बहन ने पिलाया बहन को चूत का पानी

हेलो फ्रेंड्स. मेरी लेज़्बीयन सेक्स स्टोरी के पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कैसे सीमी ने धीरे-धीरे करके रिमी को कन्विन्स किया उसके सामने नंगे रहने के लिए. इसके बाद रिमी के बदन के साथ खेलना भी शुरू किया, और साथ ही अपने बदन के साथ खेलना सीखने लगी. अब आयेज….

रिमी मान गयी और छूट पर आ गयी. वो जैसे ही हल्की सी जीभ निकाल कर छूट की बीच वाली लाइन पर नीचे से उपर तक ले गयी, मैं तो ज़ोर से सिसकी ले पड़ी.

सीमी: वाह रिमी, मेरे बताने से पहले ही तू चल पड़ी. करते रह.

रिमी बात मानने लगी और धीरे-धीरे पूरी जीभ से पूरी छूट को चाटने-चूसने लगी. मैं पागल हो गयी. बहुत ही ग़ज़ब की फीलिंग थी. इससे पहले मौसूमि ने काई बार मेरी छूट छाती थी, पर पहली बार मेरी बेहन चाट रही थी, वो अलग ही मज़ा था. कुछ देर बाद रिमी पुर कॉन्फिडेन्स से छूट चाट रही थी.

सीमी: लगता है तुझे छूट पसंद आई.

रिमी: हा दीदी. आपकी छूट बहुत सॉफ्ट है.

मैने और भी टाँगें फैला दी और कहा: और अंदर तक जाने दो. रिमी एक बार में ही मान गयी, और जीभ से च्छेद में फेर के घुसने लगी. मैं जल बिन मछली की तरह तड़पने लगी. मैं इतनी एक्सपीरियेन्स्ड हो गयी थी की जल्दी नही झड़ती थी. पर आज बेहन का मूह लगने से रोक नही पा रही थी और झड़ने पे आ गयी.

आते ही मैने चिल्लाया: रिमी आ रहा है.

रिमी तोड़ा सा घबरा गयी और स्पीड कम कर दी.

सीमी: घबरा मत, बस मूह खोल के छूट पे रख दे.

रिमी ने वैसा ही किया. उसने मेरी पूरी छूट को मूह से धक लिया, और आँखें ज़ोर से बंद कर ली. मुझसे और रोका ना गया. मैं झाड़ गयी और ज़ोरो से फव्वारा मेरी छूट से निकालने लगा. दो झटके में पानी रिमी के मूह में गिरा, पर क्यूंकी उसका पहली बार था, इसलिए पूरा ले नही पाई और हॅट गयी. इससे बाकी सारा पानी उसके मूह और बदन पर निकलने लगा.

वो घबरा गयी और उठ के बैठ गयी. मैने ख़तम होते ही उसे देखा तो रिमी पूरी मेरी छूट के पानी से नहाई लग रही थी. वो घिन से बैठी थी और आँखें अब अभी बंद थी, क्यूंकी आँखों पे भी गिर गया था.

रिमी: दीदी प्लीज़ सॉफ करो इसे.

सीमी: इट’स ओक. रिलॅक्स. कुछ नही है.

मैने उसका मूह सॉफ किया और फिर उसने आँखें खोली.

रिमी: बाप रे दीदी, इतना पानी निकलता है आपका?

सीमी: मुझे कसम से नही पता था इतना होगा. तेरे टच में ही जादू है.

वो शर्मा से गयी.

सीमी: अछा ये बता टेस्ट कैसा लगा?

रिमी: सच बतौ तो समझ ही नही आया. मूह में गिरते साथ फील हुआ जैसे कोई गरम नमकीन गेल गिर रहा हो. थोड़ी घिन आ रही थी. फिर भी लेने का ट्राइ की. पर आप इतना झड़ी, और हर झटके में इतना पानी आ रहा था, तो संभाल नही पाई, इसलिए हॅट गयी.

सीमी: ऐसा होता है, पर सच बतौ तो फर्स्ट टाइम के लिए तूने बहुत अछा किया. तो फाइनली क्या लगा?

रिमी (सोचते हुए): कुछ ख़ास बुरा नही था. जैसे मैने बताया वो गेल जैसा था तो एक साथ नही हुआ. बुत टेस्ट बुरा नही था. पूरा नही ले पाई इसलिए पक्का बता नही सकती.

मैं समझ गयी उसे इंटेरेस्ट आ रहा था और वो निगलना चाहती थी. मैने उसी वक़्त छूट में हाथ डाला और तोड़ा पानी दो उंगली भर निकाला और उससे पूछा-

सीमी: तोड़ा और लेगी?

