पड़ोसन आंटी की रग़ाद कर चुदाई

मैं राहुल 25 साल का हू. मैं मुंबई में रहता हू अपनी फॅमिली के साथ. मेरे घर में मैं, मम्मी और पापा रहते है. मेरी मम्मी हाउसवाइफ है, और पापा एक गवर्नमेंट ऑफीसर है, और मैं एक मंक कंपनी में जॉब पर हू.

एक दिन हमारे पड़ोस में एक कपल रहने आया, शिल्पा, आगे 45 के आस-पास होगी और उसका पति रमेश आगे 50 के आस पास होगी. और उनके बच्चे गाओं में रहते है अपनी नानी के पास और उधर ही पढ़ाई करते है.

कुछ ही दीनो में हमारी अची-ख़ासी जान-पेचन हो गयी. मम्मी और शिल्पा आंटी की अची बात होने लगे थी. दोनो आचे दोस्त हो गये थे. शिल्पा आंटी की मेरे से भी आचे से बात होने लगी. मैं नॉर्मली बात करता था उनसे. शिल्पा आंटी हमेशा सारी में होती थी.

एक दिन मैं बेज़ार जेया रहा था कुछ समान लाने. आंटी ने मुझे पूछा की कहाँ जेया रहा हू. मैने उनको बोला की मैं बेज़ार जेया रहा हू. शिल्पा आंटी ने कहा की मेरे लिए भी समान लेकर आओ ना. मैने भी हा बोल दिया. फिर शिल्पा आंटी ने अपनी लिस्ट मुझे दे दी. मैने लिस्ट ले ली.

फिर मैं आंटी को उनका समान देने गया. जब मैं उनके घर गया, तो आंटी ने दरवाज़ा खोला. आंटी ने उस दिन ग्रीन सारे पहनी थी. जब मैं उनके घर गया, तो उन्होने मुझे अंदर बुलाया. फिर छाई ऑफर की और जब वो मुझे छाई देने आई, तो उन्होने अपनी सारे का पल्लू जान-बूझ कर नीचे गिरा दिया और स्माइल पास की. मेरे सामने ब्लाउस में उनके 2 दूध का क्लीवेज सॉफ दिख रहा था. मैने अपने आपको कंट्रोल किया और छाई पी कर घर आ गया.

एक दिन जब मैं ऑफीस में था, तो एक अननोन नो से कॉल आया. मैने उठाया, सामने शिल्पा आंटी थी. उन्होने कहा की उन्होने मेरा नंबर मेरी मम्मी से लिया था. उनको कुछ काम था. उनको कुछ बेज़ार से समान लाना था, जो मैने ला कर दे दिया. इस बार उन्होने फिर छाई का ऑफर दे दिया. लेकिन मैने माना कर दिया और अपने घर आ गया. अब रात को शिल्पा आंटी का मेसेज आया-

शिल्पा आंटी: ही, क्या कर रहा है?

मैं: कुछ नही, बस सोने जेया रहा हू.

शिल्पा आंटी: छाई पीने क्यूँ नही आया? स्पेशल बनाया था तेरे लिए.

मैं: मेरा मॅन नही था आंटी, इसलिए.

शिल्पा आंटी: तेरी कोई गफ़ है की नही ऑफीस में?

मैं: नही है अभी.

शिल्पा आंटी: पागल है, गफ़ बना ले. अपनी जवानी कब तक खराब करेगा अपने हाथो से?

मैं हैरान था उनकी ऐसी बातों से. फिर मैने रिप्लाइ किया-

मैं: आंटी मेरे टाइप की कोई मिली ही नही.

शिल्पा आंटी: उस दिन जो तूने व्यू देखा था, कैसा लगा बताना. और देखेगा?

फिर शिल्पा आंटी ने अपने बूब्स की फोटो भेज दी मुझे और पूछा कैसा लगा. मैं कोई जवाब नही दिया और फोन साइड में रख कर सोचने लगा और फिर सो गया.

कुछ दीनो के बाद शिल्पा का पति रमेश तौर पर चला गया 2 वीक के लिए. रमेश अंकल के तौर पे जाते ही शिल्पा आंटी का बिहेवियर एक-दूं से बदल गया. पहले तो रोज़ सुबह 10-11 बजे मम्मी के पास बैठती थी, छाई पीटी थी, गप्पे लड़ती थी. लेकिन अब वो मम्मी से बात करने के बाद सीधा मुझे ढूँदने लगती थी.

