बेटे का लंड देख मा हुई गरम

हेलो रीडर्स, ई’म नील. मैं वापस आ गया हू आप सब के लिए स्टोरी लेकर. आपने मेरी लास्ट स्टोरी को बहुत अछा रेस्पॉन्स दिया है, और मैं आज इसी स्टोरी का आयेज का पार्ट लेकर आया हू. तो उमीद करता हू की आप इसको भी बहुत पसंद करेंगे और अपनी फीडबॅक मैल के थ्रू देंगे. अगर किसी को कोई हेल्प चाहिए तो भी मैल कर सकता है.

अभी तक आपने पढ़ा की कैसे दीदी मुझे मम्मी की कुछ बातें बताती है, जिसको सुन कर मुझे जोश आ जाता है. फिर मैं आज दीदी को मम्मी समझ के चुदाई करता हू. जिसको देख कर दीदी भी बोलती है की मम्मी की चुदाई के लिए तड़प रहा है तू. अब आयेज-

फिर अगले दिन मों उठती है और दीदी को उठाने उनके रूम में जाती है. जब वो अंदर जाके देखती है की दीदी आज बिना कपड़ों के गाते खुला छ्चोढ़ के नंगी ही सो रही थी, तो वो बहुत गुस्सा होती है. लेकिन जैसे ही वो दीदी को उठाने जाती है, उससे पहले उनकी नज़र बेडशीट पे पड़ती है.

वहाँ पे वो देखती है की कुछ गीला हो रहा था, और वो दीदी के पैर के पास था. उसको देख कर मम्मी सोचने लगी की ये क्या हो सकता है. उन्होने पहले उसे स्मेल करके देखा. फिर कुछ समझ नही आया, तो उन्होने उसको फिंगर टिप पे लेके तोड़ा सा टेस्ट किया.

वो शॉक हो गयी उसको देख कर, क्यूंकी वो नमकीन टेस्ट था (सॉल्टी). फिर उनको समझ आता है की ये कही और का पानी है. लेकिन मम्मी को हमारे बारे में कुछ भी पता नही था. तो वो सोचती है की नेहा दीदी ने रात में फिंगरिंग करते हुए पानी निकाला होगा और वैसे ही सो गयी होगी.

लेकिन मम्मी के इतना सब करने से और इतनी देर खड़े रहने से नेहा दीदी की नींद खुल जाती है. वो ये बात मुझे बाद में बताती है. वो अब सोने की आक्टिंग करते हुए सब देखती रहती है की कैसे मम्मी उसको चाट-ती है और खुश होती है. लेकिन जिसको वो छूट का पानी समझ रही थी, वो तो असल में मेरे लंड का पानी था, जो मैने सेक्स के बाद वहाँ पे गिरा दिया था.

दीदी का मॅन तो हो रहा था की अभी उठ के मम्मी को बता दे की वो जिसके टेस्ट से खुश हो रही थी, वो छूट का पानी नही था, बल्कि लंड का पानी था, वो भी उनके ही बेटे का.

फिर पता नही मम्मी को क्या होता है. आज वो दीदी पे बिल्कुल भी गुस्सा नही करती है, और उल्टा दीदी की नंगी बॉडी को घूर्ने लगती है. फिर थोड़ी देर देखने के बाद वो उसपे चादर डाल के आ जाती है. मम्मी के जाने के बाद दीदी उठ कर देखती है की मम्मी सीधे बातरूम में गयी थी.

तो वो जल्दी से शॉर्ट्स और त-शर्ट डाल के बातरूम के पास जाती है. वहाँ वो कान लगा के सुनती है, की मम्मी अंदर क्या कर रही थी. तो उसको आवाज़ से पता चलता है की मम्मी आज अंदर उंगली डाल कर अपनी छूट को शांत कर रही थी.

अब ये सब देख कर मेरी दीदी के दिमाग़ में एक आइडिया आता है. वो चुप-छाप मेरे रूम में आती है और मुझे उठती है. मैं जैसे ही उठता हू, दीदी को किस करने लगता हू. दीदी मुझे रोकते हुए बोलती है-

दीदी: अभी नही, अभी मैं तुझे कुछ बताने आई हू, वो सुन.

नेहा दी: देख नील, अभी ज़्यादा कुछ बताने का टाइम नही है. बस तू ये जान ले की तुझे अभी नंगा होना है.

मैं: अछा दीदी, मतलब आपका अभी, सुबा-सुबा मूड हो गया है? कोई बात नही, अभी आपकी प्यास बुझा देता हू.

नेहा दी: नही पागल, मेरा मूड नही हुआ है. लेकिन कोई है जो हॉर्नी मूड में है.

मैं: तो नेहा दी, फिर क्या मम्मी?

नेहा दी हा में सर हिलती है. मैं बहुत खुश हो जाता हू, और दीदी को लीप किस करने लगता हू.

तो दीदी बोलती है: रुक जेया, थोड़ी शांति रख. मेरी बात तो सुन.

मैं: हा दी, अब तो जो मर्ज़ी बोलो. और देखना, जैसे ही आप मम्मी को भेजोगी ना, तो उनकी ऐसी चुदाई करूँगा की मज़ा आ जाएगा उनको. और वो अपने साथ जाय्न होने के लिए जल्दी से मान जाएँगी.

