बहन के बाद मा की चुदाई

फॅमिली सेक्स स्टोरी का अगला पार्ट-

आइए इस वासना से भारी कहानी में आपका स्वागत है. मम्मी को हम दोनो के साथ करना था, पर दीदी तक चुकी थी, तो उनको नींद आ गयी. सोने से पहले उन्होने बोला की जब मम्मी और मेरा हो जाए तो उनको उठा डू. तब तक वो एक पवर नाप ले ले.

अब बगल में दीदी सोई हुई थी. मैं और मम्मी दोनो घुटनो के बाल बैठे हुए थे. मैं उनके बदन को निहार रहा था. वो आँखें, वो होंठ, वो बड़े-बड़े बूब्स, वो हेरी पुसी. वो मेरे सामने घुटनो के बाल बैठी हुई. उनकी मुलायम थाइस मैं निहारे जेया रहा था. वो ज़ोर-ज़ोर से साँस ले रही थी.

मम्मी: ऐसे क्या देख रहा है?

मैं: कुछ नही बस देख रहा था.

इतना बोलते ही मैं उनके गले लग गया. वो भी मेरा साथ दे रही थी. मेरा लंड उनकी नाभि को छ्छू रहा था. वो भी अब रिकवर हो चुका था. मेरे हाथ मम्मी की पीठ पर थे. फिर मैने उनकी कमर पर हाथ फेरे.

लास्ट में मैने अपने हाथ मम्मी के आस चीक्स पर रख दिए, और उनको ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था. मम्मी के मूह से अया निकल गयी. उन्होने भी मुझे नेक और चेस्ट पर किस करना शुरू किया. फिर जैसे मैने उनके चुतताड दबाए, उन्होने मुझे नेक पर एक ज़ोर से लोवे बीते दे दिया.

अब हम एक-दूसरे की आँखों में डूबने लगे, तो वो मेरे होंठ पर किस करना स्टार्ट करती है. मैं उस किस से मदहोश हो चुका था. अब उनकी ज़ुबान का मेरी ज़ुबान से मिलन हो चुका था. मेरे दोनो हाथ उनके बदन के साथ खेल रहे थे. उनका एक हाथ मेरा लंड सहला रहा था.

उनके मूह से हल्की-हल्की मोनिंग की आवाज़ आ रही थी. ये किस कुछ 2-4 मिनिट्स तक चली. फिर हमने साँस लेने के लिए किस को तोड़ा, पर उनके इरादे कुछ और थे. वो नीचे झुकी, मेरे लंड को देखा, अभी भी वो उसको हिला रही थी. फिर वो अपना मूह उसके पास तक ले गयी.

मम्मी तोड़ा थूकि लंड पर और फिर तोड़ा ज़ोर से हिलने लगी. दूसरे हाथ से वो अब मेरी बॉल्स के साथ खेल रही थी. अब उन्होने मेरा लंड अपने मूह में ले लिया और चूसना स्टार्ट किया. अब दोस्तों, एक एक्सपीरियेन्स्ड खिलाड़ी अलग ही होता है. मम्मी वही एक्सपीरियेन्स्ड खिलाड़ी थी.

पापा के साथ इतने साल शादी के और मम्मी ने इस कला में महारत हासिल कर ली थी. पुर कमरे में स्वाक स्वाक की आवाज़ आ रही थी. मुझे बहुत मज़े आ रहे थे तो मैने मम्मी का फेस पकड़ा, और लिटरली उनका मूह छोड़ने लगा.

अब उनके मूह से गवक गवक की आवाज़ भी आ रही थी. एक बार तो मैने पूरा लंड उनके मूह में डाल दिया. मेरा पूरा लंड उनके हलाक तक पहुँच गया. उनकी आँखों से पानी भी आ गया.

मैं: अया मम्मी, बहुत मज़े आ रहे है.

मम्मी ने मूह से लंड बाहर निकाला.

मम्मी: ये सब करते समय तू मुझे मधु बोल ना.

मैं: ठीक है. लेकिन मुझे अब कुछ हो रहा है. यार मधु चल 69 करते है.

मम्मी चौंक गयी और बोली: तू तो एक बार में सीख गया. वैसे 69 क्या होता है?

