ही गाइस, मेरा नाम रेहान है और मैं हयदेराबाद से बिलॉंग करता हू. मेरी आगे 27 यियर्ज़ है और मैं मॅरीड हू. हमारी जॉइंट फॅमिली है, और हमारी फॅमिली फुल्ली ओपन माइंडेड फॅमिली है.
मैं बहुत सालों से देसी कहानी पढ़ता हू. मुझे बहुत पसंद है यहाँ देसी कहानियाँ पढ़ना. और आज मैं अपनी फॅमिली की स्टोरी आप सब के साथ शेर करने जेया रहा हू. अगर टाइपिंग में कुछ ग़लती हो जाए तो इग्नोर करना. ये मेरी पहली स्टोरी है, तो तोड़ा सपोर्ट करना प्लीज़.
तो मेरी फॅमिली में दाद, राजेश 52 यियर्ज़, मस्त टॉल हॅंडसम है, और फिटनेस फ्रीक है. मों, सोनम 48 यियर्ज़, हाउसवाइफ है, मगर वो भी फिटनेस फ्रीक है और आचे से मेनटेन करती है. संतूर मों बोल सकते हो वैसी है.
मेरे बड़े भाई, अंकुश 30 यियर्ज़, एक इंजिनियर है और बहुत हॅंडसम हंक है. भाभी, रिया 27 यियर्ज़, और बहुत सेक्सी और हॉट है. उनका फिगर 36-28-36 है. और मेरी भाभी मुझसे बहुत ज़्यादा फ्रॅंक है.
मेरी बड़ी बेहन, सिक्षा 28 यियर्ज़, उनका फिगर 36-28-38. वो मॅरीड है, बुत उनके हब्बी हमेशा जॉब्स चेंज करते रहते है, और पैसों की तंगी होती थी. तो अभी वो हमारे साथ ही रहती है, और जीजू घर जमाई बन गये है.
जीजू, अनुज 31 यियर्ज़, फिलहाल तो घर जमाई बने हुए है. क्यूंकी बहुत जॉब्स चेंज करते-करते अब कहीं भी सेट नही हो रहे है.
मैं (रेहान) 27 यियर्ज़, मैं भी सिविल इंजिनियर हू और घर में सबसे चहिता मैं ही हू. मेरी वाइफ सोना 26 यियर्ज़. उफफफफफ्फ़ ब्यूटिफुल, सेक्सी आंड हॉट. फिगर 36-26-36, फेर कलर. छ्होटी बेहन, आरती 22 यियर्ज़, फेर कलर और अभी अपना ग्रॅजुयेशन कंप्लीट कर रही है. तो कहानी शुरू करते है.
जैसे की मैने आप लोगों को बताया, मैं बहुत सालों से देसीकाहानी पढ़ता हू और यहीं से प्रेरणा लेके मुझे भी अपनी फॅमिली की स्टोरी यहाँ बताने जेया रहा हो.
मेरी फॅमिली में हम सब बहुत हाइली एजुकेटेड है और सभी फुल्ली ओपन माइंडेड है. मेरी फॅमिली में सब को अपनी मर्ज़ी की आज़ादी है. सब औरतें उनकी मर्ज़ी के कपड़े पहनती है टोटल वेस्टर्न और उसमे भी ज़्यादा शॉर्ट ड्रेसस ही. और हमारे बीच में सेक्स की बातें करना बहुत नॉर्मल है.
हम सब भाई-बेहन बचपन से ही मों दाद को इतना ओपन देख के बड़े हुए है. यहाँ तक उनको सेक्स करते हुए भी बहुत बार देखते थे.
मों-दाद भी हम सब को यही बताते थे की सब को अपनी-अपनी आज़ादी है और वो अपने दिल से जैसे चाहे वैसे जिए. हम आपस में बहुत ओपन तो थे, बुत कभी हम लोगों में आपस में चुदाई नही हुई थी. बुत लगभग 2 साल पहले एक रात कुछ ऐसा हुआ की सब कुछ बदल गया.