नेहा दी: अर्रे मम्मी के दीवाने, बात तो सुन. मम्मी चुदाई नही करवाने आएगी अभी. वो तुझे उठाने आएँगी. तो तुझे उनको अपना खड़ा लंड दिखना है, वो भी नंगा पूरा.

मैं: ठीक है दीदी, लेकिन क्यूँ, ये तो बताओ?

नेहा दी: अभी नही बता सकती. बस जितना बोला है कर. मम्मी आती ही होगी, मैं जेया रही हू.

फिर नेहा दीदी चली जाती है और मैं भी उनके बोलने पे नंगा होके सोने की आक्टिंग करता हू. 5 मिनिट बाद मम्मी आती है, और उनकी नज़र सीधे मेरे टेंट पे जाती है चादर के अंदर जो बनाया था मैने.

फिर मम्मी चादर हटा के देती है. तो मेरा खड़ा लंड उनकी आँखों के सामने होता है. वो उसको देख कर बहुत ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो जाती है. मैं अपनी बंद आँखें खोल के देखता हू. तो वो अपने लिप्स बीते कर रही होती है, और साथ में अपनी बॉडी पे भी हाथ घुमा रही होती है.

फिर थोड़ी देर के बाद वो जल्दी से भाग के नीचे जाती है. मैं सोचता हू की एक-दूं से क्या हो गया उनको. 1 मिनिट से भी कम टाइम में वापस उनके पैरों की आवाज़ आती है. तो मैं वापस से सोने की आक्टिंग करता हू.

मैं जान-बूझ कर लंड पे फिर से चादर डाल लेता हू. वो देख कर मम्मी का फेस उदास होता है. लेकिन वो वापस चादर हटती है. इस बार वो बिल्कुल लंड के यहाँ से हटती है, तो उनका हाथ भी टच हो जाता है. फिर वो अपना फोन निकालती है जो वो नीचे लेने के लिए गयी थी. उसके बाद उसमे मेरी वीडियो बनती है, और लंड की फोटो लेती है.

फिर वो एक फोटो में ऐसा करती है की वो लंड को पकड़ रखी हो. अब मेरे लिए कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था. फिर पता नही उनको एक-दूं से क्या हुआ, की वो फिर से वॉशरूम में भागी. जब वो चली गयी, तो मैं उनके पीछे जाने लगा. लेकिन देखा की मेरे पैर के नीचे कुछ गीला सा था.

जब पास से देखा तो पता चला की यहाँ तो मम्मी खड़ी थी. अब मैं समझ गया की मम्मी मेरा लंड देख कर गीली हो गयी थी. फिर मैने नीचे झुक कर उनके छूट के पानी का टेस्ट लिया. क्या बतौ वो कितना अछा था. जब उनको छाता ना, तो ऐसा फील हुआ की मैं वो पानी नही बल्कि मम्मी की छूट चाट रहा था.

मैं अलग ही दुनिया में चला गया था. फिर थोड़ी देर में कान लगा के बातरूम में सुनने लगा तो पता चला मम्मी छूट में उंगली कर रही थी. वो मेरे लंड को देख कर कर रही थी. फिर थोड़ी देर बाद गाते खुला, तब मैं वॉशरूम के बाहर ही था. तो मम्मी ने पूछा-

मम्मी: तू यहाँ क्या कर रहा है?

मैं: मम्मी मुझे टाय्लेट जाना है, जल्दी है.

मम्मी: ठीक है जेया.

लेकिन ये मम्मी नीचे देख कर बोल रही थी. फिर मैं वॉशरूम जाता हू और देखता हू वहाँ मम्मी की पनटी थी. तो मैं सोचता हू कुछ शैतानी. फिर बाहर आके बोलता हू-

मैं: मम्मी अभी कोई उपर आया था क्या? मैं सो रहा था तो ऐसा लग रहा था, जैसे कोई देख रहा था.

मम्मी शर्मा के बोली: मुझे नही पता, मैं नही थी.

मैं: ठीक है, वैसे मम्मी आज आप बहुत जल्दी नहा लिए.

मम्मी: वो मेरे कपड़े गीले हो गये थे, इसलिए रख दिए.

ये बोलते हुए मम्मी शर्मा रही थी.

फिर मैं बोलता हू: मम्मी मैं दीदी को भी उठा देता हू.

मम्मी: नही तू मत जाना (ये बात मम्मी ने ज़ोर से और तेज़ आवाज़ में बोली).

अभी तक के लिए इतना ही. अब अगले पार्ट में पता चलेगा की मम्मी ने मुझे तेज़ आवाज़ में क्यूँ रोका और उसके आयेज क्या-क्या होता है. मम्मी को मेरे लंड देखने से लेके, लंड अपनी छूट लेने तक के सफ़र में और क्या-क्या सेडक्षन दिए जाते है.

अपना फीडबॅक ज़रूर दे कॉमेंट और मैल के थ्रू. अगर कोई बात करना चाहे तो हमे मैल कर सकता है और कोई हेल्प चाहिए हो तो भी.

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