मैं: चलो साथ में करते है, पता चल जाएगा.

फिर मैं नीचे लेता और मम्मी को मेरे उपर उल्टा लेटने बोला, जिससे उनकी छूट मेरे मूह के पास आ जाए. मम्मी ने अपना काम जारी रखा, और मैं भी अब उनकी दोनो इन्नर थाइस को किस करने लगा. मम्मी की छूट गीली थी. फिर मैं उनकी छूट चूसने लगा और बीच-बीच में टंग का उसे करता.

बीच में मुझे मस्ती सूझी तो मैने एक फिंगर उनकी आस में भी डाल दी. वो ज़ोर से चिल्लाई और पूछने लगी की मैं क्या कर रहा था. वो बोली की वहाँ तो उन्होने पापा को भी कभी जाने नही दिया. मम्मी की इक्चा का सम्मान करते हुए मैने अपनी उंगली निकाल दी.

ये सब करते हुए मेरी नज़र प्रिया दीदी पर गयी. वो सो रही थी. उनकी बॅक हुमारी तरफ थी. उनकी कमर और गांद बड़ी कातिलाना थी. कहते है ना फ्रूट्स डोएस्न’त फॉल फर फ्रॉम ट्री. वो बात पूरी शत प्रतिशत सही थी.

फिर मम्मी उठी और मेरे साइड फेस किया, मेरे लंड को अपनी छूट में सेट किया और एक बार में अपने अंदर ले लिया. जिस बात की कल्पना मैने जीवन भर नही की थी, आज मैने वो चीज़ कर दी थी. मेरा लंड मेरी मम्मी के अंदर था. मेरा हाथ उनके कमर के पास चला गया था. मेरे हिप्स भी अपने आप मोशन में आ गये थे और वासना का खेल दूसरे लेवेल में जेया चुका था.

मम्मी मेरे लंड पर उछाल के छुड़वा रही थी. उनके बूब्स मेरे सामने बाउन्स कर रहे थे. फिर मेरे हाथ उनके बाल के पास गये, और मैं उनका फेस नीचे जो लाया और किस करने लगा. फिर मैने अपने हाथो से उनको जाकड़ लिया और अब मैं ज़ोर-ज़ोर से धक्के दे देकर छोड़ने लगा.

मैं कभी किस करता तो कभी उनके बूब्स को चूस्टा. मम्मी भी इन सब चीज़ों के मज़े ले रही थी. पुर कमरे में मम्मी की मोनिंग और चुदाई की आवाज़ गूँज रही थी.

मम्मी: अया अफ छोड़ और ज़ोर से छोड़ दे अपनी मा की छूट. बुझा दे उसकी प्यास.

मैं: अया मज़ा आ रहा है.

अब मम्मी उठी और पलट के बैठ गयी. अब तक मुझे उनका फेस दिखाई दे रहा था, अब मुझे उनकी गांद और पीठ दिखाई दे रही थी. चुदाई अभी भी जारी थी. मुझे परम सुख की प्राप्ति हो रही थी. मम्मी ने अपने बाल अपने हाथो में पकड़े हुए थे. उनकी पीठ सॉफ सॉफ दिखाई दे रही थी, और बहुत मस्त लग रही थी.

तो बे कंटिन्यूड…

एक ज़रूरी अनाउन्स्मेंट: ये स्टोरी ऐसे ही चलती रहेगी. इस स्टोरी से रिलेटेड मैं एक स्टोरी लिख रहा हू, जो जल्दी आएगी. इतना ही नही, इस स्टोरी का स्पिन-ऑफ आ रहा है. लेकिन वो स्पिन-ऑफ दूसरे राइटर लिख रहे है. वो स्टोरी भी जल्दी आपके सामने आएगी. आप उसको भी पढ़ना. वो स्टोरी रिया की ननद मनीषा के उपर बेस्ड है. उस स्टोरी को भी अपना प्यार देना.

अगर आपको यहाँ तक कहानी पसंद आई और अगर आपको अपनी कोई स्टोरी शेर करनी हो, या फीडबॅक देना हो, या मुझसे बात करनी हो, तो योरो5106298स्टोरीटेल्लर@याहू.कॉम में मैल करे.

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