दोस्तों मैं थोर आपके लिए एक लेज़्बीयन सेक्स स्टोरी लेके आया हू. उमीद है मेरी बाकी स्टोरीस की तरह ये भी आपको पसंद आएगी. ये कहानी देल्ही की ट्विंकल की है. तो चलिए सेक्स कहानी शुरू करते है ट्विंकल की ज़ुबानी-
दोस्तों मेरा नाम ट्विंकल है. मैं 22 साल की हू, और कॉलेज में फाइनल एअर की स्टूडेंट हू. मैं दिखने में काफ़ी खूबसूरत हू. मेरा रंग गोरा है, और फिगर 34-30-34 है. मैं ज़्यादातर जीन्स और त-शर्ट पहनती हू. स्पेशल अकेशन्स पर सलवार-कमीज़, सारी और बाकी ट्रडीशनल ड्रेसस पहन लेती हू.
मुझ पर स्कूल टाइम से बहुत सारे लड़के लाइन मारने लगे थे. लेकिन मैं किसी के साथ सेट नही हुई. इसका कारण ये नही था की मुझे कोई पसंद नही आया, बल्कि ये था की मुझे लड़के पसंद ही नही है. क्यूंकी मैं एक लेज़्बीयन हू.
दोस्तों जिस तरह की फॅमिली सोसाइटी में मैं रहती हू, वहाँ किसी को भी ये बात हाज़ाम नही होती की मैं लेज़्बीयन हू. इसलिए मैने इस राज़ को अपने मॅन में दबा कर रखा, और किसी लड़की को अगर पसंद भी किया, तो अपनी फीलिंग्स उसको बताई नही.
लेकिन फिर भी 3 महीने पहले एक शादी में मुझे अपना पहला सेक्स करने को मिला. चलिए बताती हू सब कैसे हुआ.
मेरे पापा की सरकारी नौकरी है, और इसलिए उनको बहुत सारे लोग जानते है. उनके एक फ्रेंड के बेटे की शादी थी, जहाँ पर हम सब को जाना था. शादी वाले दिन हम सब तैयार हुए, और गाड़ी में बैठ कर निकल गये.
मैने उस दिन पिंक कलर का लहंगा चोली पहना था, जिसमे मैं बहुत सेक्सी लग रही थी. वहाँ पहुँच कर हम दूल्हे और उसकी फॅमिली से मिले. वहाँ पर बहुत से लड़के मुझे आँखें फाड़-फाड़ कर देख रहे थे.
दूल्हे के पापा, जो मेरे पापा के बहुत आचे दोस्त है, उन्होने अपनी बहू को हमारा ध्यान रखने को कहा. उनकी बहू, यानी उनके बड़े बेटे की वाइफ का नाम रागिनी था. रागिनी दीदी ने हमे स्पेशल गेस्ट टेबल पर बिताया, और वेटर को बोल कर खाने पीने का समान सर्व कराया.
मैने जब से रागिनी दीदी को देखा था, मेरा ध्यान उन्ही पर था. क्यूंकी वो बहुत सेक्सी लग रही थी. उन्होने ग्रीन कलर की सारी पहनी हुई थी, जिसका ब्लाउस आयेज और पीछे से काफ़ी डीप था. ब्लाउस उनका स्लीव्ले था, और शोल्डर्स पर स्ट्रॅप्स थे.
उस ब्लाउस में से उनकी पीठ पूरी नंगी दिख रही थी, और आयेज से डीप क्लीवेज भी नज़र आ रही थी. उनका फिगर तकरीबन 36-30-38 होगा. उनका सेक्सी जिस्म देख कर मेरे मूह में पानी आ रहा था. उनके चेहरे पर नॅचुरल ग्लो था, और मेकप बहुत हल्का-हल्का किया हुआ था.
मैं बार-बार उनको ही देखे जेया रही थी, और आते-जाते ये उन्होने भी नोटीस किया. उनको देख-देख कर मैं उत्तेजित हो रही थी, और मेरी छूट गीली हो रही थी. ऐसा नही था की मैं पहले किसी की तरफ अट्रॅक्ट नही हुई थी. लेकिन आज कुछ ज़्यादा ही उत्तेजना चढ़ रही थी.
फिर एक-दूं से वो हमारे टेबल पर आई, और मेरे पापा से बोली: अंकल मुझे कुछ लड़कियाँ चाहिए. क्या मैं ट्विंकल को अपने साथ ले जेया सकती हू?
पापा बोले: हा बेटे, बिल्कुल ले जाओ. जाओ बेटा ट्विंकल, दीदी की हेल्प करो.
