलूँगी, और कोई नही. सिर्फ़ मेरे पति हो आप समझे?”
खैर उस रात चुदाई ख़तम हुई, पर वीडियो कॉल चल रही थी और हम तीनो ही नंगे बात कर रहे थे.
शिखा: भैया एग्ज़ॅम एंड होने के बाद ही रखी है. मैं तो आ नही पौँगी प्रॅक्टिकल एग्ज़ॅम्स की वजह से. इसलिए आपको ही आना पड़ेगा मेरे पास रखी बंधवाने को.
रोहिणी: शिखा, रखी विवेक के हाथ पर बांधोगी या लंड पर?
हम तीनो ही हासणे लगे उसकी इस बात पर.
विवेक: मुश्किल है यार, ऑफीस में बहुत काम है. अप्रेज़ल की बात चल रही है, तो बहुत मेहनत पद रही है. आना पासिबल नही हो पाएगा.
शिखा: हा-हा, बस-बस जब भी मैं बुलाती हू तो 100 बहाने आ जाते है आपको. जाओ, मत आना, माना लूँगी मैं रखी किसी को भाई बना कर. और वैसे भी अब दूसरी छूट मिल गयी है, तो मेरी क्या ही ज़रूरत है, बाइ गुड नाइट.
और वो कॉल डिसकनेक्ट करके चली गयी.
रोहिणी: ओहो, ये लड़की भी ना कितनी ज़िद्दी है. तुम्हारे बहुत लाद प्यार ने बिगाड़ दिया है इसे. अब जाओ भाई रखी मानने उसके पास, वरना ये ऐसे ही गुस्सा रहेगी तुमसे.
विवेक: हा देखता हू कुछ प्लान आउट करता हू ऑफीस का.
फिर दूसरे दिन रखी की लीव के लिए अप्लाइ किया, तो बॉस ने हाथो-हाथ रिजेक्ट कर दी लीव. पर वर्क फ्रॉम होमे मिल गया था. इस टाइम वर्क लोड बहुत ज़्यादा था, तो समझ नही आ रहा था क्या करू.
और फिर शिखा अपनी ज़िद पर थी की नही आपको आना ही पड़ेगा कैसे भी. वरना बात नही करूँगी कभी. तो फिर जुट गया काम में, सोचा जितना ज़्यादा काम अभी निपटा दूँगा, उतना उस दिन कम होगा काम. इसीलिए ऑफीस में रुक कर ओवरटाइम भी किया खूब, की बॉस की नज़र में अओ. तो वो ये सब याद रखे, और जब भी अप्रेज़ल हो, तो इनक्रिमेंट प्लस प्रमोशन दोनो ही मिल जाए.
रखी सॅटर्डे की थी, तो मैने शिखा को बिन बताए फ्राइडे को शाम में 5 बजे बस पकड़ी. फिर रात के 11:43 पे मैं उसके फ्लॅट के बाहर था. बेल बजाई तो वो सोती सी आई, दरवाज़ा खोला और मुझे देख कर उछाल कर मेरे गले लग गयी. उसके सामने फ्लॅट पर कोई औरत थी, उसने हमे देखा.
शिखा: मेरे भैया है आंटी. पूरा वीक माना करते रहे आने को, और आज सर्प्राइज़ दे दिया.
फिर हम दोनो अंदर गये, दरवाज़ा लॉक किया. वो फिर से मेरे उपर उछाल कर मेरी गोदी में आ गयी, और मुझे चेहरे पर हर जगह किस की बरसात करने लगी.
शिखा: थॅंक योउ, थॅंक योउ, थॅंक योउ, थॅंक योउ भैया आने के लिए. ये हमारे रिलेशन्षिप के बाद का पहला रक्षा बंधन है. मेरे लिए बहुत स्पेशल है. आप नही आते तो सच में बहुत बुरा लगता मुझे.
विवेक: अर्रे तू तो ऐसे एग्ज़ाइटेड है जैसे रक्षा बंधन नही करवा चौथ हो यार.
शिखा: एक्सक्यूस मे, किसी धोके में मत रहना. करवा चौथ तभी मनौँगी जब लीगली मुझसे शादी करोगे. ये होटेल की शादी करके भूखी नही रहने वाली मैं किसी भी ऐरे-गैरे के लिए. हा, बड़े आए करवा चौथ वेल. अछा भैया भूख लगी होगी ना आपको?
मैने उसे अपने पास खींचा और उसके होंठो पर उंगली घुमा कर बोला-
विवेक: बहुत ज़्यादा मेरी जान.
शिखा (सीने पर मारते हुए): धात्ट हवासी, मैं खाने की बात कर रही हू. उस भूख का तो मुझे पता है, कभी नही मितेगी वो.
