जीजा साली ने लिए चूत लंड का स्वाद

हेलो फ्रेंड्स, क्या चल रहा है? सब ठीक हो ना? मेरी स्टोरी पढ़ के मज़ा तो आ रहा है ना? आ ही रहा होगा, तभी तो ढेर सारे मेल्स आंड मेसेजस आ रहे है आप लोगों के. अब सीधे स्टोरी पे आते है.

पिछले भाग में आपने पढ़ा के कैसे आकाश जीजू और दीपक ने नशे का नाटक करके स्वापिंग का प्लान आयेज बढ़ा दिया था. दीपक और अंकिता एक बेडरूम में एंजाय कर रहे थे और मैं और जीजू दूसरे बेडरूम में. अब आयेज-

मैं और जीजू किस कर रहे थे, और जीजू मेरे बूब्स और गांद दबा रहे थे ब्रा पनटी के उपर से. तभी जीजू ने धीरे से मेरे कान में बोला-

आकाश जीजू: मनीषा अपना प्रॉमिस तो पूरा करो.

मे: जीजू मुझे शरम आ रही है.

आकाश जीजू: अब क्या शरमाना यार. अब तो दीपक ने भी तुम्हे पर्मिशन डेडी है और अब इतना हक तो बनता है मेरा तुमपे.

मे: तो आप ही उतार लो मेरे बचे हुए कपड़े और देख लो मुझे.

आकाश जीजू: ये हुई ना बात डार्लिंग.

फिर जीजू ने हाथ पीछे किए और मेरी ब्रा का हुक खोल दिया. फिर धीरे-धीरे करके ब्रा पूरी निकाल दी. मुझे सच में बहुत शरम आ रही थी उनके सामने. मैने अपने हाथ अपने बूब्स पे रख दिए. फिर जीजू ने मेरे हाथ पकड़े और बूब्स से हटा के नीचे कर दिए. मैने भी नही रोका उन्हे. फिर वो मेरे दोनो बूब्स को सहलाने लगे धीरे-धीरे.

इतने सालो बाद दीपक के अलावा कोई दूसरा मर्द मेरे नंगे बूब्स को देख रहा था, चू रहा था. वो इतना सॉफ्ट्ली मेरे बूब्स सहला रहे थे, जैसे वो मुझे ज़रा भी तकलीफ़ नही देना चाहते हो. मैने उन्हे देखा तो वो मेरे बूब्स को इतने प्यार से देख रहे थे, जैसे उनकी कोई सबसे फॅवुरेट चीज़ उनके सामने हो.

फिर वो मेरा एक निपल मूह में लेके चूसने लगे. मेरी सिसकी निकलनी स्टार्ट हो गयी. जीजू बारी-बारी मेरे दोनो निपल चूस रहे थे, और मैं बस आ श अफ कर रही थी. मेरा हाथ उनके बालों में चला गया और मैं उनका सिर मेरे बूब्स पे दबाने लगी.

जीजू मेरा निपल ऐसे चूस रहे थे जैसे कोई बच्चा अपनी मा का दूध पी रहा हो. उनके चेहरे पे भी इनोसेंट स्माइल थी, जैसे उन्हे दुनिया का सबसे बड़ा सुख मिल रहा हो. मेरी फीलिंग्स तो में बता भी नही सकती. ऐसा लग रहा था की बस जीजू मेरे बूब्स ऐसे ही चूस्टे रहे और में उनसे चुस्वती राहु.

फिर जीजू बूब्स से नीचे किस करने लगे, पुर पेट पे किस कर रहे थे. उसके बाद कमर पे किस करने लगे. फिर उन्होने मेरी नेवेल पे किस किया और नेवेल को सक करने लगे. गर्ल की बॉडी के सेन्सिटिव पार्ट्स में से एक होता है नेवेल. जब कोई उसकी नेवेल से खेलता है तो गर्ल सातवे आसमान में चली जाती है. मेरे साथ भी वही हुआ. जब जीजू ने अपनी टंग मेरी नेवेल के अंदर डाली और चाटने लगे, तब मुझे परम आनंद मिल गया और मेरी छूट ने हार मान ली.