हमारा घर अछा बड़ा है और हम सब के रूम्स भी आस-पास ही है. और नाइट में हम सब बहुत कंफी क्लोद्स पहनते है. सब लॅडीस शॉर्ट नाइटीस जो आस तक होती है वो पहनती है, या फिर शॉर्ट्स और टी पहनती है. और हम में शॉर्ट्स और इन्नर में या सिर्फ़ शॉर्ट्स में रहते है.
एक रात मैं और वाइफ बहुत चुदाई करके जस्ट लेते थे नंगे ही. थोड़ी देर बाद मैं उठा और वॉशरूम जाने लगा तो वाइफ ने बताया की हमारे रूम के वॉशरूम में पानी नही आ रहा था. क्यूंकी हमारे वॉशरूम का पीपे ब्लॉक हो गया था.
तो मैं अपना अंडरवेर पहन के मों-दाद के वॉशरूम जाने लगा. मुझे पता था मों-दाद अपना रूम लॉक नही करते थे. मैं जैसे ही डोर ओपन करके अंदर गया तो देखा मों दाद दोनो नंगे थे और चुदाई कर रहे थे.
मों नीचे लेती हुई थी और दाद लंड छूट में डाल के शॉट्स मार रहे थे. जैसे मैं अंदर गया तो दोनो रुक गये और फिर थोड़े ही देर में दाद अपने शॉट्स फिर से मारने लगे और मों आ आहह करने लगी.
फिर मैं उनके वॉशरूम में जेया कर फ्रेश हुआ और बाहर आया. तब तक दोनो की चुदाई हो गयी थी और दाद वैसे ही नंगे बेड पे लेते हुए थे, और मों अपनी पनटी नीचे से उठा रही थी पहनने के लिए. तो मैं भी मज़ाक में पूछा-
मैं: क्या दाद, इतनी जल्दी हो गया. लगता है आप मों को खुश नही करते ठीक से.
तो मों जवाब देने लगी पनटी पहनते हुए.
मों: बेटा बहुत आचे से खुश करते है मुझे तेरे दाद. और तू अभी आया है. ये तो बहुत देर से छोड़ रहे थे मुझे. तेरे दाद तो हमेशा हॉर्नी रहते है. उनको तो बस छूट चाहिए. तेरे दाद तो कहते है मुझे घर में नंगी ही रहो, जैसे मैं पहले रहती थी.
मैं: तो मों आप क्यूँ नही मानती दाद की बात?
मों: पहले तुम सब बच्चे थे.
दाद: तो बच्चो से कैसी शरम यार?
मों: अर्रे पहले की बात और थी, और अब तोड़ा अलग है. हमारे साथ हमारे जमाई भी रहते है, और 2 बहुए भी है. वो क्या सोचेंगे?
मैं: अर्रे यार मों तुम इतना क्यूँ सोचती हो? वैसे भी तुम्हारे जमाई और दोनो बहुए बहुत ओपन माइंडेड है, बिल्कुल हमारी तरह. वो लोग माइंड नही करेंगी.
दाद: देखा, मैं भी यही बोलता हू तेरी मों को. बुत ये पहले जैसे ओपन माइंडेड नही रही. बोरिंग होती जेया रही है.
मों: अर्रे ऐसा सोचना पड़ता है.
मैं: तुम इतना मत सोचो मों. तुम क्या नही देखती तुम्हारी दोनो बहुए भी कितने छ्होटे कपड़े पहनती है? और मों तुमने शायद देखा नही होगा, तुम्हारे जमाई तुम्हारी बेटी को कितनी ज़्यादा आज़ादी दिए हुए है. मैं कभी-कभी रात में हॉल में आके टीवी देखता हू याल किचन में जाके पानी लेता हू, तो मैने देखा तुम्हारी बेटी पूरी नंगी ही रूम से बाहर आ जाती है पानी लेने या कुछ और लेने.
मों: पूरी नंगी वो घर में घूमती है?
