हॉट सेक्स स्टोरी अब आयेज से-
आब नील और उसकी वाइफ रिया भी हमारे फ्लॅट में शिफ्ट हो गये थे. मेरी सास भी अब खुश रहने लगी थी. उनकी और मधु आंटी, सुमन आंटी की बहुत जमती थी. नील और दीपक जॉब पे जाते. मैने मार्च के मंत से कहीं जाय्न होने का सोचा. सब चीज़ सही चल रही थी, सिर्फ़ अब नील और मेरे को अकेले में टाइम नही मिल पा रहा था. लेकिन दीपक और मैं डेली रात में सेक्स के मज़े लेते. सब मज़े में चल रहा था, अची लाइफ, आचे पड़ोसी, आचे रिश्तेदार.
आबे, ये सेक्स स्टोरी है या तारक मेहता का ऊलतः चश्मः का एपिसोड? अब तो लोग तारक मेहता के उपर भी सेक्स स्टोरीस लिख देते है. तो एक मिनिट, मैं अपनी स्टोरी बताते-बताते ये कहाँ आ गयी. सॉरी दोस्तों, रोहन के साथ रहते-रहते कहीं से कहीं जाने की आदत आ गयी.
तो सब सही चल रहा था. फिर आता है फेब का सबसे सही वीक, वॅलिंटाइन’स वीक. दे वन, रोज़ दे. मेरे हज़्बेंड और नील ऑफीस गये थे. सास मेरी अपने फ्रेंड्स के साथ थी और रिया आराम कर रही थी, ऐसा मुझे लग रहा था. मेरा बेटा भी मेरी सास के साथ था.
सुमन आंटी उसको बहुत अछा मानती थी. मैं अपने ख़यालों में डूबी थी की आज दीपक आएगा तो उसके साथ क्या करूँगी. नील के साथ भी टाइम स्पेंड करना है. यार रोहन ने मेरी और नील की बात क्यूँ नही बताई होगी?
तभी दूसरे रूम से हल्की हल्की मोनिंग की आवाज़ आ रही थी. मुझे लगा की रिया पॉर्न देख रही होगी, क्यूंकी नील तो ऑफीस में था. मैं मॅन ही मॅन मुस्कुराइ. तभी मोनिंग की आवाज़ बढ़ गयी. अब मुझे क्यूरीयासिटी होने लगी.
मुझे अब जानने की इक्चा हुई की रिया किस टाइप की वीडियो देख रही थी. क्या रिया ये भूल चुकी थी की फ्लॅट में उसके अलावा मैं भी थी? तभी मैने देखा की रिया के रूम का डोर ओपन था. अब मेरी जिगयसा अपनी चरम सीमा पर थी.
मैने रूम में झाँका और मैं शॉक में रह गयी. और इसी शॉक के चक्कर में मुझसे रूम पूरा ओपन हो गया.
अंदर रोहन था, उसने मुझे देखा और बोला, “मनीषा, अब अपना हिसाब बराबर.”
दृश्या देखने लायक था. दृश्या कुछ इस प्रकार: बेड, बेड के उपर रोहन घुटनो के बाल बैठा था. आयेज रिया घोड़ी बनी हुई थी. रिया के दोनो हाथ रोहन ने पकड़े हुए थे. दोनो नंगे थे और चुदाई चल रही थी. रिया के बूब्स बहुत तेज़ी से बाउन्स हो रहे थे. उसके चेहरे के हाव-भाव दर्र और काम वासना के सुख से भरे हुए थे.
रिया: “अयाया उम्म्म उफफफ्फ़…. रोहन रुक जेया, मनीषा आई है…”
रोहन: “चिल करो आप, ये भी अब हमारी सोसाइटी का हिस्सा है.”
रिया: “रुक जेया पहले, एक सेकेंड…..”
रोहन अपना लंड रिया की छूट से निकाल देता है. उसका लंड अभी तक का सबसे बड़ा लंड मैने देखा था. उसका लंड करीब 7 इंचस लंबा और 2 इंचस मोटा था. रिया ने अपने बूब्स को एक हाथ से और छूट को दूसरे हाथ से ढाका था.
रिया: “अब बता, क्या बोल रहा है?”
रोहन: “ये हमारी वो सोसाइटी का पार्ट है.”
