हेलो फ्रेंड्स, वेलकम बॅक. पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कैसे सीमी और मौसूमि ने सब के सामने लेज़्बीयन सेक्स किया, और साथ ही सीमी बताने वाली थी की कैसे उसने अपनी बेहन को भी पटाया. अब आगे…
मैं वैसे ही शॉर्ट्स और त-शर्ट में होती थी, और अंदर कुछ नही पहनती थी. अगली बार से मैं उसके सामने कपड़े बदलने लगी. उसको अपने बदन का नज़ारा दिखाने लगी. कुछ दिन ऐसे ही ब्रा पनटी में कमरे में रहने लगी. उसे कुछ ख़ास फराक नही पड़ा, इसलिए आयेज का प्लान आसान हो गया. क्यूंकी ऐसे ही आधा नंगा वो मुझे देख चुकी थी.
फिर नहा के मैं टवल पहन के आती थी बाहर और उसके सामने गिरा देती थी. पहले-पहले मैं सिर्फ़ पनटी पहने रहती, और उपर से टॉपलेस. तब से मैने देखा की रिमी मुझे के शर्मा जाती थी, और मूह फेर लेती थी. कुछ दीनो में उसके लिए आदत बन गयी मेरे बूब्स देखना. फिर कुछ दीनो के बाद फिर मैने बाहर आके टवल निकाल दिया. बुत इस बार पूरी नंगी थी, और नंगी ही उसके मूह के सामने खड़ी बालों को पंखे के नीचे सुखती रही.
रिमी एक-दूं से शॉक हो गयी. पर अगेन धीरे-धीरे आम बात हो गयी. अब रूम में मैं उसके सामने नंगी ही रहती थी. कहीं से भी अओ तो गर्मी के बहाने कपड़े उतार देती, और नंगी ही घूमते रहती. ऐसे ही रिमी से नॉर्मल बातें करती. वो भी पहले आँख मिला के बात नही करती थी, पर अब जब मेरा नंगा रहना उसके लिए नॉर्मल हो गया, तो वो भी नॉर्मली बात करने लगी.
कुछ दीनो बाद उसपे भी असर स्टार्ट हो गया. वो भी टवल में आने लगी. पर मैने नोटीस किया की वो उतारने से शर्मा रही थी. 2-4 दिन मैने देखा और उसको खुद से करने दिया, फोर्स नही किया. कुछ दिन बाद वो कमर तक टवल लपेटने लगी. उपर टॉपलेस ज़रूर थी, पर मेरी और पीठ करके. टॉप पहनते वक़्त अचानक से उसका टवल खुल गया, और उसने घबरा के पकड़ लिया. मैने यही मौका देखा और कहा-
सीमी: अर्रे बेटू छ्चोढ़ दे ना.
रिमी शर्मा गयी.
मैं उठी और उसके पास गयी: अर्रे मैं भी तो लड़की ही हू. मुझे देखा है ना मैं कैसे फ्री रहती हू. तुझे प्राब्लम होता है?
रिमी: नही प्राब्लम नही है कोई.
सीमी: बस मुझे भी कोई फराक नही पड़ता. रिलॅक्स रह, तेरा ही रूम है.
ये कह कर मैं रिमी का टवल खींच लिया. वो शरम से अपनी छूट को ढकने लगी. उपर टॉप था, पर पानी के वजह से निपल दिख रहे थे. ये देख के मेी छूट गीली होने लगी.
सीमी: अर्रे देखो टॉप भी भीग गया. छ्चोढ़ दूसरी पहन लेना. पहले बदन को सूखने दे.
मैने त-शर्ट भी निकाल दी. वो अपने बूब्स और छूट को धक के ही शरम से बेड पे सर झुकाए बैठी रही. उसका गोरा भीगा बदन देख मेरी छूट में आग लग रही थी.
रिमी: दीदी पहन लू?
सीमी: ना. ऐसे ही आदत डाल. सारा दिन पहने रहती है, गर्मी नही लगती?
रिमी ने कुछ नही कहा, बस हा की और सर हिला दिया. कुछ दीनो तक शरमाते हुए ऐसा करती. फिर कुछ देर बाद कपड़े पहनती. दो हफ्ते में वो फ्री हो गयी. अब टवल खुद हटा देती और काफ़ी टाइम बाद कपड़े पहनती. क्यूंकी कहीं ना कहीं वो भी चाहती थी. हम अब साथ नहाने लगे, और रूम में नंगे ही बातें करते थे.
फिर अगला स्टेप. एक बार मैं जान-बूझ के उसके सामने पॉर्न देखने लगी. रिमी साइड में बैठ के शर्मा रही थी. मैने उसे बुलाया. पहले वो नही मानी.