इतना पानी छ्चोढा मेरी छूट ने की मेरी पनटी पूरी गीली हो गयी. अब मैं थोड़ी ढीली पद गयी थी और शायद जीजू भी समझ गये थे की मेरा हो गया. फिर जीजू खड़े हो गये और फिर से हम लीप तो लीप किस करने लगे. जीजू ने मुझे बेड पे लिटा दिया और वो मेरे उपर आ गये और फिर से किस करने लगे. वो मेरे नंगे बूब्स भी सहला रहे थे.

मैं फिर से गरम होने लगी और किस में उनका साथ देने लगी. फिर जीजू मेरी गर्दन पे किस करते हुए नीचे आने लगे. दोनो निपल चूज़, फिर पेट , फिर कमर, फिर मेरी थाइस को किस करने लगे. फिर वो मेरी पनटी के उपर से मेरी छूट पे किस करने लगे. मेरी छूट के पानी से पनटी पूरी गीली थी, तो वो पानी को चाटने लगे पनटी से.

फिर उन्होने धीरे-धीरे करके मेरी पनटी भी उतार दी. अब मैं पूरी नंगी जीजू के सामने लेती थी. मेरी साफा छत छूट उनके सामने थी. वो खड़े हो गये और तोड़ा पीछे होके मुझे उपर से नीचे तक देखने लगे. मैने उन्हे बोला-

मे: देखो जीजू मैने अपना प्रॉमिस पूरा कर दिया. अब खुश हो ना आप?

आकाश जीजू: हा डार्लिंग, थॅंक योउ वेरी मच. मैं बता नही सकता मैं कितना खुश हू.

मे: मुझे तो पूरी नंगी कर दिया और खुद का एक कपड़ा भी नही उतरा.

आकाश जीजू: तुम खुद ही उतार लो.

फिर मैं उनके करीब गयी और उनका त-शर्ट उतार दी. उनकी बॉडी आवरेज थी और तोड़ा सा पेट भी निकला था. पर एक अट्रॅक्षन था उनमे. मैं उनके सीने पे किस करने लगी, उनके निपल चूसने लगी. वो आँखें बंद करके बस एंजाय कर रहे थे. मैं किस करते-करते नीचे गयी और घुटने पे बैठ गयी. मैने उनका शॉर्ट्स नीचे कर दिया और जीजू ने अपने पैरों से निकाल के पूरा निकाल दिया.

अब वो सिर्फ़ अंडरवेर में थे. उनके अंडरवेर में टेंट बना हुआ था, और लंड के सूपदे की जगह अंडरवेर तोड़ा गीला भी था. शायद उनका प्रेकुं निकला था. मैं उनका लंड सहलाने लगी अंडरवेर के उपर से ही. अंडरवेर के उपर से भी उनके लंड की गर्माहट मुझे मेरे हाथो पे फील हो रही थी.

फिर मैने उनकी अंडरवेर में अपनी उंगली डाली और झटके में नीचे खीच दी जीजू की अंडरवेर. उनका लंड उछाल के मेरे सामने आ गया. जीजू के लंड की लंबाई तो दीपक के लंड जितनी ही थी, करीब 6 इंच की. पर उसकी मोटाई ज़्यादा थी, ख़ास कर के जीजू के लंड का सूपड़ा काफ़ी मोटा था. जैसे मशरूम का शेप होता है, बिल्कुल वैसा ही शेप था जीजू के लंड का.

उनका लंड देख के मेरे मूह में पानी आ गया. फिर मैने जीजू का लंड पकड़ लिया, और उपर-नीचे करने लगी, जीजू बस अया अया करके एंजाय कर रहे थे. जीजू बेड पे लेते थे, और उनका अंडरवेर अभी भी उनके पैरों में अटका हुआ था. मैने उनका अंडरवेर निकाला, उससे जीजू के लंड का सूपड़ा आचे से सॉफ किया.