मैं: हा, पूरी नंगी घूमती है. मैने तो पूछा भी एक बार की दीदी तुम ऐसे नंगी क्यूँ हो? तो वो बोल रही थी, “बस कुछ लेने आई थी यहाँ और तेरे जीजू कुछ पहनने नही देते. बोलते है ऐसे ही जाओ ना क्या शरमाना इसमे. और वैसे मुझे भी ऐसे रहना पसंद है.”
मों: ये बात तो है. नंगे रहने में अपना अलग मज़ा होता है.
मों जो पनटी पहनने वाली थी. वो हाथ में लेके वैसे ही नंगी ही खड़े-खड़े बात कर रही थी.
मैं: हा मों, देखो ना तुम ऐसे कितनी अची लगती हो.
और उसी टाइम मेरी बीवी भी मों दाद के रूम में आ जाती है वॉशरूम उसे करने. वो भी सिर्फ़ तोंग, पनटी और ब्रा में. वो मों दाद को नंगे देख कर मुझे मज़ाक में पूछती है-
वाइफ: क्या बात है! मैं भी सोचु आप इतनी देर कहाँ रह गये. मों दाद को देख रहे थे क्या? या कुछ हेल्प भी चल रही थी (आँख मरते हुए)?
दाद: अर्रे कुछ नही बहू, तेरा हब्बी मुझसे पूच रहा था की आज भी मेरे लंड में दूं है या नही. मैं तेरी सासू मों की आचे से लेता हू या नही.
वाइफ: ओो, तो आपने बता दिया क्या अपने बेटे को कितना दूं है (हेस्ट हुए)?
मों: हा बहू, तुम्हारे दाद ने बता दिया. वैसे मेरे बच्चो ने बचपन से देखा है हम दोनो को, उन्हे पता है सब. मेरा बेटा तो बस मज़ाक कर रहा था. वैसे बहू तुम इतनी रात क्या कर रही हो?
वाइफ: अर्रे मों, डिन्नर में बताया था ना हमारे रूम में पानी का प्राब्लम है. इसीलिए तो रेहान भी आए थे यहाँ और मुझे भी फ्रेश होना है, इसलिए आ गयी.
मैं: ठीक है तुम फ्रेश हो कर आओ, मैं यहीं वेट करता हू.
वाइफ: हा, अभी आती हू, वेट बेबी.
वाइफ जब जाती है तो पीछे से उसकी गंद पूरी नंगी दिखती है, क्यूंकी उसने तोंग पनटी पहनी थी.
दाद: उफ़फ्फ़ बहू की गंद तो बहुत मस्त लग रही है.
मैं: हा दाद, मज़ा भी बहुत आचे से देती है आपकी बहू.
मों: वाह, बहू की गंद इतनी अची लगी की मेरे हब्बी का लंड फिर खड़ा हो गया.
मैं (हेस्ट हुए): ये क्या दाद, लंड खड़ा हो गया मेरी वाइफ को देख कर. आपकी बहू है वो.
मों: तुझे पता नही तेरे दाद का लंड तो उनकी बेटियों को भी देख कर खड़ा हो जाता है.
दाद: बेटे तू मुझे क्या बोल रहा है, तू अपनी मों को नंगी देख रहा है, और तेरे अंडरवेर में से तेरे लंड को जोश आ रहा है.
मैं: श कम ओं दाद, अब इतनी सेक्सी हॉट वुमन सामने नंगी हो तो कुछ होगा ही ना.
मों: अछा बेटा ये बात है. तेरी बीवी को बताती हू की तेरा लंड अपनी मों को देख कर खड़ा हो रहा है.
उतनी देर में मेरी वाइफ भी आ जाती है और वो ये सब बातें वॉशरूम से सुन रही थी. वो आके बोलती है-
वाइफ: अर्रे मों, सब मर्द एक जैसे होते है. और वैसे भी रेहान तो कितनी बार मुझे अपनी बहनो का और आपका नाम लेके छोड़ते है. वो कहते है उनको ऐसे ज़्यादा मज़ा आता है. और आज भी ऐसे ही चुदाई किए है.