एक दिन दोपहर के 2 बजे थे. मम्मी मंदिर गयी हुई थी. पापा ऑफीस में थे. मैं घर पे ही था, क्यूंकी सॅटर्डे था. डोरबेल बाजी, मैने दरवाज़ा खोला तो शिल्पा आंटी खड़ी थी. स्काइ ब्लू कलर की जोर्जेट सारी पहनी थी. इतनी थी की अंदर का ब्लॅक ब्लाउस और ब्रा सॉफ दिख रहा था. पल्लू बिल्कुल लूस, जैसे जान-बूझ कर रखा हो.

आंटी: राहुल बेटा, घर पे है? थोड़ी सी हेल्प चाहिए थी (वो मुस्कुरा के बोली).

“बोलिए आंटी. क्या हेल्प चाहिए?”

उन्होने कहा की उनके घर की अलमारी के उपर कुछ समान रखा था, वो निकालना था. उनसे वो समान नही निकल रहा था. मैने उस दिन एक हाफ त-शर्ट और हाफ चड्डा पहना था. फिर मैं उनके घर गया. मैं टेबल रख कर समान निकालने लगा, और समान निकाल के उनको दे दिया.

उसने धीरे से मेरा हाथ पकड़ा और अपने बूब्स पे रख दिया. “राहुल… उस रात जो फोटो भेजी थी, उसका जवाब नही दिया तूने… कैसा लगा?” मैं चुप रहा. उसने मेरा हाथ दबाया अपने बूब्स पे. मुलायम, गरम, बड़े-बड़े बूब्स.

उसने मुझे बोला की, “रमेश 15 दिन के लिए गया है… तू भी जवान है. मैं भी अकेली. कुछ ग़लत नही होगा ना?”

मेरा भी लंड खड़ा होने लगा था. फिर आंटी ने मेरे शॉर्ट्स का नाडा खोला और लंड बाहर निकाला. देख कर आँखें चौड़ी कर दी. “हाए… इतना बड़ा और मोटा” और उसे अपने हाथ में लेकर चूसने लगी. मुझे भी मज़ा आने लगा. 10 मिनिट तक चूस्टी रही.

मैं उसके बाल पकड़ के उसके मूह को छोड़ने लगा. फिर सविता आंटी ने सारी के अंदर से ही अपनी पनटी निकाल कर फेंक दी. फिर उसने मुझे बेड पे धक्का दिया. खुद सारी-पेटिकोट उपर उठा के मेरे मूह पे बैठ गयी.

“चाट राहुल… तेरी शिल्पा आंटी की छूट चाट.”

मैने इसके पहले सेक्स तो किया था, लेकिन कभी भी छूट नही छाती थी. ये पहली बार था मेरा. मैने जीभ डाल दी उसकी छूट के च्छेद में जो की काफ़ी गीली हो चुकी थी. शिल्पा आंटी अपनी छूट मेरे मूह पे रगड़ने लगी. 5 मिनिट में ही उसका पानी निकल गया, और शिल्पा आंटी ने मेरे मूह पे पूरा माल डाल दिया.

अब शिल्पा आंटी ने अपने पुर कपड़े निकाल दिए और पूरी नंगी हो गयी. क्या बतौ वो क्या लग रही थी. शिल्पा आंटी बिल्कुल नंगी मेरे सामने खड़ी थी. 45 साल की उमर में भी उसका बदन एक-दूं कड़क था. गोरे-गोरे बूब्स थोड़े से लटके हुए, लेकिन भारी-भरकम. ब्राउन निपल्स बिल्कुल खड़े.

पेट पे हल्की सी लचक थी. कमर एक-दूं पतली और गांद इतनी गोल-मटोल की देख के ही मूह में पानी आ जाए. छूट बिल्कुल सॉफ कटी हुई, एक भी बाल नही. दोनो लिप्स फटत के लाल हो रहे थे. वो बेड पे आई और मेरे उपर चढ़ गयी और सीधा किस करने लगी. उसके गरम होंठ और जीभ मेरे मूह में घूम रही थी. उसने मेरा त-शर्ट निकाल दिया और चेस्ट पे किस करते हुए नीचे आने लगी.

