मेरा नाम शालिनी है, और मैं 38 साल की हू. मैं एक ट्रडीशनल इंडियन मों हू मैं. मैं घर संभालती हू, सारी पहनती हू रोज़, किचन में खाना बनती हू, और पूजा करती हू. मेरा फिगर अभी भी मस्त है – 5’4″ लंबाई, 36-28-38 साइज़, गांद थोड़ी मोटी और उभरी हुई, बूब्स भरे हुए, गाल पहले से ज़्यादा ग्लो करते है शादी के बाद भी.
बाल मेरे लंबे है, कमर पतली, और चलते वक़्त सारी की पल्लू से वो कर्व दिखता है, वो मर्दों को पागल कर देता है. हज़्बेंड राजेश जी बहुत बिज़ी रहते है काम से. हफ्ते में सिर्फ़ सनडे को घर आते है, और बाकी दिन बाहर ही.
तो घर में अकेलापन था मेरा. रातों को सोया नही जाता था. मैं सोचती रहती की ज़िंदगी यूँ ही गुज़र जाएगी. मेरा बेटा आर्यन, जो 21 साल का है, कॉलेज से वाकेशन पे आया था लास्ट मंत. वो 6 फुट लंबा है, जिम जाता है कॉलेज में. उसकी बॉडी टोंड है, चेस्ट वाइड, एबेस दिखते है शर्ट के नीचे से, हाथ मज़बूत, और वो स्माइल… अफ, जैसे उसके बाप की जवानी दिखती हो.
कॉलेज में लड़कियाँ पीछे पढ़ी होंगी उसकी. पर वो घर आते ही मुझे ही देखता रहता, जैसे मैं कोई हेरोयिन हू. पहले दिन एरपोर्ट से लाई मैं उसे. घर पहुँचते ही हग किया उसने मुझे. वो बोला, “मों, कितना मिस किया तुझे!” और ये बोल कर उसका हाथ मेरी कमर पे स्लिप हो गया तोड़ा.
मैं शर्मा गयी, पर अंदर से कुछ गरम सी फीलिंग आई. रात को मैने उसको खाना खिलाया. फिर हमने बातें की कॉलेज की. पर उसकी नज़र मेरे क्लीवेज पे थी सारी के लो ब्लाउस में.
दो-टीन दिन ऐसे ही गुज़रे. हज़्बेंड जी बाहर थे ही. एक शाम बारिश हो रही थी. मैं किचन में छाई बना रही थी. आर्यन आया पीछे से और कहा, “मों, ये सारी कितनी हॉट लग रही है तुझपे.” उसने ये बोला और गले लगा लिया. मैं हंस पड़ी, “बेटा, क्या बोल रहा है? मैं तेरी मों हू.” पर वो नही हटा. उसका हाथ मेरे पेट पे फिर गया.
वो बोला, “मों, तू इतनी सेक्सी है, दाद तो कभी टाइम नही देते. मैं दे सकता हू तुझे प्यार.” मैं रुक गयी, दिल धड़क रहा था. रीज़न्स? अकेलापन था मेरा इतना, हज़्बेंड से महीनो से टच नही हुआ, और आर्यन! वो मेरा बेटा था. पर अब जवान लड़का था. उसकी बॉडी मुझे अट्रॅक्ट कर रही थी. सोचा, एक बार हो जाएगा, कोई नही जानेगा.
“बेटा, ये ग़लत है,” बोली मैं, पर हाथ नही हटाया उसका. वो मुझे उठा लिया किचन काउंटर पे, “मों, प्लीज़, सिर्फ़ एक बार. तू मेरी है.” और किस कर दिया. मैं रेज़िस्ट नही कर पाई. उसके होंठ गरम थे, और उसने टंग अंदर डाल दी. “उम्म… आर्यन, मत कर ये,” बोली मैं. पर हाथ उसके बालों में फिर गये.
उसने सारी की पल्लू गिरा दिया, और ब्लाउस के हुक्स खोल दिए. वो बोला, “मों, तेरे बूब्स कितने पर्फेक्ट है, कॉलेज गर्ल्स से भी बेटर.” उसने मेरी ब्रा उतरी, और चूसने लगा निपल्स को. मैं मोन कर उठी, “आ बेटा, धीरे… दर्द हो रहा है.” पर मज़ा आ रहा था, कमर हिल रही थी.
उसने फिर मेरा पेटिकोट उपर किया, और पनटी में हाथ डाला, “मों, तू गीली हो गयी है ऑलरेडी. दाद ने कभी ऐसा नही किया ना?” मैं शर्मा गयी, “हा बेटा, वो तो बस जल्दी ख़तम कर देते. तू… तू अलग है.”
