सेक्स स्टोरी अब आयेज-
प्रिया’स पॉइंट ऑफ व्यू कंटिन्यूस:-
मैं कुछ और सुन पाती तब तक रिया दीदी हुमको उनके रूम में ले आई. 2 बाज रहे थे. रिया दीदी की मम्मी अपने रूम में सो रही थी.
मैं: अर्रे बहनचोड़, चल क्या रहा है ये?
रिया (सोनिया की तरफ देखते हुए): ये कौन है?
मैं: जिसकी मम्मी चुड रही थी.
रिया: अछा. लेकिन मुझे नही पता की वहाँ क्या चल रहा था. मुझे पापा ने बुलाया तुमको रोकने के लिए.
मैं: और तू अपने पापा के साथ सेक्स करती है?
रिया दीदी हाकपकाई, और उन्होने हमारी तरफ देखा. एक गहरी साँस ली. फिर वो बोलने लगी की ये बात उसकी शादी के 2 महीने बाद की थी. वो यहाँ आई थी, पापा काम से आउट ऑफ सिटी थे, और मम्मी और सुमन आंटी मम्मी के रूम में थे.
रात के 11 बजे थे, वो घर में अकेले थी. वो पानी लेने के लिए उठी, किचन से पानी लाई. जैसे ही रूम में आने लगी, उसको पीछे से किसी ने हग किया. वो बुनती अंकल थे. वो पिए हुए आए थे, उनको किसी चीज़ का अंदाज़ा नही आ रहा था.
बुनती: सुमन, तुमको मैं अभी भी उतना ही प्यार करता हू जितना शादी के समय करता था.
रिया: अर्रे पापा, मैं रिया हू.
बुनती: रिया तो ससुराल है ना. चलो अब सेक्स करते है, बहुत दीनो से किया नही है.
रिया: पापा ये क्या कर रहे हो?
फिर बुनती अंकल झुके और रिया की निघट्य उपर की और पीछे से पनटी निकाल दी. रिया कुछ बोल पति, उससे पहले बुनती अंकल अपना लंड उसकी छूट में डाल देते है. उनका लंड 6.5 इंचस का था. इतना लंड तो उसके हज़्बेंड का भी नही था.
फिर वो रिया की जाम के चुदाई स्टार्ट कर देते है. छोड़ते-छोड़ते वो वहीं पर सो जाते है. तब वो उनको अपने रूम में ले जाती है. करीब 1 बजे उनकी नींद खुलती है, वो देखते है की कोई उनका लंड चूस रहा था. फिर तोड़ा होश में आते है, तो देखते है उनकी बेटी नंगी होके उनके लंड में अपनी छूट रख के बैठ गयी.
बुनती: बेटी ये क्या कर रही हो?
रिया: अभी रात में आप मुझे मम्मी समझ कर छोड़ रहे थे. मैने आपको बताया पर आप समझे नही. अब मुझे भी मज़ा आ रहा है.
पहले बुनती अंकल रेज़िस्ट कर रहे थे. फिर कुछ समय बाद वो भी रिया की कमर पकड़ कर छोड़ने लगे. रिया दुनिया की सुध-बुध छ्चोढ़ के चुदाई के मज़े लेने लगी. फिर रिया बोली की ऐसे शुरू हुई उनकी कहानी और उसने ये भी बोला की अंकल पापा को भी इसमे शामिल करना चाहते थे. और अगर पापा मेरे साथ भी ये करते, तो हम चारों भी साथ में मज़े लेते, स्वापिंग भी करते.
फिर उसका ध्यान सोनिया पे गया जो ये कहानी सुन के अपनी छूट मसल रही थी. हम तीनो गरम हो चुके थे. अचानक रिया ने मेरी तरफ देखा, और देखते ही देखते मेरे उपर चढ़ गयी. हम एक-दूसरे को ज़ोरो से किस कर रहे थे, और एक-दूसरे के कपड़े उतारने लगे.
हमने एक-दूसरे के कपड़े उतार दिए थे, लेकिन हमारी किस छ्छूटने का नाम ही नही ले रही थी. फिर जब किस टूटी, हमने साइड में देखा. सोनिया भी नंगी होके एक हाथ से बूब्स पकड़े दूसरे हाथ से छूट मसल रही थी, और हुमको देख कर नॉटी स्माइल पास कर रही थी.
फिर हम तीनो ने मिल के किस किया. फिर मैं नीचे लेट गयी. मैं और रिया छूट से छूट रग़ाद रहे थे. मेरे उपर सोनिया आ गयी और मैने उसके छूट में अपनी टंग डाल दी. सोनिया रिया दीदी को किस कर रही थी.