सीमी: देख तो, बड़ी हो रही है. तुझे अब सेक्स के बारे जान लेना चाहिए.
पहले बहुत हेज़िटेट किया, पर मान गयी. पॉर्न देखते रात हो गयी. अब वो सुबह की तरह शर्मा नही रही थी, पर पुर मॅन से देख रही थी. मैने नोटीस किया उसकी छूट गीली हो रखी थी. मैने मौका देखते ही पीछे से उसका लेफ्ट बूब च्छुआ. रिमी घबरा गयी.
रिमी: दीदी ये क्या?
सीमी: डॉन’त वरी. अछा लगेगा करने दे.
रिमी (शर्मा के): बुत दीदी ये सही नही है, बेहन हू.
सीमी: किसने बोला बहनो में नही होता? इसमे और अछा है, तुम प्रेग्नेंट नही होगी, बुत मज़ा पूरा मिलेगा जब चाहे.
अभी देख नंगी रह के अछा लग रा है?
रिमी: अछा तो लग रहा है, पर दीदी आपके साथ?
सीमी: सुन. भरोसा रख. बस एक बार मुझे करने दे. मज़ा नही आया तो कभी नही करूँगी. ठीक है?
वो फिर भी नही मान रही थी. फिर मैने उसे लेज़्बीयन सिस्टर्स के वीडियोस दिखाए, जो असली बहनो ने वेबकाम पे शूट किया था. ये सब देख वो हैरान हो गयी.
रिमी: दीदी ये सब सच में होता है क्या?
सीमी: और क्या. ये लोग पागल थोड़ी है. बस मज़ा लेने से मतलब है. ये तो कुछ भी नही. एक और चीज़ दिखती हू.
फिर मैने रिमी को मों-डॉटर, मों-सोन, फादर-डॉटर का भी वीडियोस दिखाई. वो शॉक रह गयी.
रिमी: दीदी ये सब ने तो मेरा दिमाग़ घुमा दिया. पता ही नही था की फॅमिली के अंदर भी होता है.
सीमी: जैसे मैने कहा बस मज़ा लेने से मतलब होना छाईए, और हा, दोनो की मर्ज़ी हो तो कोई प्राब्लम नही. देख कल तू बाय्फ्रेंड बनाएगी तो 100 लोग जान जाएँगे. इससे अछा घर की बात घर में रहेगी.
रिमी (बहुत सोचा): एम्म पता नही दीदी, घबराहट हो रही है.
सीमी: तू चिंता मत कर. बस लेट जेया.
बस फिर उसको लिटाया और धीरे-धीरे उसके बूब्स पे हाथ फेरा. बिल्कुल मैदे की तरह सॉफ्ट थे. छ्छूते ही वो शर्मा गयी और हाथ पकड़ लिया. मैने हल्के से उसके गले पर किस किया, जिससे वो तोड़ी मचल गयी. किस करते-करते वो गरम हो रही थी, और हाथ ढीले कर दिए.
फिर मैने उसके बूब्स धीरे-धीरे मसालने शुरू किए. रिमी और गरम हो गयी. कुछ ही पल बाद उसके पिंक निपल्स चूसने शुरू किए. वो पागल से होने लगी. मेरा सर पकड़ कर मोन करने लगी. साथ ही मैं उसकी छूट सहलाने लगी. वो गीली हो चुकी थी.
मैं भी काफ़ी टाइम से भूखी थी, तो मज़े से चूसा और बूब्स लाल कर दिए. फिर नीचे गयी और उसकी छूट चूसने लगी. बहुत ही मुलायम छूट थी, और उसके खुसबु से पागल होने लगी. होंठ लगते साथ रिमी उछाल पड़ी, और मेरा सर पकड़ लिया. पर मैं चाट-ती रही. 5 मिनिट बाद वो काँपने लगी. मैं समझ गयी वो झड़ने वाली थी, और ज़ोर से चीखी. पहली बार था इसलिए ज़्यादा पानी नही निकला. पर जितना था गरम और नमकीन था. मैं पूरा पी गयी और चाट कर सॉफ कर दिया.
मेरी बेहन ऐसे ही गोरी है. झड़ने के बाद शरम और थकावट से मूह लाल हो गया. वो ज़ोरो से साँस ले रही थी. मैं उसके पास गयी और पूछा-
सीमी: मज़ा आया?
रिमी (शरमाते हुए): ह्म.
सीमी: इसको बोलते है मज़ा लेना. अछा सुन, मुझे भी मज़ा देगी?
रिमी (सोचने लगी): बुत मुझे नही आता.
सीमी: सिंपल है. बस मेरे जिस्म के साथ खेलना जैसे मैं की और छूट को चाटना है पानी निकालने तक.
