ही फ्रेंड्स, लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा की कैसे, तमन्ना और मेरे बीच में रिलेशन्षिप डेवेलप होती है, और उसके बाद तमन्ना जैसे गायब सी हो जाती है. अब आयेज रेड कीजिए.
फिर उस दिन के बाद, जैसे-जैसे एग्ज़ॅम करीब आते गये, तमन्ना से मिलना कम होता गया. वो एग्ज़ॅम की प्रेपरेशन मैं बिज़ी हो गयी. और मैं भी अपना ध्यान पढ़ाई पे लगाने लगा, जिससे तमन्ना को ज़्यादा मिस ना करू. और उसे डिस्टर्ब ना करू.
उसके एग्ज़ॅम्स ख़तम हो गये. उसके बाद एक-दो बार वो मिली, पर कुछ फिज़िकल नही हुआ. फिर वो आयेज स्टडी के लिए दूसरी सिटी में चली गयी. इससे हमारा कनेक्षन ख़तम हो गया. मैं उसको कॉंटॅक्ट करने की हर मुमकिन ट्राइ करता, पर नही हो पाया. पीनू से भी कॉंटॅक्ट किया, पर उसका भी तमन्ना के साथ कोई कॉंटॅक्ट नही था.
उसने तो बोल भी दिया, की उसका वेट मत कर, वो तो चली गयी. अब तुम्हारी लाइफ में वापस नही आने वाली. पर मुझे यकीन नही हो रहा था. अब मेरा भी इंपॉर्टेंट साल शुरू हो गया था, इसलिए अब तमन्ना धीरे-धीरे आउट और स्टडी इन होने लगी.
टाइम तो टाइम, मुझे तमन्ना की न्यूज़ मिलती रहती थी. तमन्ना ने कोई टीचिंग लाइन का कोर्स में अड्मिशन ले लिया था. वो अब दूसरी सिटी में रहने लगी हॉस्टिल में. पीनू तो यहीं रह के कॉलेज करती थी, सो उससे बात हो जाती थी. मुझे अभी भी तमन्ना की वेट थी.
मुझे लगा की शायद उसके घर वालो का उसपे स्टडी और फिर जॉब का प्रेशर होगा. क्यूंकी वो अपने सिब्लिंग्स में सबसे बड़ी थी. तमन्ना के साथ बिताए हुए वो पल. उसके होंठो का स्वाद. उसके बूब्स की सॉफ्टनेस. उसका वो मस्त फिगर. इन सब को सोच कर मैं हर रोज़ अपना लंड हिला कर मूठ मारता रहता था.
पर एक दिन मुझे बात मिली की तमन्ना ने हमारी ही सोसाइटी के किसी लड़के के साथ की जो डॉक्टोरी करता था. उसके साथ उसका अफेर चल रहा था. मेरे तो जैसे पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गयी. मुझे यकीन नही हुआ. मैने पीनू को पूछा, तो उसको भी आइडिया नही था. उसने बोला की वो तफ़तीश करके बताएगी.
उस टाइम पे फ़ेसबुक नया-नया लॉंच हुआ था. तो सभी लोग शो ऑफ के लिए उसपे पोस्टिंग करते थे. इन सब में पीनू को बहुत इंटेरेस्ट था. उसने दे 01 से ही फ्ब पे अकाउंट खोल रखा था. कुछ डेज़ के बाद उसने मुझे तमन्ना के फोटोस दिखाए, उसके पेज के उपर. वो फोटोस फ्रेंड्स ओन्ली थे, और पीनू उसकी ऑलरेडी फ्रेंड थी, सो उसको शो कर रहा था.
मैने वो फोटोस देखे, तो मेरा सबसे पहले जिस चीज़ पे ध्यान गया, वो था उसका फिगर. उसके बूब्स अब पहले से थोड़े ज़्यादा बड़े हो गये थे. जो पहले एक हथेली में ही आ जाते थे, अब उसके लिए पूरा हाथ भरना पड़ेगा.
उसकी कमर भी पतली और रंग ज़्यादा ही गोरा लग रहा था. सच में लग रहा था की अब वो एक काली से फूल बन चुकी थी. बुत उसके साथ उस लड़के को देख कर मेरी झांते फिरे हो गयी. उसने कोई कपल फोटोस नही डाले हुए थे, वो उसके बर्तडे का सेलेब्रेशन था. बुत फोटोस में उस लड़के के साइवा बाकी सब गर्ल्स थी. ये देख कर मुझे और ज़्यादा बुरा लगा.