सोनिया: एयेए उफ़फ्फ़ यार, पहली बार किसी लड़की के साथ कर रही हू. बड़ा मज़ा आ रहा है.
कुछ समय तक ऐसे ही चलता रहा. फिर मैं और सोनिया अपनी अपनी जगह बदल देते है. सोनिया मेरी छूट चाटने लगती है, और रिया के साथ मज़े लेने लगती है. हम कुछ देर और मज़े ले सकते थे, पर सुमन आंटी घर में थी, और कभी भी उठ सकती थी.
मैं और सोनिया फिर कपड़े पहनी और वहाँ से बाहर आ गयी. हमने देखा हमारे घर में टाला लगा था. फिर सोनिया ने अपनी मम्मी को कॉल किया.
सोनिया: मुम्मा, वो रोहन के घर में कोई नही है, और प्रिया दीदी अकेली है. तो मैं उनके घर में ही रह रही हू.
म्र्स मिश्रा: अछा. ठीक है, तू प्रिया के साथ रहना. मैं पापा को बोल दूँगी और जो भी ज़रूरत का समान हो, ले लेना.
सोनिया: अर्रे मम्मी, कहीं बाहर नही जेया रहे, सिर्फ़ दूसरी बिल्डिंग में हू मैं.
म्र्स मिश्रा (हंसते हुए): चल ठीक है.
हम फिर अंदर गये, और जब भी हम अकेले होते, एक-दूसरे के साथ मज़े करते, और कभी-कभी तो रिया दीदी भी आ जाती. सॅटर्डे को मिस्टर मिश्रा आए, और उन्होने बातरूम का डोर भी फिक्स कर दिया.
कट तो प्रेज़ेंट टाइम (मी पॉइंट ऑफ व्यू)-
प्रिया दीदी ने अपने उपर एक तकिया रखा हुआ था, जो उनके नंगे बदन को धक रहा था. वो वैसे बैठ कर पूरी बात बता रहे थे. सोनिया मेरे सामने वैसे ही बैठी थी. उसकी आँखों में आँसू थे.
सोनिया: सॉरी बेबी, मैने तुम्हारे पे चीट किया.
मैने उसको देखा, उसके पास गया, और उसको एक लीप किस दिया और किस टूटने के बाद उसके होंठ सॉफ करते हुए बोला-
मई: कोई बात नही बेबी. बस किसी लड़के के साथ नही करना. और अगली बार किसी लड़की के साथ करो तो मुझे भी इन्वाइट करना.
वो दोनो हँसने लगे. फिर मैने भी उनको अपनी फ्राइडे तो सनडे तक की बातें बताई. हा, सेक्स वाला पार्ट हटा के, और बताया की अब मामी की फॅमिली सोनिया के फ्लॅट के सामने रहने वाले थे. मैने सोनिया और प्रिया दीदी को रवि से चौंकंना रहने को कहा.
वैसे रवि, रेखा, सोनिया से कॉलेज में मिल चुके थे, और दूसरे डिपार्टमेंट में होने की वजह से बात-चीत कम थी.
तभी प्रिया दीदी बोली: तू आ गया, मम्मी कहाँ है?
मैं: वो मम्मी मामी की हेल्प कर रही है.
और इतना ही बोलते मैं भी उनकी हेल्प करने चला गया. रूम में एंटर हुआ तो हॉल में रेखा और रेशमी एक कमरे के बाहर कान लगाए थे.
मैं: तुम यहाँ क्या कर रहे हो?
तभी अंदर रूम से आवाज़ आई.
रवि: अयाया वाह बुआ, क्या छूट है. मज़ा आ रहा है.
मैने बोला: मामी कहाँ है?
रेशमी: मम्मी किचन में है, खाना बना रही है. और अंदर भाई और बुआ लगे हुए है.
रेखा: अब तो हुमको भी मॅन हो रहा है, चलो दूसरे रूम में.
वो मुझे दूसरे रूम में ले गये. मैने माना किया, पर वो मेरी सुन्न नही रही थी. ऐसे बहस करने में 7 मिनिट हो गये. मैं लिविंग रूम में आया तो देखा उसी रूम से मम्मी अपनी सारी ठीक करते हुए, अपना मूह सॉफ करते हुए आ रही थी. 2 मिनिट बाद रवि भी उसी रूम से बाहर आया, कपड़े पहनते हुए.
अगर आपको यहाँ तक कहानी पसंद आई, और अगर आपको अपनी कोई स्टोरी शेर करनी हो, या फीडबॅक देना हो, या मुझसे बात करनी हो, तो योरो5106298स्टोरीटेल्लर@याहू.कॉम में मैल करे.