गे सेक्स स्टोरी अब आयेज-
ये सुनते ही अकबर मामू ने मुझे गोद में उठा कर सीधा बिस्तर पर डॉगी बना दिया. तभी शोहेब मामू कॉंडम और आयिल की बॉटल लेकर आ गये.
अकबर मामू मेरी गांद फैला कर, मेरे च्छेद पर आयिल लगा कर मसालने लगे. अकबर मामू कॉंडम लंड पर पहन कर मेरी गांद में डालने की कोशिश करने लगे. शोहेब मामू अकबर मामू के साथ खड़े हो कर मेरी गांद में लोड्ा जाते हुए देख रहे थे.
अकबर मामू ज़ोर लगा कर सूपड़ा मेरे च्छेद पर डालने की कोशिश करने लगे. मुझे इतना दर्द हुआ की मामू थोड़ी देर रुक गये और फिर से करने लगे. लेकिन मेरा च्छेद इतना टाइट था की लंड अंदर जेया ही नही रहा था.
शोहेब मामू: भाईजान सलीम की काली जैसी गांद में अपना इतना मोटा मूसल डालोगे तो कैसे होगा? मैं करता हू.
अब आयेज की स्टोरी-
मैं अपनी गांद की पहली चुदाई शिरफ़ अकबर मामू के लोड से ही चाहता था.
मैं (अकबर मामू को): आप ही करो ना, शोहेब मामू ज़ोर से कर देंगे.
अकबर मामू (मेरी गांद पर किस करते हुए): पहले मैं ही छोड़ूँगा मेरे लाड़ले को.
अकबर मामू ने मेरी गांद पर फिर से आयिल लग कर अपने लोड पर आयिल लगाया. तभी बीच में शोहेब मामू मेरी गांद को फैला कर मेरे च्छेद में उंगली डाल कर अंदर तक आयिल डालने लगे.
पहले तोड़ा दर्द हुआ, फिर धीरे-धीरे अछा लगने लगा. अकबर मामू के लिए ये दर्द भी कुछ नही था. अब अकबर मामू सीधे खड़े हो गये, और अपना लोड्ा मेरे च्छेद पर ज़ोर-ज़ोर से मारने लगे.
मेरे च्छेद से लोड के टकराने पर “छाप-छाप” की आवाज़ के साथ मेरे अंदर की कामुकता बढ़ती जेया रही थी. अकबर मामू मेरे दोनो छूतदों को कस्स के पकड़ते हुए, मेरे च्छेद पर सूपड़ा रखते हुए, धीरे-धीरे अंदर डालने लगे.
शोहेब: सलीम तोड़ा दर्द होगा, हिलना मत, ढीले कर ले छूतदों को.
सूपड़ा अंदर जाते ही गांद में जैसे को खंबा घुस गया हो ऐसे लग रहा था. मैने दर्द के कारण तुरंत तकिये में अपना मूह घुसा कर सारा दर्द सहन कर लिया.
अकबर मामू तोड़ा सा रुके. लोड्ा अभी भी तोड़ा सा अंदर ही था. धीरे-धीरे अंदर ही लोड को घूमने लगे. फिर एक झटके में पूरा अंदर कर दिया. मेरी तो जैसे जान ही निकल गयी हो. दोनो मामू ने मुझे कस्स के पकड़ लिया. अकबर मामू धीरे-धीरे झटके के साथ छोड़ने लगे.
मेरी आँखों से आँसू आने लगे: आआआ मामू आराम से, बहुत मोटा लोड्ा है आपका. गांद च्चिल जाएगी.
अकबर मामू: बस बेटा, अब आराम से करूँगा.
5-6 मिनिट तक आराम-आराम से छोड़ने के बाद अकबर मामू बिस्तर पर लेट गये, और मैं उनके लोड के उपर बैठ कर चूड़ने लगा. मेरी गांद का खून मामू के कॉंडम को पूरा लाल कर चुका था.
शोहेब मामू मेरे पास आ कर मेरे मूह को छोड़ने लगे. मैं भी उछाल-उछाल कर गांद मरवाते हुए मस्त मामू का लोड्ा चूस रहा था. अकबर मामू मेरे दोनो चुचो को दबाते हुए कस्स-कस्स के मेरी गांद में लोड्ा डाल रहे थे.
