भाई-बहनो के ग्रूप सेक्स की कहानी

ही दोस्तों, उमीद है आप सब ने सेक्स स्टोरी का पिछला पार्ट पढ़ लिया होगा.

रीकॅप- मामी जाते-जाते बोली, “की तूने आज अपनी मामी को भी नंगा देखा तो बता, किसी की बॉडी अची है?” कुछ सोचने के बाद बोली, “चल छ्चोढ़, रहने दे,” और हेस्ट हुए चली गयी. मुझे कुछ समझ नही आ रहा था. अब आयेज –

फिर 8 बजे खाना वग़ैरा खाया, और सब अपने-अपने रूम में चले गये. मैं 9:30 का वेट कर रहा था. 9:30 बजते ही मैं रेशमी के रूम में जाने लगा. मैं एग्ज़ाइटेड था, और सेम टाइम में दर्र भी लग रहा था. मैं सोच रहा था की दीदी और मामी का क्या प्लान था.

जब मैं वहाँ पहुँचा तो देखा रवि वहाँ नंगा खड़ा हुआ था, रेखा उसकी जुड़वा बेहन नंगी होके उसको ब्लोवजोब दे रही थी, और रेशमी दीदी अपनी छूट में फिंगरिंग कर रही थी. मैने डोर ओपन किया तब सब मेरे को देखने लगे.

रवि: वेलकम भाई.

मैं: ये सब क्या चल रहा है?

रेशमी: मैने बोला ना, जब कुछ समय पहले जब पापा अपनी कंपनी से प्रमोशन लेके दुबई गये. मम्मी फिर अकेली हो गयी. तब हमने ये स्टार्ट किया.

रेखा: फिर बुआ भी जाय्न हुई.

रवि: आज तू आया है. रेशमी को तू पसंद है, तो तेरे को भी जाय्न कर लिया.

इतना बोलते ही दोनो, रेखा और रेशमी, मेरी तरफ आई और मेरे कपड़े उतारने लगी. मेरा लंड दो नंगी लड़कियों को देख कर खड़ा हुआ था. मैं रेशमी दीदी के बेड में लेट गया. और वो दोनो मेरा लॉडा चूसने लगी. मेरा 7 इंच का लंड चूस कर उनको मज़ा आ रहा था.

मेरे मॅन में अभी एक बात चल रही थी, जो रेखा ने बोला की बुआ भी जाय्न हो गयी. इसका मतलब रवि ने सब को छोड़ा था. रेखा, रेशमी, मामी और मेरी मम्मी को भी. ये सोच कर मुझे तोड़ा दुख हुआ, और गुस्सा भी आया. तभी रवि ने अपना 6 इंच का लोड्‍ा रेशमी दीदी के छूट में डाल दिया.

मैने देखा की जिस दीदी को मैं अछा मानता था, वो अभी रंडी जैसे रवि से छुड़वा रही थी. फिर मुझे प्रिया दीदी की याद आई, और जब मेरे एक ख़याल की प्रिया दीदी को कोई और छोड़ेगा, इससे मुझे बहुत दर्र लगा. मैने सोचा की घर जाते ही मैं दीदी को अपने दिल की बात बता दूँगा.

रेशमी: आआ, ज़ोर से, और ज़ोर से छोड़ रवि.

मैने ये सुन के रेखा को डॉगी स्टाइल में लिया और ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. हम चार लोग सेक्स में डूब चुके थे.

रेखा: अया रोहन, फक, मज़ा आ रहा है, छोड़ो मुझे.

फिर रेखा और रेशमी भी एक-दूसरे को किस करने लगे. दोनो के बूब्स बाउन्स कर रहे थे. फिर ह्मने स्वाप किया. मैं रेशमी के पास आया, और वो रेखा के पास. अब रवि बेड में लेता, और यहाँ रेशमी. रेखा रवि के उपर बैठ के उछाल-उछाल के चूड़ना स्टार्ट हुई, और मैने रेशमी को मिशनरी पोज़िशन में छोड़ना स्टार्ट किया.

रेशमी: अया ऊ उम्म्म रोहन, तेरे लंड ने तो मज़ा दिला दिया यार भाई.

मैं: ये ले बेहन की लोदी, और ले. तेरे को रॅंड बन के चूड़ने का शौक है ना, और ले.

