फॅमिली सेक्स स्टोरी का नेक्स्ट पार्ट-
लिषा ने मेरा हाथ पकड़ा और वो मुझे आपने रूम में ले गयी. मेरे दिमाग़ में बहुत सारी चीज़ें चल रही थी. पर मैं चीज़ थी की ऐसा हुआ कैसे? मैं दीदी के उपर गुस्सा था की वो मेरे साथ कर कैसे सकती थी? पर फिर मुझे याद आया की मैं भी तो दीदी के अलावा कितनो को छोड़ा हू.
फिर पापा पे गुस्सा आया तो याद आया की मैं उनकी वाइफ के साथ भी कर चुका हू. तो ये गुस्सा मेरे दिमाग़ में था किसके लिए? फिर मैने सोचा की क्या ही कर सकते है इसमे. मेरा मॅन स्टेबल नही था. लिषा का मॅन था की वो मुझे अपना बना दे, पर उसको पता था की ये सही टाइम नही था.
फिर मैं थोड़ी देर लिषा के रूम रुका उसके बाद कॉलेज चला गया. फिर मैने डिसाइड किया की कुछ समय मैं सोनिया के साथ बिठौन. तो मैं अपना झोला-झंडा लेके उसके रूम में चला गया. मेरी हिम्मत नही थी की पापा मम्मी या दीदी में से किसी को फेस करू.
फिर दो-चार दिन ऐसे ही बीट गये. इसी बीच दादा जी ने मुझे चाचा के साथ उनकी कंपनी में जाने को बोला. वहाँ रेक्रूटमेंट चल रही थी, जहाँ मैं पहली बार काव्या से मिला (प्रोटॅगनिस्ट ऑफ लंड का खेल) और उसकी हाइरिंग भी की.
हवेली में मेरा मूड ऑफ रहता था, इसे देख के सोनिया भी दुखी थी. उसको तो बात भी नही पता थी. वो तो चाहती थी की प्रिया दीदी से पूछे की क्या हुआ है करके, पर मैने माना किया हुआ था, और वो मेरी बात टालती नही थी. पर वो मुझे ऐसे भी नही देख सकती थी.
तो उसने ये बात उसकी मम्मी को बताई. उस रात वो दोनो एक साथ मेरे बेड में आए. पर दूसरी तरफ कहानी कुछ अलग ही चल रही थी.
आराव निधि बुआ को घोड़ी बना के छोड़ रहा था. निधि बुआ नंगी थी. उनके हाथ आराव ने पकड़ रखे थे.
आराव: अया मम्मी, मज़ा आ रहा है. पर ये लिषा क्यूँ नही करती मेरे साथ? उसकी रोहन इतना क्यूँ पसंद है?
निधि बुआ ये सब सुन के उनको अपनी और पापा की याद आ गयी और उन्होने अपनी स्पीड बढ़ा दी सबकॉन्षियस्ली.
आराव: अयाया मम्मी, क्या कर रहे हो? ऐसे मत करो, मैं झाड़ जौंगा, अयाया.
और इतना बोलते ही आराव झाड़ गया और बुआ के उपर गिर गया. वो दोनो और लंबी-लंबी साँस ले रहे थे. तभी निधि बुआ बोली-
निधि: तो दादा जी का प्लान क्या है, कुछ पता है?
आराव: हा, उन्होने रोहन की फॅमिली में क्रॅक डाल दिया और मैने अभी रवि की फॅमिली से स्टार्ट किया है.
निधि: क्या किया तूने ऐसा, बता?
तो बात ऐसी है, कुछ समय पहले आराव रवि के पास था. तभी आराव ने रवि को बोला-
आराव: रवि तुमको पता है की तुम जो अपने रूम में करते हो, वो सब हमको पता है.
रवि (शॉक्ड और हकबकते हुए): क्या बोल रहे हो? तुमको क्या पता है?
आराव: भाई तुम्हारे आने से पहले गेस्ट रूम में कॅमरा लगा दिया था.
रवि (दर्र में): ये… क्या बोल रहे हो?
आराव: रिलॅक्स कर, जो तू करता है वो वहाँ सब करते है.