वो मेरे तरफ देख के मुस्कुराइ और उंगली मूह में ले ली. उसने आँखें बंद करके उंगली चकी. मैने उंगली निकाल ली, और वो मूह में पानी को चकती रही. कुछ देर में उसने आँखें खोली.

रिमी: सही में बुरा नही है, बस नमकीन है.

सीमी: तो क्या सोचा?

रिमी: अगर एक बार ऐसे सारा ना मिल के तोड़ा सा हो, तो धीरे-धीरे पी सकती हू.

प्लान कामयाब हुआ. उसे छूट चाटना अछा लगा.

सीमी: तो ये करना चाहेगी?

रिमी: आपकी मर्ज़ी दीदी.

सीमी: मैने पहले बूब्स के बारे में बोला था ना, वो अधूरी बात थी. मैं साथ में छूट के लिए भी बोलना चाहती थी. पर सोचा पहले चखा के देखते है पसंद आता है या नही. नही पसंद आया तो नही दूँगी.

वो एक-दूं से बोल पड़ी-

रिमी: नही दीदी, मुझे तो ये भी करना है.

सीमी: वाह, बड़ी एग्ज़ाइटेड हो गयी है.

रिमी शर्मा गयी.

सीमी: चल ठीक है.

रिमी: कभी भी?

सीमी: ऊ तुझे तो डीटेल में बताना होगा. हा मेरी जान, तेरा जब मॅन करे मेरी छूट चाट सकती है, मैं नही रोकूंगी. और पहले ब्रा के बारे में बोली थी. आज से पनटी भी बंद. त-शर्ट घुटनो तक आता है, घुस जाना नीचे.

रिमी: ओक दीदी. पर एक और बात है. आपके पास दो ही ऐसे त-शर्ट्स है. बाकी दिन तो नॉर्मल कपड़े है, तब?

सीमी: हा वो तो है.

फिर तोड़ा सोच के बोली-

सीमी: तू फिकर मत कर. नीचे मैं जो भी पहनी होंगी, पंत, शॉर्ट्स, पिजामा, बिंदास नीचे तक उतार लेना. फिर मेरी छूट से खेल लेना. बस आस-पास देख लेना मम्मी है की नही.

रिमी: ठीक है दी.

सीमी: पर एक छ्होटी सी प्राब्लम है. झड़ने पे पानी से कपड़े भीग सकते है.

रिमी: उसका भी सल्यूशन है.

ये कहते हुए उसने मुझे लिटा दिया और वापस मेरी छूट चाटने लगी. मैं वैसे ही गरम थी, मुझे मज़ा आने लगा पर सल्यूशन क्या था? मैने नोटीस किया इस बार रिमी बिल्कुल अची तरह मज़ा लेके जीभ से मेरी छूट चाट रही थी. थोड़ी देर में मैं झड़ने वाली थी, तो मचलने लगी, और रिमी समझ गयी. वो और स्पीड में चाटने लगी और मैने पानी छ्चोढ़ दिया.

इस बार रिमी बिल्कुल निडर होके छूट से चिपकी रही, और मेरे हर झटके का पानी उसके मूह में भरने लगा. जैसे ही पूरा भरने आया उसने निगलना शुरू कर दिया. आँखें ज़ोरो से बंद करके कोशिश कर रही थी और उसने सारा निगल लिया.

मैं बेड पे गिर पड़ी तक के पसीने से चूर. रिमी उठी और उसने अपना मूह सॉफ किया. मैं उसे देख के बहुत इंप्रेस हुई और पास बुलाया.

सीमी: थॅंक योउ रिमी. तूने आज मुझे बहुत मज़ा दिया. अब टेस्ट आया?

रिमी: हा दीदी. नमकीन ही था, पर अछा था. ई लव्ड इट.

सीमी: मैं अब समझी तू सल्यूशन बोल के क्यूँ चाटने लगी. दिखना चाह रही थी की तू सारा पानी पी जाएगी?

रिमी: हा, अब आप एक प्रॉमिस करो. आपको जब उंगली करने का मॅन करे, जैसे आपने मुझे छ्छूट दी कुछ भी करने की, वैसे मैं आपको छ्छूट देती हू, हमएसा मेरा पास आके अपना पानी मेरे मूह में डालना. मैं पी जौंगी. मुझे आपके पानी का नशा हो गया है, और मैं रोज़ पीना चाहती हू.

सीमी: ठीक है. मैं भी तुझे प्रॉमिस करती हू. घर पे मेरी छूट से निकली हर बूँद तेरे मूह में ही जाएगी. पर ये तो सिर्फ़ एक चीज़ के लिए छ्छूट मिली. तुझे तो हर चीज़ के लिए दी मैने?