फिर मैं फ्रेश हुआ, नाहया, तब तक शिखा ने खाना पकाया. 1:40 तक हमने खाना खा कर डिशस वगेरा किए. मैं वहीं किचन स्लॅब पर बैठा था और शिखा समान समेत कर रख रही थी. गर्मी की वजह से पसीना आ रहा था हम दोनो को ही. पर वो अपने शॉर्ट्स और बनियान में पसीने से भीगी बहुत सेक्सी लग रही थी. मैने उसे अपनी तरफ खींचा.
शिखा: भैया प्लीज़ नही, बहुत काम बिखरा है, और तक भी गयी हू. सुबह करते है ना प्लीज़.
विवेक: तू मुझे इतनी डोर बुलाती है चुदाई के लिए, और फिर हर बार नाटक करती है अभी नही अभी नही.
शिखा: यार मैं आप के साथ टाइम स्पेंड करने को बुलाती हू, और आप आते हो मेरी सवारी के मूड में हमेशा. आप मुझे एक बात बताओ भैया, आप छोड़-छोड़ कर थके नही क्या अभी तक? मेरा मतलब सिर्फ़ मुझे छोड़ कर नही जनरल चुदाई से थके नही क्या? पहले वो आपकी गाओं वाली, फिर मैं, फिर रोहिणी, फिर और भी कोई होगी ही पक्का. सब को छोड़ रहे हो अभी तक, मॅन नही भरा आपका?
विवेक: बाकियों का तो नही पता, पर तुझसे मॅन नही भरा मेरा मेरी जान, और ना कभी भरेगा. तू मेरी सबसे फेवोवरिट रंडी है कुटिया.
शिखा: अभी तो प्यार से कुछ अछा ही बोल देते भैया, यहाँ भी फेवोवरिट रंडी ही?
फिर मैने उसे भी स्लॅब पर उपर चढ़ा लिया और अपनी गोद में बैठा लिया. उसके बाद उसके होंठो पर एक कस्स कर किस किया.
विवेक: यार शिखा तुझे पता तो है तू मेरी सबसे फेवोवरिट सब कुछ है.
शिखा: मतलब?
विवेक: अर्रे मतलब तू मेरी सबसे प्यारी बहना है, सबसे प्यारी बीवी है, सबसे प्यारी कुटिया है, सबसे प्यारी रॅंड है, सबसे प्यारी चुड़क्कड़ छूट है, और कुछ बचा है क्या?
हम दोनो हासणे लगे और फिर मैं उसके गीले बदन को निहारता हुआ उसके होंठो के पास गया. फिर हम दोनो किस्सिंग में डूब गये.
शिखा: उम्म्म भैया, सुबह प्लीज़ ना.
विवेक: यार बस एक रौंद पक्का, प्लीज़ ना बाबू.
शिखा: यार आप का एक रौंद मतलब घंटे भर बजना मेरा. फिर आप जब मूड में ले आते हो, तो अपने आप ही 3, फिर 4, फिर 5 रौंद कब हो जाते है पता ही नही चलता है. पर ठीक है, आज मैं ध्यान रखूँगी, पक्का सिर्फ़ एक रौंद ओक?
विवेक: पता है तेरी यही बात मुझे सबसे ज़्यादा पसंद है. तू ना-ना करके भी दे ही देती है.
शिखा: क्यूंकी आप से बहुत प्यार करती हू भैया. आपका मॅन है तो कर लो, मैं कैसे माना करू फिर?
फिर हम दोनो स्मूच में खो गये, एक-दूसरे के होंठ चूसने लगे धीरे धीरे, और लंबे लंबे किस के साथ. नीचे मेरा लंड हरकत करने लगा था, और इधर शिखा की साँसें भी भारी हो लगी थी. हम दोनो ही अब फुल मूड में थे.
मैने शिखा के बूब्स को उपर से ही धीरे से दबाना शुरू किया और उसने मेरा लंड बाहर निकाल दिया और धीरे-धीरे मूठ मारने लगी. करीब 10 मिनिट तक हमने एक-दूसरे के होंठ पिए होंगे.
फिर शिखा ने किस तोड़ी और मुस्कुराते हुए लंबी-लंबी साँसें लेने लगी. मैने उसकी बनियान निकली और उसको घुटनो पर खड़ा किया. उसकी नाभि से लेकर धीरे-धीरे चूस्टे चाट-ते उसकी गर्दन तक गया. फिर उसके बूब्स को चूसा उपर-नीचे डाए-बाए.
उसके बूब्स को पकड़ कर उपर की तरफ किया और बूब्स के नीचे वाले एरिया को चाटना शुरू किया. जिसकी भी गफ़ है, वाइफ है, वो ये जगह ज़रूर चूसना, क्यूंकी ये ज़्यादा सेन्सिटिव होती है और हम ज़्यादातर इस जगह को नही चूस्टे है.
उस दिन मुझे भी मालूम पड़ा के ये जगह पर ज़्यादा गुदगुदी होती है. शिखा तो मानो कुलबुला उठी गुदगुदी से और ज़ोर-ज़ोर से मोन करने लगी. फिर मैने निपल्स को चूसना शुरू किया और एक हाथ से छूट मसालने लगा.