बेडरूम ले गया मुझे, बेड पे लिटा दिया. अपना शर्ट उतरा, पॅंट्स गिरा दी, लंड बाहर निकल आया. 7 इंच का मोटा लंड स्ट्रेट खड़ा था. मैं देखती रह गयी, “बेटा, ये… इतना बड़ा? तेरा बाप का आधा भी नही.” वो हंस पड़ा, “मों, ये तेरे लिए ही है. चूस ले ज़रा.”
मैं हेज़िटेट की, पर हाथ में ले लिया, मूह में डाला. “उम्म… टेस्टी लग रहा है तेरा,” बोली मैं, चूस रही थी उपर-नीचे. वो मोन कर रहा था, “ओह मों, कितना अछा कर रही है तू. कॉलेज में सोचता था तेरे बारे में मास्टरबेट करता.” 5 मिनिट चूसा मैने, फिर वो नीचे आया, मेरी छूट पे मूह लगा दिया.
“आह! बेटा, वहाँ मत… गंदा है,” चिल्लाई मैं. पर वो नही रुका, “मों, तेरी छूट कितनी पिंक है, छ्होटी सी. टेस्ट करता हू मैं.” वो टंग अंदर डाल रहा था और मैं पागल हो गयी. “हा बेटा, चाट और… मज़ा आ रहा है, पहली बार!”
फिर पोज़िशन बदली, मिशनरी में आया उपर. लंड छूट पे रग़ाद रहा था, “मों, अंदर डाल डू?” मैं हा में सिर हिलाया, “हा बेटा, डाल दे… मों की छूट में.” एक झटके में अंदर, “अयाया! दर्द हो रहा है, धीरे से,” बोली मैं. पर छूट गीली थी तो स्लिप हो गया.
वो हिलने लगा धीरे-धीरे, “मों, कितनी टाइट है तेरी, जैसे वर्जिन हो.” मैं उसके शोल्डर्स पकड़ ली, “बेटा, तू मेरा पहला रियल लवर है… आ एस, फास्टर!” हम दोनो पसीने से भीगे थे, बेड हिल रहा था. 10 मिनिट चुदाई चली, मैं ऑर्गॅज़म पे पहुँच गयी पहली बार इतना ज़ोर से, “बेटा, आ रहा है मेरा… कम कर दे अंदर!”
वो बोला, “मों, मैं भी… ले मेरा पानी!” और अंदर ही झाड़ गया. मुझे गरम-गरम फील हुआ. उसके बाद, हम दोनो लेट गये, साथ में. “बेटा, ये ग़लत था, पर… कितना अछा लगा,” बोली मैं. वो बोला, “मों, अब रोज़ करेंगे ये. तू मेरी बीवी जैसे है अब.” मैं हंस पड़ी, “पागल, हज़्बेंड को कैसे च्छुपाएँगे?” पर अंदर से खुश थी.
ये इन्सिडेंट ने मुझे बदल दिया बिल्कुल. पहले ट्रडीशनल मों थी, अब सीक्रेट्ली वाइल्ड हो गयी हू. सारी के नीचे लाइनाये पहनती हू अब. रातों को वेट करती हू आर्यन का. हज़्बेंड आते है तो नॉर्मल बिहेव करती, पर जाते ही बेडरूम लॉक करके आर्यन से चुड़वति हू.
अब ऑनगोयिंग है ये – कल ही सुबह उठ के क्विकी किया था बातरूम में. “मों, तेरी गांद मार लू आज?” बोला उसने. मैं बोली, “हा बेटा, लेकिन धीरे से, पहली बार डॉगी में.” आयिल लगाया उसने, गांद में डाला धीरे से, “आ मों, कितनी टाइट है यहाँ भी!” मैं चिल्लाई, “बेटा, रुक मत… छोड़ मुझे जैसे रंडी हू तेरी!” 15 मिनिट चला, दोनो तक गये.
अब सोचती हू, ये ज़िंदगी ही बदल गयी – अकेलापन गया, अब प्यार और लस्ट दोनो मिलता है. आर्यन कॉलेज वापस जाएगा तो मिस करूँगी. पर वीडियो कॉल पे भी कर लेंगे शायद. ट्रडीशनल मों अब थोड़ी मॉडर्न हो गयी हू अंदर से. पर बाहर से वही शालिनी आंटी. अफ, बस ये राज़ सेफ रहे.