मैं बहुत खुश हुई, की अब मुझे रागिनी दीदी के करीब आने का मौका मिलेगा. फिर मैं उनके साथ चली गयी.
अब वो आयेज-आयेज जेया रही थी, और मैं उनके पीछे-पीछे थी. मुझे बिल्कुल भी अंदाज़ा नही था की वो किस काम के लिए मुझे लेके जेया रही थी. फिर मैने उनसे पीछे चलते हुए पूछा-
मैं: दीदी हम क्या करने वाले है?
रागिनी: अभी पता चल जाएगा.
फिर हम रूम्स वाली साइड पहुँचे. रागिनी दीदी ने एक रूम का दरवाज़ा खोला, और अंदर चली गयी. मैं भी उनके पीछे रूम में चली गयी. उन्होने रूम की लाइट ओन्न की, और बेड पर बैठ गयी. मैं उनके सामने खड़ी थी. फिर वो बोली-
रागिनी: अब बताओ की इतनी देर से मुझे घूर क्यूँ रही हो?
उनका ये सवाल सुन कर मैं घबरा गयी. मुझे ऐसे लग रहा था जैसे मैं कोई चोर हू. फिर मैने कहा-
मैं: दीदी आप अची लग रही हो. इसलिए 2-3 बार देख लिया होगा. क्यूँ क्या हुआ? आज-कल लड़की-लड़की को भी नही देख सकती क्या?
रागिनी: देख सकती है. लेकिन अगर वो लड़की लेज़्बीयन हो तो बात अलग है.
ये सुन कर मैं घबरा गयी.
फिर वो खड़ी हुई, और मेरे बिल्कुल करीब आ कर बोली: हो ना तुम लेज़्बीयन?
मुझे समझ नही आ रहा था की उनको क्या बोलू. मैं समझ नही पा रही थी की हा बोलना ठीक रहेगा या ना. फिर ऐसे ही हफ्ड-दफडी में मैने हा बोला. फिर वो बोली-
रागिनी: मुझको प्यार करना चाहती हो?
मैं चुप-छाप हैरान हो कर उनकी तरफ देखती रही. तभी वो मेरे करीब आई, और मेरी कमर में हाथ डाल कर अपने होंठ मेरे होंठो से चिपका दिए. अब वो मेरे होंठ चूसने लगी. मैं भी उनका साथ देने लगी.
ये मेरी लाइफ की पहली किस थी, और मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं हवा में उडद रही हू. रागिनी के होंठ बाबूत रसीले थे. उनको चूसने में बड़ा मज़ा आ रहा था.
होंठ चूस्टे हुए वो मेरी कमर पर हाथ फेरने लगी, और मेरा लहंगा खींच कर नीचे करनी लगी. लहंगा नीचे गिरा कर वो मेरी सॉफ्ट गांद को पनटी के उपर से मसालने लगी. मुझे और उत्तेजना चढ़ने लगी.
फिर उसने मुझे बेड पर धक्का देके लिटाया, और सारी उतार कर खुद भी ब्रा पनटी में आ गयी. मैने भी अपनी चोली उतार दी, और ब्रा में आ गयी.
फिर रागिनी मेरे उपर आई, और हम दोनो किस करते हुए कड्ड्ल करने लगे. कुछ देर में उसने मेरी ब्रा उतार दी, और मेरे बूब्स चूसने लगी. मैं मदहोश होके आ आ करने लगी. उसके बाद वो नीचे जाने लगी. मेरे पेट पर किस करते हुए उसने मेरी पनटी उतरी, और मेरी छूट पर मूह लिया. इससे मैं काँप गयी.
अब रागिनी पागलों की तरह मेरी छूट चूसने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर कुछ देर में वो उठी, और अपनी ब्रा-पनटी उतार कर सीधी लेट गयी. अब मैं उसके उपर आई, और बूब्स चूस्टे हुए नीचे से छूट पर छूट रगड़ने लगी.
फिर हम 69 में आ गये, और एक-दूसरे की छूट चूसने लगे. हम एक-दूसरे की छूट के दाने को आचे से निचोढ़ रहे थे. बहुत मज़ा आ रहा था. कमरे में आहह आ ह्म ह्म की आवाज़े गूँज रही थी. तकरीबन आधे घंटे हम दोनो ने एक-दूसरे को चूसा, फिर दोनो साथ में झढ़ गयी.
उसके बाद हमने जल्दी से कपड़े पहने, और वापस फंक्षन में चले गये. वापस आने से पहले हमने नंबर्स एक्सचेंज किए, और आज मेरे पास एक खूबसूरत लेज़्बीयन सेक्स पार्ट्नर है.