ये देख कर मैं उदास हो गया. तब पीनू ने मुझे बोला की, “सुहैल, तुम उदास मत हो, और फिलहाल अपनी स्टडी पे ध्यान दो.” लेकिन मेरा पढ़ाई में अब मॅन कहाँ से लगने वाला था?
मैने एग्ज़ॅम्स में आवरेज स्कोर किया. पापा मुझे किसी आचे से कोर्स (इंजिनियर/डॉक्टोरी) में डोनेशन सीट पे अड्मिशन दिलवाने का बोले. बोले की ज़रूरत पड़ी तो बॅंक से एजुकेशन लोन ले लेंगे.
एग्ज़ॅम रिज़ल्ट्स बाद पीनू मुझसे फिर मिली. हमने एक शॉप में जेया कर कॉफी पी, और बातें की. उसने बताया, की उसने पास की सिटी में ही नर्सिंग वाला कोर्स में अड्मिशन ले लिया था, और मैने मेरे पापा का मुझे लेकर जो प्लान बनाया था, वो उससे शेर किया. वो ये सुन कर हॅपी हुई.
उसने बोला: कितना अछा होगा की तुम भी डॉक्टर बन जाओ. तुम्हारे लिए भी तमन्ना जैसों की लाइन खड़ी हो जाएगी.
तमन्ना का नामे सुन कर मैं फिर से उदास हो गया.
पीनू: यार, सॉरी. वो फ्लो-फ्लो में उसका नामे निकल गया. और सच बतौ, तो जिस तमन्ना को तुम चाहते थे, अब वो वैसी नही रही. वो तो अब बहुत आयेज निकल गयी है.
मे: क्या मतलब?
पीनू: मुझे तुम्हे कुछ दिखना है. समझ लो की तमन्ना का टॉप सीक्रेट है. पर यहाँ पे नही दिखा सकती. कहीं दूसरी जगह चलते है.
और हम सिटी के गार्डेन की और चल दिए, जो सिटी से कुछ किलोमीटर पे, सिटी से बाहर था. इसलिए हमने ऑटो कर ली. ऑटो में वो मुझसे सतत कर बैठी थी. ऑटो वाला ह्यूम उसके बॅक मिरर से ताड़ रहा था. उसको लगा हम कपल थे. पीनू के चेहरे पे अची सी स्माइल थी. और मेरे चेहरे पे सस्पेनस के भाव थे, की पीनू मुझे क्या दिखाने वाली थी, तमन्ना का सीक्रेट.
ऑटो से उतार कर हम गार्डेन में चलने लगे, और कोई अची जगह ढूँढने लगे, बैठने के लिए. गर्मियों की दोपहर में धूप ज़्यादा होने की वजह से गार्डेन में लोग कम ही थे. जो भी मुझे दिखाई पड़े, वो सब ज़्यादातर कपल्स ही थे, जो एक-दूसरे में खोए हुए थे. फिर एक जगह, जहाँ छाया थी, और कोई हमे देख ना सके, वहाँ पे हम बैठ गये.
मे: अब बताओ पीनू, क्या दिखाने वाली थी तुम?
पीनू: तुम सच में पागल हो क्या सुहैल? जो लड़की तुम्हे बीच में छ्चोढ़ के चली गयी, तुम्हे आधा ही काम करने दिया (जब मैने तमन्ना की छूट के उपर हाथ रखना चाहा था. तब उसने मेरा हाथ झटक दिया था. ये सब पीनू ने देखा था, और ये मैने नोटीस भी किया था). और जिसने तुमसे फिर कभी बात करने की कोशिश नही की. इन शॉर्ट की वो तुम्हारा चूतिया काट गयी. उसके बारे में जानने के लिए मॅर जेया रहे हो. अजीब से पागल हो तुम.
ये कह कर उसने मुझे अपने फोन में, तमन्ना और उस लड़के की फोटोस दिखाई. वो किसी होटेल की कमरे की फोटोस थी. जैसे कोई कपल हनिमून पे. चुदाई के बाद रूम में जैसे फोटोस लेते है. उस टाइप की सब थी वो. किस्सिंग करते हुए, . दबाते हुए वैसे सब. फोटोस से इतना तो . ., की मेरी तमन्ना अब मेरी नही रही. वो किसी . . . . ..
. . . . . . . के . . . रहा था. वो किसी और ने बिना सुहग्रात के छोड़ ली थी.
पीनू: अब तो यकीन हुआ की, तुम जिसकी चाह रखे हुए थे, वो बस रेत में पानी जैसा था. सिर्फ़ डोर से दिखता है, पर असल में होता नही है. तमन्ना ने तो अपने लिए दूसरा ऑप्षन ढूँढ लिया है, और वो उसके साथ फुल एंजाय भी कर रही है. ये तुमने देख ही लिया है. अब तुम अपने लिए दूसरा ऑप्षन कब लोगे?