इसी बात में रवि तोड़ा रिलॅक्स हुआ और हँसने लगा. तभी आराव बोला-
आराव: रवि एक ग़मे खेलेगा?
रवि: कैसा ग़मे?
आराव: चुदाई वाला ग़मे.
रवि: मतलब?
आराव: टेरी तरफ से एक आदमी कॉंपीट करेगा, मान ले तू; और मेरी तरफ से एक उसके ऑपोसिट जेंडर वाला. फिर चुदाई होगी. जो पहले झदेगा वो हर जाएगा.
रवि (एग्ज़ाइटेड हो जाता है): फो जीतने वेल को क्या मिलेगा?
आराव: एक काम करते है, एक-एक इंसान को दाव में लगते है. मैं हारा तो तू लिषा के साथ कर लेना.
रवि (सातवे आसमान में था): तो ठीक है, मैं हारा तो रेखा. वैसे मैं हारँगा नही.
आराव: तो तेरी साइड से कौन आ रहा है? मेरी साइड से ये (आराव एक अर्ली 30स वाली सर्वेंट की और इशारा करता है).
रवि: आब्वियस्ली मैं और कौन. तो स्टार्ट करे?
आराव: भाई यहाँ नही, तेरे रूम में.
फिर वो सब उस ग्वेस्टर्म में गये, जिसमे रवि आंड फॅमिली रुके हुए थे. रवि ने ग़मे के बारे में उसकी फॅमिली को बताया. मामी और रेखा नाराज़ थी और रेशमी को इस खेल में एक शड्यंत्रा की बू आ रही थी.
रेशमी: रवि हमने तेरी हर बात मानी, और इस बार हुमको कुछ गड़बड़ लग रही है. कुछ तो गड़बड़ है.
रवि: अर्रे दीदी कुछ नही होगा. अपने भाई पर भरोसा नही है क्या?
रेखा: भरोसा है, पर अगर तू हारा मुझे, तो देख इसके बाद मैं तेरी गांद डिल्डो पहन के मारूँगी, समझ में आई बात?
और इसी के साथ खेल का आरंभ हुआ, और महारथी रवि संभोग रूपी रणभूमि में आ चुके थे. पर उनको क्या पता था इस रणभूमि में उनकी पराजय निश्चित थी.
25 मिनिट्स के बाद रवि नंगा परास्त पड़ा था. सर्वेंट ने कपड़े पहन लिए थे. दूसरी तरफ रेखा नंगी होके आराव का लॉडा चूस रही थी.
आराव: देख भोसड़ी के, आज तेरी बेहन को कैसे छोड़ता हू.
रवि को बहुत बुरा लग रहा था, पर वो कुछ कर भी नही सकता था. मामी और रेशमी भी वहीं पर थी. तभी आराव रेखा को लॉड से हटा के उसको उपर लाता है, और किस करने लगता है. फिर किस करते-करते उसकी छूट में उंगली भी करता है. रेखा की छूट गीली थी क्यूंकी वो पहली बार किसी गैर से अपने परिवार के सामने चूड़ने वाली थी.
इतने में आराव रेखा को पलट देता है, और पीछे से चूत में लंड डाल के छोड़ने लगता है. रेखा मोन्स कर रही थी, और आराव रवि को ज़लील करके छोड़ रहा था.
रेखा: अया उम्म्म उफ़फ्फ़.
आराव: देख रवि, तेरी बेहन कैसे चुड रही है. देख कुछ समय बाद तेरी मम्मी और दीदी भी ऐसे ही चूड़ेंगी.
आराव का हर बार का धक्का लास्ट वाले से ज़्यादा तेज़ था. आराव उसको बिना कॉंडम के छोड़ रहा था. फिर कुछ समय बाद रेखा के लाख बार माना करने के बावजूद वो रेखा की छूट के अंदर झाड़ गया.
निधि बुआ ये सब सुन के शॉक्ड थी तभी आराव बोला की-
आराव: आज तो रेखा को छोड़ा है. ऐसे करके एक ना एक दिन मामी और प्रिया दीदी को छोड़ूँगा.
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