रिमी: मतलब?

सीमी: मेरा मॅन किया अपनी सेक्सी बेहन के बदन से खेलने का तो?

रिमी (हासणे लगी): अर्रे दीदी तुम्ही ने सिखाया है मज़ा लेना. इसके बदले मेरा पूरा बदन आपका ही है.

सीमी: पक्का?

रिमी: अभी तक आपने जो करने बोला मुझे अछा लगा. इसलिए जो भी आप बोलेंगी मैं रेडी हू. आपको जब जैसा मॅन करे मेरे साथ खेलो. आप जब बोलॉगी कपड़े उतार दूँगी. आक्च्युयली बोलने की भी ज़रूरत नही, मैं कहीं भी कुछ भी कर रही हू आप बिना बताए मेरी टॉप उतार के बूब्स चूस लो, या पंत उतार के छूट का पानी पियो. मैं नही रोकूंगी. और तो और आप मुझे घर पे नंगी घूमने भी बोलो तो वो भी करूँगी.

मौका इतना अछा था मैने सोचा इसी में मैं अपनी डर्टी फॅंटेसी जो इतने दीनो से करना चाहती थी वो भी कर लू.

सीमी: अर्रे नही, इतना नही करना. पर इतना सब दिया है तो एक और चीज़ डोगी?

रिमी: क्या बात कर रही हो दीदी? पूछने का क्या है? कहा ना जो मर्ज़ी लेलो.

सीमी: आक्च्युयली थोड़ी गंदी सी फॅंटेसी भी है मेरी. शायद अछा ना लगे तुझे.

रिमी: अर्रे बताओ ना आपको क्या चाहिए?

सीमी (धीरे से कान में कहा): अपना सस्यू पिलाएगी?

रिमी शॉक हो गयी, और शरमाते हू कहा: सीरियस्ली दीदी. आपको मेरा सस्यू पीना है? बुत…

सीमी: हा. मुझे अपनी बेहन की गुलाबी छूट से उसका सस्यू पीना है. लेकिन तेरी पर्मिशन हो तो.

रिमी: दीदी मैने आपसे अभी कहा आपको पूछने की ज़रूरत नही. मैं तैयार हू. बुत कैसे करोगी? मतलब, अभी जो पिया वो तो चूस के निकाल सकते है. सस्यू तो हमेशा चूस के नही मिलेगा. वो तो जब प्रेशर आएगा तब ही होगा और फिर टेस्ट?

सीमी: अर्रे मैं हमेशा थोड़ी बोल रही हू. जब आएगी तब ही. और टेस्ट तो पानी ही है. बस तोड़ा गरम होगा.

रिमी: पर करेंगे कैसे?

सीमी: जैसे ये किया. तुझे जब टाय्लेट लगे मुझे बुलाना. मैं नीचे घुटनो पे बैठूँगी और छूट पे मूह लगा के रखूँगी. तू बस मेरे मूह में करना. मैं पी लूँगी. ठीक है?

रिमी: ओक दीदी आपके लिए कुछ भी.

उसे देख के ही लग रहा था वो सॅटिस्फाइड नही थी.

रिमी: दीदी एक बात है…

सीमी: मुझे पता था कुछ सवाल ज़रूर करेगी, बोल.

रिमी (शरमाते हुए): आपने पहले पिया है कभी? मतलब सच में गरम पानी जैसा ही होता है?

सीमी: हा, मौसूमि के साथ किया था.

रिमी: मौसूमि दी? अछा.

सीमी: मैं समझ गयी. तुझे भी ट्राइ करनी है ना?

रिमी: हा दीदी.

सीमी: पर सस्यू देर तक होता है. बस जैसे बॉटल से पानी पीटी है वैसे ही पीना.

रिमी: 2-3 बार में कर लूँगी.

सीमी: जितना जल्दी ये सीखा है, मुझे पता है एक ही बार में कर लेगी.

बस इसी तरह मेरी और रिमी की गंदी लोवे स्टोरी शुरू हो गयी. आज तो इतनी एक्सपर्ट हो गयी है की कहीं भी कभी भी शुरू हो जाती है. हलकी मैं यही चाहती थी. दर्र बिल्कुल चला गया है उसका. मम्मी सामने होती है, फिर भी चालाकी से मेरी बूब्स पे हाथ ले जाती है, और दबा लेती है. कभी कभार डेरिंग खेलती है.

मैं: वो क्या होता है?

क्या था वो डेरिंग जानने के लिए अगला भाग ज़रूर पढ़िए

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