रिमी: ठीक है दीदी, पर वो लास्ट वाला. पानी मूह में. वो अजीब लग रहा है.
सीमी: कुछ नही है, बस एक नमकीन सा पानी आता है, बहुत टेस्टी. चख के देखना. अगर अछा लगे तो पी लेना, बुत नही तो मूह हटा लेना. आज अछा ना भी लगे, पर मुझे पता तुझे एक-दिन अछा लगेगा.
रिमी तोड़ा घबराई. आब्वियस्ली. बुत हा कर दी. फाइनली मेरा सपना पूरा होने वाला था. धीरे से उसके सर को पकड़ के अपने बूब्स की और ले आई. जैसे ही उसके होंठ मेरे निपल को च्छुए, मैं मचल उठी. उसका एक हाथ पकड़ के मैने अपने रिघ्त बूब पे रख दिया, और कहा दबाने को, और दूसरे को चूसने बोला.
उसने वैसा ही किया. कसम से क्या फीलिंग थी बेहन के मूह से चुसवाने का. पहले तोड़ा नर्वस थी, पर 3-4 मिनिट बाद मज़े से चूसने लगी. क्यूंकी मैने नोटीस किया की उसकी छूट गीली थी, मतलब उसे भी मज़ा आने लगा था. कभी चूसना छ्चोढ़ के दोनो बूब्स को दबाती और खेलती. मुझे बहुत ख़ुसी हो रही थी की वो अभी से कॉन्फिडेंट होने लगी.
सीमी: वाह, तुझे तो मज़ा आने लगा.
रिमी मुस्कुराते हुए कहा: हा दीदी, अछा लग रहा है. क्या मैं ऐसे कर सकती हू? आपको बुरा तो नही लगेगा?
सीमी: इसमे बुरा लगने की क्या बात है? मैने ही बोला ना करने?
रिमी: नही, मेरा मतलब…
कहते ही चुप हो गयी.
सीमी: चुप क्यूँ हो गयी?
मैं समझ गयी पर उसके मूह से सुनना चाहती थी. फिर वो दबी आवाज़ में बोली-
रिमी: अभी तो आपने बोला. पर कभी नही बोला और…
मेरे मॅन में लड्डू फूटने लगे. यही तो चाहती थी मैं.
सीमी: समझी. रोज़ दबाना है?
रिमी: नही रोज़ नही.
सीमी: क्यूब रोज़ डू तो कोई प्राब्लम है?
रिमी मुस्कुराने लगी: नही, ऐसी बात नही है.
मैं हस्स पड़ी.
सीमी: सुन, आज से तेरा जब मॅन करे तू मेरे बूब्स छ्छू सकती है. ठीक है?
रिमी: और दबाने चूसने का मॅन करे तो? और कुछ काम कर रही हो तो?
सीमी: अर्रे हा. मेरा कहने का मतलब. तेरा जब मॅन करे कभी भी कहीं भी मेरे बूब्स दबा सकती है. निपल्स चूस सकती है. जी भर के खेल सकती है. रही बता काम, की तो काम रोक दूँगी तेरे लिए. फिर दबा लेना टॉप के उपर से.
रिमी अब खुलने लगी: पर चूसना तो उपर से नही हो सकता ना?
सीमी: तुझे सब डीटेल्स में बतौ? तो टॉप उठा लेना, पीछे से ब्रा क्लिप खोल देना और ब्रा उठा देना. इससे मेरे बूब्स बाहर आ जाएँगे. फिर जी भर के चूस लेना निपल्स. जब मॅन भर जाए तो मैं ड्रेस वापस ठीक कर लूँगी, और काम वापस चालू कर दूँगी. अब ठीक है?
रिमी: हा दीदी. बुत एक छ्होटा सा चीज़ है.
सीमी: और क्या?
रिमी: अगर मम्मी पापा आस-पास हो, और तब मॅन किया तो?
सीमी: वैसे सवाल अछा है.
मैने तोड़ा सोचा. फिर मुझे आइडिया आया-
सीमी: एक काम करती हू. मैं घर पे अबसे ब्रा नही पहनुँगी. और उपर से एक-ढीली त-शर्ट डाल लूँगी. इससे तू कभी भी त-शर्ट उपर कर सकती है. कोई आते सुनाई दे तो त-शर्ट गिरा देंगे. ब्रा हुआ तो वापस लगाने में पकड़े जेया सकते है.
रिमी: हा दीदी, ये सही होगा.
सीमी: तो फिर आयेज का काम कर.
वो तोड़ा सोचने लगी. आगे क्या हुआ अगले पार्ट में पढ़िए.