अब मैं भी पूरा नंगा था. उसने मेरा लंड दोनो हाथो से पकड़ा और उपर-नीचे करने लगी. फिर बोली-

“राहुल… आज तक इतना बड़ा लंड नही देखा मैने. रमेश का तो तेरे आधे से भी छ्होटा है. आज फाड़ दे मुझे.” फिर वो मेरे उपर 69 पोज़िशन में आ गयी. अपनी छूट मेरे मूह पे रगड़ने लगी, और खुद मेरा लंड मूह में ले लिया. उसने मेरा लंड पूरा अंदर ले लिया. मैं भी पागल हो गया.

मैं अब उसकी छूट ज़ोर-ज़ोर से चाटने लगा. उनकी छूट को फैला कर जीभ से रगड़ा और छूट के अंदर ही चाटने लगा. फिर वो पलट गयी. वो खुद मेरे उपर आई और अपनी छूट को मेरे लंड से सेट करने लगी. मेरा लंड उसकी छूट में प्रवेश करने लगा.

धीरे-धीरे शिल्पा आंटी उपर-नीचे होने लगी और लंड छूट में अंदर-बाहर होने लगा. फिर मैने उसको नीचे लिटाया. उसके पैर कंधे पे रख के अपना लंड उसकी छूट में रख कर पेलने लगा. हर धक्के पे उसकी चीख निकल रही थी.
“हा छोड़… ज़ोर से… और ज़ोर से छोड़.”

हम लोगों ने आधे घंटे तक चुदाई की, कभी मैं उसके उपर, कभी वो. फिर मैं अपने कपड़े पहन के अपने घर आ गया. उस दिन से मैं डेली शिल्पा आंटी को छोड़ता.

अब अंकल वापस आ गये थे. अब बहुत कम टाइम मिलता जब अंकल ऑफीस चले जाते. मैं भी ऑफीस चला जाता. एक दिन सनडे को आंटी ने मेसेज किया आजा घर पे. मैं उनके घर गया, देखा तो अंकल भी थे उधर. मैने उन्हे नमस्ते की और उन्होने ने भी मेरा रिप्लाइ किया. शिल्पा आंटी किचन में थी.

अंकल से थोड़ी बात हुई इधर-उधर की. इतने में शिल्पा आंटी की आवाज़ आई: अर्रे राहुल इधर आना तोड़ा. देखो ज़रा ये गॅस क्यूँ नही चल रहा.

किचन में पहुँचा तो शिल्पा आंटी गॅस स्टोव के पास खड़ी थी. रेड कलर की सिल्क सारी पहनी थी, पल्लू एक तरफ सरकया हुआ. ब्लाउस इतना टाइट था की बूब्स जैसे बाहर निकल आएँगे. जैसे ही मैं अंदर घुसा, आंटी ने धीरे से दरवाज़ा 80 % बंद कर दिया. बस तोड़ा सा खुला छ्चोढा ताकि अंकल को लगे हम गॅस देख रहे थे.

आंटी ने मेरा हाथ पकड़ा और सीधा अपनी कमर पे रख दिया. फिर वो धीरे से बोली, “राहुल… आज सनडे है. अंकल पूरा दिन घर पे है. लेकिन मेरी छूट सुबह से गीली है. अभी यहीं कुछ कर.” मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया. आंटी ने मेरे पाजामा का नाडा खींच कर लूस किया, और हाथ अंदर डाल दिया.

फिर वो लंड पकड़ के धीरे-धीरे हिलने लगी. मैं भी पागल हो गया. उसका पल्लू मैने नीचे खींच दिया, ब्लाउस के उपर से ही बूब्स दबाने लगा. अंकल की आवाज़ आई ड्रॉयिंग-रूम से, “अर्रे शिल्पा, गॅस ठीक हुआ या नही?”

आंटी ने नॉर्मल आवाज़ में जवाब दिया, “हन बस 2 मिनिट. राहुल देख रहा है.” फिर वो झुक गयी, जैसे गॅस चेक कर रही हो. और मेरा पाजामा नीचे खींच दिया. इससे मेरा लंड बाहर आ गया. उसने एक झटके में मूह में ले लिया. किचन के काउंटर के नीचे च्छूप के वो ज़ोर-ज़ोर से लंड चूसने लगी. मैं खड़ा था. हाथ काउंटर पे रखे. मूह से सिसकी निकल रही थी, लेकिन दबा के.

30 सेकेंड बाद अंकल फिर बोले, “क्या हुआ शिल्पा?”आंटी ने लंड मूह से निकाला. थूक लटक रहा था, और चिल्लाई, “बस लाइटर में प्राब्लम है. ठीक हो गया.”