अकबर मामू: सलीम कहना पड़ेगा क्या मस्त भरा हुआ बदन है तेरा. लौंडिया को छोड़ कर भी इतना मज़ा नही आया, जितना आज तेरी गांद मार के आ रहा है.
शोहेब मामू: ग़लत बात है भाईजान. अकेले ही लोगे सारे मज़े?
अकबर मामू: खुदा कसम, कितनी गरम और टाइट गांद है. थोड़ी देर रुक जेया छ्होटे.
शोहेब मामू ने मुझे खींच कर नीचे उतार दिया, और डॉगी बना कर मेरी गांद को पहले कपड़े से सॉफ किया, और फिर कॉंडम लगा कर एक साथ पूरा लोड्ा अंदर कर दिया. अब मेरा च्छेद काफ़ी खुल गया था. फिर भी दर्द अब भी बहुत हो रहा था.
शोहेब मामू दोनो हाथो से चुचो को कस्स के दबाते हुए, मेरी गांद को पुर मज़े लेते हुए, कभी लोड्ा घूमते, कभी धीरे-धीरे अंदर-बाहर करते. तो कभी तेज़-तेज़ झटके देने लगते.
आयेज से अकबर मामू 2 मिनिट तक किस करने लगे, और फिर से मूह में लोड्ा उतार दिया. दोनो मामू अपनी लुगाई की तरह मुझे छोड़ रहे थे. 15 मिनिट ऐसे ही छोड़ने के बाद अकबर मामू मूह में और शोहेब मामू गांद में ही फारिघ् हो गये.
अकबर मामू के लोड में बहुत सारा माल बरा हुआ था. पूरा मूह भरने के बाद भी निकले ही जेया रहा था. दोनो छोड़ने के बाद बिस्तर पर लेट गये.
शोहेब: आया मज़ा मामू से गांद मरवा कर?
मैं: बहुत मज़ा आया मामू.
अकबर मामू ने मेरे लीप पर किस किया. उसके बाद हम तीनो खाना खा कर सो गये. मेरी गांद में बहुत दर्द था, इसलिए दोनो ने कुछ नही किया.
नेक्स्ट मॉर्निंग अकबर मामू मेरी नींद खुलते ही मेरे सामने नंगे ही खड़े थे. शोहेब मामू भी नंगे ही थे. वो रसोई से एक केक लेकर आए, और दोनो ने बारी-बारी से केक के अंदर अपना लोड्ा डाल कर पूरा चॉक्लेट से भर लिया. उसके बाद एक-एक करके मेरे मूह की चुदाई करी.
3-4 मिनिट मूह छोड़ने के बाद अकबर मामू मेरे दोनो निपल्स पर क्रीम लगा कर उसे चाटने लगे. मुझे बिस्तर पर सीधा लिटा कर दोनो मेरे लंड पर क्रीम लगा कर मेरा लोड्ा हिलने लगे.
अकबर मामू: गांद में अभी भी दर्द है?
मैं साँझ गया था मामू क्यूँ पूच रहे थे. दर्द तो था, लेकिन मैं ये पल खोना नही चाहता था. मैं अपनी दोनो लेग्स उपर उठा कर बोला, “आपके लिए कैसा दर्द?”
ये सुनते ही मामू ने मेरी गांद में क्रीम लगा का लोड्ा धीरे-धीरे अंदर कर दिया. फिर एक-एक करके दोनो ने मुझे अगले 1 घंटे तक छोड़ा. दोनो ने अपना-अपना माल मेरे बदन पर ही डाल दिया जिसे मैने पूरा निगल लिया.
मैं: मामू आप दोनो बहुत आचे हो. मुझे कभी प्यार करना मत भूलना.
अकबर मामू: सलीम जब तू बोले तेरा मामू तेरे लिए हमेशा पास होगा. लोवे योउ मेरा बच्चा.
इसके बाद दोनो मामू ने जब तक मम्मी पापा नही आए, अगले 3-4 दिन तक हमने बहुत मज़े किए. दोस्तों आपको कहानी कैसी लग रही है मुझे ज़रूर बताए. मेरी एमाइल ईद है- लोवेगुरुदेल21@गमाल.कॉम
आपकी फीडबॅक मुझे आयेज और लिखने का हॉंसला देगी. तो कहानी आपको कैसी भी लगे, अची या बुरी, मुझे ज़रूर बताए, ताकि मैं उसमे सुधार कर साकु.