मे: दूसरा ऑप्षन, मेरे पास कौन सा है?
पीनू: वो तो तुम्हारे पास कब से था. वो तुम्हारे सामने है और तुमने उसे कभी पहचाना नही (और उसने ब्लश करते हुए, अपनी आँखें झुका ली).
मे: पीनू, तुम? (मुझे अंदाज़ा तो था की पीनाज़ मुझे शुरू से लीके करती है, और मेरी वेल-विशेर भी रही है. उसने मुझे पहले भी काई बार बोला था की तमन्ना मेरे बस की नही थी, पर मैने सुना नही).
मैने अब तक पीनाज़ को एक आचे फ्रेंड के जैसे ही देखा था. क्यूंकी पहले तमन्ना से नज़र ही नही हट-ती थी. पर आज पहली बार मैं उसे एक लड़की के नज़रिए से देखने लगा. आज पहली बार मैने ये गौर किया की पीनाज़ भले तमन्ना के जैसा करारा, टंच माल नही है, पर यार वो माल तो थी.
उसकी हाइट थोड़ी कम थी, पर चेहरा गोल था, एक-दूं गोरा सा. और आज पहली बार उसके बूब्स को गौर से देखा तो पता चला की जो बूब अभी वीडियो में तमन्ना के थे, उससे भी बड़े उसके थे. शायद अब तक वो ऐसे कपड़े पहनती थी या वॉटेवर, पर आज इन कपड़ों में वो मस्त लग रही थी.
पीनू: कहाँ खो गये? मैं मानती हू की मैं तमन्ना को बीट नही कर सकती. पर तुम्हे तमन्ना से ज़्यादा खुशी दूँगी. तुम जहाँ टच करना चाहो, वहाँ कर सकते हो. मैं तुम्हे नही रोकूंगी तमन्ना की तरह.
पीनाज़ मुझे लीके करती थी, वो तो मुझे आइडिया था ही. पर उसे मैने ज़्यादा भाव नही दिया. बुत आज वो मुझे अपना सब कुछ देने के लिए रेडी थी. उसने उसका मेरे लिए लोवे आज मुझे दिखाया.
तो फिर मैने भी जहाँ तमन्ना ने मुझे रोक दिया था, उसी जगह से उसकी फ्रेंड के साथ स्टार्ट किया. मतलब की मैं सीधा अपना हाथ उसकी छूट के उपर रख कर उसे रब करने लगा. और मैं अपने लिप्स धीरे से उसके होंठो की और ले गया. उसने भी अपना फेस आयेज किया, और मैने अपने होंठ उसके होंठो पे जड़ दिए. हमने किस्सिंग करना शुरू किया. मैं एक हाथ से उसकी छूट रब कर रहा था, और दूसरे हाथ उसके टॉप के उपर से उसके बूब्स दबाने लगा.
मुझे अब मैने तमन्ना के साथ जो ग़लती की वो अब नही करनी थी. मुझे जैसे लगा की तमन्ना मुझे शादी के बाद देगी, और उसने किसी और को बिना शादी के ही दे दी. इसलिए जब लड़की के साथ हो, तो उसे पूरा निचोढ़ने का ट्राइ करो. तोड़ा आज, तोड़ा कल और तोड़ा शादी के बाद.
ये सब छूतियापा है, बोले तो टाइम वेस्ट. क्यूंकी जो लड़की तुम्हे आज अपनी छूट को टच भी नही करने दे रही. वो तुम्हे 6 मंत्स बाद भी अपनी छूट मारने को नही देगी. और जिसने तुम्हे अपनी छूट मारने देनी है, वो फर्स्ट दे से ही तुम्हे माना नही करेगी. जैसे पीनाज़ ने मुझे नही रोका.
इसलिए मुझे पीनाज़ के साथ वो सब कुछ करने का तान लिया, जो तमन्ना के साथ नही कर पाया. सो मैं अपने हाथो को अब सीधा उसके टॉप के अंदर डाल कर उसके बूब्स को दबाने लगा. उसकी ब्रा टाइट थी, सो उसके अंदर हाथ नही जेया रहा था. सो मैं किस्सिंग करते हुए अपना एक हाथ पीछे ले जेया कर उसकी ब्रा के हुक्स ओपन करने का ट्राइ करने लगा. पर एक हाथ से हुआ नही.