आंटी ने मुझे अंकल के पास जाने को बोला और मैं चला गया अपने कपड़े ठीक करके.
मैं अपने घर जाने ही वाला था, की आंटी ने मुझे छाई पीने के लिए रोका. अंकल ने भी बोला छाई पीने को. फिर मैं मान गया.

फिर आंटी मेरे लिए और अंकल के लिए छाई लेकर आई. हम दोनो ने छाई पी ली. छाई पी कर मैं जाने ही लगा था की आंटी ने मुझे रोक लिया. फिर थोड़ी देर बाद देखा तो अंकल उधर ही सो गये थे. मुझे समझ में आ गया था आंटी ने अंकल की छाई में कुछ मिलाया था, और अंकल सो गये.

अंकल ड्रॉयिंग-रूम के सोफा पे गहरी नींद में लेट गये थे. टीवी चल रहा था. उनके खर्राटे पुर कमरे में गूँज रहे थे. शिल्पा आंटी ने मुझे आँख मारी और धीरे से बोली, “चल तैयार होज़ा.”

मैने डरते हुए पूछा, “आंटी, अगर अंकल बीच में उठ गये तो?”आंटी ने होंठ पे उंगली रखी और मुस्कुरा दी. “टेन्षन मत ले बेटा, ये शाम तक नही उठेगा.”

उन्होने अंकल के सामने ही अपनी सारी और पेटिकोट निकाल दिया. फिर धीरे-धीरे अपने सारे कपड़े निकाल कर नंगी हो गयी. उन्होने मुझे सोफे में लेटने को बोला. मैं अंकल के बगल में लेट गया. आंटी ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए.

अंकल के खर्राटे एक तरफ चल रहे थे. टीवी पे कोई सास-बहू सीरियल की आवाज़े आ रही थी. मैं सोफा पे लेता हुआ था. दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था. शिल्पा आंटी बिल्कुल नंगी, हाथ में वेनिला आइस-क्रीम का कप लिए खड़ी थी.

उसने कप से थोड़ी सी आइस-क्रीम निकली और अपनी छूट पे मलने लगी. ठंडी आइस-क्रीम से उसकी छूट के लिप्स एक-दूं लाल हो गये. थोड़ी सी क्रीम उसकी जांघों पे भी बहने लगी. फिर वो मेरे मूह के बिल्कुल उपर आ कर बैठ गयी.

उसने अपने दोनो पैर दोनो तरफ फैला दिए और छूट मेरे मूह पे टीका दी. आइस-क्रीम का ठंडा और उसकी छूट का गरम मिल कर एक अजीब सा नशा दे रहा था. “चाट राहुल… आज तेरी आंटी की आइस-क्रीम वाली छूट खा ले…” मैने जीभ निकली और ज़ोर-ज़ोर से चाटने लगा.

आइस-क्रीम का मीठा स्वाद और उसकी छूट का नमकीन पानी मिल कर पागल कर रहे थे. आंटी ने अपनी कमर आयेज-पीछे करना शुरू किया. छूट मेरे मूह पे रग़ाद रही थी. उसने मेरा सर पकड़ के ज़ोर से दबाया. 4-5 मिनिट तक ऐसे ही छाता मैने.

फिर वो नीचे आई. मेरे लंड पे बैठी और ज़ोर-ज़ोर से उछालने लगी. अंकल सिर्फ़ 2 फीट डोर सोफे पे थे. हर धक्के पे सोफा हिल रहा था. लेकिन अंकल के खर्राटे बंद नही हुए. फिर आंटी ने कान में फुसफुसाया, “देख… तेरे अंकल सो रहे है और उनकी बीवी उनके बगल में नंगी होके तेरा लंड ले रही है. कितना मज़ा आ रहा है ना?”

मैने स्पीड बढ़ा दी. 20 मिनिट में ही मैं भी झाड़ गया अंदर ही आंटी के. मैं आंटी की आए दिन चुदाई करता अब. उन्होने मुझसे और भी लोगों को चुडवाया और बदले में पैसे भी दिलवाए. ऐसे ही उन्होने मुझे एक घर भेजा. वहाँ एक आंटी रहती है, नाम है सोनिया. उसकी उमर 55 साल है और उसकी बहुत सारी फॅंटसीस है. उसकी कहानी नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा.

तो कैसी लगी मेरी स्टोरी? अपना फीडबॅक ज़रूर देना मुझे मेरी मैल ईद पे

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