रिया: “अछा वो. तूने इनको भी शामिल कर लिया?”
मैं: “अर्रे, क्या बात कर रहे हो? मुझे भी तो बताओ.”
रोहन: “अर्रे, जब मैने पहले दिन आपको बोला ‘वेलकम तो थे सोसाइटी’, मैं हमारी सोसाइटी की बात नही कर रहा था.”
मैं: “तो फिर?”
रोहन: “मैं तो सेक्षुयल आड्वेंचर्स आंड इन्सेस्ट सोसाइटी (इश्स सोसाइटी का ऑरिजिन ‘ये मेरी फॅमिली बाइ योरो’ में आएगा) की बात कर रहा था.”
मैं: “तो ये बोल रहे थे?”
रोहन: “दो ऑप्षन्स है आपके पास, या तो देखो और मज़े करो, या यहाँ से जाओ.”
मैं उनके सेक्स और रोहन का लंड देख के रुकने के लिए मजबूर हो गयी.
मैं: “हा, मैं रुक रही हू.”
रोहन: “तो फिर एक काम करो, की ये रूम का डोर बंद कर दो और हा, इस रूम में कपड़ों का कुछ काम नही, इनको भी उतार देना.”
मैं ये सब सुन के हैरान हो गयी. पर मैने उसकी बात मान ली. मैने कुण्डी लगाई. तभी रिया ने रोहन का लंड पकड़ा और बोली, “रोहन, तूने इनको हमारे सोसाइटी में क्यूँ लिया?”
रोहन: “मैने इनको सेक्स करते देखा था फर्स्ट दिन.”
रिया: “किसके साथ? इनके हज़्बेंड दीपक के साथ?”
रोहन: “नही, तुम्हारे हज़्बेंड नील के साथ.”
रिया: “क्या?”
मैं: “क्या?”
धूम तानानाना धूम तानानाना. सॉरी-सॉरी, मैं रोहन, को-राइटर ऑफ थे स्टोरी, ये बाकती मेरे तरफ से थी. बॅक तो स्टोरी.
रोहन: “दोनो भाई-बेहन लगे हुए थे, तो मैने सोचा की उनको भी आड कर दिया जाए.”
मैं: “यार, तुमने तो नील से बोला था की तुम रिया को नही बताओगे.”
रोहन: “अर्रे, चिल. ये कौन सा दूध की धूलि है, अभी मेरे से पेल रही है. अपने बाप से भी चुड़वति है.”
मैं: “कौन? बुनती अंकल?”
रोहन: “हा.”
अब मैं अपने कपड़े उतारने लगी और रिया, रोहन को ब्लोवजोब दे रही थी. अब मैं भी पूरी नंगी हो गयी थी और उन दोनो की नज़र मुझसे हॅट ही नही रही थी.
रोहन: “मानना पड़ेगा, मनीषा, बॉडी तो कतई सेक्सी है तुम्हारी.”
रिया: “हा यार, मान कर रहा है अभी खा जौन.”
रोहन: “अर्रे दररो नही, कॅनिबॅलिज़म वाली बात नही चल रही, ये बाइसेक्षुयल है.”
अब मैं बेड के एक कोने में बैठ के मज़े लेने लगी, दूसरी तरफ रोहन लेता था और उसके उपर रिया उसके लंड को अंदर लिए उछाल-उछाल के छुड़वा रही थी. अब मैं लिव सेक्स अपनी आँखों के सामने देख रही थी.
फक, इसके सामने पॉर्न फैल था. रिया का हाँफ-हाँफ के बुरा हाल था. रिया 2-3 बार झाड़ चुकी थी. फिर रोहन ने अपना लंड निकाला और एक बार में पूरा माल रिया के पेट से फेस तक निकाल दिया. मैं भी एक बार झाड़ चुकी थी.
रोहन उठा, मेरी तरफ आया. मेरे बूब्स देखा, एक बार उनको दबाया, एक हाथ मेरी छूट में लगाया जिसमे मेरा ताज़ा-ताज़ा माल लगा हुआ था. दो उंगली से वो माल लिया और टेस्ट किया.
रोहन: “मनीषा, टेस्ट तो काफ़ी अछा है तुम्हारा.”
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