मों: क्या सच बोल रही हो तुम? रेहान, तू सच में ऐसा करता है?
मैं: क्या मों, अब आप दोनो ने बचपन से हम लोगों को ऐसे ही बड़ा किया है ना. आप ही लोग बोलते है जिसमे मज़ा आए वही करो और खुश रहो.
और मैं ये बोलते-बोलते नोटीस करता हू की दाद मेरी वाइफ को घूर रहे थे, और अपना लंड उपर-नीचे कर रहे थे. और मैं अब नोटीस करता हू की मेरी वाइफ ने अपनी तोंग पनटी भी निकाल दी थी, और वो सिर्फ़ ब्रा में खड़ी थी, नीचे पूरी नंगी थी.
मैं: दाद क्या घूर रहे हो?
मों: अपनी बहू को देख रहे है, और देखो तो अपना लंड भी सहला रहे है.
वाइफ: कम ओं मों, देखने दो ना. वैसे भी शायद आपकी छूट से थोड़े बोर हो गये होंगे (मैं, वाइफ और दाद तीनो हासणे लगे).
तभी मों को तोड़ा हर्ट हुआ, और वो नंगी ही थी. फिर वो दाद के उपर चढ़ गयी और अपनी छूट में और दाद के लंड पे तोड़ा थूक लगा कर चुदाई करनी चालू कर दी.
मों: बहू मैं अपने हब्बी को क्या तेरे हब्बी को यानी मेरे बेटे को भी आचे से खुश कर डू.
वाइफ: उफ़फ्फ़ मों, फिर तो मुझे देखना है ये.
मैं: उफ़फ्फ़, तुम दोनो की ये बात सुन के मेरा लंड तो और ज़्यादा हार्ड हो गया. मैं अपना अंडरवेर निकाल के बताता हू.
वाइफ: क्या बोलती हो मों, फिर खुश करके दिखाओगे क्या आपके बेटे को?
देखो कितना टाइट हो गया है लंड इनका.
मों (जोश में आके): हा बिल्कुल, चल बेटा रेहान आजा और मज़े कर ले अपनी मों के साथ. दिखा दे अपनी बीवी को.
वाइफ (अपनी छूट में उंगली करते हुए): कम ओं बेबी, जाओ ना अपनी मों के पास.
मैं: कैसे करू, अभी तो दाद की सवारी चल रही है?
वाइफ: अर्रे बेबी देखो ना दाद तो छूट में लंड डाले हुए है. तुम गंद में डाल दो अपनी मों की.
दाद: हा बेटा, आजा तू भी और डाल दे अपनी मों की गंद में. कब से तेरा लंड खड़ा हो गया था अपनी मों को नंगी देख कर. चल आजा अब मज़े कर ले.
मैं भी बेड पे चला गया, और लंड मों की गंद में सेट करके धक्का मार दिया. उफफफफफ्फ़ अया और लंड घुसते ही मों की चीखें निकालने लगी.
मों: उफफफफफ्फ़, तोड़ा तो सबर कर लो. एक-एक करके करो ना, दोनो एक साथ ही आ गये अया.
वाइफ: कम ओं मों, मज़े करो ना. वैसे भी पहली बार तो नही ले रही हो ना ऐसे दो लंड. मुझे रेहान ने बताया है की कैसे घर में स्वापिंग पार्टी चलती थी. और आप दो-दो लंड की सवारी भी करती थी.
मों: उफफफ्फ़, हा, बुत बहुत टाइम के बाद ऐसे कर रहे है. इसलिए दर्द हो रहा है आह.
अब आयेज की कहानी नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा की कैसे वाइफ को भी साथ में लेके हम चारों ने कितनी चुदाई की, और बाकी फॅमिली मेंबर्ज़ के साथ भी कैसे-कैसे एंजाय किया.
ये मेरी पहली स्टोरी है तो प्लीज़ सपोर्ट करो और मुझे एमाइल करो मेरा एमाइल है (रहंन1123ख़ान@गमाल.कॉम)
टके केर गाइस, बाइ.