फिर एक किस किया उनके सूपदे को, फिर पुर लंड को किस किया. उसके बाद मैने उनका सूपड़ा मूह में लिया और चूसने लगी. सूपड़ा इतना बड़ा था की मुझे पूरा मूह खोलना पड़ा. मुझे जीजू का लंड टेस्टी लग रहा था. मैने धीरे-धीरे करके उनका आधा लंड मूह में ले लिया, और चूसने लगी. जीजू बस आँखें बंद किए एंजाय कर रहे थे. जीजू नीचे से धक्के देने लगे और मेरे मूह को छोड़ने लगे. मैं भी मज़े से उनका लंड चूस रही थी. फिर मैने उनका लंड मूह से निकाला और उनके पास लेट गयी और पूछा-

मे: जीजू कैसा लगा आपको?

आकाश जीजू: इतना तो मैने सोचा भी नही था यार. ये सब तो मेरे लिए बोनस जैसा था.

मे: आप खुश हो ना?

आकाश जीजू: दुनिया में सबसे ज़्यादा खुश मैं ही हू आज.

मे: अछा जी!

आकाश जीजू: हा जी. अछा एक रिक्वेस्ट करू, मानोगी क्या?

मे: बोलो ना जीजू?

आकाश जीजू: जैसे तुमने अभी मुझे खुश किया. क्या मैं भी वैसे खुश कर सकता हू तुमको?

मे: जीजू अभी मैं आपकी वाइफ हू, तो आपकी खुशी के लिए कुछ भी करूँगी जो भी आप चाहो. सब कुछ करूँगी, आपको जो भी करना है कर लो आज.

आकाश जीजू: सच में, कुछ भी कर सकता हू?

मे: हा जीजू, जो भी आप चाहो. आज के लिए में पूरी आपकी.

आकाश जीजू: मतलब आज मेरी सब विश पूरी हो जाएगी?

मे: हा जीजू.

फिर जीजू नीचे हुए और सीधे मेरी छूट पे किस कर दिया. मुझे करेंट सा लगा, ऐसा लगा मेरी गरम भट्टी में किसी ने ठंडा पानी डाल दिया हो. वो मेरी छूट के दाने को किस कर रहे थे, तो कभी उसे चूस रहे थे. जीजू में अलग ही जोश आ गया था. फिर जीजू ने अपनी टंग मेरी छूट में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगे.

वो कभी टंग से मेरी छूट छोड़ रहे थे, तो कभी मेरी छूट के आस-पास चाट रहे थे. मैं उनका सिर अपनी छूट पे दबा रही थी ताकि वो और आचे से छाते. मैं बस आहें भर रही थी, और एंजाय कर रही थी.

थोड़ी देर बाद वो मेरे पास आके लेट गये और हम किस करने लगे. किस करते-करते वो मेरी छूट में अपनी फिँगूरे अंदर-बाहर करने लगे और मैं उनका लंड सहलाने लगी. हम दोनो की बॉडी एक-दूसरे से चिपकी हुई थी, उपर हमारी किस चल रही थी. बीच में मेरे बूब्स उनके सीने में डब रहे थे और नीचे वो मेरी छूट में उंगली डाल रहे थे और मैं उनका लंड सहला रही थी.

हम दोनो ही ये सब बहुत एंजाय कर रहे थे. हम दोनो एक-दूसरे में खो गये थे. फिर हम 69 पोज़िशन में आ गये और जीजू मेरी छूट चाटने लगे और मैं उनका लंड चूसने लगी. जीजू अपनी टंग मेरी छूट के अंदर तक डाल के चाट रहे थे, और मैं भी उनका लंड जितना हो सके उतना मूह में लेके चूस रही थी. फिर जीजू मेरे पास आए और बोले की-

आकाश जीजू: अब मुझसे कंट्रोल नही हो रहा.

मे: अब तो मुझसे भी कंट्रोल नही हो रहा.

आकाश जीजू: तुम रेडी हो ना?

मे: हा जीजू अब प्लीज़ और देर मत करिए.

और फिर क्या हुआ वो अगले पार्ट में. आशा करती हू आप सब की अंडरवेर और पनटी गीली तो हुई होगी. तो जाइए चेंज करके और क्लीन करके आइए और फिर मुझे मैल करिए और बताइए की कितना पानी निकला आप लोगों का.

error: Content is protected !!