रेशमी: छोड़ मुझे. मुझे अपनी रंडी बना दे.

ये सुन कर रवि अब जलने लगा, और रेखा को ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा, और थोड़ी देर बाद वहीं झाड़ गया. फिर रेखा उठ कर आई और रेशमी के फेस में बैठ गयी. मैं रेशमी को छोड़ रहा था. रेशमी रेखा की छूट में ज़ुबान से लगी हुई थी, और रेखा मेरे को किस कर रही थी.

रवि ये सब साइड में बैठा देख रहा था. थोड़ी देर बाद ये दोनो भी झाड़ गयी. फिर मैं उठा और ये दोनो अपने-अपने घुटनो में आए, और मैने इनके फेस में अपना माल झाड़ा दिया. इन दोनो ने एक-दूसरे के फेसस चाट के सॉफ कर लिए. इसके बाद हमने एक दो रौंद अदल-बदल के और किए. फिर हम चारों वहीं उसी बेड में सो गये. सुबह मामी आई.

मामी: नस्पतेओ, उठ जाओ, सुबह हो गयी.

मामी को कोई फराक ही नही पद रहा था की हम सब नंगे सोए हुए थे, और की हमने कल रात सेक्स किया था. फिर मामी मेरे पास आई, मेरा लंड खड़ा हुआ था मतलब मॉर्निंग वुड. मामी ने मेरा लंड मूह में लिया और चूसने लगी. मेरी नींद टूटी. मामी ने मेरा लंड मूह से निकाला और बोली-

मामी: तो कल कैसा लगा, मज़े आए या नही? तेरा लंड तो मज़ेदार है. अगर अभी टाइम होता तो यहीं चुड जाती, पर ब्रेकफास्ट में आओ. एक इंपॉर्टेंट बात करनी है.

मैं सोच रहा था ऐसी क्या इंपॉर्टेंट बात थी. फिर हम सब नहा धोके रेडी हुए, ब्रेकफास्ट टेबल में गये. वहाँ मामी और मम्मी वेट कर रही थी. हम ब्रेकफास्ट करने लगे तो मम्मी बोली-

मम्मी: जैसा तुमको पता है की तुम लोग कॉलेज चले जाते हो तो स्वाती यहाँ अकेली हो जाती है, और बोर रहती है.

रेशमी: हा बुआ, ये तो बात है.

मम्मी: तो स्वाती और हमने सोचा है की तुम लोग हमारी सोसाइटी में एक फ्लॅट रेंट करके रहोगे. और मामी वहाँ कुछ काम भी कर लेगी.

मैं: हमारी सोसाइटी में कहाँ?

मम्मी: वो जो म्र्स. मिश्रा जी के सामने वाला फ्लॅट.

मैं खुश था, पर मुझे रवि से सतर्क रहना था की ये कोई छूतियापा ना कर दे. फिर हमने ब्रेकफास्ट किया. सब रेस्ट वग़ैरा कर रहे थे. वो लोग अपना-अपना समान पॅक कर रहे थे.

तभी मैने मामी से बोला: मामी, आज रात मुझे मम्मी से कुछ बात करनी है.

मामी (मुस्कुराइ): आए हाए, ऐसी क्या बात करनी है?

मैं: मैने कुछ बात करनी है, इंपॉर्टेंट है.

मामी: चल ठीक है, रात को तेरी मा के पास कोई नही आएगा. लेकिन तेरे को अपना लंड का स्वाद मुझे चखना पड़ेगा.

मैं: वहीं सोसाइटी में करेंगे ये सब अब.

मामी: चल ठीक है.

पूरा सॅटर्डे पॅकिंग वग़ैरा में चला गया. रात में डिन्नर किया. फिर सब अपने-अपने रूम में गये. सब के जाने के बाद मैं मम्मी के रूम में गया.

मैं: मम्मी, मैने आपसे कुछ पूछना है.

मम्मी: क्या?

मम्मी मामी का वेट कर रही थी. लेकिन मुझे पता था, आज वो नही आने वाली थी. अगर आपको यहाँ तक कहानी पसंद आई और अगर आपको कोई स्टोरी शेर करनी है तो योरो5106298स्टोरीटेल्लर@याहू.कॉम में मैल करे.

तो बे कंटिन्यूड…

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