फिर उसने मेरी कंडीशन समझते हुए, “सुहैल, रूको ज़रा, में खोल देती हू” बोल कर अपनी ब्रा के हुक्स को खोल दिए. उसके बाद वो वापस मुझे किस्सिंग करने लगी. अब उसके नंगे आज़ाद बूब्स को मैं अपने हाथो से दबाने लगा. मैं उसको नीचे झुकते हुए, अपना हाथ उसकी सलवार में डाल कर, उसकी छूट में उंगली करने लगा.
उसकी छूट एक-दूं गरम और गीली हो चुकी थी. मुझे इतना तो यकीन हो गया की अगर मैं अभी पीनाज़ को नंगा करके छोड़ना शुरू करू, तो वो माना नही करेगी. पर मुझे उसको आराम से छोड़ने का मॅन किया. वहाँ हमे बैठे हुए काफ़ी टाइम गुज़र गया था, और मुझे पीनाज़ के साथ नेक्स्ट चुदाई की डटे पक्की करनी थी.
सो मैने किस्सिंग के साथ उसे “ई लोवे योउ, पीनू” कहा, जिसे सुन कर वो खुश हो गयी, और मुझे “लोवे योउ टू” कह कर पॅशनेट किस्सिंग करने लगी. फिर मैने हमारी किस्सिंग को तोड़ कर उसकी आँखों में देख कर पूछा, “पीनू, तुम मुझे कितना लोवे करती हो?”
पीनाज़: तुम सोच भी नही सकते, उससे भी ज़्यादा. मैं तो तुम्हे ये सब कब का दे चुकी होती, पर तुम्हारी नज़र तमन्ना से हॅट कर मुझ पर पड़े तब ना.
मे: कोई बात नही, अब तो पद गयी ना आज. अब ये बताओ की, नेक्स्ट कब मिलॉगी? नेक्स्ट टाइम कहीं सेफ जगह मिलेंगे, जहाँ पे किसी का दर्र ना हो.
पीनाज़: ओक, मैं देखती हू, और तुम्हे बताती हू. अब चलो चलते है, कोई आ जाएगा तो मुश्किल हो जाएगी.
मे: हा, बुत जाने से पहले तुम्हे मेरा एक काम करना होगा.
पीनाज़: क्या?
मैने अपनी चैन खोल कर अपना लंड बाहर निकाला और पीनाज़ को लंड की और इशारा किया.
पीनाज़: सुहैल, ये सब अगली बार कर लेंगे. अभी चलो ना यहाँ से.
मे: नही, तुम पहले इसे प्यार करो. तमन्ना मुझसे शायद प्यार नही करती थी, इसलिए उसने इसे प्यार नही किया. और आज तुम भी अगर इसे प्यार नही करती, तो इसका मतलब की तुम भी तमन्ना की तरह…
मैं अपना सेंटेन्स पूरा करू, उससे पहले मेरा लंड पूरा पीनाज़ के मूह में चला गया. वो उसे लॉलिपोप की तरह चूसने लगी. मैं उसके बालों को पकड़ कर अपना लंड अंदर-बाहर करने लगा. कुछ देर बाद मेरा निकालने को हुआ, तो उसने बिना लंड निकाले, पूरा पानी पी लिया. शायद उसका ईगो हर्ट हुआ था.
उसने निचोढ़ कर मेरे लंड की एक-एक बूँद को पी लिया. जब उसने अपना फेस उपर उठाया, तो उसकी आँखों में आँसू थे. वो एमोशनल हो गयी थी. और रोटी हुए आवाज़ के साथ कहने लगी, “सुहैल, फिर कभी मेरे प्यार को झूठा, या मुझे तमन्ना की तरह धोखेबाज़ मत कहना. बहुत हर्ट होता है यार.”
और फिर हम दोनो ने अपने कपड़े सही करके, वहाँ से बहार आ कर, ऑटो में बैठ कर वापस सिटी आ गये. हम दोनो एक-दूं खामोश थे, पर जो पीनाज़ ने मुझे आज दिया. उसके लिए मैने ऑटो में जब वो दूसरी तरफ मूह करके बैठी थी, तब उसके एक हाथ को अपने हाथ में लेकर दबाया.
उसने मेरी और देखा, तब मैने दूसरे हाथ से अपना कान पकड़ते हुए हल्की आवाज़ में सॉरी बोला. ये देख कर उसके चेहरे पे हल्की सी स्माइल आ गयी, और मेरे दिल में हुआ की अब तो नेक्स्ट डटे पक्की थी.
सो फ्रेंड्स, ये पार्ट आपको कैसा लगा, मेरी एमाइल ईद: लज़्यलीहास@गमाल.कॉम पे मैल या सेम ईद पे गूगले छत भी कर सकते है.